करौली जिले के टोडाभीम तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पहाड़ी में पिछले 25 से अधिक वर्षों से सड़क कच्ची होने के कारण ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। गांव के निवासी निरंजन मीणा ने करौली के जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर सड़क की इस दुर्दशा की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह कच्ची सड़क लगभग 30 से अधिक परिवारों और क्षेत्रों के लिए एकमात्र संपर्क मार्ग है, जिस पर न तो पक्का निर्माण हुआ है और न ही नाली की कोई व्यवस्था है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने, बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। निरंजन मीणा ने अपने पत्र में कानूनी और संवैधानिक आधारों का हवाला देते हुए लिखा है कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 104 व 105 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 88 के तहत सार्वजनिक मार्गों का निर्माण और रखरखाव करना ग्राम पंचायत व स्थानीय प्रशासन का कर्तव्य है। इसके अलावा, सड़क न होने से संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार का भी हनन हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस सड़क का तुरंत भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए और इसे मनरेगा, 15वें वित्त आयोग या पीएमजीएसवाई योजना के तहत पक्का किया जाए। इसके साथ ही, शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत जिलाधिकारी से 30 दिनों के भीतर तीन प्रमुख जानकारियां मांगी हैं। इनमें पिछले 3 वर्षों में सड़क के लिए आवंटित और खर्च हुए बजट का विवरण, इसे पक्का करने के प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति, और इसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी का नाम तथा पद शामिल हैं। इस पत्र की प्रतिलिपियां जिला परिषद करौली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पंचायत समिति टोडाभीम के विकास अधिकारी को भी प्रेषित की गई हैं।
करौली जिले के टोडाभीम तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पहाड़ी में पिछले 25 से अधिक वर्षों से सड़क कच्ची होने के कारण ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। गांव के निवासी निरंजन मीणा ने करौली के जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर सड़क की इस दुर्दशा की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह कच्ची सड़क लगभग 30 से अधिक परिवारों और क्षेत्रों के लिए एकमात्र संपर्क मार्ग है, जिस पर न तो पक्का निर्माण हुआ है और न ही नाली की कोई व्यवस्था है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे
किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने, बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। निरंजन मीणा ने अपने पत्र में कानूनी और संवैधानिक आधारों का हवाला देते हुए लिखा है कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 104 व 105 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 88 के तहत सार्वजनिक मार्गों का निर्माण और रखरखाव करना ग्राम पंचायत व स्थानीय प्रशासन का कर्तव्य है। इसके अलावा, सड़क न होने से संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार का भी हनन हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि
इस सड़क का तुरंत भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए और इसे मनरेगा, 15वें वित्त आयोग या पीएमजीएसवाई योजना के तहत पक्का किया जाए। इसके साथ ही, शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत जिलाधिकारी से 30 दिनों के भीतर तीन प्रमुख जानकारियां मांगी हैं। इनमें पिछले 3 वर्षों में सड़क के लिए आवंटित और खर्च हुए बजट का विवरण, इसे पक्का करने के प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति, और इसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी का नाम तथा पद शामिल हैं। इस पत्र की प्रतिलिपियां जिला परिषद करौली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पंचायत समिति टोडाभीम के विकास अधिकारी को भी प्रेषित की गई हैं।
- करौली जिले के टोडाभीम तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पहाड़ी में पिछले 25 से अधिक वर्षों से सड़क कच्ची होने के कारण ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। गांव के निवासी निरंजन मीणा ने करौली के जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर सड़क की इस दुर्दशा की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह कच्ची सड़क लगभग 30 से अधिक परिवारों और क्षेत्रों के लिए एकमात्र संपर्क मार्ग है, जिस पर न तो पक्का निर्माण हुआ है और न ही नाली की कोई व्यवस्था है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने, बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। निरंजन मीणा ने अपने पत्र में कानूनी और संवैधानिक आधारों का हवाला देते हुए लिखा है कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 104 व 105 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 88 के तहत सार्वजनिक मार्गों का निर्माण और रखरखाव करना ग्राम पंचायत व स्थानीय प्रशासन का कर्तव्य है। इसके अलावा, सड़क न होने से संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार का भी हनन हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस सड़क का तुरंत भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए और इसे मनरेगा, 15वें वित्त आयोग या पीएमजीएसवाई योजना के तहत पक्का किया जाए। इसके साथ ही, शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत जिलाधिकारी से 30 दिनों के भीतर तीन प्रमुख जानकारियां मांगी हैं। इनमें पिछले 3 वर्षों में सड़क के लिए आवंटित और खर्च हुए बजट का विवरण, इसे पक्का करने के प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति, और इसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार विभाग व अधिकारी का नाम तथा पद शामिल हैं। इस पत्र की प्रतिलिपियां जिला परिषद करौली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पंचायत समिति टोडाभीम के विकास अधिकारी को भी प्रेषित की गई हैं।3
