मोहिनी एकादशी के अवसर पर सत्यनारायण मंदिर कंसारी समाज द्वारा भव्य पालकी यात्रा निकाली गई. मोहिनी एकादशी पर सत्यनारायण मंदिर कंसारी समाज द्वारा भव्य पालकी यात्रा निकाली गई. नवापारा राजिम _मोहिनी एकादशी के शुभ अवसर पर श्री सत्यनारायण मंदिर कसेर समाज नवापारा के द्वारा श्रीकृष्ण जी कि भव्य पालकी यात्रा निकाली गई, सत्यनारायण मंदिर से प्रारम्भ होकर यह पालकी यात्रा गाँधी चौक, सदर रोड, स्टेशन पारा,जुन्ना कसेर पारा होते हुए मंदिर पहुंची, जहां हर देहरी पर चौक बनाकर आरती सजाकर पुजन कर भगवान के मोहनी रुप के दर्शन किए और मंत्र मुग्ध हों गए, समिति के प्रमख संतोष कंसारी ने बताया कि _प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी भगवान कि पालकी यात्रा धूमधाम से ढ़ोल _नगाड़े और बाजे के साथ भजन_ कीर्तन,हरी नाम का स्मरण करते झूमते _नाचते निकाली गई.मंदिर के पुजारी भागवत महराज ने मोहनी एकादशी व्रत का महत्व बताते हुए कहा कि _सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली मोहिनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी और कल्याणकारी माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन किया, तब अमृत कलश प्राप्त हुआ। अमृत को प्राप्त करने के लिए देवताओं और असुरों के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई। देवता और असुर दोनों ही अमृत कलश को प्राप्त करना चाहते थे। एकाएक देखा गया कि असुर अमृत प्राप्त करने में आगे बढ़ रहे थे, इसे देखकर देवगण चिंतित हो उठे। तब सभी देवताओं ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की। उन्होंने श्रीहरि से इस समस्या से निकालने का अनुरोध किया। देवताओं की विनती पर भगवान विष्णु ने दिव्य मोहिनी रूप धारण किया। एक ऐसा अद्भुत और मनमोहक स्वरूप, जिसे देखकर असुर मोहित हो गए। भगवान ने अपनी माया से असुरों को भ्रमित कर अमृत देवताओं को प्रदान कर दिया। इस प्रकार देवताओं ने अमृत पान कर अमरत्व प्राप्त किया।मान्यता है कि भगवान विष्णु ने यही मोहिनी स्वरूप इसी एकादशी तिथि पर धारण किया था। इसी कारण इस पावन तिथि को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में कंसारी समाज संगठन, मंदिर कमेटी, शिक्षा विकास समिति,युवा संगठन,भजन मंडली, कंसारी महिला संगठन का महत्वपूर्ण योगदान रहा.इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त जन उपस्थित रहे.
मोहिनी एकादशी के अवसर पर सत्यनारायण मंदिर कंसारी समाज द्वारा भव्य पालकी यात्रा निकाली गई. मोहिनी एकादशी पर सत्यनारायण मंदिर कंसारी समाज द्वारा भव्य पालकी यात्रा निकाली गई. नवापारा राजिम _मोहिनी एकादशी के शुभ अवसर पर श्री सत्यनारायण मंदिर कसेर समाज नवापारा के द्वारा श्रीकृष्ण जी कि भव्य पालकी यात्रा निकाली गई, सत्यनारायण मंदिर से प्रारम्भ होकर यह पालकी यात्रा गाँधी चौक, सदर रोड, स्टेशन पारा,जुन्ना कसेर पारा होते हुए मंदिर पहुंची, जहां हर देहरी पर चौक बनाकर आरती सजाकर पुजन कर भगवान के मोहनी रुप के दर्शन किए और मंत्र मुग्ध हों गए, समिति के प्रमख संतोष कंसारी ने बताया कि _प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी भगवान कि पालकी यात्रा धूमधाम से ढ़ोल _नगाड़े और बाजे के साथ भजन_ कीर्तन,हरी नाम का स्मरण करते झूमते _नाचते निकाली गई.मंदिर के पुजारी भागवत महराज ने मोहनी एकादशी व्रत का महत्व बताते हुए कहा कि _सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली मोहिनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी और कल्याणकारी माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन किया, तब अमृत कलश प्राप्त हुआ। अमृत को प्राप्त करने के लिए देवताओं और असुरों के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई। देवता और असुर दोनों ही अमृत कलश को प्राप्त करना चाहते थे। एकाएक देखा गया कि असुर अमृत प्राप्त करने में आगे बढ़ रहे थे, इसे देखकर देवगण चिंतित हो उठे। तब सभी देवताओं ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की। उन्होंने श्रीहरि से इस समस्या से निकालने का अनुरोध किया। देवताओं की विनती पर भगवान विष्णु ने दिव्य मोहिनी रूप धारण किया। एक ऐसा अद्भुत और मनमोहक स्वरूप, जिसे देखकर असुर मोहित हो गए। भगवान ने अपनी माया से असुरों को भ्रमित कर अमृत देवताओं को प्रदान कर दिया। इस प्रकार देवताओं ने अमृत पान कर अमरत्व प्राप्त किया।मान्यता है कि भगवान विष्णु ने यही मोहिनी स्वरूप इसी एकादशी तिथि पर धारण किया था। इसी कारण इस पावन तिथि को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में कंसारी समाज संगठन, मंदिर कमेटी, शिक्षा विकास समिति,युवा संगठन,भजन मंडली, कंसारी महिला संगठन का महत्वपूर्ण योगदान रहा.इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त जन उपस्थित रहे.
- *गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने भव्य रैली और पदयात्रा कर गौ भक्तों ने गोबरा नवापारा तहसीलदार को सौपा ज्ञापन.* नवापारा राजिम _भारत के इतिहास में एक नया अध्याय प्रारंभ किया गया.गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने के लिए 27.अप्रैल 2026 को नवापारा नगर के समस्त गौ प्रेमी, मां कर्मा माता मंदिर से भव्य रैली में ढोलक _नागाड़े कि थाप में, भजन _कीर्तन करते,गौ माता कि जय..गौ माता राष्ट्र माता, हम सबकी पुकार..जय _जय श्री राम के नारे पूरे नगर में गुंजित करते..डीजे कि धुन में झूमते युवाओं कि टोली..भव्य बाइक रैली और पद यात्रा कर पूरे जोश और उत्साह के तहसील ऑफिस पहुंचकर,संत समाज महामंडलेश्वर उमेशlनंद जी महाराज, गोकुल गिरी जी महाराज, भारती बाबा,दिनेश महराज, कन्हैया महाराज, ब्रह्मदत्त शर्मा, रमेश तिवारी,प्रसन्न शर्मा,की अगुवाई में तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया. इस अवसर पर प्रचार प्रमुख रूपेंद्र चंद्राकर ने कहा कि_ हम हिन्दुओं के लिए यह गौरव का क्षण हैं.जब हम गौ माता को राष्ट्र माता बनाने के लिए एकजुट हुए हैं.गाय की सेवा भारतीय संस्कृति में अत्यंत पुण्यदायी और आध्यात्मिक महत्व का कार्य माना गया है। इससे 33 कोटि देवी-देवताओं का आशीर्वाद, सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और पितृदोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही, गौ सेवा (चारा/पानी देना, पीठ सहलाना) से शारीरिक तनाव कम होता है, भाग्य में वृद्धि होती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। गौशाला के वातावरण में रहने से श्वसन संबंधी बीमारियां कम होती हैं (गोबर-गौमूत्र की सकारात्मक ऊर्जा के कारण)। गौ सेवा से मनुष्य के भीतर दया, प्रेम और संतोष जैसे मानवीय गुणों का विकास होता हैं.गाय का दूध पौष्टिक होता है और इसके उत्पाद (पंचगव्य) शरीर को स्वस्थ रखते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री गोपाल गौशाला नवापारा के पदाधिकारी _संरक्षक मनमोहन अग्रवाल,अध्यक्ष गिरधारी अग्रवाल, सचिव ,राजू काबरा, सह सचिव रूपेंद्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष चंदू कंसारी, उपाध्यक्ष प्रफुल्ल दुबे, डॉ. वर्मा, डॉ राजेंद्र गदिया , रवि शंकर साहू, गोपाल यादव, , बादल देवांगन , विवेक साहू धर्म साहू,अजय गुप्ता,नगर अध्यक्ष ओमकुमारी साहू,भूपेंद्र सोनी नगर पालिका उपाध्यक्ष,अभियान में जुड़े हुए .मातृशक्ति में श्रीमती अन्नपूर्णा देवांगन ,श्रीमती योगिता सिन्हा, सुश्री सरोज कंसारी, श्रीमती रेखा दिनेश तिवारी, उमा कंसारी,कल्याणी कंसारी, युवा कार्यकर्ता बादल देवांगन, छत्रेश तिवारी, रोशन सुंदर सिंह ठाकुर नागेंद्र वर्मा रामा यादव, चतुर जगत, राम रतन निषाद,हेमंत साहनी, पीएस वर्मा, प्रदीप मिश्रा रोहित साहू रूपो जगत, हेम सिंह पटेल , तुकाराम कंसारी,लाला पटेल, लला सोनवानी,का महत्वपूर्ण योगदान रहा.गायत्री परिवार ,श्री सालासर सुंदरकांड जन कल्याण समिति, रामायण मंडली, सभी धार्मिक मंडली , सभी अखाड़ा समिति, महिला मंडली, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता,सभी गौशाला समिति ,युवा मंडली, समाजसेविका सहित सभी भक्तगण का इस महाभियान को सफल बनाने में भरपूर समर्थन मिला. इस अवसर पर नगर के लगभग 500 गौ भक्त उपस्थित रहें.2
