गंगापुर सिटी: शीतला अष्टमी पर माता को लगाया बास्योड़ा का भोग, मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ गंगापुर सिटी। शीतला अष्टमी के अवसर पर बुधवार को शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह तीन बजे से से ही महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना के साथ मंदिरों में पहुंचीं और माता को बास्योड़ा (ठंडे पकवान) का भोग अर्पित किया।परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने एक दिन पहले बने ठंडे व्यंजन जैसे पूड़ी, पकौड़ी, गुड़ के चावल मीठे पकवान आदि का प्रसाद शीतला माता को चढ़ाया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली और रोगों से रक्षा की प्रार्थना की।शहर के विभिन्न शीतला माता मंदिरों में सुबह से ही महिलाओं और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। पूजा-अर्चना के साथ भक्तों ने माता के जयकारे लगाए और प्रसाद वितरित किया। त्योहार को लेकर पूरे दिन मंदिरों में धार्मिक माहौल बना रहा। 🙏
गंगापुर सिटी: शीतला अष्टमी पर माता को लगाया बास्योड़ा का भोग, मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ गंगापुर सिटी। शीतला अष्टमी के अवसर पर बुधवार को शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह तीन बजे से से ही महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना के साथ मंदिरों में पहुंचीं और माता को बास्योड़ा (ठंडे पकवान) का भोग अर्पित किया।परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने एक दिन पहले बने ठंडे व्यंजन जैसे पूड़ी, पकौड़ी, गुड़ के चावल मीठे पकवान आदि का प्रसाद शीतला माता को चढ़ाया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली और रोगों से रक्षा की प्रार्थना की।शहर के विभिन्न शीतला माता मंदिरों में सुबह से ही महिलाओं और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। पूजा-अर्चना के साथ भक्तों ने माता के जयकारे लगाए और प्रसाद वितरित किया। त्योहार को लेकर पूरे दिन मंदिरों में धार्मिक माहौल बना रहा। 🙏
- गंगापुर सिटी में आज कई परिवारों में शादी-विवाह के कार्यक्रम होने के कारण पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। अलग-अलग कॉलोनियों और मोहल्लों में बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर बारातें निकल रही हैं। दूल्हा-दुल्हन के परिवारों में खुशी का माहौल है और रिश्तेदार व मेहमान बड़े उत्साह के साथ शादी समारोह में शामिल हो रहे हैं। शहर के कई मैरिज गार्डन और सामुदायिक भवन रंग-बिरंगी रोशनी और सजावट से जगमगा रहे हैं। शाम होते ही बारातों की रौनक और भी बढ़ गई, जहां लोग नाचते-गाते हुए खुशियां मना रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी-विवाह के इस मौसम में गंगापुर सिटी की रौनक बढ़ जाती है और बाजारों में भी काफी चहल-पहल देखने को मिलती है। कपड़ों, मिठाइयों और सजावट की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ लगी हुई है। कुल मिलाकर आज गंगापुर सिटी में चारों तरफ खुशियों का माहौल है और लोग शादी-समारोहों में शामिल होकर इस खास दिन को यादगार बना रहे हैं।1
- मैं उमेश कुमार शर्मा निदेशक डीएस साइंस एकेडमी आप सभी पत्रकार बंधुओ का इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में हार्दिक अभिनंदन और स्वागत करता हूं। मित्रों जैसा कि आप सबको पता है कि शिक्षा के क्षेत्र में आज गंगापुर सिटी का नाम पूरे प्रदेश भर में और न सिर्फ प्रदेश में बल्कि अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुका है हम सबके लिए यह गर्व का विषय है कि अभी कुछ दिन पहले ही डीएस साइंस एकेडमी गंगापुर सिटी को केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीया के द्वारा प्राइड ऑफ इंडिया के अवार्ड से सम्मानित किया गया, जो न सिर्फ क्षेत्र के लिए बल्कि प्रदेश के लिए भी एक गौरवशाली पल था। मित्रों आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य है कि आगामी दिनों में डीएस साइंस एकेडमी शिक्षा के क्षेत्र में क्या कुछ नया और बेहतरीन करने वाला है इसके बारे में क्षेत्र के विद्यार्थियों और अभिभावकों को एक संदेश देना है इसके अलावा विगत कुछ दिनों से सोशल मीडिया के माध्यम से कई तरह की अफवाएं और गलत संदेश