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गंजबासौदा नगर में नागरिक सेवा समिति और सिंधी समाज के संयुक्त तत्वाधान में एक निःशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय बैरागढ़ के सहयोग से, लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय नेमीचंद जैन की प्रथम पुण्य स्मृति में हितकारिणी धर्मशाला में रखा गया था। स्वर्गीय नेमीचंद जैन की पत्नी श्रीमती सरला जैन और उनके पुत्रों संजय कुमार जैन, सिद्दार्थ कुमार जैन, चंद्रानन जैन, सौरभ जैन व पूरे परिवार ने इस आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया। समिति ने स्वर्गीय नेमीचंद जैन के परिवार के सदस्यों को शॉल, श्रीफल और फूल माला पहनाकर सम्मानित किया तथा उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस शिविर में सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हरि प्रसाद, भोपाल से आए डॉक्टर हितेश नेचलानी, डाटा एंट्री ऑपरेटर नीतू श्रीवास्तव और कम्युनिटी हेल्थ वर्कर दीपक कुशवाह सहित पूरी टीम ने सेवाएं दीं। शिविर के दौरान कुल 76 मरीजों की ओपीडी की गई, जिनमें से 44 नेत्र रोगियों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए बस द्वारा सेवा सदन बैरागढ़ भेजा गया। इसके अतिरिक्त, 20 नेत्र रोगियों को जांच के बाद निःशुल्क दवाइयां दी गईं, जबकि 12 अन्य नेत्र रोगियों को चश्मा बनवाने का परामर्श दिया गया और उन्हें भी आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं।

3 hrs ago
user_PRAYAS vishwakarma
PRAYAS vishwakarma
Loan agency शमशाबाद, विदिशा, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

गंजबासौदा नगर में नागरिक सेवा समिति और सिंधी समाज के संयुक्त तत्वाधान में एक निःशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय बैरागढ़ के सहयोग से, लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय नेमीचंद जैन की प्रथम पुण्य स्मृति में हितकारिणी धर्मशाला में रखा गया था। स्वर्गीय नेमीचंद जैन की पत्नी श्रीमती सरला जैन और उनके पुत्रों संजय कुमार जैन, सिद्दार्थ कुमार जैन, चंद्रानन जैन, सौरभ जैन व पूरे परिवार ने इस आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया। समिति ने स्वर्गीय नेमीचंद जैन के परिवार के सदस्यों को शॉल, श्रीफल और फूल माला पहनाकर सम्मानित किया तथा उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस शिविर में सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हरि प्रसाद, भोपाल से आए डॉक्टर हितेश नेचलानी, डाटा एंट्री ऑपरेटर नीतू श्रीवास्तव और कम्युनिटी हेल्थ वर्कर दीपक कुशवाह सहित पूरी टीम ने सेवाएं दीं। शिविर के दौरान कुल 76 मरीजों की ओपीडी की गई, जिनमें से 44 नेत्र रोगियों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए बस द्वारा सेवा सदन बैरागढ़ भेजा गया। इसके अतिरिक्त, 20 नेत्र रोगियों को जांच के बाद निःशुल्क दवाइयां दी गईं, जबकि 12 अन्य नेत्र रोगियों को चश्मा बनवाने का परामर्श दिया गया और उन्हें भी आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • विदिशा शहर और जिले में अच्छी बारिश होने के साथ ही अब धान की रोपाई का काम तेज़ी से चल रहा है। स्थानीय किसानों ने इस मौसम में धान रोपाई का कार्य तेज कर दिया है। इस कार्य के लिए विदिशा के बाहर कटनी, सतना, सीधी, सिंगरौली और रीवा जैसे विभिन्न स्थानों से मजदूर विदिशा आ रहे हैं। इस बार धान रोपाई के लिए मजदूरों का प्रतिदिन का मेहनताना भी बढ़ा दिया गया है, जिसके तहत प्रति मजदूर को सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक काम करने के लिए ₹450 का भुगतान किया जा रहा है।
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    विदिशा शहर और जिले में अच्छी बारिश होने के साथ ही अब धान की रोपाई का काम तेज़ी से चल रहा है। स्थानीय किसानों ने इस मौसम में धान रोपाई का कार्य तेज कर दिया है।

