👁️ तीसरी आंख | “20 अप्रैल… जन्म नहीं, जहर का दिन” ____________ 20 अप्रैल। इतिहास की किताब कहती है— आज एक आदमी पैदा हुआ था। लेकिन सच ये है— आज इंसान के अंदर छुपा जानवर खामोशी से सिर उठाया था। नाम था— हिटलर। पर असली नाम कुछ और था— “मैं सही हूँ… बाकी सब गलत हैं।” ━━━━━━━━━━━━━━━ वो बंदूक लेकर नहीं आया था… वो सोच का बीज लेकर आया था। धीरे-धीरे बोया— “तुम श्रेष्ठ हो…” “तुमसे सब छीन लिया गया…” “तुम्हारा दुश्मन ‘वे’ हैं…” और सबसे खतरनाक— उसने तुम्हें सोचने से आज़ाद नहीं किया… सोचने की ज़िम्मेदारी छीन ली। बस… यहीं इंसान मरता है। क्योंकि जब इंसान सोचने की मेहनत छोड़ देता है— तो वो सिर्फ भीड़ नहीं बनता… वो किसी और के हाथ का हथियार बन जाता है। ━━━━━━━━━━━━━━━ 📌 अकाट्य सत्य — हिटलर ने लोगों को मारने से पहले उनकी “ना” कहने की ताकत मार दी थी। आज भी— कत्ल तलवार से नहीं होता… खामोशी से होता है। पहले तुम चुप रहते हो… जब किसी को कमतर कहा जाता है। फिर चुप रहते हो… जब उसे गलत साबित किया जाता है। फिर चुप रहते हो… जब उसे खतरा बताया जाता है। और एक दिन— तुम्हारी वही चुप्पी उसकी मौत का कारण बन जाती है। यही है असली सफर— इंसान से हैवान बनने का नहीं… इंसान से “खामोश गुनहगार” बनने का। ━━━━━━━━━━━━━━━ आज भी ये खेल चल रहा है— तुम्हारे फोन में, तुम्हारी टाइमलाइन में, तुम्हारी बातों में… जहां नफरत को तर्क कहा जाता है, जहां सवाल को गुनाह बना दिया जाता है, जहां भीड़ का शोर सच बन जाता है— वहां… हिटलर सिर्फ जिंदा नहीं— तुम्हारी उंगलियों से बोल रहा है। ━━━━━━━━━━━━━━━ 💥 हथौड़ा लाइन — “हिटलर खतरनाक इसलिए नहीं था कि वो बोलता था… वो खतरनाक इसलिए था— क्योंकि लाखों लोग चुप थे।” ━━━━━━━━━━━━━━━ 👉 CTA (अब बचना नहीं, तय करना है): आज 20 अप्रैल पर केक मत काटो… अपनी खामोशी तोड़ो। किसी एक जगह— जहां तुम अब तक चुप थे… वहां सच बोलो। क्योंकि हिटलर नफरत से नहीं जीतता— वो तुम्हारी चुप्पी से जीतता है। और याद रखना— अगला हिटलर वही नहीं होगा जो नफरत फैलाएगा… अगला हिटलर वो होगा— जिसने उसे रोका नहीं।
👁️ तीसरी आंख | “20 अप्रैल… जन्म नहीं, जहर का दिन” ____________ 20 अप्रैल। इतिहास की किताब कहती है— आज एक आदमी पैदा हुआ था। लेकिन सच ये है— आज इंसान के अंदर छुपा जानवर खामोशी से सिर उठाया था। नाम था— हिटलर। पर असली नाम कुछ और था— “मैं सही हूँ… बाकी सब गलत हैं।” ━━━━━━━━━━━━━━━ वो बंदूक लेकर नहीं आया था… वो सोच का बीज लेकर आया था। धीरे-धीरे बोया— “तुम श्रेष्ठ हो…” “तुमसे सब छीन लिया गया…” “तुम्हारा दुश्मन ‘वे’ हैं…” और सबसे खतरनाक— उसने तुम्हें सोचने से आज़ाद नहीं किया… सोचने की ज़िम्मेदारी छीन ली। बस… यहीं इंसान मरता है। क्योंकि जब इंसान सोचने की मेहनत छोड़ देता है— तो वो सिर्फ भीड़ नहीं बनता… वो किसी और के हाथ का हथियार बन जाता है। ━━━━━━━━━━━━━━━ 📌 अकाट्य सत्य — हिटलर ने लोगों को मारने से पहले उनकी “ना” कहने की ताकत मार दी थी। आज भी— कत्ल तलवार से नहीं होता… खामोशी से होता है। पहले तुम चुप रहते हो… जब किसी को कमतर कहा जाता है। फिर चुप रहते हो… जब उसे गलत साबित किया जाता है। फिर चुप रहते हो… जब उसे खतरा बताया जाता है। और एक दिन— तुम्हारी वही चुप्पी उसकी मौत का कारण बन जाती है। यही है असली सफर— इंसान से हैवान बनने का नहीं… इंसान से “खामोश गुनहगार” बनने का। ━━━━━━━━━━━━━━━ आज भी ये खेल चल रहा है— तुम्हारे फोन में, तुम्हारी टाइमलाइन में, तुम्हारी बातों में… जहां नफरत को तर्क कहा जाता है, जहां सवाल को गुनाह बना दिया जाता है, जहां भीड़ का शोर सच बन जाता है— वहां… हिटलर सिर्फ जिंदा नहीं— तुम्हारी उंगलियों से बोल रहा है। ━━━━━━━━━━━━━━━ 💥 हथौड़ा लाइन — “हिटलर खतरनाक इसलिए नहीं था कि वो बोलता था… वो खतरनाक इसलिए था— क्योंकि लाखों लोग चुप थे।” ━━━━━━━━━━━━━━━ 👉 CTA (अब बचना नहीं, तय करना है): आज 20 अप्रैल पर केक मत काटो… अपनी खामोशी तोड़ो। किसी एक जगह— जहां तुम अब तक चुप थे… वहां सच बोलो। क्योंकि हिटलर नफरत से नहीं जीतता— वो तुम्हारी चुप्पी से जीतता है। और याद रखना— अगला हिटलर वही नहीं होगा जो नफरत फैलाएगा… अगला हिटलर वो होगा— जिसने उसे रोका नहीं।
