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जनपद शामली के थानाभवन थाना क्षेत्र के ग्राम नांगल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पाँच परिवारों ने एक दबंग पड़ोसी पर रास्ता बंद करने का आरोप लगाते हुए अपने ही मकानों पर 'पलायन को मजबूर' होने के बैनर लगा दिए हैं। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि गाँव के दबंग श्याम सिंह ने कब्जे की नीयत से उनके पुश्तैनी रास्ते पर मलबा डालकर उसे पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे इन परिवारों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। पीड़ित दीपक पुत्र सेवाराम और उनके परिवार के सदस्य, जिनमें देवेंद्र, जोगिंदर, प्रमोद और बिजेंद्र शामिल हैं, पिछले कई वर्षों से लगभग 16 वर्गगज की एक साझा गैलरी को अपने घरों तक पहुँचने के मुख्य मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे थे। परिवार के अनुसार, इस गैलरी के ऊपर की पुरानी और जर्जर छत अचानक गिर गई, जिससे रास्ता मलबे से भर गया। दीपक का आरोप है कि उन्हें मलबा हटाने और रास्ता साफ करने नहीं दिया गया, जिससे पाँच परिवारों का एकमात्र रास्ता बंद हो गया। इसके कारण बच्चों को स्कूल भेजने, बाजार जाने और अन्य दैनिक कार्यों में भारी परेशानी हो रही है, जिसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि रास्ता खुलवाने की मांग करने पर उन्हें धमकियाँ दी जा रही हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे दबंग आरोपी श्याम सिंह की कथित दबंगई से पिछले लगभग 10 महीनों से परेशान हैं। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई आला अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। मीडिया से बात करते हुए दीपक ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनका परिवार गाँव छोड़ने को मजबूर हो जाएगा, क्योंकि रास्ता बंद होने से उनका सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और वे मानसिक तनाव में रह रहे हैं। परिवार की एक महिला सदस्य पिंकी ने भी मीडिया के सामने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या बनी हुई है। गाँव में पलायन का बैनर लगने के बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं और सभी को इंतजार है कि आखिर पीड़ित परिवार को कब राहत मिलेगी तथा वर्षों पुराने रास्ते का यह विवाद किस प्रकार सुलझाया जाएगा।

13 hrs ago
user_Pankaj Upadhyay
Pankaj Upadhyay
Journalist शामली, शामली, उत्तर प्रदेश•
13 hrs ago

जनपद शामली के थानाभवन थाना क्षेत्र के ग्राम नांगल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पाँच परिवारों ने एक दबंग पड़ोसी पर रास्ता बंद करने का आरोप लगाते हुए अपने ही मकानों पर 'पलायन को मजबूर' होने के बैनर लगा दिए हैं। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि गाँव के दबंग श्याम सिंह ने कब्जे की नीयत से उनके पुश्तैनी रास्ते पर मलबा डालकर उसे पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे इन परिवारों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। पीड़ित दीपक पुत्र सेवाराम और उनके परिवार के सदस्य, जिनमें देवेंद्र, जोगिंदर, प्रमोद और बिजेंद्र शामिल हैं, पिछले कई वर्षों से लगभग 16 वर्गगज की एक साझा गैलरी को अपने घरों तक पहुँचने के मुख्य मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे थे। परिवार के अनुसार, इस गैलरी के ऊपर की पुरानी और जर्जर छत अचानक गिर गई, जिससे रास्ता मलबे से भर गया। दीपक का आरोप है कि उन्हें मलबा हटाने और रास्ता साफ करने नहीं दिया गया, जिससे पाँच परिवारों का एकमात्र रास्ता बंद हो गया। इसके कारण बच्चों को स्कूल भेजने, बाजार जाने और अन्य दैनिक कार्यों में भारी परेशानी हो रही है, जिसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि रास्ता खुलवाने की मांग करने पर उन्हें धमकियाँ दी जा रही हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे दबंग आरोपी श्याम सिंह की कथित दबंगई से पिछले लगभग 10 महीनों से परेशान हैं। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई आला अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। मीडिया से बात करते हुए दीपक ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनका परिवार गाँव छोड़ने को मजबूर हो जाएगा, क्योंकि रास्ता बंद होने से उनका सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और वे मानसिक तनाव में रह रहे हैं। परिवार की एक महिला सदस्य पिंकी ने भी मीडिया के सामने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या बनी हुई है। गाँव में पलायन का बैनर लगने के बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं और सभी को इंतजार है कि आखिर पीड़ित परिवार को कब राहत मिलेगी तथा वर्षों पुराने रास्ते का यह विवाद किस प्रकार सुलझाया जाएगा।

