सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी स्थित बाटोदा थाना क्षेत्र के जीवद गांव में तेज रफ्तार बाइक चलाने, बच्चे को टक्कर मारने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस घटना से नाराज होकर मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण बाटोदा थाने पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए थाना अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में जीवद निवासी रामनिवास पुत्र लक्ष्मण मीणा ने बताया कि गिर्राज पुत्र बीरबल, कृष्ण पुत्र गिर्राज और राहुल पुत्र धनराज बेरवा सहित अन्य लोग आए दिन उनके घर के सामने तेज रफ्तार से मोटरसाइकिल दौड़ाते हैं। आरोप है कि 9 जुलाई 2026 को तेज गति से निकाली गई एक बाइक ने उनके नवासे को टक्कर मार दी, जिससे वह नाली में गिर गया। घटना के बाद जब समझाइश करने का प्रयास किया गया, तो आरोपियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। प्रार्थी ने यह भी आरोप लगाया कि अगले दिन आरोपी चार अन्य लोगों के साथ उनके घर पहुंचे, वहां का वीडियो बनाया और दोबारा धमकाते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की शिकायत की गई तो उनके बच्चों और वाहन को नुकसान पहुंचाया जाएगा। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने थाने के बाहर प्रदर्शन कर गांव का माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी घटना घट सकती है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रार्थी रामनिवास सहित गांव के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी स्थित बाटोदा थाना क्षेत्र के जीवद गांव में तेज रफ्तार बाइक चलाने, बच्चे को टक्कर मारने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस घटना से नाराज होकर मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण बाटोदा थाने पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए थाना अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में जीवद निवासी रामनिवास पुत्र लक्ष्मण मीणा ने बताया कि गिर्राज पुत्र बीरबल, कृष्ण पुत्र गिर्राज और राहुल पुत्र धनराज बेरवा सहित अन्य लोग आए दिन उनके घर के सामने तेज रफ्तार से मोटरसाइकिल दौड़ाते हैं। आरोप है कि 9 जुलाई 2026 को तेज गति से निकाली गई एक बाइक ने उनके नवासे को टक्कर मार दी, जिससे वह नाली में गिर गया। घटना के बाद जब समझाइश करने का प्रयास किया गया, तो आरोपियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। प्रार्थी ने यह भी आरोप लगाया कि अगले दिन आरोपी चार अन्य लोगों के साथ उनके घर पहुंचे, वहां का वीडियो बनाया और दोबारा धमकाते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की शिकायत की गई तो उनके बच्चों और वाहन को नुकसान पहुंचाया जाएगा। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने थाने के बाहर प्रदर्शन कर गांव का माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी घटना घट सकती है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रार्थी रामनिवास सहित गांव के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
- करौली के राजकीय महाविद्यालय में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नर्सिंग विद्यार्थियों और शिक्षकों को अंगदान के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। गवर्नमेंट कॉलेज करौली में इस कार्यक्रम का आयोजन ऑर्गन ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर टीम द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने न केवल अंगदान करने की शपथ ली, बल्कि समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का भी संकल्प लिया। इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान टीम के नोडल प्रभारी डॉ. राकेश कुमार चौधरी और सदस्य डॉ. रवि कुमार मीणा ने नर्सिंग विद्यार्थियों और ट्यूटर को अंगदान के महत्व, इसकी पूरी प्रक्रिया और इससे जरूरतमंद मरीजों को मिलने वाले नए जीवन के बारे में विस्तार से समझाया। विशेषज्ञों ने मंगलवार दोपहर 2:00 बजे बताया कि अंगदान एक बेहद महत्वपूर्ण मानवीय पहल है, जिससे कई लोगों की अनमोल जान बचाई जा सकती है। कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने अंगदान करने की शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर टीम सत्या नीरज शर्मा सहित कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।1
- हिंडौन सिटी के राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) करौली के संयुक्त तत्वाधान में एसीबी के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों को भ्रष्टाचार के विरुद्ध सतर्क और जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि करौली एसीबी के अतिरिक्त पुलिस निरीक्षक जगदीश भारद्वाज, रीडर बृजेश कुमार, प्राचार्य डॉ. पप्पू राम कोली, प्रोफेसर गंगाराम मीना, डॉ. श्रीनिवास गुर्जर और एनएसएस प्रभारी शालिनी गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता जगदीश भारद्वाज ने भ्रष्टाचार को समाज की मूलभूत समस्याओं में से एक बताते हुए कहा कि इसमें रिश्वत मांगने वाला जितना दोषी है, उतना ही भागीदार रिश्वत देने वाला भी है। उन्होंने सभी से इसके खिलाफ आवाज उठाने और दोषियों को सजा दिलाकर समाज को इस नासूर से मुक्त करने की अपील