- बस्तर संभाग में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच तापमान तेजी से बढ़ते हुए 35 डिग्री से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लेकिन शाम 5 बजे तक तेज हवा और गरज के साथ आसमान में काले बादल आने के साथ ही हल्की बारिश हुई। जिससे सड़क तरबतर हो गई। जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। इधर भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए शासन ने 20 अप्रैल से स्कूलों की छुट्टी करने का आदेश जारी कर दिया है। इस साल स्कूलों में गर्मी की छुट्टी 1 मई की जगह 20 अप्रैल से शुरू हो जाएगी। शनिवार को भीषण गर्मी से लोगों को हाल बेहाल रहा, लेकिन अचानक शाम 5 बजे से तेज हवा और गरज के साथ हल्की बारिश हुई।1
- नारायणपुर से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां बिजली डैम में डूबने से एक मां और उसके दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चों को डूबता देख मां ने उन्हें बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी, लेकिन तीनों की जान नहीं बच सकी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और लोगों से अपील की गई है कि डैम और जलाशयों के पास सावधानी बरतें।1
- बलरामपुर।महुवा बिनने गई महिला पर भालु ने किया हमला, भालु के हमले से महिला गंभीर रूप से घायल,बलरामपुर जिले के सेमरसोत अभ्यारण्य रेंज के सीतारामपुर पाठ का मामला। बलरामपुर जिले के सेमर सोत अभ्यारण क्षेत्र के सीतारामपुर पाठ के जंगल में आज दिनाँक 19 अप्रेल दिन रविवार को समय तकरीबन सुबह 7 बजे महुआ बीनने गई महिला पर भालु ने हमला कर दिया।इस हमले में महिला का कंधे से हाथ टूट कर लटक गया।महिला ने किसी तरह भालु के हमले से अपनी जान बचाई जिसके बाद परिजनों ने घायल महिला को बलरामपुर जिला चिकित्सालय में इलाज हेतु भर्ती कराया है जहाँ उसकी इलाज जारी है।1
- बालोद में करंट लगने से 58 वर्षीय अधेड़ की मौत: सफाई के बाद नल में हाथ धोते समय हुआ हादसा एक छोटी सी लापरवाही जान ले बैठी। बालोद शहर में सफाई का काम पूरा करने के बाद हाथ धोने गए 58 वर्षीय व्यक्ति को करंट लग गया और वह मौके पर ही अपनी जान गंवा बैठा। पूरा इलाका सदमे में है। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कोतवाली थाना क्षेत्र के मस्जिद के पास एक दुखद हादसा हो गया। शहर के नयापारा निवासी 58 वर्षीय कृपाराम साहू सफाई का काम पूरा करने के बाद नल में हाथ धो रहे थे। इसी दौरान उन्हें करंट लग गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक अधेड़ व्यक्ति अपने घर के आसपास सफाई कर रहे थे। हाथ धोने के लिए नल की तरफ गए ही थे कि अचानक बिजली का झटका लगा और वह गिर पड़े। आसपास के लोगों ने देखा तो कृपाराम साहू बेहोश पड़े थे। बालोद कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि नल में करंट कैसे आ गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी शॉर्ट सर्किट के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। द छत्तीसगढ़ चैनल इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करता है और परिवार के प्रति संवेदना जताता है। हम विद्युत विभाग से मांग करते हैं कि शहर में पुरानी विद्युत लाइनों और नल कनेक्शनों की तुरंत जांच कराई जाए ताकि ऐसे जानलेवा हादसे दोबारा न हों। बिजली से जुड़े किसी भी काम के बाद हाथ धोने या नल छूने से पहले सावधानी बरतें। अगर आपके इलाके में भी बिजली या पानी के नल में करंट आने की समस्या है तो तुरंत विद्युत विभाग या द छत्तीसगढ़ चैनल को सूचित करें। अपनी और अपनों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें।1
