सोमवार को पूर्णिया के जलालगढ़ स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में अनुसूचित जनजाति योजना के तहत आदिवासी कृषक महिलाओं को दो सिलाई मशीनें और दो हस्तचालित मक्का बुवाई मशीनें वितरित की गईं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है। वितरित की गई सिलाई मशीनों की लाभार्थी कसबा प्रखंड के बरेता गांव की सोनमणि मरांडी और बाईसा सीमा गांव की कविता टुडू रहीं। मक्का बुवाई मशीन शांति मुर्मू सहित अन्य लाभार्थियों को उपलब्ध कराई गई। वैज्ञानिकों ने इस अवसर पर बताया कि हस्तचालित मशीन से समान दूरी और गहराई पर बुवाई होने से कृषि लागत में कमी आती है और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। यह कार्यक्रम वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. के. एम. सिंह के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्र के वैज्ञानिक और अन्य कर्मी भी उपस्थित रहे।
सोमवार को पूर्णिया के जलालगढ़ स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में अनुसूचित जनजाति योजना के तहत आदिवासी कृषक महिलाओं को दो सिलाई मशीनें और दो हस्तचालित मक्का बुवाई मशीनें वितरित की गईं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है। वितरित की गई सिलाई मशीनों की लाभार्थी कसबा प्रखंड के बरेता गांव की सोनमणि मरांडी और बाईसा सीमा गांव की कविता टुडू रहीं। मक्का बुवाई मशीन शांति मुर्मू सहित अन्य लाभार्थियों को उपलब्ध कराई गई। वैज्ञानिकों ने इस अवसर पर बताया कि हस्तचालित मशीन से समान दूरी और गहराई पर बुवाई होने से कृषि लागत में कमी आती है और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। यह कार्यक्रम वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. के. एम. सिंह के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्र के वैज्ञानिक और अन्य कर्मी भी उपस्थित रहे।
- सोमवार को पूर्णिया के जलालगढ़ स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में अनुसूचित जनजाति योजना के तहत आदिवासी कृषक महिलाओं को दो सिलाई मशीनें और दो हस्तचालित मक्का बुवाई मशीनें वितरित की गईं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है। वितरित की गई सिलाई मशीनों की लाभार्थी कसबा प्रखंड के बरेता गांव की सोनमणि मरांडी और बाईसा सीमा गांव की कविता टुडू रहीं। मक्का बुवाई मशीन शांति मुर्मू सहित अन्य लाभार्थियों को उपलब्ध कराई गई। वैज्ञानिकों ने इस अवसर पर बताया कि हस्तचालित मशीन से समान दूरी और गहराई पर बुवाई होने से कृषि लागत में कमी आती है और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। यह कार्यक्रम वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. के. एम. सिंह के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्र के वैज्ञानिक और अन्य कर्मी भी उपस्थित रहे।1
- Post by Md Raju1
- बिहार के अररिया जिले में फारबिसगंज प्रखंड की हरिपुर पंचायत में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर ज़िला पदाधिकारी विनोद दूहन, सांसद प्रदीप कुमार सिंह, विधायक मुर्शिद आलम, विजय कुमार मंडल, मनोज विश्वास, देवंती देवी और चेयरमैन आफ़ताब अज़ीम सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।1
- स्थानीय जानकारी के अनुसार, पानी के कारण प्रदूषण फैल रहा है और इसी वजह से कई हादसे भी होते हैं।1
- एक पोस्ट के माध्यम से पाठकों से 'ऐसे ठेकेदार' के बारे में उनकी राय मांगी गई है। उन्हें इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।1
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