इस कार्य के लिए विदिशा के बाहर कटनी, सतना, सीधी, सिंगरौली और रीवा जैसे विभिन्न स्थानों से मजदूर विदिशा आ रहे हैं। इस बार धान रोपाई के लिए मजदूरों का प्रतिदिन का मेहनताना भी बढ़ा दिया गया है, जिसके तहत प्रति मजदूर को सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक काम करने के लिए ₹450 का भुगतान किया जा रहा है।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • विदिशा में रविवार दोपहर बाद करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। इस दौरान बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली की चमक से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल भी रहा। तेज बारिश के चलते शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस से राहत मिली।
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    विदिशा में रविवार दोपहर बाद करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। इस दौरान बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली की चमक से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल भी रहा।

तेज बारिश के चलते शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस से राहत मिली।
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
  • विदिशा शहर की जीवनदायिनी मां बेतवा नदी इन दिनों अपने अस्तित्व के गंभीर संकट से जूझ रही है। दशकों से लाखों लोगों को जीवन देने वाली और शहर की प्यास बुझाने वाली यह नदी अब खुद गंदे नालों से प्रदूषित हो रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले गंदे नाले बिना किसी शोधन के सीधे बेतवा में गिर रहे हैं, जिससे नदी की निर्मल धारा लगातार दूषित होती जा रही है। रंगई स्थित पिलिया नाला सहित कई अन्य नाले बेतवा में सीवेज और गंदा पानी उंडेल रहे हैं। इस गंभीर प्रदूषण के चलते नदी का जल काला और बदबूदार हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी प्रदूषित बेतवा नदी के पानी को शोधन के बाद शहरवासियों तक पेयजल के रूप में पहुंचाया जाता है, जिससे भविष्य में पेयजल की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर जलीय जीवन पर भी दिख रहा है; स्थानीय लोगों के अनुसार, समय-समय पर मछलियों और अन्य जलीय जीवों के मरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो नदी के पारिस्थितिक संतुलन के तेजी से बिगड़ने का स्पष्ट संकेत है। पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन गंदे नालों को ट्रीटमेंट प्लांट से नहीं जोड़ा गया और प्रदूषण पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो आने वाले वर्षों में बेतवा नदी का अस्तित्व और शहर की जल सुरक्षा दोनों ही गंभीर संकट में पड़ सकते हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि जीवन देने वाली मां बेतवा को जीवन कौन देगा? क्या जिम्मेदार विभाग नदी में गिर रहे गंदे नालों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे या फिर मां बेतवा यूं ही प्रदूषण का बोझ ढोती रहेगी? शहरवासियों की नजरें अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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    विदिशा शहर की जीवनदायिनी मां बेतवा नदी इन दिनों अपने अस्तित्व के गंभीर संकट से जूझ रही है। दशकों से लाखों लोगों को जीवन देने वाली और शहर की प्यास बुझाने वाली यह नदी अब खुद गंदे नालों से प्रदूषित हो रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले गंदे नाले बिना किसी शोधन के सीधे बेतवा में गिर रहे हैं, जिससे नदी की निर्मल धारा लगातार दूषित होती जा रही है। रंगई स्थित पिलिया नाला सहित कई अन्य नाले बेतवा में सीवेज और गंदा पानी उंडेल रहे हैं।

इस गंभीर प्रदूषण के चलते नदी का जल काला और बदबूदार हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी प्रदूषित बेतवा नदी के पानी को शोधन के बाद शहरवासियों तक पेयजल के रूप में पहुंचाया जाता है, जिससे भविष्य में पेयजल की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर जलीय जीवन पर भी दिख रहा है; स्थानीय लोगों के अनुसार, समय-समय पर मछलियों और अन्य जलीय जीवों के मरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो नदी के पारिस्थितिक संतुलन के तेजी से बिगड़ने का स्पष्ट संकेत है।

पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन गंदे नालों को ट्रीटमेंट प्लांट से नहीं जोड़ा गया और प्रदूषण पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो आने वाले वर्षों में बेतवा नदी का अस्तित्व और शहर की जल सुरक्षा दोनों ही गंभीर संकट में पड़ सकते हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि जीवन देने वाली मां बेतवा को जीवन कौन देगा? क्या जिम्मेदार विभाग नदी में गिर रहे गंदे नालों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे या फिर मां बेतवा यूं ही प्रदूषण का बोझ ढोती रहेगी? शहरवासियों की नजरें अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।
    user_Jagmohan tiwari
    Jagmohan tiwari
    Singer Vidisha, Madhya Pradesh•
    3 hrs ago
  • एक कड़े बयान में, 'लोकतंत्र के हत्यारों' को सबक सिखाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया गया है। साथ ही, यह भी घोषणा की गई है कि दतिया में एक बार फिर जीत हासिल कर सबको दिखाया जाएगा, जैसा कि पहले भी दतिया में एक बार जीत दर्ज की गई थी।
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    एक कड़े बयान में, 'लोकतंत्र के हत्यारों' को सबक सिखाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया गया है। साथ ही, यह भी घोषणा की गई है कि दतिया में एक बार फिर जीत हासिल कर सबको दिखाया जाएगा, जैसा कि पहले भी दतिया में एक बार जीत दर्ज की गई थी।
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    24 min ago
  • भोपाल में नगर निगम के जल विभाग ने पानी की टंकी के निर्माण के लिए एक बड़ा गड्ढा खोदा था, लेकिन निजी जमीन होने का पता चलने पर यह काम बीच में ही रोक दिया गया। बताया गया कि विभाग ने उक्त जमीन को सरकारी समझकर कार्य प्रारंभ कर दिया था। बिना किसी उचित जांच-पड़ताल के ही काम शुरू करने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके बाद अब कार्य बंद कर दिया गया है। भोपाल से एस.के. मालवीय की एक खास रिपोर्ट के अनुसार यह मामला सामने आया है।
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    भोपाल में नगर निगम के जल विभाग ने पानी की टंकी के निर्माण के लिए एक बड़ा गड्ढा खोदा था, लेकिन निजी जमीन होने का पता चलने पर यह काम बीच में ही रोक दिया गया। बताया गया कि विभाग ने उक्त जमीन को सरकारी समझकर कार्य प्रारंभ कर दिया था। बिना किसी उचित जांच-पड़ताल के ही काम शुरू करने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके बाद अब कार्य बंद कर दिया गया है। भोपाल से एस.के. मालवीय की एक खास रिपोर्ट के अनुसार यह मामला सामने आया है।
    user_Sk Malviya
    Sk Malviya
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • झागरिया खुर्द पंचायत के अंतर्गत आने वाला मंगल भवन अब शराबियों का अड्डा बन गया है, जो कि पंचायत निवासियों के मांगलिक कार्यों के लिए बनाया गया था। पंचायत के लोगों से लगातार मिल रही जानकारी के आधार पर, आज एक टीम ने स्वयं झागरिया खुर्द पंचायत का दौरा किया, जहाँ प्राप्त जानकारी सत्य पाई गई। टीम ने मौके पर पाया कि मंगल भवन के चारों ओर और उसके अंदर बने कमरों में भारी मात्रा में शराब और बियर की बोतलें बिखरी हुई थीं। यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर मौन साधे हुए हैं, और उनकी इसी चुप्पी के कारण असामाजिक तत्व खुलेआम मंगल भवन में बैठकर शराब का सेवन कर रहे हैं।
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    झागरिया खुर्द पंचायत के अंतर्गत आने वाला मंगल भवन अब शराबियों का अड्डा बन गया है, जो कि पंचायत निवासियों के मांगलिक कार्यों के लिए बनाया गया था। पंचायत के लोगों से लगातार मिल रही जानकारी के आधार पर, आज एक टीम ने स्वयं झागरिया खुर्द पंचायत का दौरा किया, जहाँ प्राप्त जानकारी सत्य पाई गई।

