जसवंतनगर के मोहल्ला कोठी कैस्त में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा। कथा व्यास पंडित जितेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का महत्वपूर्ण संदेश दिया। पंडित शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके श्रवण से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा ईश्वर के प्रति आस्था और समर्पण की भावना प्रबल होती है। रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वर्णन सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं युवा श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया, जिससे भजन-कीर्तन और जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस यज्ञ में महानानंद एवं श्रीमती रामादेवी ने यजमान की भूमिका निभाई, जबकि आनंद कुमार एवं श्रीमती सुमन देवी परीक्षित के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। इस अवसर पर कलश यात्रा में शामिल किशोरियों और महिलाओं का विशेष सम्मान किया गया, जिसमें आदित्य उर्फ अनु और उनकी मां रत्नेश ने कलश धारण करने वाली कन्याओं को टिफिन और दक्षिणा भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने इस क्रिया को भारतीय संस्कृति में कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका सम्मान करने का पुण्य का कार्य बताया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने यज्ञ एवं कथा की पूर्ण सफलता के लिए प्रार्थना की। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनसे आगामी धार्मिक कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। देर शाम तक कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।
जसवंतनगर के मोहल्ला कोठी कैस्त में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा। कथा व्यास पंडित जितेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का महत्वपूर्ण संदेश दिया। पंडित शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके श्रवण से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा ईश्वर के प्रति आस्था और समर्पण की भावना प्रबल होती है। रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वर्णन सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं युवा श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया, जिससे भजन-कीर्तन और जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस यज्ञ में महानानंद एवं श्रीमती रामादेवी ने यजमान की भूमिका निभाई, जबकि आनंद कुमार एवं श्रीमती सुमन देवी परीक्षित के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। इस अवसर पर कलश यात्रा में शामिल किशोरियों और महिलाओं का विशेष सम्मान किया गया, जिसमें आदित्य उर्फ अनु और उनकी मां रत्नेश ने कलश धारण करने वाली कन्याओं को टिफिन और दक्षिणा भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने इस क्रिया को भारतीय संस्कृति में कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका सम्मान करने का पुण्य का कार्य बताया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने यज्ञ एवं कथा की पूर्ण सफलता के लिए प्रार्थना की। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनसे आगामी धार्मिक कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। देर शाम तक कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।
- जसवंतनगर के मोहल्ला कोठी कैस्त में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा। कथा व्यास पंडित जितेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का महत्वपूर्ण संदेश दिया। पंडित शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके श्रवण से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा ईश्वर के प्रति आस्था और समर्पण की भावना प्रबल होती है। रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वर्णन सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं युवा श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया, जिससे भजन-कीर्तन और जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस यज्ञ में महानानंद एवं श्रीमती रामादेवी ने यजमान की भूमिका निभाई, जबकि आनंद कुमार एवं श्रीमती सुमन देवी परीक्षित के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। इस अवसर पर कलश यात्रा में शामिल किशोरियों और महिलाओं का विशेष सम्मान किया गया, जिसमें आदित्य उर्फ अनु और उनकी मां रत्नेश ने कलश धारण करने वाली कन्याओं को टिफिन और दक्षिणा भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने इस क्रिया को भारतीय संस्कृति में कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका सम्मान करने का पुण्य का कार्य बताया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने यज्ञ एवं कथा की पूर्ण सफलता के लिए प्रार्थना की। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनसे आगामी धार्मिक कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। देर शाम तक कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।1
- उत्तर प्रदेश में संडीला मदरसा से मांस और हड्डियों से भरा एक पिकअप वाहन कुंवर आसिफ अली डिग्री कॉलेज के पास पकड़ा गया। इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद हैदराबाद चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस पिकअप गाड़ी को आगे की कार्रवाई के लिए आशीवन थाना पहुंचाया। इस कार्रवाई में राष्ट्रीय बजरंग दल के उन्नाव जिला अध्यक्ष आकाश सिंह और कुछ अन्य लड़के भी शामिल थे, जिन्होंने गाड़ी का पीछा किया था। बताया गया कि ये लड़के चंडीगढ़ के थे।1
