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सफाई के साथ संवेदनशीलता की मिसाल बने पार्षद रामप्रसाद ‘भोले’ "वार्ड 8 में पुराना ग्राम पंचायत भवन के पास चला स्वच्छता अभियान, स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया सराहनीय कदम" मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। जनप्रतिनिधि का असली दायित्व केवल बैठकों और सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं होता, बल्कि अपने वार्ड की छोटी-बड़ी समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए जमीन पर उतरना भी उसकी जिम्मेदारी होती है। नगर पंचायत नई लेदरी के वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद रामप्रसाद उर्फ भोले ने इसी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए पुराना ग्राम पंचायत भवन के पास लंबे समय से उगी घास-फूस और जमा कचरे की सफाई करवाकर सराहनीय पहल की है। पुराना ग्राम पंचायत भवन के समीप ही छोटे बच्चों का विद्यालय संचालित होता है। ऐसे में आसपास उगी झाड़ियां और जमा कचरा बच्चों के लिए चिंता का कारण बने हुए थे। इन स्थानों पर कीड़े-मकोड़ों के साथ मच्छरों के पनपने की आशंका भी बनी रहती थी। समस्या को गंभीरता से लेते हुए पार्षद रामप्रसाद ‘भोले’ ने स्वयं पहल कर सफाई अभियान चलवाया। उनकी इस पहल को लेकर वार्डवासियों में सकारात्मक चर्चा है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि जब अपने क्षेत्र की छोटी-छोटी समस्याओं को भी अपनी जिम्मेदारी समझकर गंभीरता से लेते हैं, तो उसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलता है। रामप्रसाद ‘भोले’ अपने सरल, मधुरभाषी और मिलनसार स्वभाव के लिए भी क्षेत्र में जाने जाते हैं। हर वर्ग के लोगों के साथ सहज व्यवहार और लोगों की समस्याओं को सुनने की उनकी शैली उन्हें जनता के बीच अलग पहचान दिलाती है। यही कारण है कि उनके द्वारा कराए गए इस सफाई कार्य की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। वार्डवासियों का कहना है कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। ऐसे छोटे लेकिन जरूरी प्रयास ही मोहल्ले को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होते हैं।

2 hrs ago
user_M.D. KASIM
M.D. KASIM
चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

सफाई के साथ संवेदनशीलता की मिसाल बने पार्षद रामप्रसाद ‘भोले’ "वार्ड 8 में पुराना ग्राम पंचायत भवन के पास चला स्वच्छता अभियान, स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया सराहनीय कदम" मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। जनप्रतिनिधि का असली दायित्व केवल बैठकों और सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं होता, बल्कि अपने वार्ड की छोटी-बड़ी समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए जमीन पर उतरना भी उसकी जिम्मेदारी होती है। नगर पंचायत नई लेदरी के वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद रामप्रसाद उर्फ भोले ने इसी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए पुराना ग्राम पंचायत भवन के पास लंबे समय से उगी घास-फूस और जमा कचरे की सफाई करवाकर सराहनीय पहल की है। पुराना ग्राम पंचायत भवन के समीप ही छोटे बच्चों का विद्यालय संचालित होता है। ऐसे में आसपास उगी झाड़ियां और जमा कचरा बच्चों के लिए चिंता का कारण बने हुए थे। इन स्थानों पर कीड़े-मकोड़ों के साथ मच्छरों के पनपने की आशंका भी बनी रहती थी। समस्या को गंभीरता से लेते हुए पार्षद रामप्रसाद ‘भोले’ ने स्वयं पहल कर सफाई अभियान चलवाया। उनकी इस पहल को लेकर वार्डवासियों में सकारात्मक चर्चा है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि जब अपने क्षेत्र की छोटी-छोटी समस्याओं को भी अपनी जिम्मेदारी समझकर गंभीरता से लेते हैं, तो उसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलता है। रामप्रसाद ‘भोले’ अपने सरल, मधुरभाषी और मिलनसार स्वभाव के लिए भी क्षेत्र में जाने जाते हैं। हर वर्ग के लोगों के साथ सहज व्यवहार और लोगों की समस्याओं को सुनने की उनकी शैली उन्हें जनता के बीच अलग पहचान दिलाती है। यही कारण है कि उनके द्वारा कराए गए इस सफाई कार्य की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। वार्डवासियों का कहना है कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। ऐसे छोटे लेकिन जरूरी प्रयास ही मोहल्ले को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होते हैं।

