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विदिशा में लोधी समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट पहुँचकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने सागर जिले के जिला पंचायत सदस्य और युवा लोधी समाज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वजीत सिंह लोधी पर दर्ज एक मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की। समाज ने आरोप लगाया कि सर्वजीत सिंह लोधी को एक पुराने मामले में बिना किसी जाँच के गिरफ्तार किया गया है, और इस कार्रवाई को द्वेषपूर्ण तथा राजनीतिक दबाव के कारण किया गया बताया। लोधी समाज ने पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
रिपोर्टर rupesh yadav
विदिशा में लोधी समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट पहुँचकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने सागर जिले के जिला पंचायत सदस्य और युवा लोधी समाज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वजीत सिंह लोधी पर दर्ज एक मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की। समाज ने आरोप लगाया कि सर्वजीत सिंह लोधी को एक पुराने मामले में बिना किसी जाँच के गिरफ्तार किया गया है, और इस कार्रवाई को द्वेषपूर्ण तथा राजनीतिक दबाव के कारण किया गया बताया। लोधी समाज ने पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
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- गंजबासौदा नगर में नागरिक सेवा समिति और सिंधी समाज के संयुक्त तत्वाधान में एक निःशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय बैरागढ़ के सहयोग से, लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय नेमीचंद जैन की प्रथम पुण्य स्मृति में हितकारिणी धर्मशाला में रखा गया था। स्वर्गीय नेमीचंद जैन की पत्नी श्रीमती सरला जैन और उनके पुत्रों संजय कुमार जैन, सिद्दार्थ कुमार जैन, चंद्रानन जैन, सौरभ जैन व पूरे परिवार ने इस आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया। समिति ने स्वर्गीय नेमीचंद जैन के परिवार के सदस्यों को शॉल, श्रीफल और फूल माला पहनाकर सम्मानित किया तथा उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस शिविर में सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हरि प्रसाद, भोपाल से आए डॉक्टर हितेश नेचलानी, डाटा एंट्री ऑपरेटर नीतू श्रीवास्तव और कम्युनिटी हेल्थ वर्कर दीपक कुशवाह सहित पूरी टीम ने सेवाएं दीं। शिविर के दौरान कुल 76 मरीजों की ओपीडी की गई, जिनमें से 44 नेत्र रोगियों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए बस द्वारा सेवा सदन बैरागढ़ भेजा गया। इसके अतिरिक्त, 20 नेत्र रोगियों को जांच के बाद निःशुल्क दवाइयां दी गईं, जबकि 12 अन्य नेत्र रोगियों को चश्मा बनवाने का परामर्श दिया गया और उन्हें भी आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं।1
- विदिशा में रविवार दोपहर बाद करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। इस दौरान बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली की चमक से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल भी रहा। तेज बारिश के चलते शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस से राहत मिली।4
- विदिशा शहर की जीवनदायिनी मां बेतवा नदी इन दिनों अपने अस्तित्व के गंभीर संकट से जूझ रही है। दशकों से लाखों लोगों को जीवन देने वाली और शहर की प्यास बुझाने वाली यह नदी अब खुद गंदे नालों से प्रदूषित हो रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले गंदे नाले बिना किसी शोधन के सीधे बेतवा में गिर रहे हैं, जिससे नदी की निर्मल धारा लगातार दूषित होती जा रही है। रंगई स्थित पिलिया नाला सहित कई अन्य नाले बेतवा में सीवेज और गंदा पानी उंडेल रहे हैं। इस गंभीर प्रदूषण के चलते नदी का जल काला और बदबूदार हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी प्रदूषित बेतवा नदी के पानी को शोधन के बाद शहरवासियों तक पेयजल के रूप में पहुंचाया जाता है, जिससे भविष्य में पेयजल की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर जलीय जीवन पर भी दिख रहा है; स्थानीय लोगों के अनुसार, समय-समय पर मछलियों और अन्य जलीय जीवों के मरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो नदी के पारिस्थितिक संतुलन के तेजी से बिगड़ने का स्पष्ट संकेत है। पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन गंदे नालों को ट्रीटमेंट प्लांट से नहीं जोड़ा गया और प्रदूषण पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो आने वाले वर्षों में बेतवा नदी का अस्तित्व और शहर की जल सुरक्षा दोनों ही गंभीर संकट में पड़ सकते हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि जीवन देने वाली मां बेतवा को जीवन कौन देगा? क्या