अंबिकापुर के शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एसएमडीसी बैठक संपन्न, प्राचार्य के प्रस्तावों को समिति ने दी स्वीकृति, खेल-शिक्षा विकास पर जोर अंबिकापुर। शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अंबिकापुर में स्कूल प्रबंधन एवं विकास समिति (एसएमडीसी) की आधिकारिक बैठक समिति अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता, सदस्य विकास पांडेय, रूपेश दुबे, संजीव वर्मा, सुश्री बबली नेताम एवं प्राचार्य एडवर्ड टोप्पो की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों एवं विद्यालय के समग्र विकास से संबंधित प्राचार्य एडवर्ड टोप्पो तथा उप-प्राचार्य शैलेंद्र सिंह सेंगर द्वारा प्रस्तुत महत्वपूर्ण प्रस्तावों को समिति ने सर्वसम्मति से स्वीकृत कर लिया। इन प्रस्तावों को नए सत्र में लागू किया जाएगा। बैठक का संचालन समिति अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता के मार्गदर्शन में हुआ, जिन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश एवं शाला समग्र विकास हेतु सुझाव दिए। एसएमडीसी के सदस्य व भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं पार्षद विकास पांडेय ने विद्यालय में खेल गतिविधियों के विकास हेतु विशेष योजना तैयार करने का आह्वान किया। वहीं, समिति के सदस्य व भाजपा सरगुजा जिला मीडिया प्रभारी रूपेश दुबे ने छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, व्यापक शैक्षणिक परिवर्तन एवं प्रवेश प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी व सुव्यवस्थित बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर बल दिया। संजीव वर्मा एवं बबली नेताम ने सत्र 2026-27 में सभी विद्यार्थियों के लिए बेहतर एवं उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर चर्चा की। बैठक में बोर्ड प्रभारी दीपक जैन, सीबीएसई बोर्ड प्रभारी श्रीमती रीना रानी सहाय, जिला खेल अधिकारी विकास सिंह, संजय आचार्य, राजेश अम्बस्ट, जमील अख्तर, निशिकांत पांडेय, आर.पी. सोनी, तजिंदर पाल अरोरा, संदीप कुजूर, नरेंद्र तिर्की सहित विद्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंबिकापुर के शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एसएमडीसी बैठक संपन्न, प्राचार्य के प्रस्तावों को समिति ने दी स्वीकृति, खेल-शिक्षा विकास पर जोर अंबिकापुर। शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अंबिकापुर में स्कूल प्रबंधन एवं विकास समिति (एसएमडीसी) की आधिकारिक बैठक समिति अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता, सदस्य विकास पांडेय, रूपेश दुबे, संजीव वर्मा, सुश्री बबली नेताम एवं प्राचार्य एडवर्ड टोप्पो की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों एवं विद्यालय के समग्र विकास से संबंधित प्राचार्य एडवर्ड टोप्पो तथा उप-प्राचार्य शैलेंद्र सिंह सेंगर द्वारा प्रस्तुत महत्वपूर्ण प्रस्तावों को समिति ने सर्वसम्मति से स्वीकृत कर लिया। इन प्रस्तावों को नए सत्र में लागू किया जाएगा। बैठक का संचालन समिति अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता के मार्गदर्शन में हुआ, जिन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश एवं शाला समग्र विकास हेतु सुझाव दिए। एसएमडीसी के सदस्य व भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं पार्षद विकास पांडेय ने विद्यालय में खेल गतिविधियों के विकास हेतु विशेष योजना तैयार करने का आह्वान किया। वहीं, समिति के सदस्य व भाजपा सरगुजा जिला मीडिया प्रभारी रूपेश दुबे ने छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, व्यापक शैक्षणिक परिवर्तन एवं प्रवेश प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी व सुव्यवस्थित बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर बल दिया। संजीव वर्मा एवं बबली नेताम ने सत्र 2026-27 में सभी विद्यार्थियों के लिए बेहतर एवं उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर चर्चा की। बैठक में बोर्ड प्रभारी दीपक जैन, सीबीएसई बोर्ड प्रभारी श्रीमती रीना रानी सहाय, जिला खेल अधिकारी विकास सिंह, संजय आचार्य, राजेश अम्बस्ट, जमील अख्तर, निशिकांत पांडेय, आर.पी. सोनी, तजिंदर पाल अरोरा, संदीप कुजूर, नरेंद्र तिर्की सहित विद्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।
- लखनपुर बीईओ कार्यालय में केवाईसी के नाम पर शिक्षकों से तीन हजार की वसूली, एबीओ मनोज तिवारी पर गंभीर आरोप, ट्रांसफर के बाद भी जमे रहने पर कलेक्टर से शिकायत के बाद जांच दल गठित…. लखनपुर । विकासखण्ड शिक्षा कार्यालय लखनपुर में कार्यरत सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार तिवारी पर शिक्षकों ने केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं। इस पूरे मामले में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है क्योंकि आरोप है कि उनकी मौन सहमति और संरक्षण के बिना शिक्षकों से खुलेआम वसूली का यह खेल संभव नहीं है। शिक्षकों द्वारा जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार मनोज कुमार तिवारी का स्थानांतरण काफी समय पहले उनके मूल पदस्थापना स्थल माध्यमिक शाला ढोढाकेसरा