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महोबा यूपी गणेश पंडाल में महिलाएं भजन कीर्तन पेश कर रही है गणेश पंडाल में महिलाएं भजन कीर्तन पेश कर रही है

19 hrs ago
user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
19 hrs ago

महोबा यूपी गणेश पंडाल में महिलाएं भजन कीर्तन पेश कर रही है गणेश पंडाल में महिलाएं भजन कीर्तन पेश कर रही है

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • सरकारी नौकरी और सरकारी स्कूल की पढ़ाई को लेकर एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक लड़की ने कहा कि अगर सरकारी नौकरी के लिए सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने की शर्त रखी जाए, तो सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को ज्यादा अवसर मिल सकते हैं और उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को भी महत्व मिलेगा। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ यूजर्स सरकारी स्कूल की पृष्ठभूमि को सरकारी नौकरी के अवसरों से जोड़ने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया योग्यता, निर्धारित पात्रता और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के आधार पर होनी चाहिए। सवाल यह है कि क्या सरकारी नौकरी की पात्रता तय करते समय उम्मीदवार की स्कूल शिक्षा को भी आधार बनाया जाना चाहिए? इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।
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    सरकारी नौकरी और सरकारी स्कूल की पढ़ाई को लेकर एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक लड़की ने कहा कि अगर सरकारी नौकरी के लिए सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने की शर्त रखी जाए, तो सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को ज्यादा अवसर मिल सकते हैं और उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को भी महत्व मिलेगा।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ यूजर्स सरकारी स्कूल की पृष्ठभूमि को सरकारी नौकरी के अवसरों से जोड़ने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया योग्यता, निर्धारित पात्रता और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के आधार पर होनी चाहिए।
सवाल यह है कि क्या सरकारी नौकरी की पात्रता तय करते समय उम्मीदवार की स्कूल शिक्षा को भी आधार बनाया जाना चाहिए? इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।
    user_पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
    पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
    Local News Reporter लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    45 min ago
  • उमेश यादव के स्वागत में उमड़ा सपा का कारवां, फूल-मालाओं और नारों से गूंजा बांदा। बांदा। सपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष उमेश यादव के पहली बार बांदा आगमन पर रविवार को कार्यकर्ताओं का जोश सड़क से लेकर पार्टी कार्यालय तक दिखाई दिया। चिल्ला से बांदा शहर तक जगह-जगह फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच उनका स्वागत किया गया। चिल्ला, तारा, अतरहट, पपरेन्दा, जमालपुर, मवई, महाराणा प्रताप चौराहा, रेलवे स्टेशन, पीली कोठी और कालू कुआं समेत कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उमेश यादव का अभिनंदन किया। कचहरी चौराहे पर उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।इसके बाद सपा कार्यालय पहुंचने पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ. मधुसूदन कुशवाहा ने उन्हें गले लगाकर बधाई दी।स्वागत से अभिभूत उमेश यादव ने कहा कि संगठन में सभी को साथ लेकर चलेंगे और कार्यकर्ताओं को सम्मान देंगे। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने की बात कही। कार्यक्रम में विधायक विशंभर सिंह यादव समेत बड़ी संख्या में नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    उमेश यादव के स्वागत में उमड़ा सपा का कारवां, फूल-मालाओं और नारों से गूंजा बांदा।
