कैमूर की पहाड़ियों में रहने वाले आदिवासी समाज को आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए गंभीर संघर्ष करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में पानी का इतना भीषण संकट है कि महिलाएं और बच्चे मीलों दूर से पीने का पानी लाने को विवश हैं, जो उनकी दैनिक दिनचर्या का एक कठिन हिस्सा बन चुका है। इस विकट स्थिति के बावजूद, सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस या बड़ा कदम नहीं उठाया गया है। यह वीडियो कैमूर के पहाड़ी इलाकों की वास्तविक और अनदेखी स्थिति को दर्शाता है, जिसकी ओर मीडिया और नेता कथित तौर पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जैसा कि स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त किया गया है, "नेता आते हैं… लेकिन पानी नहीं!", जो पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए आदिवासी समाज की निरंतर मजबूरी को रेखांकित करता है। इस आवाज को सरकार तक पहुँचाने और इस गंभीर समस्या पर ध्यान आकर्षित करने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।
कैमूर की पहाड़ियों में रहने वाले आदिवासी समाज को आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए गंभीर संघर्ष करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में पानी का इतना भीषण संकट है कि महिलाएं और बच्चे मीलों दूर से पीने का पानी लाने को विवश हैं, जो उनकी दैनिक दिनचर्या का एक कठिन हिस्सा बन चुका है। इस विकट स्थिति के बावजूद, सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस या बड़ा कदम नहीं उठाया गया है। यह वीडियो कैमूर के पहाड़ी इलाकों की वास्तविक और अनदेखी स्थिति को दर्शाता है, जिसकी ओर मीडिया और नेता कथित तौर पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जैसा कि स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त किया गया है, "नेता आते हैं… लेकिन पानी नहीं!", जो पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए आदिवासी समाज की निरंतर मजबूरी को रेखांकित करता है। इस आवाज को सरकार तक पहुँचाने और इस गंभीर समस्या पर ध्यान आकर्षित करने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।
- कैमूर की पहाड़ियों में रहने वाले आदिवासी समाज को आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए गंभीर संघर्ष करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में पानी का इतना भीषण संकट है कि महिलाएं और बच्चे मीलों दूर से पीने का पानी लाने को विवश हैं, जो उनकी दैनिक दिनचर्या का एक कठिन हिस्सा बन चुका है। इस विकट स्थिति के बावजूद, सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस या बड़ा कदम नहीं उठाया गया है। यह वीडियो कैमूर के पहाड़ी इलाकों की वास्तविक और अनदेखी स्थिति को दर्शाता है, जिसकी ओर मीडिया और नेता कथित तौर पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जैसा कि स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त किया गया है, "नेता आते हैं… लेकिन पानी नहीं!", जो पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए आदिवासी समाज की निरंतर मजबूरी को रेखांकित करता है। इस आवाज को सरकार तक पहुँचाने और इस गंभीर समस्या पर ध्यान आकर्षित करने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।1
- कैमूर जिला परिषद की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद गहरा गया है। जिला परिषद सदस्य भाग संख्या-3 और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह को 2 करोड़ रुपये की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस सिविल कोर्ट भभुआ के वरीय अधिवक्ता कौशल पति पाण्डेय के माध्यम से भेजा गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि 26 मई 2026 को जिला परिषद कार्यालय भभुआ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अध्यक्ष रिंकी सिंह ने विकास सिंह के संबंध में आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां की थीं। नोटिस में कहा गया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए इन कथित बयानों से विकास सिंह की सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया है। विकास सिंह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उनकी सामाजिक पहचान कैमूर सहित बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित है, ऐसे में सार्वजनिक मंच से दिए गए कथित बयान से उनकी मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है। अधिवक्ता द्वारा भेजे गए इस नोटिस में जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह से एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए जवाब देने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध सिविल एवं आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। नोटिस में 2 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की भी मांग की गई है। इस कानूनी नोटिस के बाद जिला परिषद की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।4
