सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ (सीटू) के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को शहर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष मीनाक्षी टेलर के नेतृत्व में यह रैली सुबह 11 बजे महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय, पंचायत समिति परिसर से शुरू हुई। इसके बाद रैली पंचायत समिति, कोर्ट सर्किल, कचहरी रोड, कोतवाली थाना, व्यापार मंडल चौपड़, बालाजी चौक, कैलाश टॉकीज और फव्वारा चौक से गुजरते हुए मिनी सचिवालय पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने "हमारी मांगें पूरी करो" और "हम सब एक हैं" जैसे नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। मिनी सचिवालय पहुंचकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिनों ने मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि राज्य स्तरीय आह्वान पर पूरे प्रदेश में 8 जुलाई से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और आशा सहयोगिनियां अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। बार-बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद सरकार की ओर से मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगों में चुनावी घोषणा के अनुसार समान कार्य के लिए सम्मानजनक मानदेय देना, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपए की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान करना, समय पर मानदेय का भुगतान करना और अतिरिक्त कार्यभार को कम करना शामिल है। कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि उनसे पोषण ट्रैकर, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, शाला पूर्व शिक्षा, पोषाहार वितरण, फेस मैच, बच्चों का वजन और विभिन्न सर्वे के अलावा नैपकिन वितरण जैसे अतिरिक्त कार्य भी करवाए जा रहे हैं, जबकि एसएसओ आईडी बंद होने से विभागीय कार्य पहले से ही प्रभावित हो रहे हैं। तहसील अध्यक्ष मीनाक्षी टेलर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो इस आंदोलन को और भी उग्र व व्यापक बनाया जाएगा। इस बड़े प्रदर्शन के दौरान प्रभात शर्मा, शिमला शर्मा, दीक्षा शर्मा, गुड्डी शुक्ला, पिंकी, सीमा गुप्ता, सुमन गुर्जर, मनोहर देवी, सुनीता सेन, प्रमोद, कृष्णा देवी, समय बाई, रेखा मीणा, तारावती, सोनू, निर्मला बैरवा सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं उपस्थित रहीं।
सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ (सीटू) के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को शहर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष मीनाक्षी टेलर के नेतृत्व में यह रैली सुबह 11 बजे महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय, पंचायत समिति परिसर से शुरू हुई। इसके बाद रैली पंचायत समिति, कोर्ट सर्किल, कचहरी रोड, कोतवाली थाना, व्यापार मंडल चौपड़, बालाजी चौक, कैलाश टॉकीज और फव्वारा चौक से गुजरते हुए मिनी सचिवालय पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने "हमारी मांगें पूरी करो" और "हम सब एक हैं" जैसे नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। मिनी सचिवालय पहुंचकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिनों ने मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि राज्य स्तरीय आह्वान पर पूरे प्रदेश में 8 जुलाई से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और आशा सहयोगिनियां अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। बार-बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद सरकार की ओर से मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं
लिया गया है। कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगों में चुनावी घोषणा के अनुसार समान कार्य के लिए सम्मानजनक मानदेय देना, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपए की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान करना, समय पर मानदेय का भुगतान करना और अतिरिक्त कार्यभार को कम करना शामिल है। कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि उनसे पोषण ट्रैकर, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, शाला पूर्व शिक्षा, पोषाहार वितरण, फेस मैच, बच्चों का वजन और विभिन्न सर्वे के अलावा नैपकिन वितरण जैसे अतिरिक्त कार्य भी करवाए जा रहे हैं, जबकि एसएसओ आईडी बंद होने से विभागीय कार्य पहले से ही प्रभावित हो रहे हैं। तहसील अध्यक्ष मीनाक्षी टेलर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो इस आंदोलन को और भी उग्र व व्यापक बनाया जाएगा। इस बड़े प्रदर्शन के दौरान प्रभात शर्मा, शिमला शर्मा, दीक्षा शर्मा, गुड्डी शुक्ला, पिंकी, सीमा गुप्ता, सुमन गुर्जर, मनोहर देवी, सुनीता सेन, प्रमोद, कृष्णा देवी, समय बाई, रेखा मीणा, तारावती, सोनू, निर्मला बैरवा सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं उपस्थित रहीं।
