बसेड़ी में कृषि प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित, आलू की उन्नत खेती व जल प्रबंधन पर हुआ मंथन बसेड़ी। आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम नीति फॉर स्टेट यूज चैलेंज के अंतर्गत पंचायत समिति बसेड़ी में एक दिवसीय कृषि प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत खेती, जल संरक्षण तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के लिए जागरूक करना रहा। कार्यशाला के मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत समिति प्रधान शंकर सिंह परमार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रशांत सिंह परमार (पूर्व प्रत्याशी) उपस्थित रहे। कार्यशाला में कृषि विभाग से संयुक्त निदेशक प्रभु दयाल शर्मा, सहायक निदेशक बबलू कुमार त्यागी, कृषि अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, कैलाश चंद्र शर्मा, कृषि अनुसंधान अधिकारी सुरेंद्र कुमार तथा जिला कलेक्टर कार्यालय से सीपीओ भरत राव ने किसानों को विस्तार से जानकारी दी। *आलू की उन्नत खेती व कीट-व्याधि नियंत्रण पर चर्चा* कार्यशाला में आलू की उन्नत खेती, कीट-व्याधि प्रबंधन, जल प्रबंधन एवं आलू प्रसंस्करण की संभावनाओं पर विशेष चर्चा की गई। किसानों को फसल सुरक्षा एवं उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक उपाय बताए गए। *सिंचाई जल प्रबंधन व अनुदान योजनाओं की जानकारी* विशेषज्ञों ने सिंचाई जल प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पाइपलाइन, फार्म पॉण्ड, फव्वारा, मिनी फव्वारा एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली से जल बचत के लाभ बताए। साथ ही इन योजनाओं पर मिलने वाले सरकारी अनुदान की जानकारी भी किसानों को दी गई। *मृदा स्वास्थ्य व फसल उत्पादन में भूमिका* कार्यशाला में मृदा स्वास्थ्य का फसल उत्पादन में महत्व बताते हुए मिट्टी परीक्षण, संतुलित पोषण एवं उर्वरक प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की गई। *फसल बीमा योजना की प्रक्रिया समझाई* किसानों को फसल बीमा का महत्व बताते हुए इसकी आवेदन प्रक्रिया, लाभ एवं आपदा के समय सुरक्षा कवच के रूप में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी गई। *बीज प्रतिस्थापना व उत्पादकता बढ़ाने पर जोर* कार्यशाला में प्रमुख फसलों की उत्पादकता बढ़ाने एवं फसल बीज प्रतिस्थापना के महत्व पर भी चर्चा की गई। *जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा* विशेषज्ञों ने जैविक व प्राकृतिक खेती के महत्व पर जोर देते हुए रासायनिक कीटनाशी एवं रसायनों के उपयोग को कम करने की विधियों पर चर्चा की। कार्यशाला में सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कृषि विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी समस्याओं के समाधान भी प्राप्त किए। कार्यक्रम में सहायक कृषि अधिकारी बसेड़ी रोहित सिंह परमार, हेतराम मीणा तथा समस्त कृषि पर्यवेक्षक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, कृषि अधिकारियों एवं उपस्थित किसानों का आभार व्यक्त किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन किया गया।
बसेड़ी में कृषि प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित, आलू की उन्नत खेती व जल प्रबंधन पर हुआ मंथन बसेड़ी। आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम नीति फॉर स्टेट यूज चैलेंज के अंतर्गत पंचायत समिति बसेड़ी में एक दिवसीय कृषि प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत खेती, जल संरक्षण तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के लिए जागरूक करना रहा। कार्यशाला के मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत समिति प्रधान शंकर सिंह परमार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रशांत सिंह परमार (पूर्व प्रत्याशी) उपस्थित रहे। कार्यशाला में कृषि विभाग से संयुक्त निदेशक प्रभु दयाल शर्मा, सहायक निदेशक बबलू कुमार त्यागी, कृषि अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, कैलाश चंद्र शर्मा, कृषि अनुसंधान अधिकारी सुरेंद्र कुमार तथा जिला कलेक्टर कार्यालय से सीपीओ भरत राव ने किसानों को विस्तार से जानकारी दी। *आलू की उन्नत खेती व कीट-व्याधि नियंत्रण पर चर्चा* कार्यशाला में आलू की उन्नत खेती, कीट-व्याधि प्रबंधन, जल प्रबंधन एवं आलू प्रसंस्करण की संभावनाओं पर विशेष चर्चा की गई। किसानों को फसल