logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

भभुआ जिला मुख्यालय स्थित अखलासपुर बस पड़ाव, जिसके बने हुए लगभग 36 वर्ष हो चुके हैं, वर्तमान में बदहाली और अव्यवस्था का शिकार बना हुआ है। यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए इस बस स्टैंड में अब सुविधाओं का घोर अभाव है। पहले यह बस स्टैंड कैमूर स्तंभ राजेंद्र सरोवर के पास स्थित था, और यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से इसे लगभग 1990 के आसपास अखलासपुर में स्थानांतरित किया गया था। यहाँ से राजधानी पटना सहित कई अंतरराज्यीय बसें संचालित होती हैं और दूर-दराज के गाँवों तथा अन्य जिलों से यात्री यहाँ पहुँचते हैं, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएँ तक नहीं मिल पाती हैं। हालात ऐसी हो गई है कि यहाँ आने वाले यात्रियों को बैठने तक की जगह नहीं मिल पाती है; अगर कोई यात्री अखलासपुर बस पड़ाव में उतरकर कुछ देर आराम करना चाहे तो उसे शहर के होटलों और धर्मशालाओं का रुख करना पड़ता है, क्योंकि बस स्टैंड परिसर में चारों ओर गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। परिसर में प्रवेश करते ही हर तरफ कूड़े का अंबार नज़र आता है, मानो पूरे शहर का कचरा यहीं फेंका जाता हो। साफ-सफाई के नाम पर यहाँ शून्य व्यवस्था है, और जगह-जगह फैली गंदगी न केवल बदबू फैलाती है बल्कि बीमारियों को भी न्योता दे रही है। वर्षों पहले बनाया गया यात्री पड़ाव अब खंडहर में बदल चुका है, और जर्जर भवन में यात्रियों के बैठने की जगह अब बाइक स्टैंड बन गई है। सटे स्टॉप के लिए बनाए गए भवन में भी गंदगी भरी है, जहाँ मजबूरी में इक्का-दुक्का यात्री नाक बंद कर बैठे नज़र आते हैं, जो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। धूप, गर्मी या बारिश में यात्रियों को खड़े होकर ही बसों का इंतजार करना पड़ता है। गर्मी का समय होने और तापमान चरम पर होने के बावजूद, जहाँ लोग गर्मी से बेहाल हैं, वहीं अखलासपुर बस स्टैंड जैसे अंतराज्यीय बस पड़ाव पर यात्रियों की सुविधा के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किया गया है। पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह से नदारद है, और परिसर में कहीं भी पानी पीने की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे यात्रियों को मजबूरन महंगे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है। बस स्टैंड के मुख्य गेट और परिसर में ई-रिक्शा चालकों द्वारा की जा रही अवैध पार्किंग और अन्य वाहनों के अव्यवस्थित खड़े होने से यात्रियों को बस पकड़ने में काफी परेशानी होती है। कई बार तो यात्रियों को खड़े होने तक की जगह नहीं मिल पाती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। इसके अलावा, टूटे हुए यात्री पड़ाव और अन्य खाली स्थानों पर अस्थायी कब्जे कर परिसर में अन्य गतिविधियाँ भी संचालित हो रही हैं, जो बस स्टैंड की मूल संरचना और उपयोगिता को प्रभावित कर रही हैं। संबंधित विभाग इस बदहाली की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

1 hr ago
user_Arun kumar
Arun kumar
भभुआ, कैमूर (भभुआ), बिहार•
1 hr ago
a8713491-661f-45f0-800b-d9928e35f719