- सवाई माधोपुर के बाटोदा थाना क्षेत्र के जीवद गांव में कुछ नामजद युवकों द्वारा ग्रामीणों को धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर मामला सामने आया है। असामाजिक तत्वों के बढ़ते हौसलों और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर मंगलवार को जीवद सहित चार अन्य गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण बाटोदा पुलिस थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने थाना परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और थानाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, कानूनी कार्रवाई तथा आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, क्षेत्र का माहौल खराब करने वाले मुख्य आरोपियों में जीवद निवासी गिरराज पुत्र बीरबल बैरवा, कृष्ण कुमार पुत्र गिरराज बैरवा और राहुल पुत्र धनराज बैरवा शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ये युवक आए दिन लोगों को परेशान करते हैं और विरोध करने पर छुआछूत व छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देते हैं। आक्रोश तब और बढ़ गया जब 9 जुलाई को इन युवकों ने रामनिवास पुत्र लक्ष्मण मीणा के घर के सामने बेहद तेज रफ्तार में मोटरसाइकिल निकाली, जिसकी टक्कर से उनका नाती नाली में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। विरोध करने पर आरोपियों ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी दी। इसके अगले ही दिन कुछ लोग दोबारा रामनिवास के घर पहुंचे, वीडियो बनाया और शिकायत करने पर बच्चों व वाहन को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी, जिससे गांव में भय का माहौल है। थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर इन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, तो ग्रामीण एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। इस प्रदर्शन के दौरान पूर्व सरपंच रामनिवास मीणा, बाबू श्याम शर्मा, रामजीलाल, गिरराज, श्यामलाल, मुन्नालाल, हेमराज, रूपलाल, मिंटू और सूरजमल सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। पुलिस ने ग्रामीणों का ज्ञापन स्वीकार करते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी स्थित बाटोदा थाना क्षेत्र के जीवद गांव में तेज रफ्तार बाइक चलाने, बच्चे को टक्कर मारने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस घटना से नाराज होकर मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण बाटोदा थाने पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए थाना अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में जीवद निवासी रामनिवास पुत्र लक्ष्मण मीणा ने बताया कि गिर्राज पुत्र बीरबल, कृष्ण पुत्र गिर्राज और राहुल पुत्र धनराज बेरवा सहित अन्य लोग आए दिन उनके घर के सामने तेज रफ्तार से मोटरसाइकिल दौड़ाते हैं। आरोप है कि 9 जुलाई 2026 को तेज गति से निकाली गई एक बाइक ने उनके नवासे को टक्कर मार दी, जिससे वह नाली में गिर गया। घटना के बाद जब समझाइश करने का प्रयास किया गया, तो आरोपियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। प्रार्थी ने यह भी आरोप लगाया कि अगले दिन आरोपी चार अन्य लोगों के साथ उनके घर पहुंचे, वहां का वीडियो बनाया और दोबारा धमकाते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की शिकायत की गई तो उनके बच्चों और वाहन को नुकसान पहुंचाया जाएगा। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने थाने के बाहर प्रदर्शन कर गांव का माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी घटना घट सकती है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रार्थी रामनिवास सहित गांव के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- करौली के मासलपुर ब्लॉक में बाल विवाह की रोकथाम और शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण ब्लॉक स्तरीय रणनीतिक बैठक का आयोजन पंचायत समिति सभागार में किया गया। जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग तथा एक्शनएड एसोसिएशन – डीएमजी इवेंट्स करौली के संयुक्त तत्वावधान में संचालित बाल विवाह रोकथाम एवं उन्मूलन परियोजना के तहत आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों, स्वयंसेवकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने "बैक टू स्कूल" अभियान के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 12 जून 2026 को शुरू हुए इस अभियान की अवधि पहले 12 जुलाई 2026 तक तय थी, जिसे अब सकारात्मक प्रगति को देखते हुए बढ़ाकर 25 जुलाई 2026 कर दिया गया है। अभियान के जरिए स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों, विशेषकर बालिकाओं, और शिक्षा से वंचित बच्चों को चिह्नित कर स्कूलों में पुनः नामांकित किया जा रहा है। इसके साथ ही किशोरी समूहों के माध्यम से बालिकाओं को सशक्त बनाने और बाल विवाह के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य फजले अहमद ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समुदाय में बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता पैदा करना और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) तथा विभागीय समन्वय के माध्यम से बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश मीना ने शिक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे प्रवेशोत्सव अभियान और डोर-टू-डोर सर्वे के बारे में बताया, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक प्रियंका शर्मा ने पोषण कार्यक्रमों, परिवार सर्वेक्षण और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा गतिविधियों की जानकारी दी। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के प्रभारी भीकम सिंह ने बच्चों की सुरक्षा और सहायता में हेल्पलाइन की भूमिका को रेखांकित किया। विकास अधिकारी मोहनलाल शर्मा ने बताया कि पंचायतीराज विभाग ने सभी ग्राम विकास अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी किए हैं। बैठक में ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, प्रयत्न संस्था के हरेंद्र कुमार और आवास प्रभारी देवीशंकर ने भी सहकारी प्रयासों और सामुदायिक सहभागिता की रणनीतियों पर विचार रखे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे अनिल शर्मा ने अभियान के प्रमुख उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, जिसमें ग्रामीण स्तर पर बाल विवाह के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाना, स्कूल छोड़ चुकी छात्राओं की संख्या में कमी लाना, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना शामिल है। बैठक के समापन पर सभी विभागों के प्रतिनिधियों ने मिलकर काम करने और मासलपुर को बाल विवाह मुक्त व शिक्षा से समृद्ध बनाने का संकल्प व्यक्त किया।1