सुरक्षा एवं उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक उपाय बताए गए। *सिंचाई जल प्रबंधन व अनुदान योजनाओं की जानकारी* विशेषज्ञों ने सिंचाई जल प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पाइपलाइन, फार्म पॉण्ड, फव्वारा, मिनी फव्वारा एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली से जल बचत के लाभ बताए। साथ ही इन योजनाओं पर मिलने वाले सरकारी अनुदान की जानकारी भी किसानों को दी गई। *मृदा स्वास्थ्य व फसल उत्पादन में भूमिका* कार्यशाला में मृदा स्वास्थ्य का फसल उत्पादन में महत्व बताते हुए मिट्टी परीक्षण, संतुलित पोषण एवं उर्वरक प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की गई। *फसल बीमा योजना की प्रक्रिया समझाई* किसानों को फसल बीमा का महत्व बताते हुए इसकी आवेदन प्रक्रिया, लाभ एवं आपदा के समय सुरक्षा कवच के रूप में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी गई। *बीज प्रतिस्थापना व उत्पादकता बढ़ाने पर जोर* कार्यशाला में प्रमुख फसलों की उत्पादकता बढ़ाने एवं फसल बीज प्रतिस्थापना के महत्व पर भी चर्चा की गई। *जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा* विशेषज्ञों ने जैविक व प्राकृतिक खेती के महत्व पर जोर देते हुए रासायनिक कीटनाशी एवं रसायनों के उपयोग को कम करने की विधियों पर चर्चा की। कार्यशाला में सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कृषि विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी समस्याओं के समाधान भी प्राप्त किए। कार्यक्रम में सहायक कृषि अधिकारी बसेड़ी रोहित सिंह परमार, हेतराम मीणा तथा समस्त कृषि पर्यवेक्षक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, कृषि अधिकारियों एवं उपस्थित किसानों का आभार व्यक्त किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन किया गया।
- बसेड़ी में कृषि प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित, आलू की उन्नत खेती व जल प्रबंधन पर हुआ मंथन बसेड़ी। आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम नीति फॉर स्टेट यूज चैलेंज के अंतर्गत पंचायत समिति बसेड़ी में एक दिवसीय कृषि प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत खेती, जल संरक्षण तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के लिए जागरूक करना रहा। कार्यशाला के मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत समिति प्रधान शंकर सिंह परमार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रशांत सिंह परमार (पूर्व प्रत्याशी) उपस्थित रहे। कार्यशाला में कृषि विभाग से संयुक्त निदेशक प्रभु दयाल शर्मा, सहायक निदेशक बबलू कुमार त्यागी, कृषि अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, कैलाश चंद्र शर्मा, कृषि अनुसंधान अधिकारी सुरेंद्र कुमार तथा जिला कलेक्टर कार्यालय से सीपीओ भरत राव ने किसानों को विस्तार से जानकारी दी। *आलू की उन्नत खेती व कीट-व्याधि नियंत्रण पर चर्चा* कार्यशाला में आलू की उन्नत खेती, कीट-व्याधि प्रबंधन, जल प्रबंधन एवं आलू प्रसंस्करण की संभावनाओं पर विशेष चर्चा की गई। किसानों को फसल सुरक्षा एवं उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक उपाय बताए गए। *सिंचाई जल प्रबंधन व अनुदान योजनाओं की जानकारी* विशेषज्ञों ने सिंचाई जल प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पाइपलाइन, फार्म पॉण्ड, फव्वारा, मिनी फव्वारा एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली से जल बचत के लाभ बताए। साथ ही इन योजनाओं पर मिलने वाले सरकारी अनुदान की जानकारी भी किसानों को दी गई। *मृदा स्वास्थ्य व फसल उत्पादन में भूमिका* कार्यशाला में मृदा स्वास्थ्य का फसल उत्पादन में महत्व बताते हुए मिट्टी परीक्षण, संतुलित पोषण एवं उर्वरक प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की गई। *फसल बीमा योजना की प्रक्रिया समझाई* किसानों को फसल बीमा का महत्व बताते हुए इसकी आवेदन प्रक्रिया, लाभ एवं आपदा के समय सुरक्षा कवच के रूप में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी गई। *बीज प्रतिस्थापना व उत्पादकता बढ़ाने पर जोर* कार्यशाला में प्रमुख फसलों की उत्पादकता बढ़ाने एवं फसल बीज प्रतिस्थापना के महत्व पर भी चर्चा की गई। *जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा* विशेषज्ञों ने जैविक व प्राकृतिक खेती के महत्व पर जोर देते हुए रासायनिक कीटनाशी एवं रसायनों के उपयोग को कम करने की विधियों पर चर्चा की। कार्यशाला में सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कृषि विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी समस्याओं के समाधान भी प्राप्त किए। कार्यक्रम में सहायक कृषि अधिकारी बसेड़ी रोहित सिंह परमार, हेतराम मीणा तथा समस्त कृषि पर्यवेक्षक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, कृषि अधिकारियों एवं उपस्थित किसानों का आभार व्यक्त किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन किया गया।1
