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Subhash Chand
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Brijveer Jadoun Mathura India news 28 reporter1
- Post by Subhash Chand1
- सब जग होरी जा जग होरा यह कहावत मथुरा वृंदावन में चल रही होली को लेकर सटीक बैठती है क्योंकि बसंत पंचमी से शुरू होकर चलने वाली होली ब्रज में 40 दिन तक खेली जाती है इन होली और और हुरंगा को देखने के लिए देश के कोने-कोने से लोग यहां आते हैं और होली और हुरंगा का आनंद लेते हैं2
- Post by RPR NEWS TV1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- ब्लैक थार का कहर बच्चों की जान आई आफत में पुलिस प्रशासन गायब थार का नंबर UP 85 CM 3496 रहीस बाप की बिगड़ी औलाद1
- Post by ATV INDIA HD (Ajeet chauhan)1
- Post by Subhash Chand1
- श्री रंगनाथ मंदिर के दस दिवसीय ब्रहमोत्सव में कांच के विमान पर सवार होकर जब ठाकुर गोदा रंगमन्नार भगवान भक्तो के साथ होली खेलने निकले तो वातावरण में अबीर गुलाल की बदरी छा गई। होली की मस्ती में सराबोर होकर भक्तो ने भी अपने आराध्य के साथ जमकर होली खेली। श्वेत पोशाक धारण कर खेली भगवान ने होली ब्रज के विशालतम श्री रंगनाथ मंदिर के ब्रह्मोत्सव के छठवें दिन भगवान गोदा रंगमन्नर कांच के विमान पर विराजित होकर भक्तो के साथ होली खेलने निकले। धवल श्वेत वस्त्र धारण किए ठाकुर गोदा रंगमन्नार भगवान को वेदमंत्रों के साथ अर्चन कर प्राकृतिक अबीर गुलाल निवेदित किए गए। उसके बाद मंदिर के जगमोहन में चांदी की पिचकारी से भक्तो पर टेसू के फूलों से बने रंगों की बौछार की गई तो मंदिर परिसर रंगनाथ भगवान की जय जयकार से अनुगुंजित हो गया। भगवान रंगनाथ जी कांच के विमान में सवार होकर मंदिर के सिंह द्वार पर पहुंचे तो भक्तों में गजब का उल्लास छा गया। जहां विमान से पुजारियों ने पिचकारी से रंग बरसाया वहीं अबीर गुलाल की बदरी के बीच गोविंद घेरा के क्षत्रिय समाज की महिलाओं ने भक्तो पर प्रेम पगी लाठियां बरसानी शुरू कर दी। ब्रज के पारंपरिक वस्त्रों में सजी महिलाओं की लाठियों से निकले प्रेम रस में भक्त सराबोर हो गए। भक्तों में दिखा उल्लास भगवान भास्कर की तपिश भी रस रंग में डूबे भक्तो के उल्लास को कम नहीं कर सका। जैसे जैसे सवारी बड़े बगीचे की तरफ बढ़ रही थी। रंगों की खुमारी भी अपने चरम पर पहुंच रही थी। लगभग 3 घंटे के बाद जब सवारी मंदिर परिसर वापस पहुंची तो मंदिर प्रबंधन द्वारा हुरंगा खेलने आई महिलाओं को ठाकुर जी का प्रसादी फगुआ भेंट किया गया। ब्रज में होली का हुआ समापन बसंत पंचमी से शुरू हुआ होली उत्सव भगवान रंगनाथ के होली खेलने के साथ इस वर्ष के लिए विश्राम हो गया। भगवान रंगनाथ माता गोदा जी के साथ भक्तों पर रंग बरसा रहे थे तो भक्त होली के भजनों पर जमकर झूम रहे थे। भगवान की सवारी ने नगर भ्रमण किया तो हर तरह उत्साह,उल्लास और उमंग छा गया।3