जिला अस्पताल में ‘पर्चियों का खेल’: सीएमओ-सीएमएस की निगरानी पर भी सवाल बांदा। औचक निरीक्षण में छह पर्चियां बाहर से दवा खरीदने की मिलीं और सीएमओ ने ‘पर्चियों का खेल’ होने की बात स्वीकारते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया। लेकिन असली सवाल यहीं से शुरू होता है—जब खेल अस्पताल के भीतर चल रहा था, तो सीएमओ और सीएमएस की निगरानी आखिर किस काम की थी?क्या सीएमओ-सीएमएस को यह पता नहीं था कि मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं? अगर पता था तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और अगर पता नहीं था तो फिर नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था किसलिए है? क्या अस्पताल में दवा के स्टॉक और डॉक्टरों की पर्चियों का कभी मिलान किया गया?मरीजों से बाहर की दवा और रुपये लिए जाने की शिकायतें पहले भी पहुंचीं तो उनका क्या हुआ?क्या शिकायतों की जांच हुई या उन्हें भी सरकारी फाइलों की तरह धूल खाने के लिए छोड़ दिया गया?सबसे चुभता सवाल यह है कि मंत्री के पांच बजे अचानक पहुंचते ही छह पर्चियां मिल गईं, लेकिन सीएमओ-सीएमएस की नियमित निगाहों के सामने यह खेल क्यों नहीं दिखा? क्या निरीक्षण सिर्फ मंत्री के आने पर ही सक्रिय होता है?और यदि यह केवल कुछ कर्मचारियों की मनमानी थी, तो उनकी जवाबदेही तय करने में अब तक देरी क्यों हुई? यदि व्यवस्था की कमी थी, तो उस व्यवस्था के संरक्षक अधिकारियों की जिम्मेदारी क्यों नहीं तय होनी चाहिए?पर्ची लिखने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई आसान है, लेकिन उस कुर्सी की जवाबदेही तय करना जरूरी है जिस पर पूरे अस्पताल की निगरानी का दायित्व है।अब जनता जानना चाहती है—सीएमओ और सीएमएस सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन देंगे या अपनी निगरानी की विफलता का भी जवाब देंगे?
जिला अस्पताल में ‘पर्चियों का खेल’: सीएमओ-सीएमएस की निगरानी पर भी सवाल बांदा। औचक निरीक्षण में छह पर्चियां बाहर से दवा खरीदने की मिलीं और सीएमओ ने ‘पर्चियों का खेल’ होने की बात स्वीकारते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया। लेकिन असली सवाल यहीं से शुरू होता है—जब खेल अस्पताल के भीतर चल रहा था, तो सीएमओ और सीएमएस की निगरानी आखिर किस काम की थी?क्या सीएमओ-सीएमएस को यह पता नहीं था कि मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं? अगर पता था तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और अगर पता नहीं था तो फिर नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था किसलिए है? क्या अस्पताल में दवा के स्टॉक और डॉक्टरों की पर्चियों का कभी मिलान किया गया?मरीजों से बाहर की दवा और रुपये लिए जाने की शिकायतें पहले भी पहुंचीं तो उनका क्या हुआ?क्या शिकायतों की जांच हुई या उन्हें भी सरकारी फाइलों की तरह धूल खाने के लिए छोड़ दिया गया?सबसे चुभता सवाल यह है कि मंत्री के पांच बजे अचानक पहुंचते ही छह पर्चियां मिल गईं, लेकिन सीएमओ-सीएमएस की नियमित निगाहों के सामने यह खेल क्यों नहीं दिखा? क्या निरीक्षण सिर्फ मंत्री के आने पर ही सक्रिय होता है?और यदि यह केवल कुछ कर्मचारियों की मनमानी थी, तो उनकी जवाबदेही तय करने में अब तक देरी क्यों हुई? यदि व्यवस्था की कमी थी, तो उस व्यवस्था के संरक्षक अधिकारियों की जिम्मेदारी क्यों नहीं तय होनी चाहिए?पर्ची लिखने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई आसान है, लेकिन उस कुर्सी की जवाबदेही तय करना जरूरी है जिस पर पूरे अस्पताल की निगरानी का दायित्व है।अब जनता जानना चाहती है—सीएमओ और सीएमएस सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन देंगे या अपनी निगरानी की विफलता का भी जवाब देंगे?
