पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार संचालित 'सेफ क्लिक' साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत, सागर जिले में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, 25 जून 2026 को सागर कॉन्वेंट स्कूल में एक विशाल साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में विद्यालय के 600 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी, थाना प्रभारी केंट श्री रोहित डोंगरे और प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने विद्यार्थियों को वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी एवं बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल प्राइवेसी, मजबूत पासवर्ड के उपयोग, साइबर बुलिंग तथा सुरक्षित इंटरनेट व्यवहार के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। अधिकारियों ने छात्रों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले नए-नए तरीकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आने की सलाह दी। साथ ही, किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर उपनिरीक्षक संजय बामनिया, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, आरक्षक भानु प्रताप, आरक्षक आनंद सहित विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक और स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी द्वारा सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी एवं सीखने की उत्सुकता कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। विद्यालय के प्राचार्य एवं समस्त शिक्षकों ने इस जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल युग में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संकल्प भी लिया। सागर पुलिस का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक साइबर अपराधियों की चालों को समझे, सतर्क रहे और सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार संचालित 'सेफ क्लिक' साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत, सागर जिले में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, 25 जून 2026 को सागर कॉन्वेंट स्कूल में एक विशाल साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में विद्यालय के 600 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी, थाना प्रभारी केंट श्री रोहित डोंगरे और प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने विद्यार्थियों को वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी एवं बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल प्राइवेसी, मजबूत पासवर्ड के उपयोग, साइबर बुलिंग तथा सुरक्षित इंटरनेट व्यवहार के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। अधिकारियों ने छात्रों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले नए-नए तरीकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आने की सलाह दी। साथ ही, किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर उपनिरीक्षक संजय बामनिया, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, आरक्षक भानु प्रताप, आरक्षक आनंद सहित विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक और स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सोलंकी द्वारा सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी एवं सीखने की उत्सुकता कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। विद्यालय के प्राचार्य एवं समस्त शिक्षकों ने इस जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल युग में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संकल्प भी लिया। सागर पुलिस का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक साइबर अपराधियों की चालों को समझे, सतर्क रहे और सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
- मध्यप्रदेश के सिरोंज में छतरी नाके पर स्थित संजीवनी हॉस्पिटल के संचालक पर इलाज के दौरान एक नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ और गलत हरकतें करने का गंभीर आरोप बालिका के परिजनों ने लगाया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने डॉक्टर संजीव माथुर के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसी घटनाक्रम में, डॉक्टर संजीव माथुर के सिर में चोट लगने के कारण वे लहूलुहान भी हो गए हैं। बताया जा रहा है कि उनके साथ मारपीट भी हुई है, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा है। इस पूरे मामले पर बालिका के पिता और पुत्र सहित थाना प्रभारी ने विस्तार से जानकारी दी है।2
- सिरोंज में एक निजी अस्पताल संचालक पर छेड़खानी का गंभीर आरोप लगा है। संजीवनी अस्पताल के डॉ. संजीव माथुर के खिलाफ एक युवती की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसने आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने इलाज के दौरान उसके साथ छेड़खानी की। बताया गया है कि आरोपी डॉक्टर 24 जून को इलाज के बहाने युवती के घर पहुंच गया था। इस घटना के बाद पुलिस को बुलाया गया और डॉक्टर को थाने ले जाया गया। युवती की शिकायत के आधार पर डॉ. संजीव माथुर के खिलाफ BNS की धारा 74, 75(1), (i) के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, रात में डॉक्टर के साथ मारपीट करने के आरोप में युवती के परिजनों के खिलाफ भी एक अलग मामला दर्ज किया गया है।4
- बीना शहर के व्यस्त इटावा बाजार क्षेत्र में एक ज्वेलर्स की दुकान में लाखों रुपये की चोरी की बड़ी वारदात सामने आने से हड़कंप मच गया है। यह घटना पुलिस थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ज्वेलर्स व्यवसायी अनिल सोनी (52) गुरुवार सुबह अपनी दुकान खोलने पहुँचे, तो उन्होंने बाहर के ताले टूटे पाए, जिसके बाद भीतर जाकर अलमारी के ताले भी टूटे और उसमें रखा कीमती सामान गायब पाया। पीड़ित व्यवसायी अनिल सोनी के अनुसार, चोर दुकान में रखी लगभग 7 से 10 हजार रुपये की नगदी और करीब 4 से 5 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, जिनमें अंगूठियाँ, पायलें और बिछिया शामिल हैं, चोरी कर ले गए। घटना की सूचना मिलते ही बीना थाना पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। इस चोरी की खबर फैलते ही सर्राफा व्यापारियों में गहरा आक्रोश पैदा हो गया है, जिन्होंने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। सर्राफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार सोनी, भारत भूषण सोनी, जितेंद्र राय सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से चोरों की जल्द गिरफ्तारी, चोरी गए माल की बरामदगी और बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ नियमित व प्रभावी रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। बीना थाना प्रभारी अनूप यादव ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही चोरी की इस वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। थाने से कुछ ही दूरी पर हुई इस चोरी ने न केवल पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि व्यापारियों के बीच भी असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है, जिससे सभी की निगाहें अब पुलिस जांच पर टिकी हैं।4