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  • सफाई के साथ संवेदनशीलता की मिसाल बने पार्षद रामप्रसाद ‘भोले’ "वार्ड 8 में पुराना ग्राम पंचायत भवन के पास चला स्वच्छता अभियान, स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया सराहनीय कदम" मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। जनप्रतिनिधि का असली दायित्व केवल बैठकों और सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं होता, बल्कि अपने वार्ड की छोटी-बड़ी समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए जमीन पर उतरना भी उसकी जिम्मेदारी होती है। नगर पंचायत नई लेदरी के वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद रामप्रसाद उर्फ भोले ने इसी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए पुराना ग्राम पंचायत भवन के पास लंबे समय से उगी घास-फूस और जमा कचरे की सफाई करवाकर सराहनीय पहल की है। पुराना ग्राम पंचायत भवन के समीप ही छोटे बच्चों का विद्यालय संचालित होता है। ऐसे में आसपास उगी झाड़ियां और जमा कचरा बच्चों के लिए चिंता का कारण बने हुए थे। इन स्थानों पर कीड़े-मकोड़ों के साथ मच्छरों के पनपने की आशंका भी बनी रहती थी। समस्या को गंभीरता से लेते हुए पार्षद रामप्रसाद ‘भोले’ ने स्वयं पहल कर सफाई अभियान चलवाया। उनकी इस पहल को लेकर वार्डवासियों में सकारात्मक चर्चा है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि जब अपने क्षेत्र की छोटी-छोटी समस्याओं को भी अपनी जिम्मेदारी समझकर गंभीरता से लेते हैं, तो उसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलता है। रामप्रसाद ‘भोले’ अपने सरल, मधुरभाषी और मिलनसार स्वभाव के लिए भी क्षेत्र में जाने जाते हैं। हर वर्ग के लोगों के साथ सहज व्यवहार और लोगों की समस्याओं को सुनने की उनकी शैली उन्हें जनता के बीच अलग पहचान दिलाती है। यही कारण है कि उनके द्वारा कराए गए इस सफाई कार्य की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। वार्डवासियों का कहना है कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। ऐसे छोटे लेकिन जरूरी प्रयास ही मोहल्ले को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होते हैं।
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    सफाई के साथ संवेदनशीलता की मिसाल बने पार्षद रामप्रसाद ‘भोले’

"वार्ड 8 में पुराना ग्राम पंचायत भवन के पास चला स्वच्छता अभियान, स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया सराहनीय कदम"

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी।
जनप्रतिनिधि का असली दायित्व केवल बैठकों और सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं होता, बल्कि अपने वार्ड की छोटी-बड़ी समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए जमीन पर उतरना भी उसकी जिम्मेदारी होती है। नगर पंचायत नई लेदरी के वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद रामप्रसाद उर्फ भोले ने इसी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए पुराना ग्राम पंचायत भवन के पास लंबे समय से उगी घास-फूस और जमा कचरे की सफाई करवाकर सराहनीय पहल की है।
पुराना ग्राम पंचायत भवन के समीप ही छोटे बच्चों का विद्यालय संचालित होता है। ऐसे में आसपास उगी झाड़ियां और जमा कचरा बच्चों के लिए चिंता का कारण बने हुए थे। इन स्थानों पर कीड़े-मकोड़ों के साथ मच्छरों के पनपने की आशंका भी बनी रहती थी। समस्या को गंभीरता से लेते हुए पार्षद रामप्रसाद ‘भोले’ ने स्वयं पहल कर सफाई अभियान चलवाया।
उनकी इस पहल को लेकर वार्डवासियों में सकारात्मक चर्चा है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि जब अपने क्षेत्र की छोटी-छोटी समस्याओं को भी अपनी जिम्मेदारी समझकर गंभीरता से लेते हैं, तो उसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलता है।
रामप्रसाद ‘भोले’ अपने सरल, मधुरभाषी और मिलनसार स्वभाव के लिए भी क्षेत्र में जाने जाते हैं। हर वर्ग के लोगों के साथ सहज व्यवहार और लोगों की समस्याओं को सुनने की उनकी शैली उन्हें जनता के बीच अलग पहचान दिलाती है। यही कारण है कि उनके द्वारा कराए गए इस सफाई कार्य की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।
वार्डवासियों का कहना है कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। ऐसे छोटे लेकिन जरूरी प्रयास ही मोहल्ले को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होते हैं।
    user_M.D. KASIM
    M.D. KASIM
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • मनेन्द्रगढ़ में अवैध शराब परिवहन करते दो आरोपी गिरफ्तार
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    मनेन्द्रगढ़ में अवैध शराब परिवहन करते दो आरोपी गिरफ्तार
    user_Sawan kumar