भभुआ जिला मुख्यालय स्थित अखलासपुर बस पड़ाव, जिसके बने हुए लगभग 36 वर्ष हो चुके हैं, वर्तमान में बदहाली और अव्यवस्था का शिकार बना हुआ है। यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए इस बस स्टैंड में अब सुविधाओं का घोर अभाव है। पहले यह बस स्टैंड कैमूर स्तंभ राजेंद्र सरोवर के पास स्थित था, और यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से इसे लगभग 1990 के आसपास अखलासपुर में स्थानांतरित किया गया था। यहाँ से राजधानी पटना सहित कई अंतरराज्यीय बसें संचालित होती हैं और दूर-दराज के गाँवों तथा अन्य जिलों से यात्री यहाँ पहुँचते हैं, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएँ तक नहीं मिल पाती हैं। हालात ऐसी हो गई है कि यहाँ आने वाले यात्रियों को बैठने तक की जगह नहीं मिल पाती है; अगर कोई यात्री अखलासपुर बस पड़ाव में उतरकर कुछ देर आराम करना चाहे तो उसे शहर के होटलों और धर्मशालाओं का रुख करना पड़ता है, क्योंकि बस स्टैंड परिसर में चारों ओर गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। परिसर में प्रवेश करते ही हर तरफ कूड़े का अंबार नज़र आता है, मानो पूरे शहर का कचरा यहीं फेंका जाता हो। साफ-सफाई के नाम पर यहाँ शून्य व्यवस्था है, और जगह-जगह फैली गंदगी न केवल बदबू फैलाती है बल्कि बीमारियों को भी न्योता दे रही है। वर्षों पहले बनाया गया यात्री पड़ाव अब खंडहर में बदल चुका है, और जर्जर भवन में यात्रियों के बैठने की जगह अब बाइक स्टैंड बन गई है। सटे स्टॉप के लिए बनाए गए भवन में भी गंदगी भरी है, जहाँ मजबूरी में इक्का-दुक्का यात्री नाक बंद कर बैठे नज़र आते हैं, जो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। धूप, गर्मी या बारिश में यात्रियों को खड़े होकर ही बसों का इंतजार करना पड़ता है। गर्मी का समय होने और तापमान चरम पर होने के बावजूद, जहाँ लोग गर्मी से बेहाल हैं, वहीं अखलासपुर बस स्टैंड जैसे अंतराज्यीय बस पड़ाव पर यात्रियों की सुविधा के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किया गया है। पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह से नदारद है, और परिसर में कहीं भी पानी पीने की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे यात्रियों को मजबूरन महंगे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है। बस स्टैंड के मुख्य गेट और परिसर में ई-रिक्शा चालकों द्वारा की जा रही अवैध पार्किंग और अन्य वाहनों के अव्यवस्थित खड़े होने से यात्रियों को बस पकड़ने में काफी परेशानी होती है। कई बार तो यात्रियों को खड़े होने तक की जगह नहीं मिल पाती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। इसके अलावा, टूटे हुए यात्री पड़ाव और अन्य खाली स्थानों पर अस्थायी कब्जे कर परिसर में अन्य गतिविधियाँ भी संचालित हो रही हैं, जो बस स्टैंड की मूल संरचना और उपयोगिता को प्रभावित कर रही हैं। संबंधित विभाग इस बदहाली की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

More news from बिहार and nearby areas
  • Post by Chandan kumar gupta
    1
    Post by Chandan kumar gupta
    user_Chandan kumar gupta
    Chandan kumar gupta
    भभुआ, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    4 hrs ago
  • कैमूर की पहाड़ियों में रहने वाले आदिवासी समाज को आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए गंभीर संघर्ष करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में पानी का इतना भीषण संकट है कि महिलाएं और बच्चे मीलों दूर से पीने का पानी लाने को विवश हैं, जो उनकी दैनिक दिनचर्या का एक कठिन हिस्सा बन चुका है। इस विकट स्थिति के बावजूद, सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस या बड़ा कदम नहीं उठाया गया है। यह वीडियो कैमूर के पहाड़ी इलाकों की वास्तविक और अनदेखी स्थिति को दर्शाता है, जिसकी ओर मीडिया और नेता कथित तौर पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जैसा कि स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त किया गया है, "नेता आते हैं… लेकिन पानी नहीं!", जो पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए आदिवासी समाज की निरंतर मजबूरी को रेखांकित करता है। इस आवाज को सरकार तक पहुँचाने और इस गंभीर समस्या पर ध्यान आकर्षित करने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।
    1
    कैमूर की पहाड़ियों में रहने वाले आदिवासी समाज को आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए गंभीर संघर्ष करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में पानी का इतना भीषण संकट है कि महिलाएं और बच्चे मीलों दूर से पीने का पानी लाने को विवश हैं, जो उनकी दैनिक दिनचर्या का एक कठिन हिस्सा बन चुका है।