- सपा विधायक ने बंद प्राथमिक विद्यालय विद्यालय के बाहर मनाया शिक्षक दिवस बबेरु/बाँदा-बबेरु विधानसभा के सपा विधायक विशम्भर सिंह यादव ने बबेरु ब्लाक के समसुद्दीनपुर गांव के कंचन डेरा के बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय के बाहर सभी ग्रामवासियों की मौजूदगी में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म जयंती शिक्षक दिवस कार्यक्रम मनाने का काम किया साथ ही ग्रामीणों की समस्यायों को भी सुना श्री विधायक ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव व प्रदेश अध्यक्ष श्री श्यामलाल पाल के निर्देश पर प्रदेश के बंद 26000 सरकारी स्कूलों के पास शिक्षक दिवस का आयोजन किया जाना था उसी क्रम में मैं अपने विधानसभा के कंचन डेरा सरकारी स्कूल के बाहर सैकड़ो ग्रामीणों के साथ शिक्षक दिवस मनाने का काम किया साथ ही ये भी कहा कि हम सब के नेता श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सपा की सरकार बनने पर सभी बंद हुए 26000 प्राथमिक व जूनियर सरकारी स्कूलों को पुनः चालू किया जाएगा साथ ही जहाँ आवश्यकता होगी नए स्कूल भी खोलेंगे।इस दौरान प्रधान अनुज यादव पुत्तन सिंह बिमल यादव अखिलेश पाल अभिषेक बर्मा पुष्पराज यादव अमन बर्मा चंद्रिका यादव रामचंद्र यादव अजय पाल अतिबल उमेश राहुल रामबीर रामबरन निषाद बासुदेव यादव पप्पू निषाद संतोष सुग्रीव सीताशरण लखनलाल राजेन्द्र माताप्रसाद राजकुमार सुरेश रामदयाल राजा निषाद चुन्नू सिंह रामऔतार सहित सैकड़ों ग्रामवासी मौजूद रहे1
- दिल्ली में महिला पत्रकार से कथित मारपीट के विरोध में हमीरपुर में आक्रोश ➡️ ऑल यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन ➡️ डीएम के माध्यम से सौंपा गया ज्ञापन ➡️ महिला पत्रकारों से कथित मारपीट की निष्पक्ष जांच की मांग ➡️ दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग ➡️ पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू करने की भी मांग ➡️ पत्रकारों ने घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताया1
- बांदा चित्रकूट सांसद पूर्व मंत्री के द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा1
- बड़ी माता के दरबार से चित्रकूट धाम तक आस्था की पदयात्रा जयकारों से गूंजा पनवाड़ी, पदयात्रा निकला श्रद्धालुओं का जत्था बड़ी माता के दरबार से चित्रकूट धाम तक आस्था की पदयात्रा जयकारों से गूंजा पनवाड़ी, पदयात्रा निकला श्रद्धालुओं का जत्था1
- मंदिर के बाहर खड़ी अपाचे बाइक चोरी दो घंटे बाद बाहर निकला युवक तो बाइक गायब मिली हमीरपुर। बिवांर थाना क्षेत्र के बांधुर खुर्द गांव निवासी शिवम पुत्र प्रेमपाल की अपाचे बाइक अज्ञात चोर मंदिर के बाहर से चोरी कर ले गए। पीड़ित ने थाना बिवांर में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। शिवम ने पुलिस को बताया कि गांव में सड़क किनारे भोले शंकर के मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। वह अपनी काले रंग की अपाचे बाइक (यूपी 91 वी 4883) मंदिर के बाहर खड़ी कर अंदर चला गया। करीब दो घंटे बाद शाम छह बजे जब वह बाहर आया तो बाइक वहां से गायब थी। आसपास तलाश करने और जानकारी करने के बावजूद बाइक का कोई सुराग नहीं लग सका। पीड़ित ने अज्ञात चोर के खिलाफ बाइक चोरी की तहरीर थाना बिवांर में दी है। थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है। बाइक और अज्ञात चोर की तलाश कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- मुसीवां गौशाला में गौरक्षा पदाधिकारियों और प्रधान ने किया गौपूजन4
- शिक्षक दिवस पर एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में हुआ सम्मान समारोह 27 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित शिक्षक दिवस पर 27 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित ➡️ एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में हुआ सम्मान समारोह ➡️ विधायक मनोज प्रजापति और डीएम अभिषेक गोयल ने किया शुभारंभ ➡️ 27 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और शाल भेंटकर किया सम्मानित ➡️ शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला सम्मान ➡️ विधायक और डीएम ने शिक्षकों के कार्यों की सराहना की1
- गुजरात पुलिस हत्या के आरोपी फैजल को क्राइम सीन क्रिएट कराने ले गई है - #गुजरात पुलिस हत्या के आरोपी फैजल को क्राइम सीन क्रिएट कराने ले गई है - इस दौरान पुलिस ने बर्बरता से आरोपी को डंडो से पीटा है..कई अलग अलग स्थानों के वीडियो वायरल हैं..! मैं सिर्फ ये जानना चाहता हूं कि क्या अब न्यायालय अथवा जेलों की आवश्यकता नहीं बची...? ऐसे तमाम वीडियो वायरल है..मैं हैरान हूं मानवाधिकार आरोप न जाने कहां सो रहा है..! एक प्रश्न और क्या ऐसी सजा देने से अपराध पर नियंत्रण लगेगा..?1
- बीजेपी का झंडा लगाए युवक ने कार से इंजिनियर को रौंदा"... बीजेपी का झंडा लगाए युवक ने कार से इंजिनियर को रौंदा" मथुरा : कार सवार ने एक आदमी को रौंदा 👉मामूली बहस के बाद कार चालक ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में तैनात इंजीनियर विक्रांत भारती पर कार चढ़ा दी1