logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

निजी भूमि पर सरहुल आयोजन को लेकर प्रेस वार्ता, प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग निजी भूमि पर सरहुल आयोजन को लेकर प्रेस वार्ता, प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग सरायकेला-खरसावां (चांडिल)। चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ग्राम शहरबेड़ा (पोस्ट–चैनपुर, थाना–चांडिल) की विवादित भूमि पर सरहुल पर्व के आयोजन को लेकर याचिकाकर्ताओं द्वारा आज एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने न्यायालय के आदेश के बावजूद निजी भूमि पर आयोजन किए जाने को गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। प्रेस वार्ता में सूर्य पद महतो, जय महतो, मैदानव महतो, झंगरू महतो, जगदीश चंद्र महतो, खगेन्द्र नाथ महतो सहित अन्य लोग उपस्थित थे। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सूर्य पद महतो एवं जय महतो ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय की आस्था या किसी पर्व-त्योहार का विरोध करना नहीं है। उनका कहना है कि वे केवल अपनी खतियानी जमीन पर अपने वैध अधिकार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम शहरबेड़ा की उक्त भूमि खाता संख्या–52 के खेसरा संख्या 395, 397 एवं 403 तथा खाता संख्या–13 के खेसरा संख्या 404 से संबंधित है, जिसे वे अपनी निजी रैयती जमीन बताते हैं। उनके अनुसार इस भूमि का वैध दस्तावेज, लगान रसीद तथा अन्य सभी प्रमाण उनके पास उपलब्ध हैं और वे नियमित रूप से हर वर्ष लगान भी जमा करते हैं। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि इसी मामले को लेकर उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय, रांची में रिट याचिका (सिविल) संख्या 1868/2026 दायर की थी। माननीय न्यायालय ने 20 मार्च 2026 को पारित आदेश में निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता अपने भूमि से संबंधित दस्तावेज अनुमंडल पदाधिकारी, चांडिल के समक्ष प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी कहा गया था कि यदि दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया उनका स्वामित्व सिद्ध होता है, तो प्रशासन का दायित्व होगा कि वह उक्त भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करे। प्रेस वार्ता में याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में खाता संख्या–52 की लगभग 9 डिसमिल भूमि का अधिग्रहण NHAI द्वारा किया गया था। इसके बावजूद बची हुई जमीन पर सरहुल कमेटी द्वारा दावा किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया। उनका कहना है कि अधिग्रहण के बाद शेष बची भूमि उनके पूर्वजों की रैयती जमीन है, जिसका वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद है और जिसे उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी को भी प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश और प्रशासन को दिए गए आवेदनों के बावजूद संबंधित भूमि पर सरहुल पर्व का आयोजन किया गया। इस संबंध में उन्होंने 21 मार्च 2026 को थाना प्रभारी, चांडिल को आवेदन देकर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की है। प्रेस वार्ता में याचिकाकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे सरहुल जैसे पारंपरिक और सम्मानित पर्व का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि झारखंड की आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का वे सम्मान करते हैं, लेकिन किसी की निजी भूमि पर बिना सहमति के आयोजन करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि न्यायालय के आदेश के आलोक में मामले की निष्पक्ष जांच कर उनके वैध भूमि अधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि उन्हें केवल अपनी जमीन से मतलब है और वे चाहते हैं कि प्रशासन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें उनका वैध अधिकार दिलाने की दिशा में उचित कार्रवाई करे। दादा अपना हिसाब से छोटा कर लीजिएगा

20 hrs ago
user_कामदेव कुमार ( जनता की अमानत /हिंदी अखबार)
कामदेव कुमार ( जनता की अमानत /हिंदी अखबार)