    Sawan kumar
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • cra hai me good video has been checked my account number good morning sir
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    cra hai me good video has been checked my account number 
good morning sir
    user_Aasni Kumar
    Aasni Kumar
    Tour Guide सोनहत, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का 24 वें दिन अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी सूरजपुर जिला के अंतर्गत ग्राम पंचायत बसनारा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का 24वें दिन अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहा है जिसमें उनका प्रमुख मांग बिजली पानी शिक्षा स्वास्थ्य एवम वन अधिकार पत्रक पात्र किसानों को पट्टा प्रदाय करने की प्रमुख मांग है।
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    गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का 24 वें दिन अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी 
सूरजपुर जिला के अंतर्गत ग्राम पंचायत बसनारा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का 24वें दिन अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहा है जिसमें उनका प्रमुख मांग बिजली पानी शिक्षा स्वास्थ्य एवम वन अधिकार पत्रक पात्र किसानों को पट्टा प्रदाय करने की प्रमुख मांग है।
    user_Santlal Urre
    Santlal Urre
    Waiter/Waitress सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • नमामि भारतम्’ के तहत अनूपपुर में गूंजा वंदे मातरम्,एक स्वर में राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में हुआ भव्य आयोजन, बारिश के बीच भी बच्चों ने पूरे उत्साह से किया सामूहिक गायन अनूपपुर - राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर, अनूपपुर के विद्यालय परिसर में ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। निर्धारित समय प्रातः 11 बजे विद्यालय परिसर में उपस्थित विद्यार्थियों, आचार्य परिवार, विद्यालय समिति के पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम के दौरान बारिश होने के बावजूद विद्यार्थियों और उपस्थित नागरिकों का उत्साह कम नहीं हुआ और बच्चों ने बारिश में भीगते हुए भी वंदे मातरम् का गायन जारी रखा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जैतहरी माननीय कमलेश पुरी तथा अध्यक्ष वरिष्ठ समाजसेवी माननीय पवन छिछबर रहे। अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति एवं देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत रहा। विद्यालय समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य रहे उपस्थित कार्यक्रम में विद्यालय समिति के व्यवस्थापक गजेंद्र सिंह, अध्यक्ष श्रीमती पुष्पेंद्र सोनी, सह-व्यवस्थापक श्रीमती रमा मिश्रा, कोषाध्यक्ष सौरव अग्रवाल सहित समिति की सदस्य श्रीमती रेणु सोनी, देवेंद्र तिवारी एवं प्रवीण चौरसिया उपस्थित रहे। इसके साथ ही विद्यालय के प्राचार्य अभिमन्यु सिंह, समस्त आचार्य परिवार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता यात्रा, राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा की भावना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। एक समय, एक स्वर में गूंजा वंदे मातरम् ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में निर्धारित समय पर एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन कर राष्ट्रभाव एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश देना था। इसी क्रम में अनूपपुर के सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में भी प्रातः 11 बजे सामूहिक गायन किया गया। कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि बारिश के बीच भी विद्यालय के बच्चों ने अपने स्थान पर डटे रहकर पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ वंदे मातरम् का गायन जारी रखा। बच्चों के इस उत्साह और राष्ट्रभक्ति के भाव ने उपस्थित नागरिकों को भी भाव-विभोर कर दिया। आयोजकीय जानकारी के अनुसार देशभर में इस अवसर पर एक करोड़ से अधिक लोगों द्वारा एक साथ, एक समय और एक स्वर में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन का आह्वान किया गया था। इस प्रकार अनूपपुर का यह आयोजन भी देशव्यापी राष्ट्रभाव के इस अभियान का हिस्सा बना। वंदे मातरम् की 150 वर्ष की गौरवशाली यात्रा वंदे मातरम् की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना एवं देशभक्ति का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया। इसके 150वें वर्ष