विधायक गणेश घोघरा ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित न करने को लेकर केंद्र सरकार के हालिया रुख पर जताया कड़ा एतराज कहा - मानगढ़ धाम पर पीएम मोदी की घोषणा निकला वादा खिलाफी, आदिवासियों के बलिदान का हो रहा अपमान संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के विधानसभा क्षेत्र डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने बांसवाड़ा जिले के ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित न करने को लेकर केंद्र सरकार के हालिया रुख पर कड़ा एतराज जताया है। हाल ही में संसद में मानगढ़ धाम को लेकर दिए गए केंद्रीय मंत्री के लिखित उत्तर के बाद विधायक घोघरा ने बुधवार को एक वीडियो संदेश जारी कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। - संसद के सवाल और मंत्री के जवाब से उपजा विवाद विधायक गणेश घोघरा ने कहा कि 3 अगस्त 2026 को संसद में सरकार से सवाल पूछा गया था कि क्या राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाएगा? इस सवाल के लिखित उत्तर में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट मना कर दिया कि ऐसा कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष विचाराधीन नहीं है और मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं किया जा सकता। - विधायक ने केंद्र सरकार पर कथनी और करनी में अंतर का लगाया आरोप घोघरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 के मानगढ़ धाम दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में स्वयं प्रधानमंत्री मोदी मानगढ़ धाम की पवित्र भूमि पर आए थे और उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की दिशा में काम करने की बात कही थी। लेकिन अब संसद में मंत्री द्वारा दिया गया जवाब यह साबित करता है कि केंद्र सरकार की कथनी और करनी में कितना बड़ा अंतर है। - इतिहास और शहादत की उपेक्षा का आरोप विधायक घोघरा ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि वर्ष 1913 में संत गोविंद गुरु के नेतृत्व में 1500 से अधिक भील आदिवासियों ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। अंग्रेजों द्वारा किए गए इस नरसंहार को 'जलियांवाला बाग' से भी बड़ा हत्याकांड माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश के इतिहास से आदिवासियों के इस महान बलिदान को मिटाने और किताबों के पन्नों से हटाने का प्रयास कर रही है, जो पूरे देश के आदिवासी समाज का अपमान है। - बड़े आंदोलन की चेतावनी गणेश घोघरा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालय अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करते हैं तथा मानगढ़ धाम को जल्द से जल्द राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं देते हैं, तो आने वाले समय में देश का संपूर्ण आदिवासी समाज एकजुट होकर सड़कों पर उतरेगा और एक बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन खड़ा करेगा।
विधायक गणेश घोघरा ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित न करने को लेकर केंद्र सरकार के हालिया रुख पर जताया कड़ा एतराज कहा - मानगढ़ धाम पर पीएम मोदी की घोषणा निकला वादा खिलाफी, आदिवासियों के बलिदान का हो रहा अपमान संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के विधानसभा क्षेत्र डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने बांसवाड़ा जिले के ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित न करने को लेकर केंद्र सरकार के हालिया रुख पर कड़ा एतराज जताया है। हाल ही में संसद में मानगढ़ धाम को लेकर दिए गए केंद्रीय मंत्री के लिखित उत्तर के बाद विधायक घोघरा ने बुधवार को एक वीडियो संदेश जारी कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। - संसद के सवाल और मंत्री के जवाब से उपजा विवाद विधायक गणेश घोघरा ने कहा कि 3 अगस्त 2026 को संसद में सरकार से सवाल पूछा गया था कि क्या राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाएगा? इस सवाल के लिखित उत्तर में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट मना कर दिया कि ऐसा कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष विचाराधीन नहीं है और मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं किया जा सकता। - विधायक ने केंद्र सरकार पर कथनी और करनी में अंतर का लगाया आरोप घोघरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 के मानगढ़ धाम दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में स्वयं प्रधानमंत्री मोदी मानगढ़ धाम की पवित्र भूमि पर आए थे और उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की दिशा में काम करने की बात कही थी। लेकिन अब संसद में मंत्री द्वारा दिया गया जवाब यह साबित करता है कि केंद्र सरकार की कथनी और करनी में कितना बड़ा अंतर है। - इतिहास और शहादत की उपेक्षा का आरोप विधायक घोघरा ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि वर्ष 1913 में संत गोविंद गुरु के नेतृत्व में 1500 से अधिक भील आदिवासियों ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। अंग्रेजों द्वारा किए गए इस नरसंहार को 'जलियांवाला बाग' से भी बड़ा हत्याकांड माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश के इतिहास से आदिवासियों के इस महान बलिदान को मिटाने और किताबों के पन्नों से हटाने का प्रयास कर रही है, जो पूरे देश के आदिवासी समाज का अपमान है। - बड़े आंदोलन की चेतावनी गणेश घोघरा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालय अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करते हैं तथा मानगढ़ धाम को जल्द से जल्द राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं देते हैं, तो आने वाले समय में देश का संपूर्ण आदिवासी समाज एकजुट होकर सड़कों पर उतरेगा और एक बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन खड़ा करेगा।
- लोकेशन डूंगरपुर सवाददाता महेश्वर चोबीसा Mo 7976727929 हेड लाइन केंद्र सरकार मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करें विधायक गणेश गोगरा का बड़ा बयान लोकेशन डूंगरपुर सवाददाता महेश्वर चोबीसा Mo 7976727929 हेड लाइन केंद्र सरकार मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करें विधायक गणेश गोगरा का बड़ा बयान एंकर इंट्रो भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री मोदी मानगढ़ धाम पर घोषणा करने के बाद फिर से किया फिर गए पलट भाजपा सरकार का कथनी और करनी में बहुत अंतर है करते हैं झूठ की राजनीति करते हैं भोली भाली आदिवासी जनता को गुमराह किया जा रहा है जल्द से जल्द मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करें नहीं तो पूरे हिंदुस्तान में आदिवासी समाज आंदोलन करेगा बाइट कांग्रेस विधायक गणेश गोगरा1
- विधायक गणेश घोघरा ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित न करने को लेकर केंद्र सरकार के हालिया रुख पर जताया कड़ा एतराज कहा - मानगढ़ धाम पर पीएम मोदी की घोषणा निकला वादा खिलाफी, आदिवासियों के बलिदान का हो रहा अपमान संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के विधानसभा क्षेत्र डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने बांसवाड़ा जिले के ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित न करने को लेकर केंद्र सरकार के हालिया रुख पर कड़ा एतराज जताया है। हाल ही में संसद में मानगढ़ धाम को लेकर दिए गए केंद्रीय मंत्री के लिखित उत्तर के बाद विधायक घोघरा ने बुधवार को एक वीडियो संदेश जारी कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। - संसद के सवाल और मंत्री के जवाब से उपजा विवाद विधायक गणेश घोघरा ने कहा कि 3 अगस्त 2026 को संसद में सरकार से सवाल पूछा गया था कि क्या राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाएगा? इस सवाल के लिखित उत्तर में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट मना कर दिया कि ऐसा कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष विचाराधीन नहीं है और मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं किया जा सकता। - विधायक ने केंद्र सरकार पर कथनी और करनी में अंतर का लगाया आरोप घोघरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 के मानगढ़ धाम दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में स्वयं प्रधानमंत्री मोदी मानगढ़ धाम की पवित्र भूमि पर आए थे और उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की दिशा में काम करने की बात कही थी। लेकिन अब संसद में मंत्री द्वारा दिया गया जवाब यह साबित करता है कि केंद्र सरकार की कथनी और करनी में कितना बड़ा अंतर है। - इतिहास और शहादत की उपेक्षा का आरोप विधायक घोघरा ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि वर्ष 1913 में संत गोविंद गुरु के नेतृत्व में 1500 से अधिक भील आदिवासियों ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। अंग्रेजों द्वारा किए गए इस नरसंहार को 'जलियांवाला बाग' से भी बड़ा हत्याकांड माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश के इतिहास से आदिवासियों के इस महान बलिदान को मिटाने और किताबों के पन्नों से हटाने का प्रयास कर रही है, जो पूरे देश के आदिवासी समाज का अपमान है। - बड़े आंदोलन की चेतावनी गणेश घोघरा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालय अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करते हैं तथा मानगढ़ धाम को जल्द से जल्द राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं देते हैं, तो आने वाले समय में देश का संपूर्ण आदिवासी समाज एकजुट होकर सड़कों पर उतरेगा और एक बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन खड़ा करेगा।1