- करौली में अमावस्या के अवसर पर मदन मोहन जी मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा। इस खास मौके पर मंदिर में दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ एकत्रित हुई।1
- करौली के हिंडौन सिटी में हुई झमाझम बारिश से मौसम बेहद सुहाना हो गया है। इस बारिश से जहां एक तरफ गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ किसानों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे हैं।1
- करौली जिले की सूरौठ तहसील के कई गांवों में झमाझम बारिश होने से किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर लौट आई है। इस तेज बारिश के बाद क्षेत्र के किसानों में भारी उत्साह और प्रसन्नता देखी जा रही है।1
- दौसा के रलावता गांव में कल सायंकाल विद्युत का काम करते समय करंट लगने से विद्युत विभाग की एफआरटी टीम के ठेकाकर्मी अवतार गुर्जर की मौत हो गई। मृतक कार्मिक भांडारेज फीडर में तैनात था और काम करने के दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। इस हादसे के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण जिला अस्पताल की मोर्चरी पर जुट गए हैं। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और मुआवजा दिए जाने की मांग की है।1
- सवाई माधोपुर के बाटोदा थाना क्षेत्र के जीवद गांव में कुछ नामजद युवकों द्वारा ग्रामीणों को धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर मामला सामने आया है। असामाजिक तत्वों के बढ़ते हौसलों और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर मंगलवार को जीवद सहित चार अन्य गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण बाटोदा पुलिस थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने थाना परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और थानाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, कानूनी कार्रवाई तथा आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, क्षेत्र का माहौल खराब करने वाले मुख्य आरोपियों में जीवद निवासी गिरराज पुत्र बीरबल बैरवा, कृष्ण कुमार पुत्र गिरराज बैरवा और राहुल पुत्र धनराज बैरवा शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ये युवक आए दिन लोगों को परेशान करते हैं और विरोध करने पर छुआछूत व छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देते हैं। आक्रोश तब और बढ़ गया जब 9 जुलाई को इन युवकों ने रामनिवास पुत्र लक्ष्मण मीणा के घर के सामने बेहद तेज रफ्तार में मोटरसाइकिल निकाली, जिसकी टक्कर से उनका नाती नाली में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। विरोध करने पर आरोपियों ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी दी। इसके अगले ही दिन कुछ लोग दोबारा रामनिवास के घर पहुंचे, वीडियो बनाया और शिकायत करने पर बच्चों व वाहन को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी, जिससे गांव में भय का माहौल है। थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर इन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, तो ग्रामीण एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। इस प्रदर्शन के दौरान पूर्व सरपंच रामनिवास मीणा, बाबू श्याम शर्मा, रामजीलाल, गिरराज, श्यामलाल, मुन्नालाल, हेमराज, रूपलाल, मिंटू और सूरजमल सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। पुलिस ने ग्रामीणों का ज्ञापन स्वीकार करते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- करौली के हिंडौन सिटी में मौसम मेहरबान हो गया है, जिससे हुई बारिश ने लोगों को बड़ी राहत और सुकून दिया है। इस सुहाने मौसम और बारिश के कारण क्षेत्र में बाजरे की खेती को काफी फायदा पहुंचेगा।1
- हिंडौन सिटी के सूरौठ थाना क्षेत्र के ढिंढोरा गांव में खेत की तारबंदी तोड़ने का विरोध करने पर कुछ लोगों ने एक युवक और उसकी पत्नी के साथ मारपीट कर दी। पीड़ित युवक ढिंढोरा निवासी संतोष पुत्र रामेश्वर जाटव है, जिसने अपने खेत में सब्जी बोई हुई थी। आवारा जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए उसने खेत के चारों ओर तारबंदी कर रखी थी, जिसे गांव के ही कुछ लोगों ने तोड़ दिया। जब संतोष ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आई उसकी पत्नी को भी आरोपियों ने नहीं बख्शा और उसके साथ भी मारपीट की गई। इस हमले में संतोष के सिर में गंभीर चोट आई है। घटना के बाद परिजनों ने घायल संतोष को तुरंत सूरौठ के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस संबंध में पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ सूरौठ थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए प्राथमिकी पेश की है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है।3