टीम ने मौके पर पाया कि मंगल भवन के चारों ओर और उसके अंदर बने कमरों में भारी मात्रा में शराब और बियर की बोतलें बिखरी हुई थीं। यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर मौन साधे हुए हैं, और उनकी इसी चुप्पी के कारण असामाजिक तत्व खुलेआम मंगल भवन में बैठकर शराब का सेवन कर रहे हैं।
    user_NMM NEWS
    NMM NEWS
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • गंजबासौदा नगर में नागरिक सेवा समिति और सिंधी समाज के संयुक्त तत्वाधान में एक निःशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय बैरागढ़ के सहयोग से, लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय नेमीचंद जैन की प्रथम पुण्य स्मृति में हितकारिणी धर्मशाला में रखा गया था। स्वर्गीय नेमीचंद जैन की पत्नी श्रीमती सरला जैन और उनके पुत्रों संजय कुमार जैन, सिद्दार्थ कुमार जैन, चंद्रानन जैन, सौरभ जैन व पूरे परिवार ने इस आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया। समिति ने स्वर्गीय नेमीचंद जैन के परिवार के सदस्यों को शॉल, श्रीफल और फूल माला पहनाकर सम्मानित किया तथा उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस शिविर में सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हरि प्रसाद, भोपाल से आए डॉक्टर हितेश नेचलानी, डाटा एंट्री ऑपरेटर नीतू श्रीवास्तव और कम्युनिटी हेल्थ वर्कर दीपक कुशवाह सहित पूरी टीम ने सेवाएं दीं। शिविर के दौरान कुल 76 मरीजों की ओपीडी की गई, जिनमें से 44 नेत्र रोगियों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए बस द्वारा सेवा सदन बैरागढ़ भेजा गया। इसके अतिरिक्त, 20 नेत्र रोगियों को जांच के बाद निःशुल्क दवाइयां दी गईं, जबकि 12 अन्य नेत्र रोगियों को चश्मा बनवाने का परामर्श दिया गया और उन्हें भी आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं।
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    गंजबासौदा नगर में नागरिक सेवा समिति और सिंधी समाज के संयुक्त तत्वाधान में एक निःशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय बैरागढ़ के सहयोग से, लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय नेमीचंद जैन की प्रथम पुण्य स्मृति में हितकारिणी धर्मशाला में रखा गया था। स्वर्गीय नेमीचंद जैन की पत्नी श्रीमती सरला जैन और उनके पुत्रों संजय कुमार जैन, सिद्दार्थ कुमार जैन, चंद्रानन जैन, सौरभ जैन व पूरे परिवार ने इस आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया।

समिति ने स्वर्गीय नेमीचंद जैन के परिवार के सदस्यों को शॉल, श्रीफल और फूल माला पहनाकर सम्मानित किया तथा उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस शिविर में सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हरि प्रसाद, भोपाल से आए डॉक्टर हितेश नेचलानी, डाटा एंट्री ऑपरेटर नीतू श्रीवास्तव और कम्युनिटी हेल्थ वर्कर दीपक कुशवाह सहित पूरी टीम ने सेवाएं दीं।