- हर माता-पिता बच्चों को School भेजने से पहले इस video को जरुर देखें- ख़बर पुरानी है लेकिन बेहद महत्वपूर्ण!1
- कल खुर्सीपार मे एक घटना घटी एक व्यक्ति जो बहुत शराब के नशे मे था नहर मे नहाने गया और फिर डूब गया नशे मे वो बेह गया खोज बिन चालू हैं किन्तु अभी तक कोई भी पता नहीं लगा रहा हैं....1
- *🔺 दंतेवाड़ा/ कटे कल्याण की खबर* *🟥 दंतेवाड़ा की कटे कल्याण में जोरदार मूसलाधार बारिश...* *🟥 शादी समारोह में नजारा देखने को मिला...* *🛑छत्तीसगढ़ की जिला दंतेवाड़ा के कटेकल्याण मे मुसलाधार बारिश हुई । बारिश इतना अधिक था कि शादी समारोह में पड़ा खलल।*1
- नारायणपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक डैम में डूबने से एक मां और उसके दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चे पानी में डूबने लगे तो उन्हें बचाने के लिए मां ने भी डैम में छलांग लगा दी, लेकिन तीनों की जान नहीं बच सकी। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से शवों को बाहर निकाला गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। 👉 प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलाशयों और डैम के आसपास सतर्कता बरतें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।1
- परशुराम जयंती पर विप्र समाज का सराहनीय सामाजिक प्रयास, कार्यक्रम में पत्रकारों का किया गया सम्मान गोबरा नवापारा, परशुराम जयंती के पावन अवसर पर नवापारा राजिम इकाई विप्र समाज द्वारा रायपुर रोड स्थित विप्र भवन में समाज हित में एक अनुकरणीय कार्य किया गया। समाज के उत्थान और मानवीय सेवा की भावना से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम में विप्र समाज ने दो महत्वपूर्ण सुविधाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर शव रथ (मोक्ष रथ) तथा शव फ्रीजर का शुभारंभ किया गया, जो अंतिम यात्रा के समय समाज के अंतिम संस्कार में सहायता प्रदान करेगा। इन सुविधाओं से आम जनमानस को विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बहुत लाभ मिलेगा। इसी कार्यक्रम के दौरान नगर के समस्त पत्रकारों का भी सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उनके समाज सेवा और जागरूकता फैलाने के योगदान को सराहा गया। विप्र समाज नवापारा राजिम की यह पहल सामाजिक सद्भाव, सेवा और एकता का सुंदर उदाहरण है। भगवान परशुराम जी के आदर्शों — धर्म, न्याय और सेवा — को चरितार्थ करने वाला यह प्रयास पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। समाज के ऐसे सराहनीय कार्य निश्चित रूप से भविष्य में भी जारी रहेंगे। इस अवसर पर राज भाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, संतोष उपाध्याय पूर्व विधायक, सुनील शर्मा समाज सेवी, आर बी शर्मा, सनत शर्मा, श्याम किशोर शर्मा पत्रकार, प्रसन्न शर्मा, ज्ञानेश शर्मा, रमेश तिवारी, कैलाश तिवारी, पूनम पांडे, रुचि शर्मा , शिव शर्मा ,मधुरानी शुक्ला, प्रशांत शुक्ला, अंजय शर्मा , उज्जवल तिवारी, मनहरण शर्मा, गुड्डा शर्मा, अजय शर्मा, रेखा तिवारी , पुराणिक शर्मा, महेश तिवारी, रूपेश तिवारी , राम शर्मा, श्याम शर्मा, मकसूदन शर्मा , संजय शर्मा, अंकित शर्मा, आशीष दीवान सहित अन्य विप्र बंधुओं के साथ नगर के वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रकाश तिवारी, आलोक पहाड़िया,विनोद जैन, प्रवीण साहू, लीलाराम साहू, युवराज साहू, तुका राम कंसारी, खिलेश्वर शर्मा, नागेन्द्र निषाद कार्यक्रम में शामिल हुए l4