- चाकू की नोक पर लूट: हिस्ट्रीशीटर समेत 3 आरोपी गिरफ्तार रायपुर | रायपुर के सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में चाकू की नोक पर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले हिस्ट्रीशीटर सहित तीन आरोपियों को पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो विधि के साथ संघर्षरत बालक भी शामिल हैं। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी सुजल लदेर ने थाना सरस्वती नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25-26 अप्रैल की दरम्यानी रात वह अपने दोस्त वैभव यादव के साथ स्कूटी से चंगोराभाठा से शिवानंद नगर जा रहा था। रात्रि करीब 2:40 बजे कुकुरबेड़ा गुरुद्वारा के पीछे, तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने चाकू दिखाकर डराया-धमकाया और मारपीट करते हुए वैभव यादव का आधार कार्ड तथा सुजल के गले से चांदी की चेन लूटकर फरार हो गए। पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) संदीप पटेल के निर्देश पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया पीड़ितों से विस्तृत पूछताछ की गई आसपास के CCTV फुटेज खंगाले गए जांच के दौरान एक आरोपी की पहचान आकाश नायक उर्फ जेडी के रूप में हुई, जो थाना सरस्वती नगर का हिस्ट्रीशीटर है। ऐसे पकड़े गए आरोपी पुलिस ने आरोपी आकाश नायक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद दोनों नाबालिग आरोपियों को भी पकड़ लिया गया। बरामदगी पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से: चांदी की लूटी हुई चेन आधार कार्ड घटना में प्रयुक्त बटनदार चाकू जब्त किया है। मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं 25 और 27 भी जोड़ी गई हैं। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड मुख्य आरोपी आकाश नायक उर्फ जेडी (24 वर्ष) थाना सरस्वती नगर का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ पहले से ही करीब आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं।1
- “दुर्ग में 3 साल की मासूम के साथ दरिंदगी की आशंका, आरोपी हिरासत में”1
- बारात से लौट रही बस पलटी, दादा ट्रेवल्स की बस में सवार थे 30 से अधिक बाराती… 17 लोगों को आई मामूली चोट, 2 सवार को गंभीर स्थिति में एम्स किया रेफर… देर रात की घटना, ग्राम मड़ियापार से दुर्ग तितुरडीह लौटते वक्त हुआ हादसा… दुर्ग जालबांधा मुख्य मार्ग पर ग्राम हिर्री में हुई घटना, सड़क से नीचे जा पलटी बस… बोरी थाना क्षेत्र का मामला, सामान्य घायलों का जिला अस्पताल दुर्ग में जारी है उपचार…1
- जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के द्वारा बोरे बासी दिवस 1 मई को बनाया जा रहा है। समय : 10 बजें स्थान : राजीव भवन दुर्ग,1
- रायपुर में मानवता शर्मसार, युवक ने बेजुबान गाय के साथ की दरिंदगी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मानवता को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। भाठागांव क्षेत्र में 24 अप्रैल 2026 की रात करीब 11:15 बजे, दुर्गा मंदिर भैंस बाड़ा के पास एक युवक पर गाय और भैंस के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने का आरोप लगा है। आरोपी की पहचान गोगा सोनकर के रूप में बताई जा रही है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। स्थानीय निवासियों और धार्मिक संगठनों ने इसे आस्था पर चोट बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले की शिकायत सिविल लाइन थाना में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने वायरल वीडियो को साक्ष्य मानकर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है और लोग आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। #chhattisgarh #breakingnews #raipur #raipurpolice #cow1
