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पाकुड़ ज़िले के महेशपुर प्रखंड में दीघा डूमर घाटी सड़क की हालत बेहद खराब है। इस बदहाल सड़क के कारण स्थानीय लोगों को राशन लाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
NAAM TO SUNA HOGA
पाकुड़ ज़िले के महेशपुर प्रखंड में दीघा डूमर घाटी सड़क की हालत बेहद खराब है। इस बदहाल सड़क के कारण स्थानीय लोगों को राशन लाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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- पाकुड़ के महेशपुर में आगामी मोहर्रम पर्व को शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में बुधवार को महेशपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोहर्रम जुलूस निकालने वाले विभिन्न संवेदनशील और मुख्य ग्रामीण इलाकों में पुलिस प्रशासन द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया। थाना प्रभारी रवि शर्मा के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल और दंगा रोधी उपकरणों से लैस जवानों ने सड़क पर उतरकर अपनी मुस्तैदी का अहसास कराया। यह फ्लैग मार्च बलिया डंगाल, रोला ग्राम, छक्कू धारा, हाथी मारा और हरीशपुर जैसे प्रमुख गांवों में निकाला गया। फ्लैग मार्च के दौरान थाना प्रभारी रवि शर्मा ने स्वयं दल-बल के साथ मोहर्रम जुलूस के निर्धारित मार्गों का बारीकी से भौतिक सत्यापन किया, जिसमें सड़कों की स्थिति, संवेदनशील मोड़ और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया, ताकि जुलूस के दौरान कोई अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। फ्लैग मार्च में महेशपुर थाने के कई पुलिस अधिकारी, सशस्त्र बल के जवान और दंगा रोधी दस्ता मुख्य रूप से शामिल थे। ग्रामीणों से बातचीत करते हुए महेशपुर थाना प्रभारी रवि शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि पुलिस प्रशासन क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वाले, शांति भंग करने की कोशिश करने वाले या असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और हुड़दंगियों तथा उपद्रवियों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। प्रशासन ने विभिन्न अखाड़ा कमेटियों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद कर मोहर्रम के जुलूस को निर्धारित रूट और नियमों के तहत ही निकालने के निर्देश दिए, साथ ही सभी से आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। इस फ्लैग मार्च से स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना पैदा हुई है, वहीं कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों को कड़ा संदेश मिला है।4
- भारत के इतिहास में एक ऐसा 'दिल दहला देने वाला ऐतिहासिक काला दिन' दर्ज है, जिसे अत्यंत दुखद और भयावह बताया गया है। इस घटना को लेकर यह भी आरोप लगाया गया है कि इससे जुड़े तथ्यों को मिटाने या भुलाने के गंभीर प्रयास किए गए हैं।1
- झारखंड के गोड्डा जिले के महागामा में एक परिवार पर गहरा दुख आया है, जहाँ उनके 'घर का चिराग' बुझ गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद, आवश्यक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इसके बावजूद, पीड़ित परिवार को अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि से किसी प्रकार की राहत या सहायता का कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल पाया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।1
- दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की एक सड़क की जर्जर हालत को दिखाया गया है। यह वीडियो स्थानीय सड़क की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डालता है।1
- दुमका जिले के धोबना हरिण बहाल पंचायत के पहाड़पुर गाँव में सरकार ने तीन जलमीनार तो लगा दिए हैं, पर उनमें पानी कब आएगा, इसका किसी को नहीं पता। इसके बावजूद, ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए अब भी चापानल पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ये जलमीनार सिर्फ दिखावे के लिए खड़े हैं, जिससे वे पीने के पानी के लिए बेबस महसूस कर रहे हैं।1
- झारखंड के साहिबगंज जिले में स्थित मदन साही रोड, जो एक राष्ट्रीय राजमार्ग भी है, इन दिनों बारिश के मौसम से गुजर रहा है। यह सड़क साहिबगंज क्षेत्र को जोड़ती है और वर्तमान में मौसम के इस बदलाव का अनुभव कर रही है।1
- मुंबई लोकल ट्रेन में एक भयावह वारदात सामने आई है, जहाँ बारिश के दौरान ट्रेन का गेट खुला रखने को लेकर हुए विवाद ने एक यात्री की जान ले ली। यह घटना इतनी भयानक थी कि इसे देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। दो यात्रियों, रोशन सुवर्णा और मयंक लोहार के बीच शुरू हुई यह कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, और फिर रोशन सुवर्णा नामक व्यक्ति ने मयंक लोहार पर चाकू से हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले में मयंक लोहार की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी रोशन सुवर्णा को गिरफ्तार कर लिया है।1
- भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सवाल उठाए गए हैं। दावा किया गया है कि इस घटना से संबंधित एक वीडियो देखने के बाद सारी गलतफहमी पूरी तरह से दूर हो जाएगी। इस पूरे प्रकरण में मुख्य प्रश्न यह है कि वास्तविक दोषी कौन है – पुलिस या भरत।1