- डूंगरपुर में आयुर्वेद युवाओं का विरोध सेवानिवृत कर्मियों की पुननियुक्ति पर आक्रोश 926 रिक्त पदों पर पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 डूंगरपुर में आयुर्वेद युवाओं का विरोध सेवानिवृत कर्मियों की पुननियुक्ति पर आक्रोश 926 रिक्त पदों पर पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए डूंगरपुर आयुर्वेद युवाओं द्वारा सेवानिवृत कर्मियों की पुनर नियुक्ति के विरोध में जिला कलेक्टर साहब को ज्ञापन दिया इन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि 926 रिक्त पदों को आरपीएससी के तहत पारदर्शी तरीके भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए आयुर्वेद विभाग में लगभग 926 पर रिक्त पड़े हैं जिसमें लगभग 899 पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने हैं पिछले कई वर्षों से डीपीसी प्रक्रिया लंबित हैं इसके चलते लगभग 310 चिकित्सा अधिकारी विभिन्न आयुर्वेद विद्यालयों में कार्यरत है। ज्ञापन के माध्यम से बताया कि लंबित पदों की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से की जाए । युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वे राज्यव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल डॉक्टर कुशराज सिंह सिसौदिया, डॉक्टर दुष्यंत कटारा, डॉक्टर धर्मेंद्रपाल सिंह तथा डॉक्टर विनय सहित कई आयुर्वेद चिकित्सक एवं अभ्यर्थी शामिल रहे।1
- तेज रफ्तार बाइक चलाकर आमजन में भय फैलाने वालों पर चौरासी थाना पुलिस की कार्रवाई, 12 मोटरसाइकिल जब्त। भूपेन्द्र गामोट डूंगरपुर तेज रफ्तार बाइक चलाकर आमजन में भय फैलाने वालों पर चौरासी थाना पुलिस की कार्रवाई, 12 मोटरसाइकिल जब्त। डूंगरपुर। जिले के चौरासी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार एवं लापरवाही से मोटरसाइकिल चलाकर आमजन में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। विशेष अभियान के तहत चौरासी थाना पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई करते हुए 12 मोटरसाइकिल जब्त की। थानाधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर यह अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान तेज गति, लापरवाही, स्टंटबाजी तथा सार्वजनिक मार्गों पर लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले बाइक चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं तथा किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी या लापरवाही से बचें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- सरकारी स्कूल में विधायक गणेश घोघरा का निरीक्षण, पोषाहार में अनियमितता और शिक्षकों की कमी पर जताई नाराजगी डूंगरपुर। डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा मंगलवार को छेला-खेरवाड़ा स्थित राजकीय विद्यालय के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। ग्रामीणों की शिकायत के बाद किए गए इस निरीक्षण में विद्यालय में कई अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान विधायक ने पोषाहार व्यवस्था में कमी पाई। उन्होंने देखा कि एक ही थाली में तीन बच्चों को पोषाहार परोसा जा रहा था, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। विधायक ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की भी भारी कमी है। उनका आरोप है कि एक महिला शिक्षिका का डेपुटेशन उदयपुर में लगा हुआ है, जबकि संबंधित विद्यालय में शिक्षक का पद खाली है। इसके अलावा विद्यालय भवन की स्थिति भी जर्जर मिली, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा और पढ़ाई प्रभावित हो रही है। निरीक्षण के बाद विधायक गणेश घोघरा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। कई सरकारी विद्यालयों में भवन जर्जर हैं और शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। विधायक ने एक शिक्षक पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विद्यालय में हो रही अधिकांश अनियमितताओं में उसकी मुख्य भूमिका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पोषहार वितरण, टीसी जारी करने सहित कई प्रशासनिक कार्य वही शिक्षक संचालित कर रहा है। निरीक्षण के बाद विधायक ने जिला शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले की शिकायत कर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश देने की बात कही।2