बांदा। सपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष उमेश यादव के पहली बार बांदा आगमन पर रविवार को कार्यकर्ताओं का जोश सड़क से लेकर पार्टी कार्यालय तक दिखाई दिया। चिल्ला से बांदा शहर तक जगह-जगह फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच उनका स्वागत किया गया।
चिल्ला, तारा, अतरहट, पपरेन्दा, जमालपुर, मवई, महाराणा प्रताप चौराहा, रेलवे स्टेशन, पीली कोठी और कालू कुआं समेत कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उमेश यादव का अभिनंदन किया। कचहरी चौराहे पर उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।इसके बाद सपा कार्यालय पहुंचने पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ. मधुसूदन कुशवाहा ने उन्हें गले लगाकर बधाई दी।स्वागत से अभिभूत उमेश यादव ने कहा कि संगठन में सभी को साथ लेकर चलेंगे और कार्यकर्ताओं को सम्मान देंगे। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने की बात कही। कार्यक्रम में विधायक विशंभर सिंह यादव समेत बड़ी संख्या में नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बड़ामलहरा नगर में क्षेत्रीय यादव समाज के द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित भव्य मटकी फोड़ एवं शोभायात्रा कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। छतरपुर। नगर के श्री बिहारी जी मंदिर प्रांगण से प्रारंभ यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख स्थानों से होते हुए श्री रामबाग आश्रम पर आरती, प्रसाद के साथ सम्पन्न हुई। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, उत्साह और सनातन संस्कृति के अनूठे रंगों से सराबोर यह आयोजन अत्यंत अलौकिक एवं स्मरणीय रहा। माखनचोर, जगद्गुरु भगवान श्रीदेव मुरलीधर जी के चरणों में नमन करते हुए समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्रार्थना करता हूँ।
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    बड़ामलहरा नगर में क्षेत्रीय यादव समाज के द्वारा  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर  आयोजित भव्य मटकी फोड़ एवं शोभायात्रा कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ।

छतरपुर। नगर के श्री बिहारी जी मंदिर प्रांगण से प्रारंभ यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख स्थानों से होते हुए श्री रामबाग आश्रम पर आरती, प्रसाद के साथ सम्पन्न हुई।
भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, उत्साह और सनातन संस्कृति के अनूठे रंगों से सराबोर यह आयोजन अत्यंत अलौकिक एवं स्मरणीय रहा। 
माखनचोर, जगद्गुरु भगवान श्रीदेव मुरलीधर जी के चरणों में नमन करते हुए समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्रार्थना करता हूँ।
    user_Journalist Ganesh Raikwar
    Journalist Ganesh Raikwar
    Media house छतरपुर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • तिंदवारी के माटा में जनसेवा केंद्र से रुपये निकालने जा रहे थे वृद्ध, विपरीत दिशा से आए ट्रक ने मारी टक्कर, हुई मौत। तिंदवारी के माटा में जनसेवा केंद्र से रुपये निकालने जा रहे थे वृद्ध, विपरीत दिशा से आए ट्रक ने मारी टक्कर, हुई मौत।
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    तिंदवारी के माटा में जनसेवा केंद्र से रुपये निकालने जा रहे थे वृद्ध, विपरीत दिशा से आए ट्रक ने मारी टक्कर, हुई मौत।
तिंदवारी के माटा में जनसेवा केंद्र से रुपये निकालने जा रहे थे वृद्ध, विपरीत दिशा से आए ट्रक ने मारी टक्कर, हुई मौत।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • पुलिस कम, ड्यूटी ज्यादा... शिक्षक कम, जिम्मेदारी ज्यादा... आखिर सिस्टम की सीमा क्या है? थाने में कम पुलिस,स्कूल में कम शिक्षक...व्यवस्था चल कैसे रही है ? #SystemAccountability #PoliceReform #PublicSafety #GovernmentAccountability #AdministrativeReform #PoliceWorkload #ElectionDuty #PublicService #MadhyaPradesh #Chhatarpur #MPNews #GroundReport #PublicInterest #SamirAwasthi #VoiceOfPeople
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    पुलिस कम, ड्यूटी ज्यादा... शिक्षक कम, जिम्मेदारी ज्यादा... आखिर सिस्टम की सीमा क्या है? 


थाने में कम पुलिस,स्कूल में कम शिक्षक...व्यवस्था चल कैसे रही है ?
