किशनगढ़ बास क्षेत्र में एक मामले को लेकर पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर स्थानीय समाज और सर्वसमाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना को 48 घंटे बीत जाने के बावजूद, पुलिस अभी तक कोई गिरफ्तारी (ZERO Arrest) नहीं कर पाई है, जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। पुलिस प्रशासन के इस ढीले रवैये से नाराज समाज के प्रबुद्ध लोगों और युवाओं ने एकजुट होकर किशनगढ़ बास थानाधिकारी (SHO) को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि आज शाम तक आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो कल सुबह बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होकर किशनगढ़ बास थाने का घेराव करेंगे। एक स्थानीय समाज प्रतिनिधि ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा, "प्रशासन हमारी शांतिप्रियता को हमारी कमजोरी न समझे। 48 घंटे का समय बहुत होता है, लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। अगर आज शाम तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कल होने वाले प्रदर्शन और थाने के घेराव की पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।" अब देखना यह होगा कि समाज के इस कड़े अल्टीमेटम के बाद किशनगढ़ बास पुलिस हरकत में आती है या फिर कल थाने पर जनता का भारी सैलाब देखने को मिलेगा।
किशनगढ़ बास क्षेत्र में एक मामले को लेकर पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर स्थानीय समाज और सर्वसमाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना को 48 घंटे बीत जाने के बावजूद, पुलिस अभी तक कोई गिरफ्तारी (ZERO Arrest) नहीं कर पाई है, जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। पुलिस प्रशासन के इस ढीले रवैये से नाराज समाज के प्रबुद्ध लोगों और युवाओं ने एकजुट होकर किशनगढ़ बास थानाधिकारी (SHO) को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि आज शाम तक आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो कल सुबह बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होकर किशनगढ़ बास थाने का घेराव करेंगे। एक स्थानीय समाज प्रतिनिधि ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा, "प्रशासन हमारी शांतिप्रियता को हमारी कमजोरी न समझे। 48 घंटे का समय बहुत होता है, लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। अगर आज शाम तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कल होने वाले प्रदर्शन और थाने के घेराव की पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।" अब देखना यह होगा कि समाज के इस कड़े अल्टीमेटम के बाद किशनगढ़ बास पुलिस हरकत में आती है या फिर कल थाने पर जनता का भारी सैलाब देखने को मिलेगा।
- अलवर के एमआईए क्षेत्र स्थित धनखेड़ा गांव में एक विवाद सामने आया है, जिसके बारे में स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इसका मुख्य कारण पानी की टंकी से जुड़ा मामला है। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर इस दावे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है, और लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। 'वॉइस ऑफ लेबर' की टीम इस मामले की जमीनी हकीकत सामने लाने का प्रयास कर रही है। यह जानकारी स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दी गई है और बताया गया है कि आधिकारिक जांच व प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर तथ्य अलग भी हो सकते हैं।1
- रेवाड़ी के दक्ष प्रजापति क्षेत्र में, जैन शाबा के पास स्थित गली नंबर 3 में स्थानीय लोग जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। यहां गंदे पानी का चैंबर ओवरफ्लो होने के कारण सड़क पर पानी भर गया है, जिससे खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने नेताओं पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए बताया कि चुनाव के समय जब वे वोट मांगने आए थे, तब वे खुद भी अपनी पैंट या पाजामा ऊपर मोड़कर इसी गंदे पानी से होकर निकले थे। हालांकि, चुनाव के बाद वे कभी लौटकर नहीं आए। अब स्कूली बच्चों को भी अपनी यूनिफॉर्म ऊपर मोड़कर इस गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। निवासियों ने गुहार लगाई है कि कोई नेता या संबंधित अधिकारी इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करवाएं।1