Reporter आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
20 hrs ago

निजी भूमि पर सरहुल आयोजन को लेकर प्रेस वार्ता, प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग निजी भूमि पर सरहुल आयोजन को लेकर प्रेस वार्ता, प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग सरायकेला-खरसावां (चांडिल)। चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ग्राम शहरबेड़ा (पोस्ट–चैनपुर, थाना–चांडिल) की विवादित भूमि पर सरहुल पर्व के आयोजन को लेकर याचिकाकर्ताओं द्वारा आज एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने न्यायालय के आदेश के बावजूद निजी भूमि पर आयोजन किए जाने को गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। प्रेस वार्ता में सूर्य पद महतो, जय महतो, मैदानव महतो, झंगरू महतो, जगदीश चंद्र महतो, खगेन्द्र नाथ महतो सहित अन्य लोग उपस्थित थे। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सूर्य पद महतो एवं जय महतो ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय की आस्था या किसी पर्व-त्योहार का विरोध करना नहीं है। उनका कहना है कि वे केवल अपनी खतियानी जमीन पर अपने वैध अधिकार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम शहरबेड़ा की उक्त भूमि खाता संख्या–52 के खेसरा संख्या 395, 397 एवं 403 तथा खाता संख्या–13 के खेसरा संख्या 404 से संबंधित है, जिसे वे अपनी निजी रैयती जमीन बताते हैं। उनके अनुसार इस भूमि का वैध दस्तावेज, लगान रसीद तथा अन्य सभी प्रमाण उनके पास उपलब्ध हैं और वे नियमित रूप से हर वर्ष लगान भी जमा करते हैं। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि इसी मामले को लेकर उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय, रांची में रिट याचिका (सिविल) संख्या 1868/2026 दायर की थी। माननीय न्यायालय ने 20 मार्च 2026 को पारित आदेश में निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता अपने भूमि से संबंधित दस्तावेज अनुमंडल पदाधिकारी, चांडिल के समक्ष प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी कहा गया था कि यदि दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया उनका स्वामित्व सिद्ध होता है, तो प्रशासन का दायित्व होगा कि वह उक्त भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करे। प्रेस वार्ता में याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में खाता संख्या–52 की लगभग 9 डिसमिल भूमि का अधिग्रहण NHAI द्वारा किया गया था। इसके बावजूद बची हुई जमीन पर सरहुल कमेटी द्वारा दावा किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया। उनका कहना है कि अधिग्रहण के बाद शेष बची भूमि उनके पूर्वजों की रैयती जमीन है, जिसका वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद है और जिसे उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी को भी प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश और प्रशासन को दिए गए आवेदनों के बावजूद संबंधित भूमि पर सरहुल पर्व का आयोजन किया गया। इस संबंध में उन्होंने 21 मार्च 2026 को थाना प्रभारी, चांडिल को आवेदन देकर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की है। प्रेस वार्ता में याचिकाकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे सरहुल जैसे पारंपरिक और सम्मानित पर्व का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि झारखंड की आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का वे सम्मान करते हैं, लेकिन किसी की निजी भूमि पर बिना सहमति के आयोजन करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि न्यायालय के आदेश के आलोक में मामले की निष्पक्ष जांच कर उनके वैध भूमि अधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि उन्हें केवल अपनी जमीन से मतलब है और वे चाहते हैं कि प्रशासन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें उनका वैध अधिकार दिलाने की दिशा में उचित कार्रवाई करे। दादा अपना हिसाब से छोटा कर लीजिएगा

More news from झारखंड and nearby areas