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  • मुजफ्फरनगर में गांधी नगर और हरिपुरम के निवासियों ने तहसील समाधान दिवस में एक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सिंचाई विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के जेसीबी का उपयोग करके एक लगभग 20 वर्ष पुराने पैदल मार्ग को पूरी तरह से हटा दिया है। यह मार्ग दोनों मोहल्लों को आपस में जोड़ता था। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि यह महत्वपूर्ण मार्ग स्थानीय लोगों के सहयोग से बनाया गया था और यह स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों तथा श्रद्धालुओं के लिए आवागमन का एक प्रमुख साधन था। निवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों ने पहले तो इस मार्ग को बनाए रखने के लिए धनराशि की मांग की थी, लेकिन बाद में 12 जून, 2026 को बिना कोई सुनवाई किए इसे ध्वस्त कर दिया गया। इस मामले में, स्थानीय निवासियों ने संबंधित पैदल मार्ग को तत्काल बहाल करने और आवागमन की एक स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। तहसील समाधान दिवस कार्यालय ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे 7 दिनों के भीतर मामले की जांच करें और एक कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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    मुजफ्फरनगर में गांधी नगर और हरिपुरम के निवासियों ने तहसील समाधान दिवस में एक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सिंचाई विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के जेसीबी का उपयोग करके एक लगभग 20 वर्ष पुराने पैदल मार्ग को पूरी तरह से हटा दिया है। यह मार्ग दोनों मोहल्लों को आपस में जोड़ता था।

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि यह महत्वपूर्ण मार्ग स्थानीय लोगों के सहयोग से बनाया गया था और यह स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों तथा श्रद्धालुओं के लिए आवागमन का एक प्रमुख साधन था। निवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों ने पहले तो इस मार्ग को बनाए रखने के लिए धनराशि की मांग की थी, लेकिन बाद में 12 जून, 2026 को बिना कोई सुनवाई किए इसे ध्वस्त कर दिया गया।

इस मामले में, स्थानीय निवासियों ने संबंधित पैदल मार्ग को तत्काल बहाल करने और आवागमन की एक स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। तहसील समाधान दिवस कार्यालय ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे 7 दिनों के भीतर मामले की जांच करें और एक कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
    user_Ankit Kumar
    Ankit Kumar
    पत्रकार मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा सर्राफा व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा ने सर्राफा व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की। इस बैठक के दौरान, व्यापारियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया और सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुझावों का आदान-प्रदान किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों को अपनी दुकानों एवं प्रतिष्ठानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम तथा अन्य सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। गोष्ठी में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, व्यापारियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी साझा करने जैसी साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 सहित अन्य पुलिस हेल्पलाइन की जानकारी भी उन्हें प्रदान की गई। एसएसपी ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि जनपद पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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    जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा सर्राफा व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा ने सर्राफा व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की। इस बैठक के दौरान, व्यापारियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया और सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुझावों का आदान-प्रदान किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों को अपनी दुकानों एवं प्रतिष्ठानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम तथा अन्य सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

गोष्ठी में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, व्यापारियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी साझा करने जैसी साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 सहित अन्य पुलिस हेल्पलाइन की जानकारी भी उन्हें प्रदान की गई।