- अलवर जिले के मालाखेड़ा स्थित बड़ेर गांव के एक ग्रामीण ने मालाखेड़ा थाने के एएसआई जाकिर हुसैन पर एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सूचना दिए जाने के बावजूद आरोपी को थाने नहीं लाया गया। ग्रामीण ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया कि "सिर्फ शराब पीने वालों को थाने में बंद नहीं कर सकते, वे कुछ भी कर सकते हैं।" इस पूरे मामले को लेकर बड़ेर गांव के ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।1
- मेवात, हरियाणा, भारत से जारी एक संदेश में सभी देशवासियों को बधाई दी गई है। इस संदेश के माध्यम से यह बात दोहराई गई है कि हम सभी एक ही देश के निवासी हैं और हमें एक-दूसरे से दूर नहीं रहना चाहिए, क्योंकि दूर रहना अजीब होगा।1
- बानसूर तहसील के ईसराकाबास विद्युत फीडर पर बन रहे सोलर प्लांट को लेकर क्षेत्र के किसान लामबंद हो गए हैं। किसान नेता राकेश दायमा के नेतृत्व में ईसराकाबास, बबेड़ी, मोयोढी और मांची गांव के किसानों ने सामूहिक मेजरनामा तैयार कर राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। किसानों की मुख्य मांग है कि फीडर पर सोलर प्लांट का काम तत्काल बंद किया जाए और उसकी कनेक्टिविटी फीडर से हटाई जाए। राकेश दायमा ने बताया कि ग्राम मांची में उद्योगपतियों द्वारा ईसराकाबास फीडर पर सोलर प्लांट लगाया जा रहा है, लेकिन इसे स्थापित करते समय न तो किसानों से कोई सहमति ली गई और न ही उन किसानों को मुआवजा दिया गया जिनकी जमीनें लाइन खींचने से खराब हुई हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस सोलर प्लांट के कारण फीडर को दिन में बिजली मिलेगी, जबकि बानसूर क्षेत्र के किसान मुख्य रूप से गाजर की खेती करते हैं। गाजर की फसल के लिए रात में पानी देना फायदेमंद होता है, क्योंकि दिन में तेज हवा के कारण फव्वारे से सिंचाई नहीं हो पाती और वोल्टेज भी कम रहता है। किसानों के अनुसार, दिन में सिंचाई करने से फसल खराब होने और मोटर-पाइपलाइन के जलने का खतरा बना रहता है। किसान नेता ने यह भी बताया कि दिन में बिजली मिलने से शाम और सुबह फसल पर जमी ओस के समय लोड बदलना भी संभव नहीं होगा, जिससे सिंचाई का पूरा सिस्टम बिगड़ जाएगा। राकेश दायमा ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस ज्ञापन की प्रतियां जिला कलेक्टर कोटपूतली-बहरोड़, उपखंड अधिकारी बानसूर और तहसीलदार बानसूर को भी भेजी गई हैं।1
- अलवर के धनखेड़ा गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस घटना को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर यह पूरा मामला क्या है। 'Voice of Labour' इस महत्वपूर्ण स्थानीय घटना पर अपनी ग्राउंड रिपोर्ट के साथ आगे की जानकारी साझा करने के लिए पाठकों को जुड़े रहने का आग्रह कर रहा है, क्योंकि यह मामला मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में जनशक्ति के प्रदर्शन का संकेत दे रहा है।1
- एडीसी ज्योति ने जिले में पानी निकासी और अतिक्रमण जैसी समस्याओं के समाधान के लिए चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने एमएसएसएस-2, अडबर चौक, एमडीए कार्यालय और बडक़ली चौक का जायजा लिया, जहाँ जल निकासी और अतिक्रमण हटाने की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। एडीसी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बारिश से पहले जलभराव को रोकने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करें।1
- अलवर जिले के भिवाड़ी स्थित कहरानी लाल कोठी पर पानी के जमाव के कारण सड़क लगातार खराब हो रही है। इस समस्या के चलते आम लोगों को सड़क पर चलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।2
- नूंह-जोगीपुर रोड पर गंदे पानी की निकासी के लिए बने एक नाले में मौजूद बड़े गड्ढों में से एक में एक बाइक सवार गिर गया। इस हादसे में बाइक क्षतिग्रस्त हो गई और चालक को हल्की चोटें आईं। यह घटना हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक चौधरी जाकिर हुसैन के मकान के ठीक सामने हुई। नूंह निवासी मोहब्बत खान ने बताया कि नाले में दो बड़े गड्ढे हैं, और इन्हीं में से एक में यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इन नालों को पाटने और उचित सुरक्षा व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।1