सोशल मीडिया पर कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े को लगातार फॉलो करने वाला एक युवक उत्तर प्रदेश के चंदौली से उनसे मिलने और फोटो खिंचवाने के लिए विशेष रूप से दतिया पहुंचा। हालांकि, कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह अचेत होकर गिर पड़ा। युवक लगभग 600 किलोमीटर दूर से दतिया आया था। जिस समय यह घटना हुई, कलेक्ट्रेट में टीएल बैठक चल रही थी। युवक की हालत बिगड़ते ही कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने तत्काल स्वास्थ्य टीम और प्रशासनिक अमले को सक्रिय करने के निर्देश दिए। बिना समय गंवाए, युवक को तुरंत जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया गया, जहां उसकी ईसीजी सहित सभी आवश्यक जांचें और उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, युवक को हल्की टैकीप्निया और हृदय संबंधी परेशानी थी, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उसकी हालत स्थिर हो गई और एक संभावित बड़ा खतरा टल गया। बाद में यह जानकारी सामने आई कि युवक राजकुमार बच्छी, निवासी चंदौली, उत्तर प्रदेश है, जो सिर्फ कलेक्टर श्री वानखड़े से मिलने और उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा लेकर दतिया आया था। खास बात यह थी कि जब युवक की तबीयत बिगड़ी, तब तक प्रशासन को उसकी पहचान या आने का उद्देश्य नहीं पता था, लेकिन प्रशासन ने इंसानियत को प्राथमिकता देते हुए उसकी जान बचाने के लिए तुरंत कदम उठाए। समय पर मिली सहायता और प्रशासन की तत्परता के चलते युवक अब सुरक्षित और स्वस्थ बताया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े को लगातार फॉलो करने वाला एक युवक उत्तर प्रदेश के चंदौली से उनसे मिलने और फोटो खिंचवाने के लिए विशेष रूप से दतिया पहुंचा। हालांकि, कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह अचेत होकर गिर पड़ा। युवक लगभग 600 किलोमीटर दूर से दतिया आया था। जिस समय यह घटना हुई, कलेक्ट्रेट में टीएल बैठक चल रही थी। युवक की हालत बिगड़ते ही कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने तत्काल स्वास्थ्य टीम और प्रशासनिक अमले को सक्रिय करने के निर्देश दिए। बिना समय गंवाए, युवक को तुरंत जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया गया, जहां उसकी ईसीजी सहित सभी आवश्यक जांचें और उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, युवक को हल्की टैकीप्निया और हृदय संबंधी परेशानी थी, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उसकी हालत स्थिर हो गई और एक संभावित बड़ा खतरा टल गया। बाद में यह जानकारी सामने आई कि युवक राजकुमार बच्छी, निवासी चंदौली, उत्तर प्रदेश है, जो सिर्फ कलेक्टर श्री वानखड़े से मिलने और उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा लेकर दतिया आया था। खास बात यह थी कि जब युवक की तबीयत बिगड़ी, तब तक प्रशासन को उसकी पहचान या आने का उद्देश्य नहीं पता था, लेकिन प्रशासन ने इंसानियत को प्राथमिकता देते हुए उसकी जान बचाने के लिए तुरंत कदम उठाए। समय पर मिली सहायता और प्रशासन की तत्परता के चलते युवक अब सुरक्षित और स्वस्थ बताया जा रहा है।
- दतिया जिला मुख्यालय स्थित राजगढ़ चौराहे पर एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन ने एक जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के दुकानदार, व्यापारी वर्ग और बड़ी संख्या में आमजन शामिल हुए, जहाँ नागरिकों से क्षेत्र की समस्याओं और यातायात व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जनसंवाद के दौरान, स्थानीय लोगों ने मुख्य रूप से यातायात अव्यवस्था और एक नाली के कारण लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया। नागरिकों ने बताया कि चौराहे पर उचित व्यवस्था के अभाव में आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। एसडीओपी आकांक्षा जैन ने इस अवसर पर क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों, गुंडागर्दी करने वाले व्यक्तियों, तेज रफ्तार वाहन चालकों, अवैध हूटर बजाने वालों और स्टंटबाजी करने वाले युवकों के संबंध में भी आमजन से जानकारी प्राप्त की। एसडीओपी आकांक्षा जैन ने लोगों से ऐसे तत्वों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, एसडीओपी द्वारा मौके पर तत्काल स्टॉपर लगवाकर प्रारंभिक कार्रवाई की गई। साथ ही, उन्होंने सीएमओ और ट्रैफिक विभाग के समन्वय से स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया, जिससे भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।1
- सोशल मीडिया पर कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े को लगातार फॉलो करने वाला एक युवक उत्तर प्रदेश के चंदौली से उनसे मिलने और फोटो खिंचवाने के लिए विशेष रूप से दतिया पहुंचा। हालांकि, कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह अचेत होकर गिर पड़ा। युवक लगभग 600 किलोमीटर दूर से दतिया आया था। जिस समय यह घटना हुई, कलेक्ट्रेट में टीएल बैठक चल रही थी। युवक की हालत बिगड़ते ही कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने तत्काल स्वास्थ्य टीम और प्रशासनिक अमले को सक्रिय करने के निर्देश दिए। बिना समय गंवाए, युवक को तुरंत जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया गया, जहां उसकी ईसीजी सहित सभी आवश्यक जांचें और उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, युवक को हल्की टैकीप्निया और हृदय संबंधी परेशानी थी, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उसकी हालत स्थिर हो गई और एक संभावित बड़ा खतरा टल गया। बाद में यह जानकारी सामने आई कि युवक राजकुमार बच्छी, निवासी चंदौली, उत्तर प्रदेश है, जो सिर्फ कलेक्टर श्री वानखड़े से मिलने और उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा लेकर दतिया आया था। खास बात यह थी कि जब युवक की तबीयत बिगड़ी, तब तक प्रशासन को उसकी पहचान या आने का उद्देश्य नहीं पता था, लेकिन प्रशासन ने इंसानियत को प्राथमिकता देते हुए उसकी जान बचाने के लिए तुरंत कदम उठाए। समय पर मिली सहायता और प्रशासन की तत्परता के चलते युवक अब सुरक्षित और स्वस्थ बताया जा रहा है।1