- बिहार के कैमूर जिले के बेलांव थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में तनाव और विवाद को और बढ़ा दिया है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चार-पांच लोग मिलकर एक अकेले युवक को बुरी तरह से पीट रहे हैं। यह घटना बेलांव थाना क्षेत्र के खरेंदा गांव की बताई गई है। पीड़ित युवक की पहचान खरेंदा निवासी चंदन कुमार गुप्ता के रूप में हुई है, जिन्होंने बेलांव थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में चंदन कुमार ने आरोप लगाया है कि जब वह अपने किसी काम से बेलांव पुल की तरफ जा रहे थे, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे रामाश्रय सिंह, इंद्रजीत सिंह, मीनू कुमार और उनके कुछ अन्य साथियों ने उन्हें जबरन रोक लिया। आरोपियों ने पहले उनके साथ गाली-गलौज की और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो लाठी-डंडों से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर मारपीट के कारण पीड़ित के सिर, होंठ और शरीर के कई अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित चंदन कुमार गुप्ता ने बताया कि इस मारपीट के पीछे अतिक्रमण को लेकर चल रहा पुराना विवाद है, और आरोपियों ने इसी रंजिश के तहत उन पर हमला किया। इस पूरे मामले पर बेलांव थाना पुलिस का कहना है कि उन्हें पीड़ित की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हो चुका है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और वायरल वीडियो तथा आवेदन के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित ने नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।4
- एक व्यक्ति ने जानकारी दी है कि वह गंजा हो गया है और अब क्या करना है, इसे लेकर उलझन में है। इसी बीच, उस व्यक्ति ने देखा कि एक छोटा बच्चा अपने बालों के लिए रो रहा है, जिस पर उसने अपनी भावनाओं को हँसी और दुख के मिश्रण के साथ व्यक्त किया है।1
- अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने कल शाम कैमूर जिले के पानापुर गांव का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल के उद्घाटन मैच में पहुँचकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया।1
- बिहार के कैमूर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को BPSC टीचर बनाने के लिए अपनी जमीन तक बेच दी थी। हालाँकि, अब इसी पति ने अपनी पत्नी को एक कमरे में उसके प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया है। इस घटना ने पति के द्वारा किए गए त्याग और फिर मिली धोखेबाजी को उजागर किया है।1
- भभुआ नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति के गठन के लिए शनिवार को बहुउद्देशीय भवन में चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस चुनाव के बाद, विजयी उम्मीदवारों को संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्वाचन प्रमाण पत्र दिए गए। जानकारी के अनुसार, सशक्त स्थायी समिति के तीन सदस्यों के निर्वाचन के लिए शनिवार सुबह 7:45 बजे मतदान शुरू हुआ। इस प्रक्रिया में वार्ड संख्या-1 की पार्षद उर्मिला देवी, वार्ड संख्या-2 की पार्षद रुखसाना खातून, वार्ड संख्या-22 के पार्षद सुरेंद्र सिंह और वार्ड संख्या-12 के पार्षद प्रमोद पाठक ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की थी। निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वार्ड संख्या-2 की पार्षद रुखसाना खातून और वार्ड संख्या-22 के पार्षद सुरेंद्र सिंह को निर्विरोध सशक्त स्थायी समिति का सदस्य घोषित किया गया, क्योंकि उनके खिलाफ किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन या दावा प्रस्तुत नहीं किया था। वहीं, तीसरे सदस्य पद के लिए वार्ड संख्या-1 की पार्षद उर्मिला देवी और वार्ड संख्या-12 के पार्षद प्रमोद पाठक के बीच सीधा मुकाबला हुआ। इसके लिए गुप्त मतदान कराया गया। मतदान के बाद हुई मतगणना में, उर्मिला देवी को 14 मत प्राप्त हुए, जबकि प्रमोद पाठक को 10 मत मिले। इस प्रकार, उर्मिला देवी ने चुनाव में जीत दर्ज करते हुए सशक्त स्थायी समिति की सदस्यता हासिल की। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, अधिकारियों ने सभी निर्वाचित सदस्यों को प्रमाण पत्र सौंपे। पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद रही।4
- रोहतास जिले के तिलौथू थाना चौक के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। एक डम्फर ने युवक को कुचल दिया, जिससे वह घटनास्थल पर ही दम तोड़ गया। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है। मृतक की पहचान तिलौथू निवासी नंदलाल प्रजापति के पुत्र के रूप में हुई है। नंदलाल प्रजापति तिलौथू बाजार में पान की दुकान चलाते हैं और क्षेत्र में एक जाने-माने व्यवसायी के तौर पर पहचाने जाते हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे, जहाँ परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक थाना चौक के समीप सड़क पर था, तभी तेज रफ्तार डम्फर की चपेट में आ गया। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि उसकी जान तुरंत चली गई। इस हादसे के बाद आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही तिलौथू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस डम्फर चालक और वाहन के संबंध में जानकारी जुटा रही है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तिलौथू थाना चौक और आसपास के क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने और भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण लगाने की मांग की है। इस दुखद हादसे से तिलौथू बाजार सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, और स्थानीय लोगों तथा जनप्रतिनिधियों ने मृतक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई और सहायता का आग्रह किया है।2