शिविर के दौरान कुल 76 मरीजों की ओपीडी की गई, जिनमें से 44 नेत्र रोगियों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए बस द्वारा सेवा सदन बैरागढ़ भेजा गया। इसके अतिरिक्त, 20 नेत्र रोगियों को जांच के बाद निःशुल्क दवाइयां दी गईं, जबकि 12 अन्य नेत्र रोगियों को चश्मा बनवाने का परामर्श दिया गया और उन्हें भी आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं।
    user_PRAYAS vishwakarma
    PRAYAS vishwakarma
    Loan agency शमशाबाद, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • विदिशा में एक दिन पहले रेलवे यार्ड में अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से मृत हुए युवक की पहचान कर ली गई है। मृतक की पहचान तलैया मोहल्ला निवासी अंकुर ठाकुर के रूप में हुई है, जो स्टेशन के नजदीक डाउनलाइन तरफ अज्ञात ट्रेन की चपेट में आया था। प्रारंभिक तौर पर युवक की पहचान नहीं हो सकी थी, जिसके बाद जीआरपी ने उसके शव को जिला अस्पताल में रखवाया था। आज सुबह मृतक की पहचान उसके परिवारजनों द्वारा किए जाने के बाद जीआरपी ने जिला अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम (पीएम) कराया। पीएम के बाद शव परिवारजनों को सौंप दिया गया है और जीआरपी इस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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    विदिशा में एक दिन पहले रेलवे यार्ड में अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से मृत हुए युवक की पहचान कर ली गई है। मृतक की पहचान तलैया मोहल्ला निवासी अंकुर ठाकुर के रूप में हुई है, जो स्टेशन के नजदीक डाउनलाइन तरफ अज्ञात ट्रेन की चपेट में आया था।

प्रारंभिक तौर पर युवक की पहचान नहीं हो सकी थी, जिसके बाद जीआरपी ने उसके शव को जिला अस्पताल में रखवाया था। आज सुबह मृतक की पहचान उसके परिवारजनों द्वारा किए जाने के बाद जीआरपी ने जिला अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम (पीएम) कराया। पीएम के बाद शव परिवारजनों को सौंप दिया गया है और जीआरपी इस मामले की जांच में जुटी हुई है।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मानसून की सुस्त शुरुआत ने विदिशा जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने उनके चेहरों पर फिर से मुस्कान ला दी है। इस बारिश के कारण जिले में खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की रोपाई का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह बारिश उन किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिन्होंने पहले ही रोपाई कर दी थी, वहीं अब रोपाई शुरू करने वाले किसानों को भी खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से बड़ी राहत मिली है। लगातार हो रही बारिश से खेत पानी से भर गए हैं, और किसान पूरे उत्साह के साथ धान की रोपाई में लगे हुए हैं। बारिश की कमी के कारण अब तक रोपाई का इंतजार कर रहे किसानों ने भी खेतों में काम शुरू कर दिया है, जहाँ मजदूर और किसान मिलकर मेहनत करते दिख रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल की बेहतर बढ़वार के लिए समय पर अच्छी बारिश बेहद ज़रूरी है, और दो-तीन दिनों की इस लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे धान की फसल को काफी लाभ मिलेगा। उन्हें उम्मीद है कि यदि आने वाले दिनों में भी मौसम का साथ मिला तो इस बार खरीफ सीजन में अच्छी पैदावार होगी।
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    मानसून की सुस्त शुरुआत ने विदिशा जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने उनके चेहरों पर फिर से मुस्कान ला दी है। इस बारिश के कारण जिले में खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की रोपाई का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह बारिश उन किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिन्होंने पहले ही रोपाई कर दी थी, वहीं अब रोपाई शुरू करने वाले किसानों को भी खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से बड़ी राहत मिली है।

लगातार हो रही बारिश से खेत पानी से भर गए हैं, और किसान पूरे उत्साह के साथ धान की रोपाई में लगे हुए हैं। बारिश की कमी के कारण अब तक रोपाई का इंतजार कर रहे किसानों ने भी खेतों में काम शुरू कर दिया है, जहाँ मजदूर और किसान मिलकर मेहनत करते दिख रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल की बेहतर बढ़वार के लिए समय पर अच्छी बारिश बेहद ज़रूरी है, और दो-तीन दिनों की इस लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे धान की फसल को काफी लाभ मिलेगा। उन्हें उम्मीद है कि यदि आने वाले दिनों में भी मौसम का साथ मिला तो इस बार खरीफ सीजन में अच्छी पैदावार होगी।
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
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