  • निजी भूमि पर सरहुल आयोजन को लेकर प्रेस वार्ता, प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग सरायकेला-खरसावां (चांडिल)। चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ग्राम शहरबेड़ा (पोस्ट–चैनपुर, थाना–चांडिल) की विवादित भूमि पर सरहुल पर्व के आयोजन को लेकर याचिकाकर्ताओं द्वारा आज एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने न्यायालय के आदेश के बावजूद निजी भूमि पर आयोजन किए जाने को गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। प्रेस वार्ता में सूर्य पद महतो, जय महतो, मैदानव महतो, झंगरू महतो, जगदीश चंद्र महतो, खगेन्द्र नाथ महतो सहित अन्य लोग उपस्थित थे। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सूर्य पद महतो एवं जय महतो ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय की आस्था या किसी पर्व-त्योहार का विरोध करना नहीं है। उनका कहना है कि वे केवल अपनी खतियानी जमीन पर अपने वैध अधिकार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम शहरबेड़ा की उक्त भूमि खाता संख्या–52 के खेसरा संख्या 395, 397 एवं 403 तथा खाता संख्या–13 के खेसरा संख्या 404 से संबंधित है, जिसे वे अपनी निजी रैयती जमीन बताते हैं। उनके अनुसार इस भूमि का वैध दस्तावेज, लगान रसीद तथा अन्य सभी प्रमाण उनके पास उपलब्ध हैं और वे नियमित रूप से हर वर्ष लगान भी जमा करते हैं। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि इसी मामले को लेकर उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय, रांची में रिट याचिका (सिविल) संख्या 1868/2026 दायर की थी। माननीय न्यायालय ने 20 मार्च 2026 को पारित आदेश में निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता अपने भूमि से संबंधित दस्तावेज अनुमंडल पदाधिकारी, चांडिल के समक्ष प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी कहा गया था कि यदि दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया उनका स्वामित्व सिद्ध होता है, तो प्रशासन का दायित्व होगा कि वह उक्त भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करे। प्रेस वार्ता में याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में खाता संख्या–52 की लगभग 9 डिसमिल भूमि का अधिग्रहण NHAI द्वारा किया गया था। इसके बावजूद बची हुई जमीन पर सरहुल कमेटी द्वारा दावा किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया। उनका कहना है कि अधिग्रहण के बाद शेष बची भूमि उनके पूर्वजों की रैयती जमीन है, जिसका वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद है और जिसे उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी को भी प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश और प्रशासन को दिए गए आवेदनों के बावजूद संबंधित भूमि पर सरहुल पर्व का आयोजन किया गया। इस संबंध में उन्होंने 21 मार्च 2026 को थाना प्रभारी, चांडिल को आवेदन देकर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की है। प्रेस वार्ता में याचिकाकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे सरहुल जैसे पारंपरिक और सम्मानित पर्व का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि झारखंड की आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का वे सम्मान करते हैं, लेकिन किसी की निजी भूमि पर बिना सहमति के आयोजन करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि न्यायालय के आदेश के आलोक में मामले की निष्पक्ष जांच कर उनके वैध भूमि अधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि उन्हें केवल अपनी जमीन से मतलब है और वे चाहते हैं कि प्रशासन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें उनका वैध अधिकार दिलाने की दिशा में उचित कार्रवाई करे। दादा अपना हिसाब से छोटा कर लीजिएगा
    1
    निजी भूमि पर सरहुल आयोजन को लेकर प्रेस वार्ता, प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
सरायकेला-खरसावां (चांडिल)।
चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ग्राम शहरबेड़ा (पोस्ट–चैनपुर, थाना–चांडिल) की विवादित भूमि पर सरहुल पर्व के आयोजन को लेकर याचिकाकर्ताओं द्वारा आज एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने न्यायालय के आदेश के बावजूद निजी भूमि पर आयोजन किए जाने को गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
प्रेस वार्ता में सूर्य पद महतो, जय महतो, मैदानव महतो, झंगरू महतो, जगदीश चंद्र महतो, खगेन्द्र नाथ महतो सहित अन्य लोग उपस्थित थे। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सूर्य पद महतो एवं जय महतो ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय की आस्था या किसी पर्व-त्योहार का विरोध करना नहीं है। उनका कहना है कि वे केवल अपनी खतियानी जमीन पर अपने वैध अधिकार की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ग्राम शहरबेड़ा की उक्त भूमि खाता संख्या–52 के खेसरा संख्या 395, 397 एवं 403 तथा खाता संख्या–13 के खेसरा संख्या 404 से संबंधित है, जिसे वे अपनी निजी रैयती जमीन बताते हैं। उनके अनुसार इस भूमि का वैध दस्तावेज, लगान रसीद तथा अन्य सभी प्रमाण उनके पास उपलब्ध हैं और वे नियमित रूप से हर वर्ष लगान भी जमा करते हैं।
याचिकाकर्ताओं ने बताया कि इसी मामले को लेकर उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय, रांची में रिट याचिका (सिविल) संख्या 1868/2026 दायर की थी। माननीय न्यायालय ने 20 मार्च 2026 को पारित आदेश में निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता अपने भूमि से संबंधित दस्तावेज अनुमंडल पदाधिकारी, चांडिल के समक्ष प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी कहा गया था कि यदि दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया उनका स्वामित्व सिद्ध होता है, तो प्रशासन का दायित्व होगा कि वह उक्त भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
प्रेस वार्ता में याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में खाता संख्या–52 की लगभग 9 डिसमिल भूमि का अधिग्रहण NHAI द्वारा किया गया था। इसके बावजूद बची हुई जमीन पर सरहुल कमेटी द्वारा दावा किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया। उनका कहना है कि अधिग्रहण के बाद शेष बची भूमि उनके पूर्वजों की रैयती जमीन है, जिसका वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद है और जिसे उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी को भी प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश और प्रशासन को दिए गए आवेदनों के बावजूद संबंधित भूमि पर सरहुल पर्व का आयोजन किया गया। इस संबंध में उन्होंने 21 मार्च 2026 को थाना प्रभारी, चांडिल को आवेदन देकर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की है।
प्रेस वार्ता में याचिकाकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे सरहुल जैसे पारंपरिक और सम्मानित पर्व का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि झारखंड की आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का वे सम्मान करते हैं, लेकिन किसी की निजी भूमि पर बिना सहमति के आयोजन करना उचित नहीं है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि न्यायालय के आदेश के आलोक में मामले की निष्पक्ष जांच कर उनके वैध भूमि अधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि उन्हें केवल अपनी जमीन से मतलब है और वे चाहते हैं कि प्रशासन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें उनका वैध अधिकार दिलाने की दिशा में उचित कार्रवाई करे।
दादा अपना हिसाब से छोटा कर लीजिएगा
    user_कामदेव कुमार ( जनता की अमानत /हिंदी अखबार)
    कामदेव कुमार ( जनता की अमानत /हिंदी अखबार)
    Reporter आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    20 hrs ago
  • सुवेंदु अधिकारी, नेता प्रतिपक्ष (BJP), पश्चिम बंगाल: “मैं पश्चिम बंगाल की महिलाओं से वादा करता हूँ कि जब BJP सत्ता में आएगी, तो हम बलात्कारियों को अदालत नहीं भेजेंगे। हम उन्हें सुबह उठाएँगे और शाम तक ‘निपटा’ देंगे।”🔥🔥🔥 “हम योगी आदित्यनाथ और हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलेंगे।”🔥🔥🔥 बलात्कारियों को मौत की सज़ा मिलनी चाहिए, इससे कम कुछ भी नहीं।
