सुल्तानपुर: मारपीट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत, मुकदमा दर्ज सुल्तानपुर: मारपीट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत, मुकदमा दर्ज सुल्तानपुर जनपद के थाना शिवगढ़ क्षेत्र के भीटौरा ग्राम में 28 अप्रैल 2026 की शाम करीब 7 बजे मारपीट की घटना सामने आई। सूचना पर पुलिस ने घायल जसवंत सिंह (पुत्र विजय बहादुर) को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के भाई बलवंत सिंह ने स्थानीय थाने में तहरीर देकर कुछ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह के अनुसार तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें सक्रिय हैं। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर शांति व्यवस्था कायम है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सुल्तानपुर: मारपीट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत, मुकदमा दर्ज सुल्तानपुर: मारपीट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत, मुकदमा दर्ज सुल्तानपुर जनपद के थाना शिवगढ़ क्षेत्र के भीटौरा ग्राम में 28 अप्रैल 2026 की शाम करीब 7 बजे मारपीट की घटना सामने आई। सूचना पर पुलिस ने घायल जसवंत सिंह (पुत्र विजय बहादुर) को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के भाई बलवंत सिंह ने स्थानीय थाने में तहरीर देकर कुछ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह के अनुसार तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें सक्रिय हैं। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर शांति व्यवस्था कायम है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
- पीपी कमैचा ब्लॉक में श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार व मीडिया कक्ष का भूमि पूजन, पत्रकारों का हुआ सम्मान सुल्तानपुर/चांदा। विकास खंड पीपी कमैचा परिसर में बुधवार को एक महत्वपूर्ण आयोजन के तहत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार एवं मीडिया कक्ष के निर्माण हेतु भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक विधि-विधान से किया गया, जिससे पूरे परिसर में धार्मिक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा। भूमि पूजन के उपरांत पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में भव्य पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए पत्रकारों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। भूमि पूजन कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, ब्लॉक प्रमुख सुषमा जायसवाल, भाजपा जिला मंत्री अरुण जायसवाल तथा जिला सहकारी समिति के अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से भाग लिया। इस दौरान सुशील त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और मीडिया कक्ष के निर्माण से पत्रकारों को समाचार संकलन एवं प्रसारण में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे ब्लॉक स्तर पर विकास कार्यों की जानकारी आम जनता तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी। वहीं ब्लॉक प्रमुख सुषमा जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि ब्लॉक प्रशासन पत्रकारों के सहयोग और सुविधा के लिए हर संभव प्रयास करेगा। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी निशा तिवारी, ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष, कोथरा खुर्द के पूर्व प्रधान देवी प्रसाद वर्मा सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार द्वारा किया गया। यह आयोजन क्षेत्र में विकास और मीडिया सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।4
- *अज्ञात कारणों से युवक की हत्या, गांव में आक्रोश पुलिस की जाँच हर पहलू पर* रिपोर्टर अशोक कुमार वर्मा जनपद सुल्तानपुर की लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र के भेटौरा ग्रामसभा में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत एक युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। शिवगढ़ कोतवाली क्षेत्र के भेटौरा गांव में हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद पूरे गांव में आक्रोश और दहशत का माहौल है। मृतक की पहचान 28 वर्षीय जसवंत सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 7 बजे जसवंत सब्जी लेकर बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह भेटौरा इंटर कॉलेज के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे आधा दर्जन से अधिक हमलावरों ने उन्हें रोक लिया। परिजनों के अनुसार, हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला कर दिया। घटना के पीछे दो वजहें सामने आ रही हैं। एक, मोटरसाइकिल आपस में छू जाने को लेकर हुई कहासुनी, और दूसरी 26 तारीख को हुआ पुराना विवाद। परिजनों का आरोप है कि हमलावर पहले से साजिश के तहत मौके पर मौजूद थे। गंभीर रूप से घायल जसवंत को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लम्भुआ ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के भाई बलवंत सिंह ने आरोप लगाया है कि जसवंत गांव में विकास कार्यों में अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे थे, जिससे कुछ लोगों ने रंजिश पाल ली थी। उसी के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। बताया जा रहा है कि जसवंत आगामी चुनाव की भी तैयारी कर रहे थे। वहीं, विकासखंड लम्भुआ प्रशासन का कहना है कि जसवंत की ओर से कोई आधिकारिक शिकायत पत्र प्राप्त नहीं हुआ था। इस बयान से परिजनों में नाराजगी देखी जा रही है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आक्रोशित है। शिवगढ़ पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और मृतक को न्याय दिलाया जाएगा।4
