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दौसा में नगर पालिका ठेकेदारों की एक बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसे सीधे तौर पर मर्डर (हत्या) करार दिया जा रहा है। ठेकेदारों के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये और घोर लापरवाही को लेकर तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया है।
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दौसा में नगर पालिका ठेकेदारों की एक बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसे सीधे तौर पर मर्डर (हत्या) करार दिया जा रहा है। ठेकेदारों के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये और घोर लापरवाही को लेकर तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- जयपुर में आरटीओ अधिकारियों द्वारा लाइव ₹200 की रिश्वत ली गई है। इस मामले में आरटीओ अधिकारियों को सीधे तौर पर ₹200 की रिश्वत लेते हुए लाइव पकड़ा गया है।1
- जयपुर के सोडाला, अजमेर रोड स्थित श्री जगन्नाथ रथयात्रा समिति के तत्वावधान में 16 जुलाई (गुरुवार) को भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा एवं श्री बलभद्र देव की द्वितीय विशाल रथयात्रा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। समिति लगातार दूसरे वर्ष इस दिव्य रथयात्रा का आयोजन कर रही है। यह रथयात्रा 16 जुलाई को प्रातः 9:00 बजे श्याम नगर सब्जी मंडी के सामने, अजमेर रोड, सोडाला स्थित काशी आध्यात्मिक केंद्र, श्री जगन्नाथ धाम से प्रारंभ होगी। यहाँ से प्रस्थान कर रथयात्रा सोडाला चौराहे तक जाएगी और वहाँ से यू-टर्न लेकर पुनः अजमेर रोड स्थित कॉन्सेप्ट लाइफ अलाइड हेल्थ हॉस्पिटल पहुँचेगी। इस स्थान पर महाप्रभु के लिए विशेष गुंडिचा मंदिर (गुंडिचा स्थान) बनाया गया है, जहाँ भगवान 9 दिनों तक विराजमान रहने के बाद पुनः श्री जगन्नाथ धाम लौटेंगे। इस पावन उत्सव को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है और चारों ओर #जयजगन्नाथ की गूंज है। इस रथयात्रा से पूर्व के अनुष्ठानों के तहत, महाप्रभु 29 जून को आयोजित स्नान पूर्णिमा महोत्सव के बाद से ही अनवसर (विश्राम) काल में विराजमान हैं। भगवान का यह विश्राम काल 14 जुलाई को पूर्ण होगा। इसी दिन नेत्रोत्सव एवं नवयौवन दर्शन का विशेष आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेष वैदिक अनुष्ठानों के माध्यम से महाप्रभु के नेत्रों में नवीन चेतना का संचार किया जाएगा। लगभग 14 दिनों के विश्राम और नई वेशभूषा धारण करने के बाद भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा एवं श्री बलभद्र देव अपने भक्तों को वर्ष का पहला दिव्य दर्शन प्रदान करेंगे।1
- मध्यप्रदेश में दिनदहाड़े ट्रक चालकों से कथित अवैध वसूली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बैरिकेड्स लगाकर ट्रक चालकों से ₹200 की मांग की जा रही थी और पैसे नहीं देने पर चालान करने की धमकी दी जाती थी। इसी दौरान एक ट्रक चालक ने अपना मोबाइल कैमरा चालू कर संबंधित व्यक्ति से सीधे पूछा कि साफ-साफ बताइए क्या चाहिए। कैमरा ऑन होते ही वहां का माहौल बदल गया और वीडियो में कथित तौर पर लोग बैरिकेड्स हटाते हुए नजर आए। इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था और सड़क पर होने वाली कथित अवैध वसूली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है और संबंधित विभाग की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इससे आम नागरिकों और ट्रक चालकों का कानून व्यवस्था पर भरोसा बना रहेगा और सड़क पर होने वाली किसी भी तरह की अवैध वसूली पर रोक लग सकेगी।1
- जयपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना किसी व्यापक चर्चा और संवाद के फैसले ले रही है, जिससे आम जनता परेशान हो रही है। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति का विरोध करते हुए पायलट ने दावा किया कि इससे दोपहिया वाहनों के इंजन और माइलेज पर बुरा असर पड़ रहा है और ऑटो कंपनियां भी इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का जिक्र करते हुए कहा कि इस नीति के कारण उनकी पहल भी प्रभावित हुई है और जनता में इसे लेकर असंतोष बढ़ रहा है। पायलट ने केंद्र सरकार पर अहंकार में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा योजना को सीधे बंद करने के बजाय धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों के पास रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां गांव, गरीब और युवाओं के हितों के बजाय केवल निजीकरण और कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि जनता इन सभी मुद्दों पर कड़ी नजर रखे हुए है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।1