- पेट्रोलपंप मालिक की टीचर पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत: पति का दावा- घर पर अकेली थी, गेट तोड़कर अंदर घुसा तो बेसुध मिली पेट्रोलपंप मालिक की टीचर पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत: पति का दावा- घर पर अकेली थी, गेट तोड़कर अंदर घुसा तो बेसुध मिली डूंगरपुर में पेट्रोल पंप संचालक की टीचर पत्नी घर पर संदिग्ध परिस्थितियों मे मृत मिली। पति ने पुलिस को बताया कि वो काफी देर तक घर का मेन गेट खटखटाता रहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। गेट तोड़कर अंदर पहुंचा तो पत्नी बेसुध हालत में थी। हॉस्पिटल में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना मंगलवार (4 अगस्त) शाम 7 बजे शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के आजाद नगर इलाके की है। एएसआई विपिन सिंह ने बताया कि सुसाइड करने वाली अनामिका जैन (45) बालाडिट सरकारी स्कूल में टीचर थी। पति निलेश जैन ने बुधवार (5 अगस्त) सुबह पुलिस को रिपोर्ट दी। पुलिस के अनुसार महिला के पति से घटना को लेकर जानकारी ली जा रही है। फिलहाल मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पति ने पड़ोसियों की मदद से गेट तोड़ा पुलिस को दी शिकायत में निलेश जैन ने बताया कि मंगलवार शाम को उनकी पत्नी घर पर अकेली थी। वे खुद सागवाड़ा-आसपुर रोड के अपने पेट्रोल पंप पर थे। शाम करीब 6.30 बजे वो पेट्रोल पंप से घर लौटे तो पत्नी ने काफी देर तक गेट नहीं खोला। करीब आधा घंटे की कोशिश के बाद घर में घुसे तो पत्नी जमीन पर गिरी हुई थी। उससे होश में लाने का प्रयास किया, लेकिन जवाब नहीं मिला। पड़ोसी और रिश्तेदारों की मदद से उसे 7.15 बजे जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंच। करीब 15 मिनट बाद डॉक्टर ने मृत होने की जानकारी दी। डॉक्टर्स ने बताया कि सुबह पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत के कारणों की जानकारी दी जा सकती है। एक बेटा उदयपुर, एक सूरत में रहता है एएसआई ने बताया कि अनामिका का बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद बॉडी परिवार को दी जाएगी। पुलिस के अनुसार अनामिका और निलेश के दो बेटे हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा राहुल जैन (25) गुजरात के सूरत में एक कंपनी में इंजीनियर है। छोटा बेटा अग्रिम जैन (21) उदयपुर में फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा है। दोनो बेटों की शादियां हो चुकी है। अनामिका के ससुर पृथ्वीराज जैन जिला उद्योग विभाग में अधिकारी थे।1
- सीमलवाड़ा के पंकज लोहार ने समाज को दिया डिजिटल तोहफा, त्रिपुरा सुंदरी ट्रस्ट के आजीवन सदस्य किए गए मनोनीत सीमलवाड़ा। तलवाड़ा उपखंड क्षेत्र के उमराई स्थित मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर परिसर में पंचाल समाज चौदह चौखरा की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में समाज सुधार, शिक्षा, व्यापार प्रकोष्ठ को सशक्त बनाने तथा समाज को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता त्रिपुरा सुंदरी ट्रस्ट मंडल के अध्यक्ष धूलजी भाई पंचाल ने की। मुख्य अतिथि राजेंद्र प्रसाद पंचाल (घाटोल) रहे। विशिष्ट अतिथियों में गंगाराम पंचाल (बिलोदा), कारीलाल पंचाल (माथुगामड़ा), दिनेश पंचाल (बावलवाड़ा), अशोक पंचाल (बड़ोदिया), लक्ष्मण पंचाल (प्रतापपुर) एवं कन्हैयालाल पंचाल (पारसोला) शामिल रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां त्रिपुरा सुंदरी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। सुखलाल पंचाल ने ईश वंदना प्रस्तुत की। बैठक का मुख्य आकर्षण पंचाल समाज एवं त्रिपुरा सुंदरी ट्रस्ट की नई वेबसाइट का शुभारंभ रहा। सीमलवाड़ा निवासी पंकज लोहार ने वेबसाइट का निर्माण कर समाज को डिजिटल मंच की सौगात दी। उन्होंने वेबसाइट की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन करते हुए बताया कि इसके माध्यम से श्रद्धालु घर बैठे मां त्रिपुरा सुंदरी के लाइव दर्शन कर सकेंगे। साथ ही मंदिर से जुड़ी जानकारी, धार्मिक कार्यक्रमों की सूचना, समाज की जनगणना, विभिन्न प्रकोष्ठों की