एसएसपी ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि जनपद पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
    user_Ajaz nabi Zaidi
    Ajaz nabi Zaidi
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जनपद मुजफ्फरनगर पुलिस ने NEET UG Re-Exam 2026 परीक्षा को सफल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से व्यापक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की है। यह कदम परीक्षा को बिना किसी बाधा के आयोजित करने के लिए उठाया गया है।
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    जनपद मुजफ्फरनगर पुलिस ने NEET UG Re-Exam 2026 परीक्षा को सफल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से व्यापक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की है। यह कदम परीक्षा को बिना किसी बाधा के आयोजित करने के लिए उठाया गया है।
    user_KHULASHA NEWS
    KHULASHA NEWS
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मुख्यमंत्री योगी ने कानपुर में आयोजित एक प्राकृतिक खेती कार्यशाला में लोगों द्वारा खेती और पशुपालन से दूरी बनाकर 'शॉर्टकट' अपनाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसी वजह से आज दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं, जैसे बैलों का उपयोग बंद होना और गाय का दूध पीकर उन्हें सड़कों पर छोड़ देना। सीएम योगी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब ये छोड़ी हुई गायें फसल को नुकसान पहुंचाती हैं, तो लोग उन्हें ही दोष देते हैं। सीएम योगी ने गोमाता के प्रति गहरी आस्था जताते हुए कहा कि 'गाय हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है' और संकल्प लिया कि किसी भी कीमत पर गोमाता को कटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश में जन्मा प्रत्येक व्यक्ति गोमाता की पूजा करता है। उन्होंने सिख गुरुओं के इतिहास का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे देश के गुलाम होने के दौरान भी आक्रांताओं या कसाइयों द्वारा गोहत्या करने पर सिख वीर उनका काम तमाम कर देते थे। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि 2014 के बाद किसानों की आत्महत्याओं पर रोक लगी है, जबकि 2004 से 2014 के बीच लाखों किसानों ने आत्महत्या की थी। उन्होंने इसके पीछे का कारण पहले की सरकारों में कृषि की अधिक लागत और कम उत्पादन को बताया। सीएम योगी ने दोहराया कि उनकी सरकार का संकल्प है कि गोवंश की तस्करी और उन्हें कटने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में 7700 से अधिक गोशालाओं में 14 लाख गोवंश संरक्षित किए जा रहे हैं। साथ ही, 'मुख्यमंत्री सहभागिता योजना' के तहत किसानों को गोवंश पालन के लिए प्रति पशु 1500 रुपये की मासिक सहायता भी दी जा रही है।
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    मुख्यमंत्री योगी ने कानपुर में आयोजित एक प्राकृतिक खेती कार्यशाला में लोगों द्वारा खेती और पशुपालन से दूरी बनाकर 'शॉर्टकट' अपनाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसी वजह से आज दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं, जैसे बैलों का उपयोग बंद होना और गाय का दूध पीकर उन्हें सड़कों पर छोड़ देना। सीएम योगी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब ये छोड़ी हुई गायें फसल को नुकसान पहुंचाती हैं, तो लोग उन्हें ही दोष देते हैं।

सीएम योगी ने गोमाता के प्रति गहरी आस्था जताते हुए कहा कि 'गाय हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है' और संकल्प लिया कि किसी भी कीमत पर गोमाता को कटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश में जन्मा प्रत्येक व्यक्ति गोमाता की पूजा करता है। उन्होंने सिख गुरुओं के इतिहास का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे देश के गुलाम होने के दौरान भी आक्रांताओं या कसाइयों द्वारा गोहत्या करने पर सिख वीर उनका काम तमाम कर देते थे।

