एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत उपस्वास्थ्य केंद्र दुधाना में हुआ पौधारोपण शासन के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत उपस्वास्थ्य केंद्र दुधाना परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे लगाए गए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत दुधाना के सरपंच राकेश जायसवाल ने उपस्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) सुश्री दिव्या परमार का जन्मदिन केक काटकर मनाया तथा उन्हें शुभकामनाएं दीं। इसके बाद सभी की सहभागिता से पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत दुधाना के सरपंच राकेश जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग का अमला, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।
एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत उपस्वास्थ्य केंद्र दुधाना में हुआ पौधारोपण शासन के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत उपस्वास्थ्य केंद्र दुधाना परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे लगाए गए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत दुधाना के सरपंच राकेश जायसवाल ने उपस्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) सुश्री दिव्या परमार का जन्मदिन केक काटकर मनाया तथा उन्हें शुभकामनाएं दीं। इसके बाद सभी की सहभागिता से पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत दुधाना के सरपंच राकेश जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग का अमला, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।
- सावन में जटाशंकर महादेव के दिव्य दर्शन, देखें शुजालपुर से विशेष रिपोर्ट।1
- इन्दौर में महू में महादेव मन्दिर में दो पक्षों में टकराव । "महू के कोदरिया ग्राम स्थित अयोध्या काशी नरेश महादेव मंदिर एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। मंदिर समिति का दावा है कि जिस भूमि पर वर्षों से महादेव मंदिर स्थित है, वह वर्ष 1925 से सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। समिति के अनुसार 2024 में मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ, लेकिन इसके बाद विवाद खड़ा हो गया।" मुख्य रिपोर्ट "मंदिर समिति का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा मंदिर निर्माण कार्य में लगातार बाधा उत्पन्न की जा रही है। समिति के अनुसार मंदिर के पक्ष में कार्य करने वाले सदस्यों के विरुद्ध झूठे प्रकरण दर्ज कराकर मंदिर भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। समिति ने स्थानीय निवासी शशिकांत चौधरी और उनकी पत्नी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मंदिर समिति के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी, मंदिर के निर्माणाधीन स्तंभों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया तथा अभद्र व्यवहार किया। समिति का कहना है कि इन घटनाओं के वीडियो उनके पास मौजूद हैं। समिति ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा अपने मकान पर अवैध निर्माण किया गया है तथा मंदिर भूमि को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की गई, जिसमें उस स्थान पर मजार बनाए जाने की मांग की गई। मंदिर समिति का यह भी कहना है कि उन्होंने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई होने के बजाय समिति के सदस्यों पर ही एफआईआर दर्ज कर ली गई। मंदिर में सेवा करने वाले एक पुजारी ने भी आरोप लगाया है कि उनके साथ मारपीट हुई, लेकिन उनकी शिकायत पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि इन सभी आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। पुलिस और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।"1
- भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष श्याम टेलर का आगर मालवा में हुआ भव्य स्वागत।1
- जालौन में मिट्टी खनन जोरो पर, संबंधित विभाग मौन,खनन से ग्रामीण मार्ग तथा नगर के मार्ग क्षतिग्रस्त जालौन। नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों मिट्टी खनन की गतिविधियां तेज होने की चर्चा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर रातभर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी का परिवहन हो रहा है, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही। लोगों का कहना है कि रात भर चुंगी नंबर चार से बाबई रोड पर ट्रैक्टरों की तेज आवाजाही बनी रहती है जो सवेरे तक चलती रहती है, खनन से ग्रामीण मार्ग तथा नगर के मार्ग क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, धूल उड़ने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। यदि कहीं भी बिना अनुमति या नियमों के विपरीत खनन हो रहा है तो नियमानुसार कार्रवाई करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। प्रदेश में अवैध खनन रोकने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते रहे हैं और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान भी है। अब स्थानीय नागरिकों की मांग है कि प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और यदि कहीं अवैध मिट्टी खनन हो रहा है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी राजस्व की हानि और पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर रोक लग सके।1
- सुसनेर। मोहर्रम के अवसर पर KGN लंगर कमेटी द्वारा ताज़ियों के जुलूस में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं एवं बाहर से आने वाले मेहमानों के लिए भोजन (लंगर) की विशेष व्यवस्था की गई। कमेटी के सदस्यों ने सेवा भाव के साथ सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए भोजन वितरित किया। इस सेवा कार्य की लोगों ने सराहना की और इसे आपसी भाईचारे एवं सामाजिक एकता का प्रतीक बताया।1
- गुम हुए मोबाइल अब लौट रहे हैं मालिकों के पास! कालापीपल थाना पुलिस ने पिछले दो महीनों में साइबर पोर्टल की मदद से 13 गुम हुए एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए शाजापुर जिले के कालापीपल थाना पुलिस ने पिछले दो महीनों में साइबर पोर्टल की मदद से 13 गुम हुए एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब ₹2.60 लाख है। पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला के निर्देशन में चलाए गए अभियान की क्षेत्र में सराहना हो रही है। #Shajapur #KalapipalPolice #MobileRecovered #MPPolice #CyberPortal #CrimeNews #BreakingNews1
- कावड़ यात्रा मातम में बदली, करंट से अमलाय के संतोष राजपूत की मौत1
- देवास में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां तेज, भव्य समारोह के लिए प्रशासन ने कसी कमर1
- मध्यप्रदेश में पढ़ना है, तो छलांग लगानी पड़ेगी! कांग्रेस विधायक महेश परमार का शिवराज सिंह से सवाल तराना विधानसभा से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर सवाल उठाते हुए विदिशा जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर मुद्दा उठाया है। महेश परमार का कहना है कि विदिशा, जो शिवराज सिंह चौहान का संसदीय क्षेत्र है, वहाँ आठवीं के बाद पढ़ाई के लिए जाने वाले बच्चों को बेतवा नदी के चेक डैम पर कई जगह छलांग लगाकर रास्ता पार करना पड़ता है। उनका आरोप है कि करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए बच्चों के सामने या तो लगभग बारह किलोमीटर का लंबा रास्ता अपनाने की मजबूरी है, या फिर जोखिम भरा चेक डैम पार करना पड़ता है। महेश परमार ने सवाल किया है कि जब विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो फिर बच्चों को सुरक्षित पुल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएँ क्यों नहीं मिल पा रही हैं? उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस मामले में जवाब देने की मांग की है और कहा है कि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। हालांकि, इस मामले में संबंधित विभाग या केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस खबर पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट करके जरूर बताइए।1