Shuru
Apke Nagar Ki App…
आगरा के आगरा कैंट स्टेशन पर आरपीएफ कर्मी और डिप्टी एसएस के बीच हुई मारपीट से हड़कंप मच गया। दरअसल, स्टेशन पर एक यात्री के चोटिल होने के बाद डिप्टी एसएस ने ट्रेन रुकवाने का फैसला लिया था। इसी दौरान, आरपीएफ कर्मी जितेंद्र उस यात्री को रोककर उससे पैसे वसूलना चाहता था, जिसके कारण दोनों के बीच विवाद और मारपीट हो गई।
सचिन कश्यप
आगरा के आगरा कैंट स्टेशन पर आरपीएफ कर्मी और डिप्टी एसएस के बीच हुई मारपीट से हड़कंप मच गया। दरअसल, स्टेशन पर एक यात्री के चोटिल होने के बाद डिप्टी एसएस ने ट्रेन रुकवाने का फैसला लिया था। इसी दौरान, आरपीएफ कर्मी जितेंद्र उस यात्री को रोककर उससे पैसे वसूलना चाहता था, जिसके कारण दोनों के बीच विवाद और मारपीट हो गई।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- अयोध्या राम मंदिर के चंदे में हुई चोरी का मुद्दा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की बैठक में उठ गया है। चंदा चोरी के इस मामले को लेकर संघ ने बेहद गहरी चिंता व्यक्त की है और इस पर अपना गहरा दुख जताया है।1
- उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त भारी भूचाल आ गया, जब बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिना किसी का नाम लिए सड़क पर आंदोलन करने वाले संगठनों और नेताओं पर तीखा हमला बोला। मेरठ की दलित बेटी ललिता गौतम को न्याय दिलाने की लड़ाई के बीच बहुजन सियासत में अब वर्चस्व की बड़ी जंग छिड़ गई है। मायावती ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन पीड़ित परिवारों को भड़काकर सड़कों पर उतारते हैं, अपनी राजनीति चमकाते हैं और फिर घटनास्थल पर पहुंचकर मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं। मायावती के इस बयान को सीधे तौर पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से जोड़कर देखा जा रहा है, जिन्होंने इस पर बेहद कड़ा पलटवार किया है। चंद्रशेखर आजाद ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि अगर वे मगरमच्छ के आंसू बहाने आते हैं, तो मायावती को भी ऐसा करने से किसने रोका है, वे भी आकर आंसू बहा लें। उन्होंने अदालत के जरिए इंसाफ मांगने की मायावती की बात पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर इंसाफ मिलने में दस साल का समय लगेगा, तो क्या तब तक हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लुटती रहे और लोग चुप बैठे रहें? चंद्रशेखर आजाद ने भावुक होते हुए कहा कि आज मायावती ने उनके दिल को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने साफ कर दिया कि अब समाज खुद इस बात का फैसला करेगा कि कौन उनके लिए वास्तव में लड़ रहा है और किसका समाज से सिर्फ वोट का रिश्ता है। इस जुबानी जंग के बाद अब बहुजन राजनीति में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि दलित समाज की लड़ाई का सही रास्ता क्या होगा—सड़क पर संघर्ष या फिर अदालत में न्याय का इंतजार।1
- आगरा में मारुति स्टेड चौराहे से कलेक्ट्रेट जाने वाली सड़क पर जीएम गिरिड कंपनी द्वारा नगर निगम का कार्य कराया जा रहा है, जिसके कारण इस मार्ग पर यातायात काफी प्रभावित हो रहा है। इस सड़क से गुजरने वाले लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी कार्य के चलते मारुति स्ट्रीट चौराहे से ठीक पहले एसपी हॉस्पिटल के पास वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई है।1
- आगरा के आगरा कैंट स्टेशन पर आरपीएफ कर्मी और डिप्टी एसएस के बीच हुई मारपीट से हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दरअसल, एक यात्री के चोटिल होने पर डिप्टी एसएस ने ट्रेन को रुकवाने का फैसला लिया था, जिसके बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ। डिप्टी एसएस का आरोप है कि आरपीएफ कर्मी जितेंद्र उस यात्री को रोककर उससे पैसे वसूलना चाहता था। जब डिप्टी एसएस ने इस बात का विरोध किया, तो दोनों के बीच विवाद काफी बढ़ गया। आरोप के मुताबिक, इस विवाद के दौरान डिप्टी एसएस के साथ मारपीट की गई। आरोपी आरपीएफ कर्मी जितेंद्र पहले भी विवादों में रहने के आरोपों को लेकर काफी चर्चा में रहा है।1