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि 2014 के बाद किसानों की आत्महत्याओं पर रोक लगी है, जबकि 2004 से 2014 के बीच लाखों किसानों ने आत्महत्या की थी। उन्होंने इसके पीछे का कारण पहले की सरकारों में कृषि की अधिक लागत और कम उत्पादन को बताया। सीएम योगी ने दोहराया कि उनकी सरकार का संकल्प है कि गोवंश की तस्करी और उन्हें कटने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में 7700 से अधिक गोशालाओं में 14 लाख गोवंश संरक्षित किए जा रहे हैं। साथ ही, 'मुख्यमंत्री सहभागिता योजना' के तहत किसानों को गोवंश पालन के लिए प्रति पशु 1500 रुपये की मासिक सहायता भी दी जा रही है।
    user_Mohit Kumar
    Mohit Kumar
    Local News Reporter बड़ौत, बागपत, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर की थाना खालापार पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त एक अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 10 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 3 अवैध पिस्टल, 7 तमंचे, 10 जिंदा कारतूस, 10 मोबाइल फोन और एक सीबीजेड मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर तहसील के पीछे स्थित एक खंडहरनुमा स्थान पर छापेमारी करके की गई। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने यह स्वीकार किया कि वे मुजफ्फरनगर के अलावा शामली, सहारनपुर और गाजियाबाद समेत कई अन्य जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे। इस मामले में उमर और तस्लीम नामक दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। इस सराहनीय कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने थाना खालापार पुलिस टीम को ₹20,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
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    मुजफ्फरनगर की थाना खालापार पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त एक अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 10 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 3 अवैध पिस्टल, 7 तमंचे, 10 जिंदा कारतूस, 10 मोबाइल फोन और एक सीबीजेड मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर तहसील के पीछे स्थित एक खंडहरनुमा स्थान पर छापेमारी करके की गई। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने यह स्वीकार किया कि वे मुजफ्फरनगर के अलावा शामली, सहारनपुर और गाजियाबाद समेत कई अन्य जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे। इस मामले में उमर और तस्लीम नामक दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।

इस सराहनीय कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने थाना खालापार पुलिस टीम को ₹20,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
    user_Shafeek Rajput Jila sangathan
    Shafeek Rajput Jila sangathan
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर के थाना खालापार पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन अवैध पिस्टल, सात तमंचे, दस जिंदा कारतूस, दस मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए तहसील के पीछे एक खंडहरनुमा स्थान पर छापेमारी की गई, जहां से आरोपी अवैध असलाहों के साथ पकड़े गए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मुजफ्फरनगर के अलावा शामली, सहारनपुर और गाजियाबाद सहित कई अन्य जनपदों में भी अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे। इस मामले में दो अन्य आरोपी उमर और तस्लीम की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस की इस सराहनीय कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने खालापार पुलिस टीम को ₹20,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
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    मुजफ्फरनगर के थाना खालापार पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन अवैध पिस्टल, सात तमंचे, दस जिंदा कारतूस, दस मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए तहसील के पीछे एक खंडहरनुमा स्थान पर छापेमारी की गई, जहां से आरोपी अवैध असलाहों के साथ पकड़े गए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मुजफ्फरनगर के अलावा शामली, सहारनपुर और गाजियाबाद सहित कई अन्य जनपदों में भी अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे। इस मामले में दो अन्य आरोपी उमर और तस्लीम की तलाश अभी भी जारी है।