- जयपुर ग्रामीण के जोबनेर कस्बे में दिनदहाड़े एक अस्पताल परिसर के बाहर खड़ी कार का शीशा तोड़कर बाइक सवार दो बदमाश ₹2 लाख की नकदी लेकर फरार हो गए। यह पूरी वारदात राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पीड़ित दौलत राम अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए जोबनेर अस्पताल आया था और उसने अपनी कार बाहर खड़ी की थी। बताया जा रहा है कि पीड़ित दौलत राम ने घटना से कुछ ही देर पहले बैंक से ₹2 लाख की नकदी निकाली थी। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने बैंक से ही पीड़ित की रेकी की थी और अस्पताल के बाहर मौका मिलते ही कार का शीशा तोड़कर वारदात को अंजाम दे दिया। जब दौलत राम अस्पताल से बाहर आया, तब उसे शीशा टूटा होने और चोरी होने की जानकारी मिली। यह घटना सोमवार की बताई जा रही है। चोरी की सूचना मिलने पर जोबनेर थाना प्रभारी हनुमान सहाय पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, जिसमें बाइक सवार दो संदिग्ध बदमाश दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस बैंक से लेकर अस्पताल तक के मार्ग के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के प्रयासों में जुटी है।1
- जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र में फाइनेंस कंपनी के नाम पर गुंडागर्दी और लूट का एक मामला सामने आया है। पीड़ित समीर अली ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि ट्रांसपोर्ट नगर पेट्रोल पंप के पास दो अज्ञात लोगों ने खुद को चोला फाइनेंस का कर्मचारी बताया। जब समीर ने उनसे नाम और आईडी मांगी, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। बदमाशों ने डरा-धमकाकर समीर की बाइक और उनकी जेब में रखे ₹4500 नकद छीन लिए और मौके से फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें न तो कोई नोटिस दिया और न ही कॉल किया, बल्कि सीधे सार्वजनिक स्थान पर इस वारदात को अंजाम दिया। ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले की जांच कांस्टेबल बलवीर कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि जयपुर शहर में आखिर कब तक रिकवरी के नाम पर इस तरह की गुंडागर्दी चलती रहेगी और पुलिस इन लोगों पर कड़ी कार्रवाई कब करेगी।2
- राजस्थान में ओबीसी आरक्षण को 21% से बढ़ाकर 27% करने की मांग को लेकर कांग्रेस प्रदेशभर में एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। ओबीसी विभाग के चेयरमैन हरसहाय यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी साझा की। इसी सिलसिले में आगामी 16 जुलाई को राजस्थान कांग्रेस ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल की एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और दिग्गज नेता शामिल होने जा रहे हैं। बैठक के दौरान ओबीसी वर्ग से जुड़े विभिन्न मुद्दों, सामाजिक न्याय, राजनीतिक भागीदारी और आरक्षण के दायरे को बढ़ाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।1
- जयपुर के आबादी वाले इलाके में एक नीलगाय दिखाई दी है, जिसके सुरक्षित रेस्क्यू की जरूरत है। यह घटना साफ तौर पर इस बात की ओर इशारा करती है कि शहरों के आसपास वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे मामलों को देखते हुए वन विभाग को त्वरित रेस्क्यू करने के साथ-साथ रोकथाम के ठोस उपाय भी करने चाहिए, ताकि भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके।1
- दौसा जिले के लालसोट में पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर ₹3.50 लाख की कथित चोरी के मामले का भंडाफोड़ करते हुए पूरे प्रकरण को फर्जी साबित कर दिया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि परिवादी ने अपनी नाराज पत्नी को वापस घर लाने और उसकी सहानुभूति प्राप्त करने के लिए चोरी की यह झूठी कहानी रची थी। पुलिस को जांच के दौरान घटनास्थल पर चोरी का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला और जब परिवादी के बयानों में विरोधाभास दिखाई दिया, तो मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ में उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। परिवादी ने माना कि उसकी पत्नी नाराज होकर अपने पीहर चली गई थी और ससुराल पक्ष उसे वापस नहीं भेज रहा था, जिसे प्रभावित करने के लिए उसने यह झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, दर्ज कराई गई फर्जी रिपोर्ट में ₹1.40 लाख नकद सहित सोने-चांदी के आभूषण एवं अन्य सामान चोरी होना बताया गया था, जिसकी कुल कीमत करीब ₹3.50 लाख दर्शाई गई थी, जो जांच में पूरी तरह निराधार पाई गई। इस फर्जी साजिश का पर्दाफाश करने में पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सीपा और वृत्ताधिकारी सुरेन्द्र सिंह के सुपरविजन में लालसोट थाना प्रभारी हरलाल मीणा के नेतृत्व वाली टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक रविन्द्र सिंह, कांस्टेबल लहरीलाल और सांवरमल भी शामिल रहे, जिन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की झूठी सूचना देकर या फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास बिल्कुल न करें। पुलिस ने सचेत किया है कि इस तरह गुमराह करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसा करने वाले दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।2