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ललितपुर जिले के जाखलौन थाना क्षेत्र के ग्राम ऐरा में आज दोपहर करीब 3:30 बजे एक हृदय विदारक घटना सामने आई। ऐरा निवासी 55 वर्षीय चंदू पटेल, पुत्र सुखलाल पटेल, अपने खेत पर लगे आम के पेड़ पर चढ़े थे। इसी दौरान, पेड़ में बनी एक पोल में बैठे सांप ने उन्हें डस लिया, जिससे चंदू घबराकर पेड़ से नीचे गिर गए और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। गांव के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, पेड़ से गिरने के बाद चंदू पटेल बोल रहे थे। आसपास के लोगों ने उन्हें इस अवस्था में देखकर उनके घर पर घटना की सूचना दी। चंदू की हालत लगातार बिगड़ने पर परिवार के सदस्य आनन-फानन में उन्हें ललितपुर मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना से चंदू के परिवार में गहरा कोहराम मच गया है।
Pradeep Jain
ललितपुर जिले के जाखलौन थाना क्षेत्र के ग्राम ऐरा में आज दोपहर करीब 3:30 बजे एक हृदय विदारक घटना सामने आई। ऐरा निवासी 55 वर्षीय चंदू पटेल, पुत्र सुखलाल पटेल, अपने खेत पर लगे आम के पेड़ पर चढ़े थे। इसी दौरान, पेड़ में बनी एक पोल में बैठे सांप ने उन्हें डस लिया, जिससे चंदू घबराकर पेड़ से नीचे गिर गए और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। गांव के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, पेड़ से गिरने के बाद चंदू पटेल बोल रहे थे। आसपास के लोगों ने उन्हें इस अवस्था में देखकर उनके घर पर घटना की सूचना दी। चंदू की हालत लगातार बिगड़ने पर परिवार के सदस्य आनन-फानन में उन्हें ललितपुर मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना से चंदू के परिवार में गहरा कोहराम मच गया है।
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- टीकमगढ़ में जिला शिक्षा अधिकारी हनुमत सिंह चौहान के स्थानांतरण आदेश जारी हुए तीन दिन बीत जाने के बाद भी, विभागीय प्रभार अब तक नवागत अधिकारी को नहीं सौंपा गया है। इस स्थिति ने शिक्षा विभाग और प्रशासनिक गलियारों में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे चर्चाओं का बाजार गर्म है। प्रशासनिक व्यवस्था में सामान्यतः स्थानांतरण आदेश के तुरंत बाद प्रभार सौंपने की परंपरा रही है, ऐसे में इस मामले में हुई देरी को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। मीडिया द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी हनुमत सिंह चौहान ने अपनी ओर से स्पष्टीकरण दिया, बावजूद इसके यह प्रश्न बरकरार है कि आखिर स्थानांतरण के तीन दिन बाद भी नए अधिकारी को विभागीय जिम्मेदारी क्यों नहीं सौंपी गई। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग और प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं तथा प्रभार हस्तांतरण की प्रक्रिया कब पूरी होती है, साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर इस कुर्सी का इतना मोह किस बात का है।1
- ललितपुर के मड़ावरा में प्रशासन ने सख्ती का एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जहाँ उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने संदिग्ध परिस्थितियों में अनाज से लदी एक डीसीएम को रोककर उसकी जांच की। जांच के दौरान वाहन चालक आवश्यक दस्तावेज और मंडी से संबंधित कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। यह कार्रवाई तब हुई जब डीसीएम संख्या UP 94 AT 3167 मड़ावरा कस्बे से अनाज लेकर ललितपुर की ओर जा रही थी और उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने इसे साढ़ूमल के पास रोका। चालक से अनाज से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और मंडी के कागजात मांगे गए, लेकिन वह कोई भी वैध प्रमाण पत्र दिखाने में विफल रहा। दस्तावेज उपलब्ध न होने पर, एसडीएम ने तत्काल मंडी प्रशासन को सूचित किया। मौके पर पहुंचे मंडी अधिकारियों ने वाहन और उसके अभिलेखों की गहन जांच की, और प्रारंभिक जांच में आवश्यक कागजात न मिलने पर डीसीएम को मड़ावरा पुलिस को सौंप दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध अनाज कारोबार में लिप्त और नियमों की अनदेखी करने वालों के बीच हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासन की मंशा के अनुरूप भविष्य में भी ऐसे जांच अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।4
- ललितपुर के नाराहट थाना क्षेत्र अंतर्गत गदौरा गाँव में एक युवक ने अज्ञात कारणों से कीटनाशक का सेवन कर लिया, जिससे उसकी तबियत अचानक बिगड़ गई। बुधवार रात करीब 8:30 बजे परिजनों ने युवक को अचेत अवस्था में देखा, जिसके बाद तत्काल एंबुलेंस 102 की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा ले जाया गया। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद युवक को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।1
- पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार संचालित 'सेफ क्लिक' साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत, सागर जिले में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, 25 जून 2026 को सागर कॉन्वेंट स्कूल में एक विशाल साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में विद्यालय के 600 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी, थाना प्रभारी केंट श्री रोहित डोंगरे और प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने विद्यार्थियों को वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी एवं बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल प्राइवेसी, मजबूत पासवर्ड के उपयोग, साइबर बुलिंग तथा सुरक्षित इंटरनेट व्यवहार के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। अधिकारियों ने छात्रों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले नए-नए तरीकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आने की सलाह दी। साथ ही, किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर उपनिरीक्षक संजय बामनिया, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, आरक्षक भानु प्रताप, आरक्षक आनंद सहित विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक और स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी द्वारा सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी एवं सीखने की उत्सुकता कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। विद्यालय के प्राचार्य एवं समस्त शिक्षकों ने इस जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल युग में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संकल्प भी लिया। सागर पुलिस का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक साइबर अपराधियों की चालों को समझे, सतर्क रहे और सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।1
- बीना की सबसे पुरानी और घनी बस्ती इटावा में एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है, जहाँ चोरों ने पुलिस थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित एक ज्वेलर्स की दुकान को निशाना बनाया। देर रात अनिल सोनी ज्वेलर्स की दुकान में सेंधमारी करते हुए चोरों ने ताले तोड़ दिए और अंदर घुसकर तिजोरी में रखे सोने-चांदी के आभूषणों के साथ नकदी भी चुरा ली। यह घटना रात करीब 3 बजे के आसपास हुई बताई जा रही है। सुबह जब दुकान संचालक ने अपनी दुकान खोली, तो अंदर का सामान बिखरा हुआ देखकर चोरी का खुलासा हुआ। ज्वेलर्स के अनुसार, चोरों ने लगभग 7 से 8 हजार रुपये नकद के साथ पायल, बिछिया, अंगूठी सहित अन्य सोने-चांदी के आभूषण चुराए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 4 लाख रुपये आंकी गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, साथ ही कंट्रोल रूम से भी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। बीना की इतनी घनी और पुरानी बस्ती में, और वह भी पुलिस थाने से इतनी कम दूरी पर हुई इस चोरी ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।1
- बुधवार को श्री गायत्री जयंती के पावन अवसर पर बीना स्थित श्री गायत्री शक्ति पीठ, स्टेशन रोड पर भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक रंग में रंग गया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व दिवस से चल रहे श्री गायत्री महामंत्र अखंड जप के समापन के साथ हुई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री गायत्री सहस्त्रनाम महाभिषेक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। तत्पश्चात गायत्री मंत्र दीक्षा एवं पंच कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा, और उपस्थित श्रद्धालुओं ने राष्ट्र, समाज तथा विश्व कल्याण की मंगल कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत सभी श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद वितरित किया गया। शाम को दीप यज्ञ एवं संध्या नीरांजना का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गायत्री जयंती को माता गायत्री के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें वेदों की जननी और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। इस दिन जप, तप, यज्ञ और साधना का विशेष महत्व बताया गया है। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।1
- लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद, बीना नगरपालिका भी सतर्क हो गई है और उसने शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। नगरपालिका सीएमओ के नेतृत्व में की गई इस जांच में, अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास, विद्युत व्यवस्था और विद्यार्थियों की समग्र सुरक्षा से जुड़े इंतजामों का आकलन किया गया। अधिकारियों ने सभी संचालकों को सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के कड़े निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान, नगरपालिका की टीम ने कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास द्वार की स्थिति, भवन की सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत फिटिंग का गहनता से जायजा लिया। अधिकारियों ने संचालकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु आवश्यक सुरक्षा उपकरण संस्थान में हर समय उपलब्ध रहें और उनका नियमित रखरखाव किया जाए। टीम ने भवनों में विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और जो भी संस्थान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते पाए जाएँगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। इसी के चलते मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।1
- टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील पर ग्रामीणों ने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तहसील कार्यालय में बिना किसी लेनदेन के आम लोगों के काम आसानी से नहीं होते, जिसके कारण कई लोग राजस्व संबंधी मामलों के लिए वर्षों से कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने विशेष रूप से नामांतरण, सीमांकन और विभिन्न प्रमाण पत्रों सहित अन्य राजस्व कार्यों को पूरा करने में आ रही परेशानियों का जिक्र किया है। उनका आरोप है कि कई बार आवेदन देने के बावजूद समय पर सुनवाई नहीं होती, जिससे लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कार्यालय में अधिकारी और कर्मचारी अक्सर समय पर उपस्थित नहीं मिलते और पूरा कामकाज चपरासी के भरोसे चलता दिखाई देता है। इस स्थिति के कारण दूर-दराज से आने वाले लोगों को अपना काम कराए बिना ही वापस लौटना पड़ता है। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तहसील कार्यालय की व्यवस्थाओं की तत्काल जांच की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों की यह भी मांग है कि आम जनता के सभी काम समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं।4