इस विकट स्थिति के बावजूद, सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस या बड़ा कदम नहीं उठाया गया है। यह वीडियो कैमूर के पहाड़ी इलाकों की वास्तविक और अनदेखी स्थिति को दर्शाता है, जिसकी ओर मीडिया और नेता कथित तौर पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जैसा कि स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त किया गया है, "नेता आते हैं… लेकिन पानी नहीं!", जो पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए आदिवासी समाज की निरंतर मजबूरी को रेखांकित करता है। इस आवाज को सरकार तक पहुँचाने और इस गंभीर समस्या पर ध्यान आकर्षित करने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।
    user_Mitalkharwar
    Mitalkharwar
    Content Creator (YouTuber) भभुआ, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    6 hrs ago
  • कैमूर जिला परिषद की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद गहरा गया है। जिला परिषद सदस्य भाग संख्या-3 और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह को 2 करोड़ रुपये की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस सिविल कोर्ट भभुआ के वरीय अधिवक्ता कौशल पति पाण्डेय के माध्यम से भेजा गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि 26 मई 2026 को जिला परिषद कार्यालय भभुआ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अध्यक्ष रिंकी सिंह ने विकास सिंह के संबंध में आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां की थीं। नोटिस में कहा गया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए इन कथित बयानों से विकास सिंह की सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया है। विकास सिंह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उनकी सामाजिक पहचान कैमूर सहित बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित है, ऐसे में सार्वजनिक मंच से दिए गए कथित बयान से उनकी मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है। अधिवक्ता द्वारा भेजे गए इस नोटिस में जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह से एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए जवाब देने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध सिविल एवं आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। नोटिस में 2 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की भी मांग की गई है। इस कानूनी नोटिस के बाद जिला परिषद की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
    4
    कैमूर जिला परिषद की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद गहरा गया है। जिला परिषद सदस्य भाग संख्या-3 और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह को 2 करोड़ रुपये की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है।

यह नोटिस सिविल कोर्ट भभुआ के वरीय अधिवक्ता कौशल पति पाण्डेय के माध्यम से भेजा गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि 26 मई 2026 को जिला परिषद कार्यालय भभुआ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अध्यक्ष रिंकी सिंह ने विकास सिंह के संबंध में आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां की थीं। नोटिस में कहा गया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए इन कथित बयानों से विकास सिंह की सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया है। विकास सिंह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उनकी सामाजिक पहचान कैमूर सहित बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित है, ऐसे में सार्वजनिक मंच से दिए गए कथित बयान से उनकी मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है।

अधिवक्ता द्वारा भेजे गए इस नोटिस में जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह से एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए जवाब देने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध सिविल एवं आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। नोटिस में 2 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की भी मांग की गई है। इस कानूनी नोटिस के बाद जिला परिषद की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
    user_Om Prakash Tiwari
    Om Prakash Tiwari
    Newspaper advertising department Bhabua, Kaimur (Bhabua)•
    20 hrs ago
  • चैनपुर प्रखंड के विकास पदाधिकारी शुभम प्रकाश ने एक पत्र जारी किया है।
    1
    चैनपुर प्रखंड के विकास पदाधिकारी शुभम प्रकाश ने एक पत्र जारी किया है।
    user_गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    Chainpur, Kaimur (Bhabua)•
    59 min ago
  • अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने कल शाम कैमूर जिले के पानापुर गांव का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल के उद्घाटन मैच में पहुँचकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया।
    1
    अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने कल शाम कैमूर जिले के पानापुर गांव का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल के उद्घाटन मैच में पहुँचकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया।
    user_आजाद जमावादी
    आजाद जमावादी
    Local News Reporter चैनपुर, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    7 hrs ago
  • कैमूर जिले के मोहनिया चेक पोस्ट के पास रविवार सुबह आंध्र प्रदेश से श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी ले जा रही एक टूरिस्ट बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया गया कि बस चालक को झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया, जिससे बस में सवार सात यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल यात्रियों को मोहनिया के अनुमंडलीय अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। घायलों में चमाचम (पिता- अपना), मोहिनी (पिता- सुखबइया), आर. सोरमा (पिता- तऊडू), वलग कुमार (पिता- लक्ष्मी नारायण), चेंना राव (पिता- यनकना), सुखबइया (पिता- गुडईया) और अपना (पिता- तउड़ी) शामिल हैं। ये सभी घायल आंध्र प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इस दुर्घटना का कारण चालक को नींद आना बताया है और मामले की जांच जारी है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, सभी घायल यात्रियों की स्थिति अब खतरे से बाहर है।
    2
    कैमूर जिले के मोहनिया चेक पोस्ट के पास रविवार सुबह आंध्र प्रदेश से श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी ले जा रही एक टूरिस्ट बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया गया कि बस चालक को झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया, जिससे बस में सवार सात यात्री घायल हो गए।

हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल यात्रियों को मोहनिया के अनुमंडलीय अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। घायलों में चमाचम (पिता- अपना), मोहिनी (पिता- सुखबइया), आर. सोरमा (पिता- तऊडू), वलग कुमार (पिता- लक्ष्मी नारायण), चेंना राव (पिता- यनकना), सुखबइया (पिता- गुडईया) और अपना (पिता- तउड़ी) शामिल हैं। ये सभी घायल आंध्र प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं।

पुलिस ने इस दुर्घटना का कारण चालक को नींद आना बताया है और मामले की जांच जारी है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, सभी घायल यात्रियों की स्थिति अब खतरे से बाहर है।
    user_Vinod kumar singh
    Vinod kumar singh
    Local News Reporter Mohania, Kaimur (Bhabua)•
    1 hr ago
  • कैमूर के मोहनिया में रविवार सुबह एक टूरिस्ट बस मोहनिया चेक पोस्ट के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह बस आंध्र प्रदेश से श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी दर्शन के लिए ले जा रही थी। इस हादसे में बस में सवार सात यात्री घायल हो गए। बताया गया है कि बस चालक को झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और एनएचएआई की टीम घटनास्थल पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया भेजा गया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। घायलों में चमाचम (पिता- अपना), मोहिनी (पिता- सुखबइया), आर. सोरमा (पिता- तऊडू), वलग कुमार (पिता- लक्ष्मी नारायण), चेंना राव (पिता- यनकना), सुखबइया (पिता- गुडईया) और अपना (पिता- तउड़ी) शामिल हैं। ये सभी घायल आंध्र प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने जानकारी दी कि दुर्घटना चालक को नींद आने के कारण हुई प्रतीत होती है और मामले की जांच की जा रही है। अस्पताल में सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
    2
    कैमूर के मोहनिया में रविवार सुबह एक टूरिस्ट बस मोहनिया चेक पोस्ट के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह बस आंध्र प्रदेश से श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी दर्शन के लिए ले जा रही थी। इस हादसे में बस में सवार सात यात्री घायल हो गए।

बताया गया है कि बस चालक को झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और एनएचएआई की टीम घटनास्थल पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया भेजा गया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। घायलों में चमाचम (पिता- अपना), मोहिनी (पिता- सुखबइया), आर. सोरमा (पिता- तऊडू), वलग कुमार (पिता- लक्ष्मी नारायण), चेंना राव (पिता- यनकना), सुखबइया (पिता- गुडईया) और अपना (पिता- तउड़ी) शामिल हैं। ये सभी घायल आंध्र प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने जानकारी दी कि दुर्घटना चालक को नींद आने के कारण हुई प्रतीत होती है और मामले की जांच की जा रही है। अस्पताल में सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
    user_Vinod kumar singh
    Vinod kumar singh
    Local News Reporter Mohania, Kaimur (Bhabua)•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.