गौ सेवक और संत समाज ने गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की सरकार से मांग की गौमाता को सम्मान और सुरक्षा प्रदान कराने की मांग को लेकर अब संत समाज और हिन्दू संगठन के लोग एकजुट होकर एक अभियान छेड़ रहे हैं. इसी के मद्देनजर आगामी 27 अप्रैल को गो सम्मान दिवस के रूप में मनाने की तैयारी की जा रही है. साथ ही गौमाता के लिए एक विशेष अभियान की भी तैयारी की जा रही है. इस तैयारी से पहले गौ सेवकों और संत समाज ने भारत में गो संरक्षण एवं संवर्धन हेतु एक केन्द्रीय कानून, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाने और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनाने की मांग की है. संतों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए वाहनों को गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए. इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं. गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो. गौरतलब है कि अभियान से जुड़ी कार्ययोजना विगत जनवरी से मार्च 2026 तक पूरे देश में प्रचार-प्रसार अभियान चलाया गया. इसके बाद 27 अप्रैल 2026 को भारत के सभी तहसील/तालुकाओं मुख्यालय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे. संतो ने कहा कि इसके बाद देश के तमाम संत समाज के लोग राजधानी दिल्ली में एकत्र होकर शांतिपूर्ण संकीर्तन के माध्यम से गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ सम्मान के लिए केन्द्र सरकार से आह्वान करेंगे. फिर भी सरकार की ओर से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो फिर देश के सन्त गंगाजल पान करके उपवास करेंगे और सरकार ने गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए कुछ नहीं किया तो फिर अन्त में देश के सन्त गोमाता हितार्थ आमरण अनशन करेंगे.
गौ सेवक और संत समाज ने गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की सरकार से मांग की गौमाता को सम्मान और सुरक्षा प्रदान कराने की मांग को लेकर अब संत समाज और हिन्दू संगठन के लोग एकजुट होकर एक अभियान छेड़ रहे हैं. इसी के मद्देनजर आगामी 27 अप्रैल को गो सम्मान दिवस के रूप में मनाने की तैयारी की जा रही है. साथ ही गौमाता के लिए एक विशेष अभियान की भी तैयारी की जा रही है. इस तैयारी से पहले गौ सेवकों और संत समाज ने भारत में गो संरक्षण एवं संवर्धन हेतु एक केन्द्रीय कानून, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाने और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनाने की मांग की है. संतों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए वाहनों को गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए. इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं. गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो. गौरतलब है कि अभियान से जुड़ी कार्ययोजना विगत जनवरी से मार्च 2026 तक पूरे देश में प्रचार-प्रसार अभियान चलाया गया. इसके बाद 27 अप्रैल 2026 को भारत के सभी तहसील/तालुकाओं मुख्यालय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे. संतो ने कहा कि इसके बाद देश के तमाम संत समाज के लोग राजधानी दिल्ली में एकत्र होकर शांतिपूर्ण संकीर्तन के माध्यम से गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ सम्मान के लिए केन्द्र सरकार से आह्वान करेंगे. फिर भी सरकार की ओर से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो फिर देश के सन्त गंगाजल पान करके उपवास करेंगे और सरकार ने गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए कुछ नहीं किया तो फिर अन्त में देश के सन्त गोमाता हितार्थ आमरण अनशन करेंगे.
- Post by ANOKHI KAHANIYAN1
- गौमाता को सम्मान और सुरक्षा प्रदान कराने की मांग को लेकर अब संत समाज और हिन्दू संगठन के लोग एकजुट होकर एक अभियान छेड़ रहे हैं. इसी के मद्देनजर आगामी 27 अप्रैल को गो सम्मान दिवस के रूप में मनाने की तैयारी की जा रही है. साथ ही गौमाता के लिए एक विशेष अभियान की भी तैयारी की जा रही है. इस तैयारी से पहले गौ सेवकों और संत समाज ने भारत में गो संरक्षण एवं संवर्धन हेतु एक केन्द्रीय कानून, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाने और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनाने की मांग की है. संतों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए वाहनों को गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए. इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं. गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो. गौरतलब है कि अभियान से जुड़ी कार्ययोजना विगत जनवरी से मार्च 2026 तक पूरे देश में प्रचार-प्रसार अभियान चलाया गया. इसके बाद 27 अप्रैल 2026 को भारत के सभी तहसील/तालुकाओं मुख्यालय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे. संतो ने कहा कि इसके बाद देश के तमाम संत समाज के लोग राजधानी दिल्ली में एकत्र होकर शांतिपूर्ण संकीर्तन के माध्यम से गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ सम्मान के लिए केन्द्र सरकार से आह्वान करेंगे. फिर भी सरकार की ओर से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो फिर देश के सन्त गंगाजल पान करके उपवास करेंगे और सरकार ने गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए कुछ नहीं किया तो फिर अन्त में देश के सन्त गोमाता हितार्थ आमरण अनशन करेंगे.1
- Post by KABEER Saxena1
- न्यूज़: हनुमान जयंती के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर है। राजधानी के जहांगीरपुरी इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ इलाके में फुट पेट्रोलिंग लगातार की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।1
- Post by BHARAT TODAY NEWS1
- कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी केरल के कोझिकोड में एक जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "...केरल में हो रहे 'ब्रेन ड्रेन' (प्रतिभा पलायन) और बेरोज़गारी की समस्या का LDF के पास कोई जवाब नहीं है... हम एक अस्थिर और खतरनाक दौर की ओर बढ़ रहे हैं... ईंधन की कीमतें बढ़ने वाली हैं, महंगाई बढ़ने वाली है और नरेंद्र मोदी तथा केरल के मुख्यमंत्री, दोनों को ही नहीं पता कि क्या करना है। इसलिए हमारा पहला कदम केरल की जनता की रक्षा करना होगा..."1
- Post by Rakesh Kumar1
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