प्रसारित किया जा रहे हैं उनको लेकर संस्था अपना स्पष्टीकरण भी जनमानस तक पहुंचाना चाहती है, ताकि शिक्षा के क्षेत्र में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो, ना कि एक गंदी मानसिकता के साथ अभिभावकों के बीच एक भ्रम की स्थिति पैदा की जाए। मैं आपके माध्यम से सभी को यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि डीएस साइंस अकादमी ने आज तक अपनी मेहनत, अपनी ईमानदार और जुझारू टीम के दम पर हमेशा, हर सत्र में अलग-अलग क्षेत्र में सफलता हासिल की है और कभी भी डीएस साइंस अकादमी ने इसके लिए ना किसी शॉर्टकट का इस्तेमाल किया है और ना ही लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है कि जब कोई संस्था या व्यक्ति उन्नति के शिखर पर होता है तो बहुत सारे लोग उसकी टांग खींचने में या उसके प्रति गलत प्रचार करने की दौड़ में शामिल हो जाते हैं किंतु ऐसे लोग यह भूल जाते हैं कि आप दूसरों के लिए जो गड्डा खोद रहे हो एक दिन आपको उसी में गिरना है जनता बहुत समझदार है अभिभावक और आज के विद्यार्थी बहुत समझदार हैं वह सही-गलत, अच्छे-बुरे सब का फैसला अपने स्वविवेक से करते हैं और अब तक करते आए हैं1
- हिंडौन राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला मानसिक स्वास्थ्य ईकाई करौली के तत्वाधान मे महवा रोड स्थित अपना घर आश्रम मे एक दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कैंप का आयोजन किया गया जिसमे 85 प्रभुजी लाभान्वित हुए।अपनाघर आश्रम अध्यक्ष राकेश गोयल ने बुधवार दोपहर 3:00 बजे बताया की आश्रम मे आवासरत प्रभुजीयों की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओ की जाँच, परामर्श एवं उपचार किया गया।मनोचिकित्सक डॉ प्रेमराज मीना ने बताया की जिले एवं आसपास के क्षेत्रो मे लावारिस बेसहारा अवस्था मे घूमते मानसिक रोगों से पीड़ित प्रभुजीयों के मानसिक स्वास्थ्य एवं देखभाल हेतु आश्रम की पहल बहुत अच्छी है, यहाँ सभी प्रभुजीयों को उच्चस्तरीय भोजन, आवास एवं उपचार की सुविधा मिल रही है जो की पीड़ित मानवता की सेवा के लिए सकारात्मक कदम साबित हो रहा है।इस दौरान साइकेट्रिक नर्स गौरव गोयल, सीआरए गौरव शर्मा आदि मौजूद रहे।1
- श्री महावीर जी से हिंडौन सिटी के लिए जाने वाले रस्ते पर पुल निर्माण कार्य - सिकरौदा मीणा में तेजी से चल रहा है कुछ ही दिनों में जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा1
- Post by Meena ji Meenaji1
- Post by मनोज तिवाड़ी1
- हिंडौन सिटी। शहर के पुष्पा बिहार स्थित भारद्वाज इंग्लिश क्लासेज में बुधवार को सम्मान समारोह आयोजित किया गया। क्लासेस के सीईओ भानेश भारद्वाज ने बताया कि यूपीएससी क्रैक करने वाले बृज नगर निवासी शांति स्वरूप के पुत्र दीपक शर्मा का शहर के पुष्पा बिहार में सर्व समाज के लोगों ने साफा बांध एवं माला पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर शिक्षाविद प्रकाश नंदन शर्मा, अशोक शर्मा प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य पंडित गणेश दत्त शास्त्री, वासुदेव शर्मा, राम पंडा, प्रेमचंद शर्मा, सत्येंद्र शर्मा, गोपाल राम कटारा सहित ब्राह्मण,वैश्य एवं अन्य समाजों के गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर भारद्वाज इंग्लिश क्लासेस के सीईओ भारद्वाज ने सभी का आभार व्यक्त किया।2
- करौली शहर सहित जिले में शीतलाष्टमी का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। शीतला माता मंदिरों में महिला श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने माता को बासी पकवानों का भोग अर्पित किया।जिले में सुबह से ही शीतला माता मंदिरों में महिला श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। परंपरा के अनुसार, शीतलाष्टमी से एक दिन पहले घरों में विभिन्न पकवान बनाए जाते हैं, जिनका अगले दिन माता को भोग लगाया जाता है। नगाड़ खाना दरवाजा स्थित शीतला माता मंदिर में अलसुबह से ही महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने माता को ठंडे और बासी पकवानों का भोग लगाकर पूजा-अर्चना की। शीतला माता के पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने लांगरा और हनुमानजी की भी पूजा-अर्चना की।कई घरों में बुधवार दोपहर 12:00 बजे कन्याओं और लांगुरिया को भोजन कराया गया।1