के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इसके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को स्मरण किया जा रहा है। व्यवस्थापक गजेंद्र सिंह ने जताया आभार कार्यक्रम के सफल आयोजन के पश्चात विद्यालय समिति के व्यवस्थापक गजेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, सभी अतिथियों, विद्यालय समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों, आचार्य परिवार, अभिभावकों तथा गणमान्य नागरिकों के प्रति हृदय से आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। श्री गजेंद्र सिंह ने विशेष रूप से उन विद्यार्थियों का अभिनंदन एवं धन्यवाद किया, जिन्होंने बारिश में भीगते हुए भी अपने राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन को अनवरत जारी रखा और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। उन्होंने कहा कि बच्चों का यह उत्साह और अनुशासन विद्यालय के संस्कारों तथा राष्ट्र के प्रति उनकी भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और राष्ट्रभाव से जुड़े आयोजनों में नागरिकों एवं समाज का सहयोग विद्यालय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों से अपील की कि भविष्य में भी विद्यालय के शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभाव से जुड़े कार्यक्रमों में इसी प्रकार अपना सहयोग, मार्गदर्शन और सहभागिता बनाए रखें, ताकि विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावना से निरंतर जुड़ते रहें। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत वातावरण में हुआ। बारिश के बीच भी बच्चों द्वारा पूरे उत्साह से किया गया वंदे मातरम् का सामूहिक गायन कार्यक्रम की सबसे यादगार झलक रहा, जिसने उपस्थित सभी लोगों को इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने का गौरव प्रदान किया।
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    नमामि भारतम्’ के तहत अनूपपुर में गूंजा वंदे मातरम्,एक स्वर में राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन


वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में हुआ भव्य आयोजन, बारिश के बीच भी बच्चों ने पूरे उत्साह से किया सामूहिक गायन
अनूपपुर -
राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर, अनूपपुर के विद्यालय परिसर में ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। निर्धारित समय प्रातः 11 बजे विद्यालय परिसर में उपस्थित विद्यार्थियों, आचार्य परिवार, विद्यालय समिति के पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम के दौरान बारिश होने के बावजूद विद्यार्थियों और उपस्थित नागरिकों का उत्साह कम नहीं हुआ और बच्चों ने बारिश में भीगते हुए भी वंदे मातरम् का गायन जारी रखा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जैतहरी माननीय कमलेश पुरी तथा अध्यक्ष वरिष्ठ समाजसेवी माननीय पवन छिछबर रहे। अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति एवं देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत रहा।
विद्यालय समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य रहे उपस्थित
कार्यक्रम में विद्यालय समिति के व्यवस्थापक गजेंद्र सिंह, अध्यक्ष श्रीमती पुष्पेंद्र सोनी, सह-व्यवस्थापक श्रीमती रमा मिश्रा, कोषाध्यक्ष सौरव अग्रवाल सहित समिति की सदस्य श्रीमती रेणु सोनी, देवेंद्र तिवारी एवं प्रवीण चौरसिया उपस्थित रहे। इसके साथ ही विद्यालय के प्राचार्य अभिमन्यु सिंह, समस्त आचार्य परिवार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता यात्रा, राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा की भावना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।
एक समय, एक स्वर में गूंजा वंदे मातरम्
‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में निर्धारित समय पर एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन कर राष्ट्रभाव एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश देना था। इसी क्रम में अनूपपुर के सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में भी प्रातः 11 बजे सामूहिक गायन किया गया।
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि बारिश के बीच भी विद्यालय के बच्चों ने अपने स्थान पर डटे रहकर पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ वंदे मातरम् का गायन जारी रखा। बच्चों के इस उत्साह और राष्ट्रभक्ति के भाव ने उपस्थित नागरिकों को भी भाव-विभोर कर दिया।