- प्रधान जी की नींद गहरी, सागापुर की जनता गंदे पानी में ठहरी! अमेठी जिले की संगापुर ग्राम सभा में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। गांव का मुख्य मार्ग नाली के गंदे पानी से पूरी तरह डूब चुका है, लेकिन जिम्मेदार ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव मानो गहरी नींद में सोए हुए हैं। गांव की सड़क अब रास्ता कम और गंदे पानी का तालाब ज्यादा दिखाई दे रही है। रोजाना स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और किसान इसी बदहाल रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। जगह-जगह भरे बदबूदार पानी से संक्रमण और बीमारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है, लेकिन पंचायत प्रशासन को ग्रामीणों की परेशानी से कोई लेना-देना नजर नहीं आ रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी प्रधान जी सिर्फ आश्वासन की घुट्टी पिलाते रहे, जबकि हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर गांव के विकास का पैसा कहां खर्च हो रहा है, जब मुख्य मार्ग तक ठीक नहीं हो पा रहा? संगापुर की जनता अब पूछ रही है — क्या प्रधान जी सिर्फ चुनाव के समय ही गांव याद करते हैं? क्या ग्रामीणों को गंदे पानी और कीचड़ में जीने के लिए छोड़ दिया गया है? अगर जल्द सड़क और नाली की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो ग्रामीणों का गुस्सा कभी भी बड़ा आंदोलन बन सकता है।1
- Post by Sujit jaiswal1
- जयसिंहपुर (सुल्तानपुर): तहसील क्षेत्र में बुधवार को अचानक प्रकृति के बदले तेवरों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। भीषण उमस और गर्मी के बीच अचानक आसमान में आए काले बादलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया, जिसके बाद तेज आंधी और बारिश ने जमकर तांडव मचाया। तेज हवाओं ने बढ़ाई मुसीबत दोपहर के बाद अचानक हवा की रफ्तार इतनी तेज हो गई कि राहगीरों और वाहन चालकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। हवा के झोंकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सड़कों पर दृश्यता कम हो गई और बाजार में खरीदारी करने आए लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुकानदारों को अपना सामान समेटने का मौका तक नहीं मिला। बारिश से जनजीवन प्रभावित आंधी के साथ ही शुरू हुई तेज बारिश ने बिजली व्यवस्था को भी ठप कर दिया। कई ग्रामीण इलाकों में पेड़ों की टहनियां गिरने से आवागमन बाधित हुआ है। अचानक हुई इस बारिश से जहाँ एक ओर तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर हुए जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रमुख बिंदु: बिजली ठप: सुरक्षा की दृष्टि से कई फीडरों की बिजली काट दी गई, जिससे दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे रहे। आवागमन बाधित: तेज हवा के कारण सड़कों पर धूल का गुबार छाने से वाहन रेंगते नजर आए। किसानों की चिंता: अचानक आए इस बदलाव से फसल की कटाई या मड़ाई कर रहे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। सतर्क रहें: प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों और जर्जर इमारतों के नीचे शरण न लें। बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें।1
- मुजफ्फरनगर के लजीज होटल में गैस सेल्डंर में भीषण आग अफरा तफरी का माहौल हुआ होटल में खाना खा रहे लोगो में भगदड स्थानीय लोगों व प्रशासन की मदद से आग पर काबू1
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- आकाशीय बिजली गिरने से कब्रिस्तान में भीषण आग, बांस की कोठ जलकर खाक सुल्तानपुर। भदैंया ब्लॉक के ग्राम पंचायत दाऊद पट्टी में बुधवार को अचानक आकाशीय बिजली गिरने से कब्रिस्तान परिसर में भीषण आग लग गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए। बताया जा रहा है कि तेज गरज-चमक के साथ हो रही बारिश के दौरान बिजली सीधे कब्रिस्तान में गिरी, जिससे वहां मौजूद सूखे बांस और झाड़ियों में आग भड़क उठी। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास में रखी बांस की कोठ को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खुद ही आग बुझाने में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक बांस की कोठ पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आग से काफी नुकसान हुआ है। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग प्राकृतिक आपदाओं को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।1