शुक्रवार को मुहर्रम की दसवीं तारीख के अवसर पर कहलगांव शहर, ग्रामीण क्षेत्रों और आसपास की विभिन्न पंचायतों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। सभी अखाड़ों के खलीफाओं के नेतृत्व में ताजिया अपने निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचा, जिसमें महेशामुंडा पंचायत का अखाड़ा निर्धारित समय पर सबसे पहले निकला। जुलूस में शामिल युवाओं ने लाठी, फरसा, भाला, ढाल और तलवार जैसे पारंपरिक हथियारों का उपयोग करते हुए हैरतअंगेज करतब दिखाए। नौहा और मरसिया पढ़ते हुए मातमी जुलूस कर्बला की ओर बढ़ा। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें अनुमंडल प्रशासन ने ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी, जबकि पुलिस बल, दंडाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभाली। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लोगों ने शरबत और पानी पिलाकर जुलूस का स्वागत किया। नगर पंचायत ने कर्बला में साफ-सफाई और प्रकाश की समुचित व्यवस्था की थी। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस प्रशासन की निगरानी में देर शाम तक पहलाम की रस्म शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। हालांकि, भीषण गर्मी के बीच कई घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इन सबके बावजूद, सभी वरीय अधिकारी गांगुली पार्क में कैंप कर पल-पल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे।
शुक्रवार को मुहर्रम की दसवीं तारीख के अवसर पर कहलगांव शहर, ग्रामीण क्षेत्रों और आसपास की विभिन्न पंचायतों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। सभी अखाड़ों के खलीफाओं के नेतृत्व में ताजिया अपने निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचा, जिसमें महेशामुंडा पंचायत का अखाड़ा निर्धारित समय पर सबसे पहले निकला। जुलूस में शामिल युवाओं ने लाठी, फरसा, भाला, ढाल और तलवार जैसे पारंपरिक हथियारों का उपयोग करते हुए हैरतअंगेज करतब दिखाए। नौहा और मरसिया पढ़ते हुए मातमी जुलूस कर्बला की ओर बढ़ा। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें अनुमंडल प्रशासन ने ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी, जबकि पुलिस बल, दंडाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभाली। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लोगों ने शरबत और पानी पिलाकर जुलूस का स्वागत किया। नगर पंचायत ने कर्बला में साफ-सफाई और प्रकाश की समुचित व्यवस्था की थी। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस प्रशासन की निगरानी में देर शाम तक पहलाम की रस्म शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। हालांकि, भीषण गर्मी के बीच कई घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इन सबके बावजूद, सभी वरीय अधिकारी गांगुली पार्क में कैंप कर पल-पल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे।
- भागलपुर जिले के कहलगांव स्थित एनटीपीसी कॉलोनी में दो कथित ठगों को लोगों ने पकड़ लिया। ये दोनों कथित ठग दोबारा कॉलोनी में पहुँचे थे, तभी वहाँ के लोगों ने उन्हें पहचान लिया और धर-दबोचा।1
- कहलगांव अनुमंडल के रसूलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत धनौरा और कुर्मा पंचायतों में मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक जुलूस बड़े ही श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों, ग्रामीणों और युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जुलूस के दौरान, युवाओं ने अपनी पारंपरिक लाठी, तलवार और अन्य सांस्कृतिक करतबों का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। पूरे आयोजन में जहाँ एक ओर भारी उत्साह देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर अनुशासन भी पूरी तरह कायम रहा। इस दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रसूलपुर थाना पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे जुलूस की बारीकी से निगरानी की, जिसके कारण पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली। इस अवसर पर सभी समुदायों के लोगों ने आपसी सद्भाव, भाईचारे और एकता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की जमकर सराहना की और कहा कि प्रशासन की सतर्कता तथा लोगों के सक्रिय सहयोग से मोहर्रम का यह जुलूस सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हो सका, जिसमें दोनों पंचायतें मिलकर भाईचारा निभाते हुए दिखीं।1
- मुख्यमंत्री मोहन यादव से कई तीखे सवाल पूछे गए हैं, जिसमें उनसे उनके परिवार की उन कंपनियों के बारे में जानकारी मांगी गई है जिन्हें विकास परियोजनाओं का कथित तौर पर सीधा लाभ मिला है। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या सरकार संबंधित क्षेत्र के मास्टर प्लान में हुए बदलावों को सार्वजनिक करेगी। इसके साथ ही, यह भी पूछा गया है कि क्या इन परियोजनाओं की जानकारी उन संबंधित किसानों को थी जिनकी जमीनें वहां पहले से मौजूद थीं। इन सभी सवालों के मद्देनजर, मुख्यमंत्री मोहन यादव से आगे बढ़कर इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की पहल करने की मांग भी की गई है।1
- गोड्डा पुलिस द्वारा महागामा थाना परिसर में एक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान, पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने "ऑपरेशन मुस्कान" पहल के तहत खोए हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक धारकों को वापस कर दिए।1
- “जय महाकाल” के उद्घोष के साथ, श्री उज्जैन महाकाल की आरती प्रस्तुत की गई है। इस विशेष प्रस्तुति के माध्यम से श्रद्धालुओं से महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने का आह्वान किया गया है।1
- बिहार में एक सिपाही ने भरत तिवारी को इंसाफ दिलाने के लिए बिहार पुलिस की अपनी नौकरी छोड़ने का ऐलान किया है। इस संबंध में सिपाही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।1
- शुक्रवार को मुहर्रम की दसवीं तारीख के अवसर पर कहलगांव शहर, ग्रामीण क्षेत्रों और आसपास की विभिन्न पंचायतों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। सभी अखाड़ों के खलीफाओं के नेतृत्व में ताजिया अपने निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचा, जिसमें महेशामुंडा पंचायत का अखाड़ा निर्धारित समय पर सबसे पहले निकला। जुलूस में शामिल युवाओं ने लाठी, फरसा, भाला, ढाल और तलवार जैसे पारंपरिक हथियारों का उपयोग करते हुए हैरतअंगेज करतब दिखाए। नौहा और मरसिया पढ़ते हुए मातमी जुलूस कर्बला की ओर बढ़ा। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें अनुमंडल प्रशासन ने ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी, जबकि पुलिस बल, दंडाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभाली। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लोगों ने शरबत और पानी पिलाकर जुलूस का स्वागत किया। नगर पंचायत ने कर्बला में साफ-सफाई और प्रकाश की समुचित व्यवस्था की थी। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस प्रशासन की निगरानी में देर शाम तक पहलाम की रस्म शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। हालांकि, भीषण गर्मी के बीच कई घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इन सबके बावजूद, सभी वरीय अधिकारी गांगुली पार्क में कैंप कर पल-पल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे।1