दौसा जिले के लालसोट में पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर ₹3.50 लाख की कथित चोरी के मामले का भंडाफोड़ करते हुए पूरे प्रकरण को फर्जी साबित कर दिया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि परिवादी ने अपनी नाराज पत्नी को वापस घर लाने और उसकी सहानुभूति प्राप्त करने के लिए चोरी की यह झूठी कहानी रची थी। पुलिस को जांच के दौरान घटनास्थल पर चोरी का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला और जब परिवादी के बयानों में विरोधाभास दिखाई दिया, तो मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ में उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। परिवादी ने माना कि उसकी पत्नी नाराज होकर अपने पीहर चली गई थी और ससुराल पक्ष उसे वापस नहीं भेज रहा था, जिसे प्रभावित करने के लिए उसने यह झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, दर्ज कराई गई फर्जी रिपोर्ट में ₹1.40 लाख नकद सहित सोने-चांदी के आभूषण एवं अन्य सामान चोरी होना बताया गया था, जिसकी कुल कीमत करीब ₹3.50 लाख दर्शाई गई थी, जो जांच में पूरी तरह निराधार पाई गई। इस फर्जी साजिश का पर्दाफाश करने में पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सीपा और वृत्ताधिकारी सुरेन्द्र सिंह के सुपरविजन में लालसोट थाना प्रभारी हरलाल मीणा के नेतृत्व वाली टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक रविन्द्र सिंह, कांस्टेबल लहरीलाल और सांवरमल भी शामिल रहे, जिन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की झूठी सूचना देकर या फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास बिल्कुल न करें। पुलिस ने सचेत किया है कि इस तरह गुमराह करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसा करने वाले दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दौसा जिले के लालसोट में पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर ₹3.50 लाख की कथित चोरी के मामले का भंडाफोड़ करते हुए पूरे प्रकरण को फर्जी साबित कर दिया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि परिवादी ने अपनी नाराज पत्नी को वापस घर लाने और उसकी सहानुभूति प्राप्त करने के लिए चोरी की यह झूठी कहानी रची थी। पुलिस को जांच के दौरान घटनास्थल पर चोरी का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला और जब परिवादी के बयानों में विरोधाभास दिखाई दिया, तो मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ में उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। परिवादी ने माना कि उसकी पत्नी नाराज होकर अपने पीहर चली गई थी और ससुराल पक्ष उसे वापस नहीं भेज रहा था, जिसे प्रभावित करने के लिए उसने यह झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, दर्ज कराई गई फर्जी रिपोर्ट में ₹1.40 लाख नकद सहित सोने-चांदी के आभूषण एवं अन्य
सामान चोरी होना बताया गया था, जिसकी कुल कीमत करीब ₹3.50 लाख दर्शाई गई थी, जो जांच में पूरी तरह निराधार पाई गई। इस फर्जी साजिश का पर्दाफाश करने में पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सीपा और वृत्ताधिकारी सुरेन्द्र सिंह के सुपरविजन में लालसोट थाना प्रभारी हरलाल मीणा के नेतृत्व वाली टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक रविन्द्र सिंह, कांस्टेबल लहरीलाल और सांवरमल भी शामिल रहे, जिन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की झूठी सूचना देकर या फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास बिल्कुल न करें। पुलिस ने सचेत किया है कि इस तरह गुमराह करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसा करने वाले दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- दौसा के लालसोट में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा), राजस्थान की खंड इकाई द्वारा पीएम श्री अशोक शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 'एक शिक्षक–एक वृक्ष अभियान' का शुभारंभ किया गया है। महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह जाट सहित अन्य पदाधिकारियों ने पौधारोपण कर इस अभियान की शुरुआत की। इस दौरान शिक्षकों को प्रत्येक वर्ष एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अंत में खंड अध्यक्ष अविनाश शर्मा और मंत्री राजेश सैनी ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।3
- दौसा के कुण्डल तहसील मुख्यालय स्थित ग्राम पंचायत कुण्डल में राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लेकर सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली और अपने आवेदन प्रस्तुत किए। इस दौरान मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण करते हुए 13 पात्र लोगों को आवासीय पट्टों का वितरण किया गया, जबकि 5 आवासीय पट्टों का नवीनीकरण किया गया। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ भारत मिशन के तहत 20 व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए। शिविर में उपस्थित भाजपा जिला मंत्री एडवोकेट सियाराम शर्मा ने कहा कि इन ग्रामीण सेवा शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्राम स्तर पर पहुंचाना है ताकि ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने मौके पर ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। वहीं, सैंथल एसडीएम नवज्योति कांवरिया ने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। इस शिविर में राजस्व, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, जलदाय, विद्युत, कृषि, महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में तहसीलदार हरिकेश मिरोठा, जिला प्रवक्ता रतीश खैरवाल, कुण्डल मंडल अध्यक्ष रामप्रसाद गुर्जर, सैंथल मण्डल अध्यक्ष रामलाल शर्मा, सरपंच फुली देवी और ग्राम विकास अधिकारी बाबूलाल योगी सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।3