- पुरानी परंपरा बचाने का संदेश लेकर निकली बारात, कपसीडीह से मुड़तराई पहुंचे बाराती राजिम। क्षेत्र में अपनी पुरानी परंपरा और संस्कृति को बचाने का अनूठा संदेश देते हुए कपसीडीह गांव से मुड़तराई के लिए एक बारात रवाना हुई। दूल्हा पवन ध्रुव पिता रमेश्वर ध्रुव की इस बारात का उद्देश्य केवल विवाह संपन्न कराना नहीं, बल्कि लुप्त होती लोक संस्कृति और रीति-रिवाजों के प्रति लोगों को जागरूक करना भी था। बारात में पारंपरिक वाद्य यंत्रों, लोकगीतों और छत्तीसगढ़ी परिधान के साथ बाराती शामिल हुए। युवाओं ने गांव की पुरानी बारात प्रथा को जीवित रखते हुए नाच-गाने और हंसी-खुशी के माहौल में यात्रा पूरी की। बारात का जगह-जगह ग्रामीणों ने स्वागत किया। इस पहल को लेकर ध्रुव परिवार एवं युवा साथियों ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हम अपनी जड़ों से कटते जा रहे हैं। विवाह जैसे पवित्र संस्कार में भी अब दिखावा बढ़ गया है। हमारी कोशिश है कि नई पीढ़ी को बताया जाए कि परंपरागत तरीके से भी विवाह का उत्सव उतना ही भव्य और आनंददायक हो सकता है। बारात में रमेश्वर ध्रुव, चैनसिंग ध्रुव, रोशन साहू, कामता साहू, श्री हरख ध्रुव, दयाराम, कोमल तारक, सुरेंद्र साहू, कृष्ण साहू, दुष्यंत, जनसेवक मेघराज साहू, नंदकुमार सहित बड़ी संख्या में परिजन एवं ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि संस्कृति ही हमारी पहचान है और इसे बचाना हर नागरिक का दायित्व है। मुड़तराई पहुंचने पर वधू पक्ष ने भी पारंपरिक रीति से बारात का स्वागत किया। इस अनूठी पहल की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।4
- मोहिनी एकादशी पर सत्यनारायण मंदिर कंसारी समाज द्वारा भव्य पालकी यात्रा निकाली गई. नवापारा राजिम _मोहिनी एकादशी के शुभ अवसर पर श्री सत्यनारायण मंदिर कसेर समाज नवापारा के द्वारा श्रीकृष्ण जी कि भव्य पालकी यात्रा निकाली गई, सत्यनारायण मंदिर से प्रारम्भ होकर यह पालकी यात्रा गाँधी चौक, सदर रोड, स्टेशन पारा,जुन्ना कसेर पारा होते हुए मंदिर पहुंची, जहां हर देहरी पर चौक बनाकर आरती सजाकर पुजन कर भगवान के मोहनी रुप के दर्शन किए और मंत्र मुग्ध हों गए, समिति के प्रमख संतोष कंसारी ने बताया कि _प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी भगवान कि पालकी यात्रा धूमधाम से ढ़ोल _नगाड़े और बाजे के साथ भजन_ कीर्तन,हरी नाम का स्मरण करते झूमते _नाचते निकाली गई.मंदिर के पुजारी भागवत महराज ने मोहनी एकादशी व्रत का महत्व बताते हुए कहा कि _सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली मोहिनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी और कल्याणकारी माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन किया, तब अमृत कलश प्राप्त हुआ। अमृत को प्राप्त करने के लिए देवताओं और असुरों के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई। देवता और असुर दोनों ही अमृत कलश को प्राप्त करना चाहते थे। एकाएक देखा गया कि असुर अमृत प्राप्त करने में आगे बढ़ रहे थे, इसे देखकर देवगण चिंतित हो उठे। तब सभी देवताओं ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की। उन्होंने श्रीहरि से इस समस्या से निकालने का अनुरोध किया। देवताओं की विनती पर भगवान विष्णु ने दिव्य मोहिनी रूप धारण किया। एक ऐसा अद्भुत और मनमोहक स्वरूप, जिसे देखकर असुर मोहित हो गए। भगवान ने अपनी माया से असुरों को भ्रमित कर अमृत देवताओं को प्रदान कर दिया। इस प्रकार देवताओं ने अमृत पान कर अमरत्व प्राप्त किया।मान्यता है कि भगवान विष्णु ने यही मोहिनी स्वरूप इसी एकादशी तिथि पर धारण किया था। इसी कारण इस पावन तिथि को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में कंसारी समाज संगठन, मंदिर कमेटी, शिक्षा विकास समिति,युवा संगठन,भजन मंडली, कंसारी महिला संगठन का महत्वपूर्ण योगदान रहा.इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त जन उपस्थित रहे.1