- दतिया के जिला मुख्यालय स्थित राजगढ़ चौराहे पर आज एसडीओपी सुश्री आकांक्षा जैन द्वारा एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल में थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यापारियों, दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जहाँ उन्होंने अपनी समस्याओं को पुलिस के सामने रखा। संवाद के दौरान, नागरिकों ने मुख्य रूप से यातायात अव्यवस्था और एक नाली के कारण लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं की ओर एसडीओपी का ध्यान आकर्षित किया। इस पर एसडीओपी सुश्री जैन ने क्षेत्र में स्टंटबाजी करने वाले युवाओं, तेज रफ्तार वाहन चालकों, अवैध हूटर का प्रयोग करने वालों और असामाजिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नागरिकों का सहयोग अत्यंत अनिवार्य है। नागरिकों द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, एसडीओपी ने मौके पर ही स्टॉपर लगवाकर प्रारंभिक सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को यह भी आश्वस्त किया कि दुर्घटनाओं को रोकने हेतु सीएमओ और ट्रैफिक विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर स्थायी व्यवस्था की जाएगी। एसडीओपी आकांक्षा जैन ने आमजन से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों या नियमों का उल्लंघन करने वालों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।1
- भीषण गर्मी के प्रकोप के चलते थाना सरसई के प्यावल में भूसे से लदे एक ट्रैक्टर में आग लग गई। इस घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।1
- अधिवक्ताओं ने भांडेर राजस्व न्यायालय में विभिन्न सुविधाओं की मांग को लेकर भिंड-दतिया की सांसद संध्या राय को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन रेस्ट हाउस पर अधिवक्ताओं द्वारा सांसद संध्या राय को दिया गया।1
- दतिया शहर के राजगढ़ चौराहे पर एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन द्वारा एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के दुकानदार, व्यापारी और आम नागरिक शामिल हुए। इस दौरान यातायात व्यवस्था और क्षेत्रीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जनसंवाद के दौरान लोगों ने मुख्य रूप से यातायात की अव्यवस्था और एक नाली की वजह से लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं की समस्या उठाई। इस पर एसडीओपी ने मौके पर ही स्टॉपर लगवाकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों, गुंडागर्दी, तेज रफ्तार वाहन चालकों, अवैध हूटर बजाने वालों और स्टंटबाजी करने वाले युवकों के संबंध में भी आमजन से जानकारी ली गई। पुलिस ने लोगों से ऐसे मामलों की सूचना तुरंत देने की अपील की, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। एसडीओपी आकांक्षा जैन ने यह भी आश्वासन दिया कि सीएमओ और ट्रैफिक विभाग के समन्वय से स्थायी समाधान के लिए जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जिससे भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।1
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को सिंगरौली की सड़कों पर समोसे का आनंद लेते हुए देखा गया।1
- सोशल मीडिया पर दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े को लगातार फॉलो करने वाला एक युवक उनसे मिलने और फोटो खिंचवाने की इच्छा से उत्तर प्रदेश के चंदौली से विशेष रूप से दतिया पहुंचा। कलेक्ट्रेट परिसर में चल रही टीएल बैठक के दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह अचेत होकर गिर पड़ा। युवक की हालत बिगड़ते ही कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने तत्काल स्वास्थ्य टीम और प्रशासनिक अमले को सक्रिय करने के निर्देश दिए। बिना समय गंवाए युवक को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उसकी ईसीजी सहित आवश्यक जांचें और उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, युवक को हल्की टैकीप्निया और हृदय संबंधी परेशानी थी, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उसकी हालत स्थिर हो गई और एक संभावित बड़ा खतरा टल गया। बाद में यह जानकारी सामने आई कि युवक की पहचान चंदौली, उत्तर प्रदेश निवासी राजकुमार बच्छी के रूप में हुई, जिसका दतिया आने का एकमात्र उद्देश्य कलेक्टर श्री वानखड़े से मिलना और उनके साथ फोटो खिंचवाना था। प्रशासन ने उसकी पहचान जानने से पहले इंसानियत निभाते हुए उसकी जान बचाने को प्राथमिकता दी। बैठक समाप्त होने के बाद, कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े खुद युवक से मिलने जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली, युवक को हौसला देते हुए पूरी सरकारी मदद का आश्वासन दिया और उसके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। समय पर मिली सहायता और प्रशासन की तत्परता के चलते युवक अब सुरक्षित और स्वस्थ बताया जा रहा है।1