- ललितपुर के मड़ावरा में प्रशासन ने सख्ती का एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जहाँ उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने संदिग्ध परिस्थितियों में अनाज से लदी एक डीसीएम को रोककर उसकी जांच की। जांच के दौरान वाहन चालक आवश्यक दस्तावेज और मंडी से संबंधित कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। यह कार्रवाई तब हुई जब डीसीएम संख्या UP 94 AT 3167 मड़ावरा कस्बे से अनाज लेकर ललितपुर की ओर जा रही थी और उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने इसे साढ़ूमल के पास रोका। चालक से अनाज से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और मंडी के कागजात मांगे गए, लेकिन वह कोई भी वैध प्रमाण पत्र दिखाने में विफल रहा। दस्तावेज उपलब्ध न होने पर, एसडीएम ने तत्काल मंडी प्रशासन को सूचित किया। मौके पर पहुंचे मंडी अधिकारियों ने वाहन और उसके अभिलेखों की गहन जांच की, और प्रारंभिक जांच में आवश्यक कागजात न मिलने पर डीसीएम को मड़ावरा पुलिस को सौंप दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध अनाज कारोबार में लिप्त और नियमों की अनदेखी करने वालों के बीच हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासन की मंशा के अनुरूप भविष्य में भी ऐसे जांच अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।4
- ललितपुर जनपद के तहसील तालबेहट अंतर्गत ग्राम रजपुरा निवासी बलवीर कुशवाहा, जो नाथूराम कुशवाहा के पुत्र हैं, का भारतीय सेना की अग्निवीर योजना में चयन हो गया है। इस खबर से बलवीर के परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ट्रेनिंग के लिए रवाना होते समय, ग्रामवासियों, शुभचिंतकों और परिजनों ने बलवीर कुशवाहा को फूल-मालाएं पहनाकर भव्य विदाई दी। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और बड़ी संख्या में ग्रामीण इस अवसर पर उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने बलवीर की इस सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए, देश सेवा के इस गौरवपूर्ण अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।1
- ललितपुर जिले के जाखलौन थाना क्षेत्र के ग्राम ऐरा में आज दोपहर करीब 3:30 बजे एक हृदय विदारक घटना सामने आई। ऐरा निवासी 55 वर्षीय चंदू पटेल, पुत्र सुखलाल पटेल, अपने खेत पर लगे आम के पेड़ पर चढ़े थे। इसी दौरान, पेड़ में बनी एक पोल में बैठे सांप ने उन्हें डस लिया, जिससे चंदू घबराकर पेड़ से नीचे गिर गए और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। गांव के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, पेड़ से गिरने के बाद चंदू पटेल बोल रहे थे। आसपास के लोगों ने उन्हें इस अवस्था में देखकर उनके घर पर घटना की सूचना दी। चंदू की हालत लगातार बिगड़ने पर परिवार के सदस्य आनन-फानन में उन्हें ललितपुर मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना से चंदू के परिवार में गहरा कोहराम मच गया है।1
- पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में संचालित "सेफ क्लिक" साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत, सागर जिले के सागर कॉन्वेंट स्कूल में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 600 से अधिक विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह पहल पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में की जा रही है, जिसका उद्देश्य जिले के शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी, थाना प्रभारी केंट श्री रोहित डोंगरे और प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी एवं बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल प्राइवेसी, मजबूत पासवर्ड का उपयोग, साइबर बुलिंग और सुरक्षित इंटरनेट व्यवहार सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आने की विशेष सलाह दी। इसके अतिरिक्त, किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी द्वारा सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और सीखने की उत्सुकता कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रही। विद्यालय के प्राचार्य और समस्त शिक्षकों ने इस जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए इसे डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संकल्प लिया। सागर पुलिस का स्पष्ट उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक साइबर अपराधियों की चालों को समझे, सतर्क रहे और एक सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। इस अवसर पर निरीक्षक रोहित डोंगरे, उप निरीक्षक आरकेएस चौहान, उपनिरीक्षक संजय बामनिया, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, आरक्षक भानु प्रताप और आरक्षक आनंद सहित टीचिंग स्टाफ से जुड़ रॉबर्ट्स, राजू सिल्वरस्टार, निखिल चौधरी, संदीप मसीह, अजय अल्बर्ट, अर्चना शर्मा, जॉली जॉय, परविंदर कौर, सुरभि तिवारी तथा स्कूल के अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहे।4
- विनय सुनवाहा टीकमगढ़ ने एक ऐसे फैसले का उल्लेख किया है, जिसने यह स्थापित कर दिया है कि सत्य को भले ही परेशान किया जा सकता है, लेकिन उसे कभी पराजित नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, जीत हमेशा अंततः सत्य की ही होती है।1
- मध्य प्रदेश के मालवा में 14 गौरक्षकों को उम्रकैद की सज़ा सुनाए जाने के बाद पूरे देश के हिंदू संगठनों में भारी उबाल है और इस आदेश का हर जगह खुला विरोध हो रहा है। इसी क्रम में, हिंदूवादी संगठन ज्ञापन के माध्यम से अपना विरोध जता रहे हैं। इसी कड़ी में, ललितपुर में राष्ट्रीय बजरंग दल ने 14 गौरक्षकों को हुई उम्रकैद के ख़िलाफ़ माननीय जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय बजरंग दल ने इस फ़ैसले का कड़ा विरोध करते हुए उन 14 गौरक्षकों की रिहाई की मांग की है। यह ज्ञापन गौरक्षकों के सम्मान में जिलाधिकारी महोदय को दिया गया।2