पुलिस की इस सराहनीय कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने खालापार पुलिस टीम को ₹20,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
    user_Aviraj Rathi
    Aviraj Rathi
    Video Creator मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर में जिला पंचायत सदस्य अमरकांत उर्फ चिकू ने अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार पर भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। अमरकांत चिकू ने योगेश कुमार को 'महाभ्रष्ट अधिकारी' बताते हुए आरोप लगाया कि वह पूरे जिला पंचायत को बेचना चाहते हैं और नोट भरकर गाजियाबाद अपने घर जाना चाहते हैं। चिकू का दावा है कि उनके पास अधिकारी के खिलाफ सबूतों का अंबार है, जिसे वह जल्द सार्वजनिक करेंगे। चिकू के अनुसार, योगेश कुमार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यालय में नहीं बैठते हैं, बल्कि अपने आवास से काम करते हैं और कर्मचारियों को वहीं बुलाते हैं, साथ ही छुट्टी की फर्जी एप्लीकेशन देकर रखते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करीब ढाई महीने पहले योगेश कुमार ने जिला पंचायत की गाड़ी को जिले से बाहर मेरठ टोल तक उपयोग किया था। लकड़ी के टेंडर में पारदर्शिता भंग करते हुए अपना 'कोड' डालने का आरोप भी लगा है, और चिकू ने टेंडर की विज्ञप्ति वाले अख़बारों की संख्या पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अधिकारी पर ठेकेदारों और जमीन की प्लॉटिंग से कमीशन व रुपए वसूलने के लिए एक 'प्राइवेट अटैटेक' रखने का भी आरोप लगाया। मीडिया और सीडीओ को पत्र देने के बावजूद टेंडर निरस्त न होने को उन्होंने पैसों का लालच बताया, और कहा कि पहले का टेंडर मान्य अध्यक्ष जी ने निष्पक्ष तरीके से कराया था। अमरकांत चिकू ने चेतावनी दी है कि यदि योगेश कुमार 23 तारीख से स्थायी रूप से कार्यालय में नहीं बैठेंगे, तो वह अनशन और भूख हड़ताल करेंगे, और यदि इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी और जनता के टैक्स के पैसे से वेतन पाने वाला अधिकारी अपनी ड्यूटी नहीं करेगा व जनता की पीड़ा नहीं सुनेगा, तो वह आत्मदाह करने का भी काम करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से योगेश कुमार की संपत्ति की जांच कराने की भी मांग की, ताकि उनके पास इतना धन कहां से आता है, इसका पता चल सके। चिकू ने टेंडर को तुरंत निरस्त कर खुली बोली के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया से कराने की भी मांग की है। उन्होंने दो-तीन दिन के भीतर कुछ अन्य कर्मचारियों की भी पोल खोलने की बात कही, जिनके खिलाफ उनके पास जांच और सबूत मौजूद हैं।
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    मुजफ्फरनगर में जिला पंचायत सदस्य अमरकांत उर्फ चिकू ने अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार पर भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। अमरकांत चिकू ने योगेश कुमार को 'महाभ्रष्ट अधिकारी' बताते हुए आरोप लगाया कि वह पूरे जिला पंचायत को बेचना चाहते हैं और नोट भरकर गाजियाबाद अपने घर जाना चाहते हैं। चिकू का दावा है कि उनके पास अधिकारी के खिलाफ सबूतों का अंबार है, जिसे वह जल्द सार्वजनिक करेंगे।

चिकू के अनुसार, योगेश कुमार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यालय में नहीं बैठते हैं, बल्कि अपने आवास से काम करते हैं और कर्मचारियों को वहीं बुलाते हैं, साथ ही छुट्टी की फर्जी एप्लीकेशन देकर रखते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करीब ढाई महीने पहले योगेश कुमार ने जिला पंचायत की गाड़ी को जिले से बाहर मेरठ टोल तक उपयोग किया था। लकड़ी के टेंडर में पारदर्शिता भंग करते हुए अपना 'कोड' डालने का आरोप भी लगा है, और चिकू ने टेंडर की विज्ञप्ति वाले अख़बारों की संख्या पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अधिकारी पर ठेकेदारों और जमीन की प्लॉटिंग से कमीशन व रुपए वसूलने के लिए एक 'प्राइवेट अटैटेक' रखने का भी आरोप लगाया। मीडिया और सीडीओ को पत्र देने के बावजूद टेंडर निरस्त न होने को उन्होंने पैसों का लालच बताया, और कहा कि पहले का टेंडर मान्य अध्यक्ष जी ने निष्पक्ष तरीके से कराया था।

अमरकांत चिकू ने चेतावनी दी है कि यदि योगेश कुमार 23 तारीख से स्थायी रूप से कार्यालय में नहीं बैठेंगे, तो वह अनशन और भूख हड़ताल करेंगे, और यदि इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी और जनता के टैक्स के पैसे से वेतन पाने वाला अधिकारी अपनी ड्यूटी नहीं करेगा व जनता की पीड़ा नहीं सुनेगा, तो वह आत्मदाह करने का भी काम करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से योगेश कुमार की संपत्ति की जांच कराने की भी मांग की, ताकि उनके पास इतना धन कहां से आता है, इसका पता चल सके। चिकू ने टेंडर को तुरंत निरस्त कर खुली बोली के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया से कराने की भी मांग की है। उन्होंने दो-तीन दिन के भीतर कुछ अन्य कर्मचारियों की भी पोल खोलने की बात कही, जिनके खिलाफ उनके पास जांच और सबूत मौजूद हैं।
    user_Shivam Chaudhary
    Shivam Chaudhary
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित इंडियन हॉस्पिटल में उपचार के दौरान एक मासूम बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना की सूचना मिलते ही सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी मौके पर पहुँचे और तुरंत कार्रवाई की मांग की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि मामले की जाँच के लिए एक टीम को अस्पताल भेजा गया था। जाँच के दौरान डॉ. अजय ने अस्पताल का डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद एक बार फिर जिले के निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद इस प्रकरण में आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी।
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    मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित इंडियन हॉस्पिटल में उपचार के दौरान एक मासूम बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना की सूचना मिलते ही सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी मौके पर पहुँचे और तुरंत कार्रवाई की मांग की।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि मामले की जाँच के लिए एक टीम को अस्पताल भेजा गया था। जाँच के दौरान डॉ. अजय ने अस्पताल का डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है।