आयोजकीय जानकारी के अनुसार देशभर में इस अवसर पर एक करोड़ से अधिक लोगों द्वारा एक साथ, एक समय और एक स्वर में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन का आह्वान किया गया था। इस प्रकार अनूपपुर का यह आयोजन भी देशव्यापी राष्ट्रभाव के इस अभियान का हिस्सा बना।
वंदे मातरम् की 150 वर्ष की गौरवशाली यात्रा
वंदे मातरम् की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना एवं देशभक्ति का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया। इसके 150वें वर्ष के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इसके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को स्मरण किया जा रहा है।
व्यवस्थापक गजेंद्र सिंह ने जताया आभार
कार्यक्रम के सफल आयोजन के पश्चात विद्यालय समिति के व्यवस्थापक गजेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, सभी अतिथियों, विद्यालय समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों, आचार्य परिवार, अभिभावकों तथा गणमान्य नागरिकों के प्रति हृदय से आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।
श्री गजेंद्र सिंह ने विशेष रूप से उन विद्यार्थियों का अभिनंदन एवं धन्यवाद किया, जिन्होंने बारिश में भीगते हुए भी अपने राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन को अनवरत जारी रखा और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। उन्होंने कहा कि बच्चों का यह उत्साह और अनुशासन विद्यालय के संस्कारों तथा राष्ट्र के प्रति उनकी भावना को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और राष्ट्रभाव से जुड़े आयोजनों में नागरिकों एवं समाज का सहयोग विद्यालय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों से अपील की कि भविष्य में भी विद्यालय के शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभाव से जुड़े कार्यक्रमों में इसी प्रकार अपना सहयोग, मार्गदर्शन और सहभागिता बनाए रखें, ताकि विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावना से निरंतर जुड़ते रहें।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत वातावरण में हुआ। बारिश के बीच भी बच्चों द्वारा पूरे उत्साह से किया गया वंदे मातरम् का सामूहिक गायन कार्यक्रम की सबसे यादगार झलक रहा, जिसने उपस्थित सभी लोगों को इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने का गौरव प्रदान किया।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • आज के प्रमुख मुख्य समाचार , देश विदेश से लेकर गांवों तक का समाचार
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    आज के प्रमुख मुख्य समाचार , देश विदेश से लेकर गांवों तक का समाचार
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    Farmer हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच 39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया। 2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं। 1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले! शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है। सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है। अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
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    तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच
39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन 
शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया।
2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल 
पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं।
1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले!
शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है।
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल 
संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। 
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है।
सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है।
अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन
शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासगठन का स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन 12 नवंबर से पुरे छत्तीसगढ़ में हड़ताल
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    छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासगठन का स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन 12 नवंबर से पुरे छत्तीसगढ़ में हड़ताल
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    Farmer हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
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