जिम्मेदार विभाग नदी में गिर रहे गंदे नालों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे या फिर मां बेतवा यूं ही प्रदूषण का बोझ ढोती रहेगी? शहरवासियों की नजरें अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- शिक्षा और अवसरों में व्याप्त गहरे भेदभाव पर तीखा सवाल उठाते हुए, यह मत व्यक्त किया गया है कि जब बच्चों के लिए शुरुआती परिस्थितियाँ ही असमान हैं तो ‘मेरिट’ और ‘प्रतियोगिता’ की बात क्यों की जाती है। इसमें बताया गया है कि जहाँ एक ओर बच्चे कीचड़ में पैदल चलकर स्कूल पहुँचते हैं, वहीं दूसरे बच्चे एसी बसों और कारों में आराम से यात्रा करते हैं। यह तर्क दिया गया है कि कुछ बच्चे तमाम अभावों से जूझते हुए उस मुकाम तक पहुँचते हैं, जहाँ से दूसरे बच्चों का सफर शुरू होता है। ऐसी स्थिति में, जब ‘स्टार्टिंग लाइन’ ही अलग-अलग हो, तो ‘मेरिट’ और ‘प्रतियोगिता’ का बखान करना अनुचित है। समान अवसर देने की वकालत करते हुए, यह कहा गया है कि उसके बाद ही ‘समान प्रतियोगिता’ की बात करना न्यायसंगत होगा।1
- विदिशा में एक दिन पहले रेलवे यार्ड में अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से मृत हुए युवक की पहचान कर ली गई है। मृतक की पहचान तलैया मोहल्ला निवासी अंकुर ठाकुर के रूप में हुई है, जो स्टेशन के नजदीक डाउनलाइन तरफ अज्ञात ट्रेन की चपेट में आया था। प्रारंभिक तौर पर युवक की पहचान नहीं हो सकी थी, जिसके बाद जीआरपी ने उसके शव को जिला अस्पताल में रखवाया था। आज सुबह मृतक की पहचान उसके परिवारजनों द्वारा किए जाने के बाद जीआरपी ने जिला अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम (पीएम) कराया। पीएम के बाद शव परिवारजनों को सौंप दिया गया है और जीआरपी इस मामले की जांच में जुटी हुई है।4
- सिरोंज में जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, अब क्षतिग्रस्त कक्षाओं में कोई भी क्लास नहीं लगाई जाएगी। साथ ही, सभी जर्जर स्कूल भवनों की व्यापक जांच भी की जाएगी। बताया गया है कि सिरोंज में हुई संबंधित घटना की जांच प्रक्रिया अभी भी जारी है।1
- मानसून की सुस्त शुरुआत ने विदिशा जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने उनके चेहरों पर फिर से मुस्कान ला दी है। इस बारिश के कारण जिले में खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की रोपाई का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह बारिश उन किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिन्होंने पहले ही रोपाई कर दी थी, वहीं अब रोपाई शुरू करने वाले किसानों को भी खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से बड़ी राहत मिली है। लगातार हो रही बारिश से खेत पानी से भर गए हैं, और किसान पूरे उत्साह के साथ धान की रोपाई में लगे हुए हैं। बारिश की कमी के कारण अब तक रोपाई का इंतजार कर रहे किसानों ने भी खेतों में काम शुरू कर दिया है, जहाँ मजदूर और किसान मिलकर मेहनत करते दिख रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल की बेहतर बढ़वार के लिए समय पर अच्छी बारिश बेहद ज़रूरी है, और दो-तीन दिनों की इस लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे धान की फसल को काफी लाभ मिलेगा। उन्हें उम्मीद है कि यदि आने वाले दिनों में भी मौसम का साथ मिला तो इस बार खरीफ सीजन में अच्छी पैदावार होगी।4
- ग्राम पंचायत भिंडरा (फतेहगढ़, गुना) में स्कूल मार्ग पर बन रही सीसी रोड पिछले छह महीने से अधूरी पड़ी है, जिसके कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बारिश शुरू होते ही इस सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे हर दिन कीचड़ और फिसलन भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। दोपहिया वाहन चालक भी फिसलकर घायल हो रहे हैं और छोटे बच्चों के जूते, कपड़े तथा किताबें भी कीचड़ से खराब हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से रुका हुआ है। उन्होंने कई बार पंचायत के सरपंच और सचिव से शिकायत भी की, लेकिन निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है और समय पर सड़क पूरी न होने के कारण बारिश में यह समस्या खड़ी हुई है। वहीं, ग्राम पंचायत सचिव रामस्वरूप इराक ने स्पष्ट किया है कि यह सीसी रोड पंचायत द्वारा नहीं बनाई जा रही है, बल्कि यह कार्य संबंधित विभाग के अधीन है और इसका निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कराया जाएगा। ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ती जा रही है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अधूरी सीसी रोड का निर्माण पूरा नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण तत्काल पूरा किया जाए, बारिश के दौरान वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था हो, देरी की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।1