- दौसा के भांडारेज नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अट्टा मीणा ढाणी में जिंद बाबा ने नोटों की बरसात की है।2
- जयपुर के बस्सी क्षेत्र स्थित नई नाथ धाम मंदिर में नई नाथ गौ रक्षा दल की टीम और अन्य गो सेवकों द्वारा प्लास्टिक बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान गो सेवकों ने सभी लोगों को जागरूक करते हुए अवगत कराया कि नई नाथ धाम पर प्रसाद और अन्य कई सामग्रियों में प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग न करें। उन्होंने सचेत किया कि प्लास्टिक की थैलियां खाने से गौ माता बीमार हो जाती हैं और अंततः उनकी मृत्यु हो जाती है। इसके साथ ही गो सेवकों ने इस विषय में लोगों को कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं।3
- सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ (सीटू) के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को शहर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष मीनाक्षी टेलर के नेतृत्व में यह रैली सुबह 11 बजे महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय, पंचायत समिति परिसर से शुरू हुई। इसके बाद रैली पंचायत समिति, कोर्ट सर्किल, कचहरी रोड, कोतवाली थाना, व्यापार मंडल चौपड़, बालाजी चौक, कैलाश टॉकीज और फव्वारा चौक से गुजरते हुए मिनी सचिवालय पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने "हमारी मांगें पूरी करो" और "हम सब एक हैं" जैसे नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। मिनी सचिवालय पहुंचकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिनों ने मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि राज्य स्तरीय आह्वान पर पूरे प्रदेश में 8 जुलाई से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और आशा सहयोगिनियां अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। बार-बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद सरकार की ओर से मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगों में चुनावी घोषणा के अनुसार समान कार्य के लिए सम्मानजनक मानदेय देना, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपए की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान करना, समय पर मानदेय का भुगतान करना और अतिरिक्त कार्यभार को कम करना शामिल है। कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि उनसे पोषण ट्रैकर, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, शाला पूर्व शिक्षा, पोषाहार वितरण, फेस मैच, बच्चों का वजन और विभिन्न सर्वे के अलावा नैपकिन वितरण जैसे अतिरिक्त कार्य भी करवाए जा रहे हैं, जबकि एसएसओ आईडी बंद होने से विभागीय कार्य पहले से ही प्रभावित हो रहे हैं। तहसील अध्यक्ष मीनाक्षी टेलर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो इस आंदोलन को और भी उग्र व व्यापक बनाया जाएगा। इस बड़े प्रदर्शन के दौरान प्रभात शर्मा, शिमला शर्मा, दीक्षा शर्मा, गुड्डी शुक्ला, पिंकी, सीमा गुप्ता, सुमन गुर्जर, मनोहर देवी, सुनीता सेन, प्रमोद, कृष्णा देवी, समय बाई, रेखा मीणा, तारावती, सोनू, निर्मला बैरवा सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं उपस्थित रहीं।2
- सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी ग्रामीण क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आज आयोजित एक महा रैली में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस रैली के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री और बाल विकास मंत्री दिया कुमारी के नाम ज्ञापन सौंपा है। इस महा रैली में मुख्य रूप से घीसी बाई, कमलेश कुमारी, अर्चना गुप्ता, रेखा शर्मा, सरोज शर्मा, मंजू शर्मा, माया देवी, सरिता जादोन, हेमलता पटेल, उमा सेन और रजनी सेन सहित ग्रामीण क्षेत्र की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।3
- दौसा के बैजूपाड़ा में बिना किसी डिग्री के भी कृषि से संबंधित सभी प्रकार के यंत्र बनाए जा रहे हैं। यहां तैयार किए जाने वाले इन कृषि उपकरणों की पहुंच विदेशों तक है, जहां इन्हें भेजा जाता है।2
- दौसा जिले के लालसोट में पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर ₹3.50 लाख की कथित चोरी के मामले का भंडाफोड़ करते हुए पूरे प्रकरण को फर्जी साबित कर दिया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि परिवादी ने अपनी नाराज पत्नी को वापस घर लाने और उसकी सहानुभूति प्राप्त करने के लिए चोरी की यह झूठी कहानी रची थी। पुलिस को जांच के दौरान घटनास्थल पर चोरी का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला और जब परिवादी के बयानों में विरोधाभास दिखाई दिया, तो मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ में उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। परिवादी ने माना कि उसकी पत्नी नाराज होकर अपने पीहर चली गई थी और ससुराल पक्ष उसे वापस नहीं भेज रहा था, जिसे प्रभावित करने के लिए उसने यह झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, दर्ज कराई गई फर्जी रिपोर्ट में ₹1.40 लाख नकद सहित सोने-चांदी के आभूषण एवं अन्य सामान चोरी होना बताया गया था, जिसकी कुल कीमत करीब ₹3.50 लाख दर्शाई गई थी, जो जांच में पूरी तरह निराधार पाई गई। इस फर्जी साजिश का पर्दाफाश करने में पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सीपा और वृत्ताधिकारी सुरेन्द्र सिंह के सुपरविजन में लालसोट थाना प्रभारी हरलाल मीणा के नेतृत्व वाली टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक रविन्द्र सिंह, कांस्टेबल लहरीलाल और सांवरमल भी शामिल रहे, जिन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की झूठी सूचना देकर या फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास बिल्कुल न करें। पुलिस ने सचेत किया है कि इस तरह गुमराह करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसा करने वाले दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।2