गतिविधियां, महत्वपूर्ण घोषणाएं तथा वैवाहिक पोर्टल सहित अनेक सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। भविष्य में वेबसाइट में और नई सुविधाएं जोड़ने की भी योजना है। पंकज लोहार के इस उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए त्रिपुरा सुंदरी ट्रस्ट मंडल ने उनका सम्मान किया तथा उन्हें ट्रस्ट का आजीवन सदस्य मनोनीत किया। उपस्थित समाजजनों ने इसे समाज को डिजिटल युग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। बैठक में व्यापार प्रकोष्ठ को अधिक सक्रिय बनाने, समाज के उद्यमियों एवं व्यापारियों को साझा मंच से जोड़ने, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा आर्थिक सशक्तीकरण के लिए योजनाबद्ध प्रयास करने पर भी सहमति बनी। समाज सुधार प्रभारी घनश्याम पंचाल ने कुरीतियों, आडंबर, सामाजिक बुराइयों एवं नशे के विरुद्ध व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का सुझाव दिया। शिक्षा प्रकोष्ठ प्रभारी विजेंद्र पंचाल (पारसोला) ने विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन, प्रतिभा सम्मान, प्रतियोगी परीक्षा तैयारी तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के सहयोग की कार्ययोजना प्रस्तुत की, जिसका सभी ने स्वागत किया। मीडिया प्रभारी संजय पंचाल (छोटा डूंगरा) ने बताया कि बैठक में चौदहों चौखरों के स्थानीय अध्यक्षों, केंद्रीय कार्यकारिणी, संरक्षक मंडल तथा बड़ी संख्या में समाज प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री नटवरलाल पंचाल ने किया तथा कपिल छींच ने आभार व्यक्त किया।2
- राउमावि छैला खेरवाड़ा में विधायक गणेश घोघरा का औचक निरीक्षण; एक थाली में खाना खाने को मजबूर मासूम, व्यवस्थाओं में भारी धांधली उजागर शिक्षकों की लेटलतीफी, पोषाहार में फर्जीवाड़ा और जर्जर भवन का सच आया सामने; मनमानी करने वाले शिक्षक पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय छैला खेरवाड़ा में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और मूलभूत सुविधाओं की बदतर स्थिति उजागर हुई है। शिक्षकों की कमी और मध्याह्न भोजन वितरण में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा ने मंगलवार को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली व्यापक खामियों और अव्यवस्थाओं को देखकर विधायक ने गहरी नाराजगी और चिंता व्यक्त की। - एक ही थाली में 3-4 बच्चे खाने को मजबूर, पढ़ाई में भारी लापरवाही निरीक्षण के दौरान स्कूल की जो तस्वीर सामने आई, वह बेहद चिंताजनक थी। मध्याह्न भोजन वितरण में भारी फर्जीवाड़ा पाया गया, जहां बच्चों को पर्याप्त पोषण देने के बजाय एक ही थाली में तीन से चार बच्चों को खाना खाने के लिए मजबूर किया जा रहा था। शिक्षा के स्तर की जांच के लिए जब शिक्षक डायरी और छात्रों की कॉपियों का मिलान किया गया, तो उसमें भारी अंतर पाया गया, जिससे अध्यापन कार्य में बरती जा रही गंभीर लापरवाही स्पष्ट उजागर हुई। इसके अलावा कई शिक्षकों की समय पर न आने की पोल भी खुली। - दबाव और धौंस जमाने वाले शिक्षक पर गाज, उदयपुर डेपुटेशन का मामला भी उछला विद्यालय के माहौल को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने आईं। स्टाफ सदस्यों ने शिक्षक धनेश्वर हड़ात पर स्कूल का माहौल खराब करने, अन्य शिक्षकों व कार्यवाहक प्रधानाचार्य को डराने-धमकाने और धौंस जमाने का आरोप लगाया। विधायक घोघरा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाया और शिक्षक के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में यह बात भी सामने आई कि स्कूल की एक शिक्षिका की प्रतिनियुक्ति लंबे समय से उदयपुर में है, लेकिन उनका पद और वेतन इसी स्कूल से जारी हो रहा है। इसके चलते यहां एक सीट खाली पड़ी है और स्थानीय विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। - जर्जर भवन से हादसे का खतरा, अभिभावक टीसी कटवाने को मजबूर विद्यालय परिसर की स्थिति भी अत्यंत दयनीय पाई गई। कई कमरे पूरी तरह जर्जर और खंडहर में तब्दील हो चुके हैं, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। विधायक ने कहा कि स्कूल की इन बदहाल स्थितियों और राजनीति का अखाड़ा बन चुके माहौल से तंग आकर अभिभावक अपने बच्चों की टीसी कटवाने को मजबूर हो रहे हैं। विधायक गणेश घोघरा ने मौके से ही विभागीय उच्च अधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत कराया और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त प्रशासनिक कदम उठाने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कार्मिक को बख्शा नहीं जाएगा।1