मथुरा जनपद के कोसीकलां में नगर पालिका प्रशासन ने ऐतिहासिक गुरूषगंज बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ सोमवार को बड़ा अभियान चलाया। उप जिलाधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में बुलडोजर की मदद से सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण को हटाया गया। इस कार्रवाई के दौरान कई स्थानों से सामान भी जब्त किया गया, जिससे अतिक्रमणकारियों और दुकानदारों में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान लेखाधिकारी योगेंद्र शर्मा, इंस्पेक्टर कमलेश सिंह, नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों को अभियान के दौरान अपेक्षा से कहीं अधिक अतिक्रमण मिला, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि संबंधित दुकानदारों और लोगों को पहले ही नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का पूरा मौका दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कब्जे नहीं हटाए गए। इसी लापरवाही के कारण प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। उप जिलाधिकारी मनोज कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि कोसी के बाजार को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मंगलवार को भी गुरूषगंज क्षेत्र में यह अभियान जारी रहेगा, जिसमें निर्धारित सीमा से अधिक भूमि या सड़क पर कब्जा करने वालों की पैमाइश कराई जाएगी। यदि लोगों ने स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया, तो उनके खिलाफ जुर्माना, सामान जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका का मुख्य उद्देश्य गुरूषगंज बाजार को सुव्यवस्थित और यातायात के अनुकूल बनाना है।
मथुरा जनपद के कोसीकलां में नगर पालिका प्रशासन ने ऐतिहासिक गुरूषगंज बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ सोमवार को बड़ा अभियान चलाया। उप जिलाधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में बुलडोजर की मदद से सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण को हटाया गया। इस कार्रवाई के दौरान कई स्थानों से सामान भी जब्त किया गया, जिससे अतिक्रमणकारियों और दुकानदारों में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान लेखाधिकारी योगेंद्र शर्मा, इंस्पेक्टर कमलेश सिंह, नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों को अभियान के दौरान अपेक्षा से कहीं अधिक अतिक्रमण मिला, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि संबंधित दुकानदारों और लोगों को पहले ही नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का पूरा मौका दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कब्जे नहीं हटाए गए। इसी लापरवाही के कारण प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। उप जिलाधिकारी मनोज कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि कोसी के बाजार को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मंगलवार को भी गुरूषगंज क्षेत्र में यह अभियान जारी रहेगा, जिसमें निर्धारित सीमा से अधिक भूमि या सड़क पर कब्जा करने वालों की पैमाइश कराई जाएगी। यदि लोगों ने स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया, तो उनके खिलाफ जुर्माना, सामान जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका का मुख्य उद्देश्य गुरूषगंज बाजार को सुव्यवस्थित और यातायात के अनुकूल बनाना है।
- मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर की गोलक से चोरी होने की घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है। व्यापारियों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच, चोरी की इस वारदात को अंजाम देने वाला चोर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के अंतर्गत राया के बिसाबली में बुलडोजर एक्शन लिया गया है। इस कार्रवाई के तहत वहां स्थित सरकारी भूमि को कब्जामुक्त करा लिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में राधा वैली के पास 25 लाख रुपये की लूट से हड़कंप मच गया है। इस वारदात के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा और उपद्रव होने की खबर सामने आई है। प्रदर्शनकारियों द्वारा जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश के बाद पुलिस और उनके बीच तीखा टकराव हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किए जाने के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर RPR NEWS TV और 'ब्रज की आवाज' समाचार पत्र द्वारा एक विशेष चर्चा आयोजित की गई है। इस परिचर्चा में पत्रकार चंद्रमोहन दीक्षित और हिंदू जागरण मंच के प्रांत सदस्य सुरेंद्र कौशिक शामिल हैं। चर्चा के दौरान इस बात पर मुख्य रूप से बहस छिड़ी है कि क्या प्रदर्शनकारियों ने अपनी निर्धारित सीमा और बैरिकेड्स का उल्लंघन किया था, जिसके कारण पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी, या फिर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर प्रशासन द्वारा अनावश्यक बल प्रयोग किया गया। इस घटनाक्रम ने लोकतंत्र में प्रदर्शन की सीमा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी के बीच संतुलन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस बात पर चर्चा तेज है कि क्या जंतर-मंतर पर पुलिस की यह कार्रवाई जरूरी थी या फिर यह प्रदर्शनकारियों पर ज्यादती का मामला है।1
- मथुरा जनपद के कोसीकलां में नगर पालिका प्रशासन ने ऐतिहासिक गुरूषगंज बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ सोमवार को बड़ा अभियान चलाया। उप जिलाधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में बुलडोजर की मदद से सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण को हटाया गया। इस कार्रवाई के दौरान कई स्थानों से सामान भी जब्त किया गया, जिससे अतिक्रमणकारियों और दुकानदारों में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान लेखाधिकारी योगेंद्र शर्मा, इंस्पेक्टर कमलेश सिंह, नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों को अभियान के दौरान अपेक्षा से कहीं अधिक अतिक्रमण मिला, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि संबंधित दुकानदारों और लोगों को पहले ही नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का पूरा मौका दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कब्जे नहीं हटाए गए। इसी लापरवाही के कारण प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। उप जिलाधिकारी मनोज कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि कोसी के बाजार को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मंगलवार को भी गुरूषगंज क्षेत्र में यह अभियान जारी रहेगा, जिसमें निर्धारित सीमा से अधिक भूमि या सड़क पर कब्जा करने वालों की पैमाइश कराई जाएगी। यदि लोगों ने स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया, तो उनके खिलाफ जुर्माना, सामान जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका का मुख्य उद्देश्य गुरूषगंज बाजार को सुव्यवस्थित और यातायात के अनुकूल बनाना है।1
- मथुरा के शहर कोतवाली इलाके के जीआईसी चौराहे पर मजदूरी के काम को लेकर दो मजदूरों के बीच बीच सड़क पर जमकर मारपीट हो गई। दरअसल, वहां लेबर लेने के लिए एक व्यक्ति आया था और दोनों ही मजदूर उसके साथ काम पर जाने के लिए तैयार हो गए थे। लेकिन उस व्यक्ति को सिर्फ एक ही मजदूर की जरूरत थी, और इसी बात को लेकर दोनों मजदूरों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों के बीच सड़क पर ही मारपीट होने लगी, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।1