मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों ने सरकार के खिलाफ अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। विद्यार्थियों ने पिपरिया के मंगलवारा चौक पर एक दिवसीय सांकेतिक उपवास और धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग उठाई। जनता का समर्थन हासिल करने के लिए इस दौरान एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस एक दिवसीय उपवास पर बैठे छात्र खुशमीत राज और छात्रा अनुश्री सोनी ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अब तक जिम्मेदार लोगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं के कारण दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों का वर्तमान शिक्षा व्यवस्था से विश्वास पूरी तरह उठता जा रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से किए गए इस प्रदर्शन में कुल 14 विद्यार्थी शामिल हुए, जिन्होंने सरकार के समक्ष मजबूती से अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने नीट पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और पूरी परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग भी की। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह उपवास लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में और देश की शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही व पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से रखा गया है। छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जा सकता है।
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों ने सरकार के खिलाफ अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। विद्यार्थियों ने पिपरिया के मंगलवारा चौक पर एक दिवसीय सांकेतिक उपवास और धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग उठाई। जनता का समर्थन हासिल करने के लिए इस दौरान एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस एक दिवसीय उपवास पर बैठे छात्र खुशमीत राज और छात्रा अनुश्री सोनी ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अब तक जिम्मेदार लोगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं के कारण दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों का वर्तमान शिक्षा व्यवस्था से विश्वास पूरी तरह उठता जा रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से किए गए इस प्रदर्शन में कुल 14 विद्यार्थी शामिल हुए, जिन्होंने सरकार के समक्ष मजबूती से अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने नीट पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और पूरी परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग भी की। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह उपवास लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में और देश की शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही व पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से रखा गया है। छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जा सकता है।
- दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में सोहागपुर में भी छात्रों ने अपना आंदोलन शुरू कर दिया है। नीट परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सोमवार सुबह 10 बजे से छात्र-छात्राएं बस स्टैंड पर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्र देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही आंदोलनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी पुरजोर मांग उठाई है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। छात्रों के हाथों में थमी इन तख्तियों पर "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो", "युवा संवाद भूख हड़ताल", "एक पेपर नहीं, लाखों सपनों का सवाल" और "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" जैसे नारे लिखे हुए हैं। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों के समर्थन में कांग्रेस नेता भी उनके साथ मंच पर बैठे नजर आए।1
- नर्मदापुरम के सोहागपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर श्री पवन फूलमाली साहब और उनके बेटे शिवांश ने एक ही दिन पड़ने वाले अपने जन्मदिन को किसी पार्टी या फिजूलखर्ची के बजाय सेवा के रास्ते पर चलकर मनाया। इस खास मौके पर उन्होंने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। फूलमाली परिवार ने केक काटने और पार्टी पर पैसे उड़ाने के बजाय फुटपाथ की ठंडी जमीन पर सोने वाले भूखे लोगों को अपने हाथों से स्वादिष्ट भोजन और मिष्ठान कराया। राम रहीम रोटी बैंक के साथ मिलकर दिए गए इस निवाले ने न सिर्फ लोगों का पेट भरा, बल्कि उनकी आंखों में खुशी के आंसू भी ला दिए। इस दौरान पिता पवन फूलमाली ने अपने बेटे शिवांश को सबसे बड़ी सीख देते हुए कहा कि जन्मदिन तभी सार्थक है जब किसी भूखे की थाली भर जाए। इस सेवा कार्य के लिए पवन फूलमाली साहब और उनके बेटे शिवांश को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं दी जा रही हैं ताकि वे ऐसे ही हजारों दिलों में अपनी जगह बनाते रहें और ईश्वर उन्हें लोगों की सेवा करने की और अधिक ताकत दे।1
- रायसेन जिले के बाड़ी में समाज को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के उद्देश्य से बाड़ी पुलिस द्वारा "नशे से दूरी" जनजागरूकता अभियान के तहत व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी ने अपने हमराह पुलिस बल के साथ नगर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर आमजन से संवाद किया। पुलिस टीम ने बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड, ऑटो स्टैंड और प्रमुख बाजारों में यात्रियों, वाहन चालकों, व्यापारियों और युवाओं को नशे के गंभीर दुष्परिणामों की जानकारी दी। अभियान के दौरान पुलिस द्वारा बसों, टैक्सियों और ऑटो जैसे सार्वजनिक वाहनों पर नशा विरोधी संदेशों वाले पोस्टर चस्पा किए गए, ताकि लोगों तक यह संदेश पहुंचे कि नशे से दूरी ही सुरक्षित, स्वस्थ और खुशहाल जीवन की पहचान है। थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी ने कहा कि नशा समाज के लिए गंभीर चुनौती है और इससे निपटने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार, बिक्री या सेवन की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि नशे की आदत से अपराध, सड़क दुर्घटनाएं, घरेलू हिंसा और सामाजिक अव्यवस्था जैसी गंभीर समस्याएं जन्म लेती हैं। स्थानीय नागरिकों ने बाड़ी पुलिस की इस पहल