हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल गुरुवार को बरही विधानसभा के चौपारण स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर, बैजनाथ नगर सियरकोनी में आयोजित भव्य रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इसके बाद, सांसद ने श्रद्धालुओं के साथ महाप्रभु के रथ की रस्सी खींची और कई किलोमीटर तक पदयात्रा करते हुए गढ़काली स्थित मौसीबाड़ी पहुंचे। मौसीबाड़ी पहुंचने के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच लंगर का प्रसाद वितरित किया और स्वयं भी प्रसाद ग्रहण किया। रथयात्रा में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि चौपारण की रथयात्रा अब ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का रूप ले चुकी है और सनातन संस्कृति के प्रति लोगों का जुड़ाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और आयोजकों को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए भगवान जगन्नाथ से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल गुरुवार को बरही विधानसभा के चौपारण स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर, बैजनाथ नगर सियरकोनी में आयोजित भव्य रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र की विधिवत
पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इसके बाद, सांसद ने श्रद्धालुओं के साथ महाप्रभु के रथ की रस्सी खींची और कई किलोमीटर तक पदयात्रा करते हुए गढ़काली स्थित मौसीबाड़ी पहुंचे। मौसीबाड़ी पहुंचने के बाद उन्होंने
श्रद्धालुओं के बीच लंगर का प्रसाद वितरित किया और स्वयं भी प्रसाद ग्रहण किया। रथयात्रा में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि चौपारण की रथयात्रा अब ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का रूप ले चुकी
है और सनातन संस्कृति के प्रति लोगों का जुड़ाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और आयोजकों को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए भगवान जगन्नाथ से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
- जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर लंबे समय तक भोजन न करने से मानव शरीर पर क्या असर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन बंद होने के शुरुआती 12 से 24 घंटों के भीतर शरीर ऊर्जा के लिए सबसे पहले रक्त में मौजूद ग्लूकोज और लिवर में जमा ग्लाइकोजन का उपयोग करता है। जब यह भंडार खत्म होने लगता है, तो शरीर ऊर्जा के लिए जमा वसा को तोड़ना शुरू कर देता है, जिससे व्यक्ति को तेज भूख महसूस हो सकती है। उपवास के 24 से 48 घंटों के भीतर शरीर में ग्लूकोज की कमी होने पर फैट तेजी से टूटकर कीटोन बनाता है, जिसे कीटोसिस कहा जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान सिरदर्द, चक्कर या कमजोरी, चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने में कठिनाई और सांस या मुंह से हल्की अलग गंध आने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा, लंबे उपवास में शरीर में ऑटोफैजी नामक प्रक्रिया भी सक्रिय हो सकती है, जिसमें शरीर पुरानी या क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को तोड़कर उनका पुनर्चक्रण करता है, हालांकि वैज्ञानिक अभी भी इंसानों में इसके सक्रिय होने की परिस्थितियों पर अध्ययन कर रहे हैं। यदि भोजन लंबे समय तक नहीं मिलता, तो शरीर केवल वसा ही नहीं, बल्कि मांसपेशियों के प्रोटीन का भी उपयोग ऊर्जा के लिए करने लगता है, जिससे मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और गंभीर मामलों में अंगों के काम करने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पर्याप्त पानी मिलने की स्थिति में एक इंसान अपनी उम्र, वजन, शरीर में वसा की मात्रा और स्वास्थ्य के आधार पर लगभग 30 से 60 दिन तक जीवित रह सकता है, जबकि पानी के बिना शरीर केवल 3 से 7 दिनों तक ही सामान्य रूप से कार्य कर पाता है। चक्कर, बेहोशी या अत्यधिक कमजोरी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी लंबा उपवास नहीं करना चाहिए।1
- रामगढ़ जिले की बड़की पोना पंचायत के अंतर्गत आने वाले बघलाता पोना पर्वत धाम को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का आश्वासन मिला है। सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल के अनुसार, पोना पर्वत धाम को जल्द ही पर्यटन सूची में शामिल किया जाएगा।1
- हजारीबाग के चौपारण में लगातार चौथी बार भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ निकाली गई। इस पावन अवसर पर पूरा चौपारण पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। इस भव्य रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा का आशीर्वाद प्राप्त किया।1
- झारखंड के चौपारण में आस्था, भक्ति और उत्साह का एक अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा है, जिससे पूरा क्षेत्र भजनों की पवित्र ध्वनि से गूंज उठा। इस भक्तिमय अवसर पर 'विदेश से जय जगन्नाथ' का उद्घोष किया गया है। भगवान महाप्रभु से समस्त क्षेत्रवासियों और प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि तथा उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना की गई है।1
- 16 जुलाई 2026 को शाम 5:30 बजे बशरतपुर क्षेत्र में जगन्नाथ जी महाराज की शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। इस शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और जगन्नाथ जी की यात्रा में शामिल हुए। बशरतपुर में आयोजित इस यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं ने जगन्नाथ जी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद तथा प्रसाद प्राप्त किया।4
- मध्य प्रदेश के रीवा में एक होटल में पति को दूसरी युवती के साथ मिलने पर पत्नी द्वारा हंगामा किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, हालांकि इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि पत्नी ने खुद होटल पहुंचकर पति का कड़ा विरोध किया और वहां हंगामा करने के बाद वह उसे पकड़कर सीधे थाने तक ले गई। पत्नी का आरोप है कि उन दोनों ने कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद से उसका पति लगातार उससे तलाक की बात करने लगा था। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।1
- हजारीबाग के चौपारण में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में भारी भीड़ उमड़ी है। इस रथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं और भक्त जनों के बीच काफी उत्साह देखने को मिला।1
- आइस स्तूप के कारण सुर्खियों में आए सोनम वांगचुक इस समय दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे हैं। सोनम वांगचुक, जिन्होंने पूर्व में आइस स्तूप से काफी सुर्खियां बटोरी थीं, अब दिल्ली के जंतर-मंतर में अनशन कर रहे हैं।1
- रांची में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा के दौरान आस्था का एक अद्भुत नज़ारा देखने को मिला है। इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भगवान जगन्नाथ का रथ खींचकर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरे शहर में एक अनोखा भक्तिमय माहौल बन गया और चारों तरफ 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।1