की, ताकि गांधी जी द्वारा परिकल्पित राम राज्य की कल्पना को साकार किया जा सके। इस अवसर पर रीडर बृजेश कुमार ने एसीबी की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी और बताया कि भ्रष्टाचार की किसी भी शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1064 पर संपर्क किया जा सकता है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पप्पू राम कोली ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में भ्रष्टाचार के नैतिक पहलुओं के साथ-साथ उसके सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। मंच का संचालन डॉ. श्रीनिवास गुर्जर ने किया और कार्यक्रम के अंत में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी शालिनी गुप्ता ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के संकाय सदस्य राजकुमारी, उपमा मीना, डॉ. दिव्या बंसल, डॉ. मोनिका मीना, सुमित बिरेटिया, डॉ. आशा राठौर, यशोदा कुमारी, मानसिंह अवाना सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।1
- Post by शालिम खान1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में चलते सफर के दौरान एक भाई की गाड़ी पंचर हो गई, जिसके बाद मदद के लिए प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल आगे आया। इस मुश्किल समय में बल्लू टी स्टॉल द्वारा सेवा भाव से लोगों की मदद की जा रही है। सोशल मीडिया पर इस मेहनत और सेवा की भावना को लोग खूब पसंद कर रहे हैं और इसकी सराहना की जा रही है।1
- सवाई माधोपुर के खंडार में बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ दिया है। यहाँ स्कूल में पढ़ाई कर रहे 300 विद्यार्थियों पर सिर्फ 5 शिक्षक ही तैनात हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। शिक्षकों की इस भारी कमी से नाराज होकर ग्रामीणों ने अब सीधे शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में चलते सफर के दौरान भाई की गाड़ी पंचर हो जाने पर मदद के लिए वहां का प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल आगे आया है। श्योपुर में अपनी इस सेवा के लिए मशहूर बल्लू टी स्टॉल संकट में लोगों की मदद के लिए जाना जाता है। इस परेशानी के समय में उनके द्वारा की गई यह सेवा और उनकी मेहनत वास्तव में सराहनीय है।1
- सवाई माधोपुर के खंडार उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नायपुर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सावटा में शिक्षकों की कमी और उनकी अनियमित उपस्थिति से गुस्साए ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही, विद्यालय में तैनात कुछ शिक्षक भी समय पर नहीं आते और न ही अपनी नियमित उपस्थिति दर्ज करते हैं। इस समस्या को लेकर ग्रामीण पूर्व में कई बार सीबीईओ खंडार, तहसीलदार, एसडीएम और खंडार विधायक को ज्ञापन सौंपकर शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी लापरवाही के विरोध में ग्रामीणों ने आज स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अपना कड़ा विरोध जताया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्मिकों की नियुक्ति और अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में यह सवाल चर्चा में है कि साल में केवल एक बार आने वाला वह कौन सा दिन है, जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को कोई जानकारी नहीं है। इस पहेली जैसे सवाल को लेकर लोग उलझन में हैं कि आखिर वह दिन कौन सा है।1
- दौसा जिले के लालसोट में पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर ₹3.50 लाख की कथित चोरी के मामले का भंडाफोड़ करते हुए पूरे प्रकरण को फर्जी साबित कर दिया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि परिवादी ने अपनी नाराज पत्नी को वापस घर लाने और उसकी सहानुभूति प्राप्त करने के लिए चोरी की यह झूठी कहानी रची थी। पुलिस को जांच के दौरान घटनास्थल पर चोरी का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला और जब परिवादी के बयानों में विरोधाभास दिखाई दिया, तो मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ में उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। परिवादी ने माना कि उसकी पत्नी नाराज होकर अपने पीहर चली गई थी और ससुराल पक्ष उसे वापस नहीं भेज रहा था, जिसे प्रभावित करने के लिए उसने यह झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, दर्ज कराई गई फर्जी रिपोर्ट में ₹1.40 लाख नकद सहित सोने-चांदी के आभूषण एवं अन्य सामान चोरी होना बताया गया था, जिसकी कुल कीमत करीब ₹3.50 लाख दर्शाई गई थी, जो जांच में पूरी तरह निराधार पाई गई। इस फर्जी साजिश का पर्दाफाश करने में पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सीपा और वृत्ताधिकारी सुरेन्द्र सिंह के सुपरविजन में लालसोट थाना प्रभारी हरलाल मीणा के नेतृत्व वाली टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक रविन्द्र सिंह, कांस्टेबल लहरीलाल और सांवरमल भी शामिल रहे, जिन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की झूठी सूचना देकर या फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास बिल्कुल न करें। पुलिस ने सचेत किया है कि इस तरह गुमराह करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसा करने वाले दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।2