की सराहना की और नशे के खिलाफ अभियान में पूर्ण सहयोग देने का भरोसा जताया। बाड़ी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जागरूकता का यह प्रयास भविष्य में भी जारी रहेगा और अवैध नशीले पदार्थों के तस्करों व विक्रेताओं के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया में आदिवासी छात्र-छात्राओं ने अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर मोहन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में इन बच्चों का आक्रोश और दर्द खुलकर सामने आया है, जहां वे पर्यटन के विकास के बजाय पहले बेहतर शिक्षा की मांग कर रहे हैं और उनका स्पष्ट कहना है कि इस मुद्दे पर कलेक्टर को खुद यहां आना होगा। एक तरफ जहां तामिया को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ यहां के मूल निवासी आदिवासी बच्चों के सामने स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, छात्रावासों की बदहाली, परिवहन की दिक्कतें और मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव बना हुआ है। ब्लॉक ब्यूरो चीफ नोमान खान कादरी की रिपोर्ट के अनुसार, विकास के बड़े-बड़े सरकारी दावों के विपरीत जमीनी हकीकत यह है कि बच्चों को अपनी जायज मांगों के लिए सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुनना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के युवा और शिक्षा केंद्रित दावों के बीच, इन आदिवासी बच्चों ने सरकार से सीधी गुहार लगाते हुए कहा है कि 'मोहन जी, हमें पर्यटन के पोस्टरों में मत खोजिए, हमारे स्कूलों और छात्रावासों में भी आइए।' इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार से मांग की जा रही है कि वह इस पूरे प्रकरण की जांच कराए, छात्रों और अभिभावकों से सीधा संवाद करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि पर्यटन से होने वाली आय पर पहला अधिकार इन बच्चों को मिल सके।1
- छिंदवाड़ा के तामिया में खराब खाने को लेकर छात्र-छात्राओं में भारी आक्रोश है। इस खराब भोजन के विरोध में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए हैं और बरसते पानी में भी उनका प्रदर्शन लगातार जारी है।1
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद और उर्वरक की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में भंडारण किया गया है। प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी ने किसानों से अपनी आवश्यकता के अनुसार निकटतम सहकारी समिति से खाद एवं उर्वरक का उठाव करने की अपील की है। इसके तहत, जिन किसानों ने पहले ही अपने निर्धारित कोटे के अनुसार पहली बार खाद प्राप्त कर लिया है, वे अब ई-विकास पोर्टल के माध्यम से अतिरिक्त उर्वरक भी प्राप्त कर सकेंगे। किसान इस नई सुविधा का लाभ उठाकर अपनी जरूरत के अनुसार अतिरिक्त खाद ले सकते हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने किसानों से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत सहकारी समितियों से ही उर्वरक खरीदें। प्रशासन ने किसानों को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि जिले में खाद और उर्वरक का पर्याप्त भंडार मौजूद है तथा उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुरूप लगातार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।1
- नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील के ग्राम मगरिया में स्थित 75 एकड़ की गौशाला लगातार हो रही बारिश के बीच सड़कों पर भटक रहे निराश्रित गोवंश के लिए एक सुरक्षित आश्रय और संरक्षण का बेहतर मॉडल बनकर उभरी है। यहां 250 से अधिक गोवंश को सुरक्षित वातावरण में भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हाल ही में कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु जैन के मार्गदर्शन में इस गौशाला का निरीक्षण किया गया, जहां सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। गौशाला परिसर में गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, दाना, गुड़ और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है। पशुओं को बारिश और गर्मी से बचाने के लिए पंखे व पर्याप्त प्रकाश के इंतजाम हैं, साथ ही लगभग चार एकड़ क्षेत्र में उगाए जा रहे हरे चारे से उन्हें पौष्टिक आहार मिल रहा है। बीमार और घायल पशुओं के उपचार के लिए नियमित पशु चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ छह कर्मचारी चौबीसों घंटे इनकी देखरेख में तैनात रहते हैं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है और सुरक्षा कर्मी वॉच टॉवर से नियमित रूप से हर गतिविधि पर निगरानी रखते हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस गौशाला को ग्रामीण एवं गौ-आधारित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इसके प्राकृतिक वातावरण और हरियाली को देखते हुए भविष्य में इसे पर्यटन केंद्र बनाया जा सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार, जैविक खेती, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष राधा सुधीर पटेल, जनपद सदस्य शिवा राजपूत, परियोजना अधिकारी योगेंद्र राय, जिला पर्यटन प्रबंधक मनोज सिंह ठाकुर और सचिव भगवान दास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने इन व्यवस्थाओं की सराहना की।4
- छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में तामिया-छिंदवाड़ा और बैतूल मार्ग को जोड़ने वाला प्रमुख ओवरब्रिज इन दिनों अंधेरे और अव्यवस्थाओं के कारण असामाजिक तत्वों और अश्लील गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है। लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के बीच सोमवार देर शाम ओवरब्रिज पर एक युवक और युवती की आपत्तिजनक हरकत कैमरे में कैद हो गई। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राहगीरों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी फैल गई है। लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहाँ खुलेआम ऐसी अवांछित हरकतों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों रुपये की लागत से बने इस ओवरब्रिज की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठेकेदार और नगर पालिका के बीच जिम्मेदारी के विवाद में फंसी हुई है। इसी विवाद के परिणाम स्वरूप रात होते ही पूरा पुल अंधेरे के आगोश में समा जाता है। आक्रोशित नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू कराने, ओवरब्रिज पर नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की मांग की है ताकि इस संपर्क मार्ग को फिर से सुरक्षित बनाया जा सके।1