- करौली जिले के टोडाभीम तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पहाड़ी में पिछले 25 से अधिक वर्षों से सड़क कच्ची होने के कारण ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। गांव के निवासी निरंजन मीणा ने करौली के जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर सड़क की इस दुर्दशा की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह कच्ची सड़क लगभग 30 से अधिक परिवारों और क्षेत्रों के लिए एकमात्र संपर्क मार्ग है, जिस पर न तो पक्का निर्माण हुआ है और न ही नाली की कोई व्यवस्था है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने, बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। निरंजन मीणा ने अपने पत्र में कानूनी और संवैधानिक आधारों का हवाला देते हुए लिखा है कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 104 व 105 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 88 के तहत सार्वजनिक मार्गों का निर्माण और रखरखाव करना ग्राम पंचायत व स्थानीय प्रशासन का कर्तव्य है। इसके अलावा, सड़क न होने से संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार का भी हनन हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस सड़क का तुरंत भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए और इसे मनरेगा, 15वें वित्त आयोग या पीएमजीएसवाई योजना के तहत पक्का किया जाए। इसके साथ ही, शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत जिलाधिकारी से 30 दिनों के भीतर तीन प्रमुख जानकारियां मांगी हैं। इनमें पिछले 3 वर्षों में सड़क के लिए आवंटित और खर्च हुए बजट का विवरण, इसे पक्का करने के प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति, और इसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी का नाम तथा पद शामिल हैं। इस पत्र की प्रतिलिपियां जिला परिषद करौली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पंचायत समिति टोडाभीम के विकास अधिकारी को भी प्रेषित की गई हैं।3
- करौली में अमावस्या के अवसर पर मदन मोहन जी मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा। इस खास मौके पर मंदिर में दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ एकत्रित हुई।1
- गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन के बजरिया क्षेत्र में लगातार बढ़ रही मारपीट और लूट की वारदातों से परेशान दुकानदारों व होटल संचालकों ने सुरक्षा की गुहार लगाई है। बापू बाजार (बजरिया) एसोसिएशन की ओर से पुलिस उपाधीक्षक गिर्राज मीणा को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में व्यापारियों ने क्षेत्र में पूरी रात नियमित पुलिस गश्त शुरू करने और आश्रय स्थल के पास एक स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन पर रात के समय कई ट्रेनों के आने-जाने के कारण यहां बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए आसपास के होटल और खानपान की दुकानें रातभर खुली रहती हैं और संचालक पूरी रात सेवाएं देते हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट, लूट और छीना-झपटी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ज्ञापन में दो प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया गया है, जिसमें 7 मई 2026 को विनोद एंड कम्पनी के संचालक प्रखर अग्रवाल के साथ मारपीट कर दुकान के गल्ले से नकदी लूट ली गई थी। वहीं, 10 जुलाई 2026 को खाना खजाना एक्सप्रेस के संचालक राहुल तालूजा के साथ भी देर रात मारपीट कर उनकी सोने की चेन छीन ली गई थी। इन दोनों ही घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए थे। इसके अलावा रेलवे कर्मचारियों के साथ भी पहले ऐसी वारदातें हो चुकी हैं। अपराधियों के बढ़ते हौसलों से चिंतित एसोसिएशन ने मांग की है कि कोतवाली थाना पुलिस को बजरिया क्षेत्र में रातभर नियमित गश्त करने के निर्देश दिए जाएं और आश्रय स्थल के पास पुलिस चौकी स्थापित की जाए, ताकि दुकानदारों, होटल संचालकों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।1
- करौली के सूरोठ थाना क्षेत्र के ढिंढोरा गांव में खेतों में तारबंदी करने को लेकर विवाद हो गया, जिसमें एक युवक और उसकी पत्नी के साथ बुरी तरह मारपीट की गई। ढिंढोरा निवासी पीड़ित संतोष पुत्र रामेश्वर जाटव ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 4:00 बजे जब वे अपने खेतों पर तारबंदी कर रहे थे, तभी गांव के ही आरोपियों ने वहां आकर तारबंदी के लिए गाड़े गए लट्ठा खंभों को तोड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने संतोष और उनकी पत्नी के साथ बुरी तरह मारपीट की, जिसमें संतोष घायल हो गया। घायल संतोष को इलाज के लिए सूरोठ के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया है। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में सूरोठ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।1