इस घटना के बाद एक बार फिर जिले के निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद इस प्रकरण में आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी।
    user_Shafeek Rajput Jila sangathan
    Shafeek Rajput Jila sangathan
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर में श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार द्वारा एड अमर कांत गुप्ता की माता जी की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर एक छबील/शीतल पेय वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम फायर ब्रिगेड वाली गली में स्थित 202 ए दक्षिणी सिविल लाइंस, कृष्णा कांप्लेक्स पर संपन्न हुआ। परिवार के सचिव अतुल कुमार गर्ग ने इस आयोजन की जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ ओम नमो भगवते वासुदेवाय महामंत्र के जाप और अष्टादश श्लोकी गीतापाठ के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित सम्मानित गणमान्य जनों ने भाग लिया। तत्पश्चात, वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र कुमार गुप्ता और श्याम लाल बंसल ने संयुक्त रूप से छबील/पेय वितरण का उद्घाटन किया। भीषण गर्मी के बावजूद, लगभग एक हजार राहगीरों, निकटवर्ती प्रतिष्ठानों के कर्मियों और श्री कृष्ण कृपा परिवार के सदस्यों ने इस छबील से शीतल पेय ग्रहण किया। इस अवसर पर अंकुर दुआ जी भी मौजूद रहे। आयोजन में सुरेंद्र गुप्ता, श्यामलाल बंसल, कमल गोयल, अतुल गर्ग, रामबीर सिंह, अजय गर्ग, सुभाष गर्ग, एड आरके मलिक, लोकेश चंद्रा, गिरीश अग्रवाल, संजीव, मौ आलम, विक्रांत, आरके गोयल, राजेश वर्मा और संजय अरोरा सहित विजयशंकर शर्मा तथा महाराज श्री के कई अन्य अनुयायियों ने सक्रिय रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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    मुजफ्फरनगर में श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार द्वारा एड अमर कांत गुप्ता की माता जी की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर एक छबील/शीतल पेय वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम फायर ब्रिगेड वाली गली में स्थित 202 ए दक्षिणी सिविल लाइंस, कृष्णा कांप्लेक्स पर संपन्न हुआ। परिवार के सचिव अतुल कुमार गर्ग ने इस आयोजन की जानकारी दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ ओम नमो भगवते वासुदेवाय महामंत्र के जाप और अष्टादश श्लोकी गीतापाठ के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित सम्मानित गणमान्य जनों ने भाग लिया। तत्पश्चात, वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र कुमार गुप्ता और श्याम लाल बंसल ने संयुक्त रूप से छबील/पेय वितरण का उद्घाटन किया। भीषण गर्मी के बावजूद, लगभग एक हजार राहगीरों, निकटवर्ती प्रतिष्ठानों के कर्मियों और श्री कृष्ण कृपा परिवार के सदस्यों ने इस छबील से शीतल पेय ग्रहण किया। इस अवसर पर अंकुर दुआ जी भी मौजूद रहे।

आयोजन में सुरेंद्र गुप्ता, श्यामलाल बंसल, कमल गोयल, अतुल गर्ग, रामबीर सिंह, अजय गर्ग, सुभाष गर्ग, एड आरके मलिक, लोकेश चंद्रा, गिरीश अग्रवाल, संजीव, मौ आलम, विक्रांत, आरके गोयल, राजेश वर्मा और संजय अरोरा सहित विजयशंकर शर्मा तथा महाराज श्री के कई अन्य अनुयायियों ने सक्रिय रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
    user_Mohit Kumar Gurjar
    Mohit Kumar Gurjar
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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