- Post by संवाददाता देवेन्द्र कुमार सत्य1
- अतिक्रमण के खिलाफ नगर पालिका बाड़ी की लगातार सख्त कार्रवाई, शहर को मिल रहा नया स्वरूप धौलपुर बाड़ी शहर को अतिक्रमण मुक्त, सुव्यवस्थित एवं स्वच्छ बनाने की दिशा में नगर पालिका बाड़ी द्वारा व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। जिला कलेक्टर नीधि बीटी के मार्गदर्शन तथा उपखंड अधिकारी एवं प्रशासक भगवत शरण त्यागी के निर्देशानुसार अधिशाषी अधिकारी अभिताभ बच्चन मीणा के नेतृत्व में यह कार्रवाई निरंतर प्रभावी ढंग से की जा रही है। अभियान के अंतर्गत शहर के मुख्य बाजारों, प्रमुख मार्गों, चौराहों, बस स्टैंड क्षेत्र, सार्वजनिक स्थलों एवं सरकारी भूमि पर किए गए अस्थायी एवं स्थायी अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाया जा रहा है। पूर्व में संबंधित दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया था। निर्धारित समयावधि पूर्ण होने के बाद नगर पालिका की टीम ने नियमानुसार सख्त कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे रखे सामान, टीनशेड, अवैध चबूतरे, सीढ़ियां, लोहे के ढांचे एवं अन्य बाधाओं को हटाया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों एवं नगर पालिका अमले की मौजूदगी में कई स्थानों से अवरोध हटाए गए, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु हुई और आमजन को आवागमन में बड़ी राहत मिली। लंबे समय से संकरे हो चुके मार्ग अब पुनः चौड़े दिखाई देने लगे हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में भी सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है। अधिशाषी अधिकारी ने बताया कि शहर की सौंदर्यकरण योजना, यातायात सुगमता एवं आमजन की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण करता पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे स्वयं आगे आकर अतिक्रमण हटाएं, स्वच्छ एवं व्यवस्थित शहर निर्माण में सहयोग करें तथा सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें। यह अभियान केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि बाड़ी को सुव्यवस्थित, सुंदर और सुरक्षित बनाने की एक सतत पहल है।4
- Post by Jammmnu1
- Post by Shiva Singh1
- kar1
- अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर जिला अभिभाषक संघ का ज्ञापन, संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग मुरैना। अधिवक्ताओं पर लगातार हो रहे हमलों के विरोध में जिला अभिभाषक संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ ने माननीय प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने और अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है। ज्ञापन में हाल ही में अधिवक्ता श्री संजय कुमार सक्सेना की हत्या की घटना का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इस तरह की वारदातों से अधिवक्ताओं में भय का माहौल है। संघ का कहना है कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अहम स्तंभ हैं, यदि वे ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो न्याय प्रणाली प्रभावित होगी। संघ ने मांग की है कि अधिवक्ताओं के खिलाफ हिंसा, धमकी या उत्पीड़न करने वालों के विरुद्ध सख्त दंड का प्रावधान किया जाए। साथ ही अधिवक्ताओं को तत्काल पुलिस सुरक्षा, मामलों की त्वरित एवं समयबद्ध जांच, और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि अधिवक्ताओं पर जानलेवा हमले या हत्या की स्थिति में उनके आश्रित परिवारजनों को उचित आर्थिक सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आगे व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।1
- धौलपुर जिले में प्राचीन भोलेनाथ का मंदिर सैंपऊ तहसील में स्थित है यहां महाशिवरात्रि वाले दिन लाखों की संख्या में भीड़ जमा भक्तों की3