- एक सवाल उठाया गया है कि आखिर कौन से विभाग किस प्रकार और किन-किन लोगों के लिए रिश्वत लेते हैं।1
- इटावा के वार्ड नंबर 23 स्थित उसरा अड्डा की नई कॉलोनी में बीते 24 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे लगभग 100 घरों के लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं। यह समस्या कल शाम आए एक तेज तूफान के कारण उत्पन्न हुई, जिसमें दो विद्युत पोल टूटकर क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय लोगों में विद्युत विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से हालात बेहद खराब हो गए हैं, यहाँ तक कि पीने के पानी की भी समस्या खड़ी हो गई है। छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का बुरा हाल है। सभासद जितेंद्र कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित जेई को फोन कर समस्या से अवगत कराने की कोशिश की, लेकिन जेई ने फोन उठाना भी उचित नहीं समझा। इससे लोगों में विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। मोहल्ले के निवासी रामदास, बालकिशन, अर्जुन, सुनील डॉक्टर साहब, विष्णु कुशवाहा, दीपक यादव और फूल सिंह सहित अन्य लोगों ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि लगातार बिजली न आने से वे गर्मी से बेहाल हैं। इसके बावजूद, अब तक किसी भी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का संज्ञान नहीं लिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से तत्काल टूटे हुए पोलों को बदलकर विद्युत सप्लाई बहाल करने की मांग की है, ताकि इस भीषण गर्मी से उन्हें राहत मिल सके।1
- इटावा शहर की पीड़ित जनता अपनी शिकायतों पर नगर पालिका द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से आक्रोशित है। इसी के विरोध में, स्थानीय लोग नगर पालिका का घेराव करने के लिए जा रहे हैं।1
- इटावा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अड्डा जालिम मोहल्ले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ गाली-गलौज करने से रोकने पर आधा दर्जन से अधिक दबंगों ने एक दंपति को बेरहमी से पीटा। दबंगों ने घर में घुसकर दंपति को गली में खींच लिया और फिर लाठी-डंडों तथा लात-घूंसों से उन पर जमकर हमला किया, जिससे दंपति बुरी तरह घायल हो गया। आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित घायल दंपति का मेडिकल भी नहीं करवाया। हमलावर दबंगों ने पीड़ित दंपति को जान से मारने की धमकी भी दी है। इस पूरी घटना का एक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।4
- जसवंतनगर में चौ. सुघर सिंह नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने नशा मुक्ति और तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों पर केंद्रित एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल के तहत, विद्यार्थियों ने एक रैली निकाली और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निकाली गई इस जागरूकता रैली में छात्रों ने 'तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो', 'नशा मुक्त बनाओ देश' और 'स्वस्थ जीवन अपनाओ' जैसे नारों के साथ लोगों को जागरूक किया। इसी क्रम में, इटावा जिला अस्पताल में एक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक के जरिए तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से होने वाली बीमारियों तथा उनके सामाजिक दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। संस्था के प्रबंध निदेशक अनुज मोंटी यादव ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं और स्कूली बच्चों को नशे से दूर रखना समाज की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वहीं, संस्था की निदेशक डॉ. रीमा मंडल ने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया, और बताया कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम का समापन छात्र-छात्राओं और शिक्षकों द्वारा नशा मुक्त समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।1
- जनपद इटावा के इकदिल क्षेत्र में रविवार शाम अचानक मौसम बदलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवाओं के चलते कई जगहों पर पेड़, डालियां और बिजली के खंभे गिरने की खबरें सामने आईं, जिससे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। धूलभरी हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने सड़क पर चल रहे लोगों और वाहन चालकों के लिए काफी परेशानी खड़ी कर दी, कम दृश्यता के कारण कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। तेज तूफान का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक रहा। ग्राम भवानीपुर पोस्ट रीतौर निवासी लगभग 70 वर्षीय बैजनाथ सिंह पुत्र गणेश का मकान तेज आंधी-तूफान की चपेट में आकर पूरी तरह ढह गया। गनीमत रही कि बैजनाथ सिंह बाल-बाल बच गए, लेकिन उनका पूरा आशियाना उजड़ गया, जिससे अब उनका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। पीड़ित बैजनाथ सिंह ने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। इसके अलावा, तेज हवाओं के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई, जहाँ धूलभरी आंधी के चलते वाहन चालकों को गति धीमी करनी पड़ी और कुछ स्थानों पर सड़क किनारे खड़ी बाइकें भी गिर गईं। मौसम के अचानक बदले मिजाज से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।1