#SystemAccountability #PoliceReform #PublicSafety #GovernmentAccountability #AdministrativeReform #PoliceWorkload #ElectionDuty #PublicService #MadhyaPradesh #Chhatarpur #MPNews #GroundReport #PublicInterest #SamirAwasthi #VoiceOfPeople
    user_SAMEER AWASTHI
    SAMEER AWASTHI
    लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • छतरपुर में 3 शिक्षकों पर गिरी निलंबन की गाज! जुआ खेलने और स्कूल में सोने के आरोप छतरपुर में 3 शिक्षकों पर गिरी निलंबन की गाज! जुआ खेलने और स्कूल में सोने के आरोप
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    छतरपुर में 3 शिक्षकों पर गिरी निलंबन की गाज! जुआ खेलने और स्कूल में सोने के आरोप
छतरपुर में 3 शिक्षकों पर गिरी निलंबन की गाज! जुआ खेलने और स्कूल में सोने के आरोप
    user_Bharat Junction News
    Bharat Junction News
    Local News Reporter छतरपुर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के सुशासन पर जिला मुख्यालय में होंगे नाट्य कार्यक्रम शकुंतला निषाद प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के सुशासन पर जिला मुख्यालय में होंगे नाट्य कार्यक्रम शकुंतला निषाद
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    प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के सुशासन पर जिला मुख्यालय में होंगे नाट्य कार्यक्रम शकुंतला निषाद
प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के सुशासन पर जिला मुख्यालय में होंगे नाट्य कार्यक्रम शकुंतला निषाद
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सरकारी नौकरी और सरकारी स्कूल की पढ़ाई को लेकर एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक लड़की ने कहा कि अगर सरकारी नौकरी के लिए सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने की शर्त रखी जाए, तो सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को ज्यादा अवसर मिल सकते हैं और उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को भी महत्व मिलेगा। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ यूजर्स सरकारी स्कूल की पृष्ठभूमि को सरकारी नौकरी के अवसरों से जोड़ने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया योग्यता, निर्धारित पात्रता और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के आधार पर होनी चाहिए। सवाल यह है कि क्या सरकारी नौकरी की पात्रता तय करते समय उम्मीदवार की स्कूल शिक्षा को भी आधार बनाया जाना चाहिए? इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।
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    सरकारी नौकरी और सरकारी स्कूल की पढ़ाई को लेकर एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक लड़की ने कहा कि अगर सरकारी नौकरी के लिए सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने की शर्त रखी जाए, तो सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को ज्यादा अवसर मिल सकते हैं और उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को भी महत्व मिलेगा।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ यूजर्स सरकारी स्कूल की पृष्ठभूमि को सरकारी नौकरी के अवसरों से जोड़ने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया योग्यता, निर्धारित पात्रता और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के आधार पर होनी चाहिए।
सवाल यह है कि क्या सरकारी नौकरी की पात्रता तय करते समय उम्मीदवार की स्कूल शिक्षा को भी आधार बनाया जाना चाहिए? इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।
    user_पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
    पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
    Local News Reporter लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    55 min ago