    1
    सुवेंदु अधिकारी, नेता प्रतिपक्ष (BJP), पश्चिम बंगाल:
“मैं पश्चिम बंगाल की महिलाओं से वादा करता हूँ कि जब BJP सत्ता में आएगी, तो हम बलात्कारियों को अदालत नहीं भेजेंगे। हम उन्हें सुबह उठाएँगे और शाम तक ‘निपटा’ देंगे।”🔥🔥🔥
“हम योगी आदित्यनाथ और हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलेंगे।”🔥🔥🔥 
बलात्कारियों को मौत की सज़ा मिलनी चाहिए, इससे कम कुछ भी नहीं।
    user_डॉ. उमेश कुमार
    डॉ. उमेश कुमार
    गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
    6 hrs ago
  • *एक नेता, एक विजन, एक इतिहास 🇮🇳* प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जो आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। *8,931 दिन... लगातार, अविराम, अडिग।* यह सिर्फ समय नहीं, यह उन रातों की गवाही है, जब देश सोया और एक नेता जागता रहा। यह उन फैसलों की दास्तां है, जो आसान नहीं थे, पर जरूरी थे। यह उस संकल्प की कहानी है, जो कभी डगमगाया नहीं। जब दुनिया ने महामारी देखी, भारत ने वैक्सीन बनाई। जब सीमाएं चुनौती बनीं, भारत ने आंखें नहीं झुकाईं। जब अर्थव्यवस्था लड़खड़ाई, भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती महाशक्ति बना। *न रुके, न थके, न झुके... यही है नेतृत्व, यही है भरोसा, यही है इतिहास। 🇮🇳* #पीएम_मोदी #BJP4India सहर्ष, सगर्व, साभार संकलक:: कुमार विश्वजीत जमशेदपुर झारखंड
    1
    *एक नेता, एक विजन, एक इतिहास 🇮🇳*
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जो आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।
*8,931 दिन... लगातार, अविराम, अडिग।*
यह सिर्फ समय नहीं, 
यह उन रातों की गवाही है, जब देश सोया और एक नेता जागता रहा।
यह उन फैसलों की दास्तां है, जो आसान नहीं थे, पर जरूरी थे।
यह उस संकल्प की कहानी है, जो कभी डगमगाया नहीं।
जब दुनिया ने महामारी देखी, भारत ने वैक्सीन बनाई। जब सीमाएं चुनौती बनीं, भारत ने आंखें नहीं झुकाईं। जब अर्थव्यवस्था लड़खड़ाई, भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती महाशक्ति बना।
*न रुके, न थके, न झुके... यही है नेतृत्व, यही है भरोसा, यही है इतिहास। 🇮🇳*
#पीएम_मोदी 
#BJP4India 
सहर्ष, सगर्व, साभार संकलक::
कुमार विश्वजीत 
जमशेदपुर 
झारखंड
    user_Kumar Vishwajeet
    Kumar Vishwajeet
    राष्ट्रवादी,मानवतावादी,भाजपा समर्थक गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
    20 hrs ago
  • सरायकेला : प्रताप पब्लिक स्कूल टेन्टोपोसी में सातवां वार्षिक उत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह समापन।
    1
    सरायकेला : प्रताप पब्लिक स्कूल टेन्टोपोसी में सातवां वार्षिक उत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह समापन।
    user_NUNU RAM MAHATO
    NUNU RAM MAHATO
    Local News Reporter गोविंदपुर (राजनगर), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    5 hrs ago
  • Post by Ravi Gupta
    1
    Post by Ravi Gupta
    user_Ravi Gupta
    Ravi Gupta
    सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    10 hrs ago
  • Post by Jharkhand News Feed
    1
    Post by Jharkhand News Feed
    user_Jharkhand News Feed
    Jharkhand News Feed
    Local News Reporter चितरपुर, रामगढ़, झारखंड•
    17 hrs ago
  • खूंटी चर्च मे पिताओं का पर्ब मनाया गया! सभी पिताओं का स्वागत औऱ फूल गुच्छा दे कर स्वागत किया गई!
    4
    खूंटी चर्च मे पिताओं का पर्ब मनाया गया! सभी पिताओं का स्वागत औऱ फूल गुच्छा दे कर स्वागत किया गई!
    user_झारखण्ड खूंटी ख़बर( JHARKHAND KHUNTI KHBHR
    झारखण्ड खूंटी ख़बर( JHARKHAND KHUNTI KHBHR
    पत्रकार Khunti, Jharkhand•
    20 hrs ago
  • Post by डॉ. उमेश कुमार
    1
    Post by डॉ. उमेश कुमार
    user_डॉ. उमेश कुमार
    डॉ. उमेश कुमार
    गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
    22 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.