  • मानवी का दर्द पूछ रहा है बांदा—आखिर मेरी क्या गलती थी?पांच साल की मासूम का पैर कटा, जांच में चूक के संकेत; आरोपों के बीच अब भी अनुत्तरित है सबसे बड़ा सवाल बांदा। मानवी सिर्फ पांच साल की है। इतनी छोटी कि जिंदगी का मतलब अभी खेल, हंसी और मां-बाप की उंगली पकड़कर चलना ही होना चाहिए था। लेकिन एक हादसे के बाद उसकी दुनिया बदल गई। छत से गिरकर घायल हुई मानवी इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंची और देखते ही देखते उसके पैर में संक्रमण फैल गया। तो मेडिकल कॉलेज से रेफर किया गया आखिरकार उसकी जान बचाने के लिए पैर काटना पड़ा।अब मानवी चल नहीं सकती, लेकिन उसके दर्द से उठता सवाल जरूर चल रहा है—आखिर मेरी क्या गलती थी?पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित कर जांच कराई। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई, जिसमें उपचार के दौरान डॉक्टर विनीत सिंह की ओर से चूक के संकेत पाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद डॉक्टर को निलंबित किया गया, हालांकि बाद में उन्हें पुनः बहाल कर दिया गया।अब डॉक्टर विनीत सिंह ने अपने ऊपर लगे इलाज में लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कुछ पत्रकारों और कथित नेताओं पर रुपये मांगने का आरोप भी लगाया है और दावा किया है कि मांग पूरी नहीं होने पर उनके खिलाफ कथित रूप से भ्रामक खबरें चलाई गईं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।लेकिन इन आरोपों के शोर के बीच मानवी की आवाज कहीं दब न जाए।जिस बच्ची को अब जिंदगी भर कृत्रिम सहारे, दूसरों की मदद और नए संघर्षों के साथ आगे बढ़ना होगा, उसके भविष्य का क्या होगा? परिवार शासन से आर्थिक सहायता की मांग कर रहा है और सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मदद की गुहार लगा चुका है।यह मामला सिर्फ यह तय करने का नहीं है कि डॉक्टर दोषी हैं या नहीं। यह उस बच्ची के भविष्य का सवाल है, जिसने अपना पैर खो दिया है।जिम्मेदारी यदि तय होनी है तो तथ्यों से हो, आरोप यदि लगाने हैं तो प्रमाण के साथ लगाए जाएं और जांच यदि हुई है तो उसके निष्कर्ष पूरी पारदर्शिता से सामने आएं। क्योंकि मानवी के लिए अब बीती हुई तारीखें मायने नहीं रखतीं।उसका सवाल बहुत सीधा है—मेरा पैर चला गया, अब मेरा भविष्य कौन संभालेगा?
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    मानवी का दर्द पूछ रहा है बांदा—आखिर मेरी क्या गलती थी?पांच साल की मासूम का पैर कटा, जांच में चूक के संकेत; आरोपों के बीच अब भी अनुत्तरित है सबसे बड़ा सवाल
बांदा। मानवी सिर्फ पांच साल की है। इतनी छोटी कि जिंदगी का मतलब अभी खेल, हंसी और मां-बाप की उंगली पकड़कर चलना ही होना चाहिए था। लेकिन एक हादसे के बाद उसकी दुनिया बदल गई। छत से गिरकर घायल हुई मानवी इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंची और देखते ही देखते उसके पैर में संक्रमण फैल गया। तो मेडिकल कॉलेज से रेफर किया गया आखिरकार उसकी जान बचाने के लिए पैर काटना पड़ा।अब मानवी चल नहीं सकती, लेकिन उसके दर्द से उठता सवाल जरूर चल रहा है—आखिर मेरी क्या गलती थी?पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित कर जांच कराई। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई, जिसमें उपचार के दौरान डॉक्टर विनीत सिंह की ओर से चूक के संकेत पाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद डॉक्टर को निलंबित किया गया, हालांकि बाद में उन्हें पुनः बहाल कर दिया गया।अब डॉक्टर विनीत सिंह ने अपने ऊपर लगे इलाज में लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कुछ पत्रकारों और कथित नेताओं पर रुपये मांगने का आरोप भी लगाया है और दावा किया है कि मांग पूरी नहीं होने पर उनके खिलाफ कथित रूप से भ्रामक खबरें चलाई गईं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।लेकिन इन आरोपों के शोर के बीच मानवी की आवाज कहीं दब न जाए।जिस बच्ची को अब जिंदगी भर कृत्रिम सहारे, दूसरों की मदद और नए संघर्षों के साथ आगे बढ़ना होगा, उसके भविष्य का क्या होगा? परिवार शासन से आर्थिक सहायता की मांग कर रहा है और सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मदद की गुहार लगा चुका है।यह मामला सिर्फ यह तय करने का नहीं है कि डॉक्टर दोषी हैं या नहीं। यह उस बच्ची के भविष्य का सवाल है, जिसने अपना पैर खो दिया है।जिम्मेदारी यदि तय होनी है तो तथ्यों से हो, आरोप यदि लगाने हैं तो प्रमाण के साथ लगाए जाएं और जांच यदि हुई है तो उसके निष्कर्ष पूरी पारदर्शिता से सामने आएं।
क्योंकि मानवी के लिए अब बीती हुई तारीखें मायने नहीं रखतीं।उसका सवाल बहुत सीधा है—मेरा पैर चला गया, अब मेरा भविष्य कौन संभालेगा?
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
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