के लिए हो चुका है और अगस्त 2025 में वहां नियमित अधिकारी की नियुक्ति भी हो गई है लेकिन इसके बावजूद वे अब तक वहां से कार्यमुक्त नहीं हुए हैं और बीईओ कार्यालय में ही अवैध रूप से जमे हुए हैं। शिकायत में यह उल्लेख किया गया है कि मनोज कुमार तिवारी स्कूलों का भ्रमण कर शिक्षकों को डराने और धमकाने का काम करते हैं जिससे शासकीय और अशासकीय दोनों प्रकार के विद्यालयों के शिक्षक डरे हुए हैं। सबसे गंभीर आरोप पीएफएमएस खातों के संचालन और केवाईसी वेरिफिकेशन को लेकर लगाया गया है। बताया जा रहा है कि स्कूलों के बैंक खातों के सत्यापन के लिए जब शिक्षक कार्यालय पहुंचते हैं तो विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी की सील लगाने के नाम पर प्रति शिक्षक दो से तीन हजार रुपये की अवैध वसूली की जाती है। जो शिक्षक राशि देने से मना करते हैं उन्हें कैश बुक और अन्य वित्तीय दस्तावेजों में खामियां निकालकर कड़ी कार्रवाई करने का डर दिखाया जाता है जिससे पीड़ित शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में बीईओ की भूमिका पर इसलिए सवाल उठ रहे हैं क्योंकि नियमों के विपरीत किसी अधिकारी को लंबे समय तक कार्यमुक्त न करना और उन्हें अपने साथ स्कूलों के भ्रमण पर ले जाना कई संदेह पैदा करता है। शिक्षकों का कहना है कि पूर्व में उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी जिससे आरोपी के हौसले और बुलंद हो गए थे। हालांकि अब कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी अम्बिकापुर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कड़ा रुख अपनाया है और इस पूरे भ्रष्टाचार की सूक्ष्म जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के तहत चार सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है जिसमें विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यों को शामिल किया गया है। इस टीम में रमेश सिंह प्राचार्य जमगंवा को अध्यक्ष बनाया गया है जबकि अरुण कुमार राय प्राचार्य निम्हा, केएम मैथ्यू प्राचार्य पुहपुटरा और भृगुनाथ प्रसाद प्राचार्य लटोरी को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। इस उच्च स्तरीय जांच दल को तीन दिनों के भीतर सभी तथ्यों की बारीकी से जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच शुरू होने से और पीड़ित शिक्षकों को उम्मीद है कि इस बार जांच निष्पक्ष होगी और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई1
- वाड्रफनगर एसडीएम कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल फर्जी पट्टा निरस्त होने के एक माह बाद भी एसडीएम कार्यालय से कलेक्टर दफ्तर नहीं पहुंची फाइल। पत्रकार राम हरी गुप्ता की 3 साल की मेहनत के बाद 20 मार्च को निरस्त हुआ था फर्जी पट्टा। जन समस्या निवारण शिविर के निर्देश के बाद भी दस्तावेजी प्रक्रिया में जानबूझकर देरी का आरोप। 28 अप्रैल को जांच में खुलासा—बलरामपुर मुख्यालय तक नहीं पहुंचे निरस्तीकरण के कागजात। क्या वाड्रफनगर से बलरामपुर फाइल भेजने के लिए अब 'ट्रक या टेलर' का इंतजार कर रहा है प्रशासन बाइट..राम हरी गुप्ता1
- गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत बलरामपुर में ज्ञापन सौंपा गया, गौ संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की मांग गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत बलरामपुर मुख्यालय में ज्ञापन सौंपा गया, गौ संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की मांग ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के अंतर्गत कुसमी क्षेत्र में गौ रक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई। अभियान से जुड़े गौ-सेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने तहसील स्तर पर प्रशासन के माध्यम से देश के सर्वोच्च पदों तक अपनी मांग पहुंचाने के उद्देश्य से बलरामपुर तहशील कार्यालय मे जाकर तहसील दार कै ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम संबोधित किया गया है। ज्ञापन में गौवंश की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था, अर्थव्यवस्था तथा पर्यावरण संतुलन में गाय का विशेष महत्व रहा है। सदियों से भारतीय परंपरा और ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा रही गौवंश आज पर्याप्त संरक्षण के अभाव में असुरक्षित होती जा रही है, जिससे सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ पर्यावरणीय एवं आर्थिक संतुलन भी प्रभावित हो रहा है। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार से आग्रह किया है कि गौवंश की सुरक्षा, देखभाल और संवर्धन हेतु प्रभावी एवं ठोस नीतियां बनाई जाएं। साथ ही देशभर में गौशालाओं की स्थिति सुदृढ़ करने, आवारा गौवंश के संरक्षण के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा गौ-सेवा को संस्थागत रूप से बढ़ावा देने की मांग भी की गई। सभी गौ सेवक बलरामपुर हनुमान मंदिर मे एकत्रित होकर बलरामपुर नगर होते हुए शांति पुर्ण तरिके से हरे राम हरे कृष्णा करते हूए तहसील कार्यालय पहूचे और तहसीलदार को ज्ञापन शौंपा वही यातायात बाधित न हो और किसी भी तरह का बिवाद नहो पुलिस बल तौनात रहा पुलिस जावानो के द्वारा शांति पुर्ण कार्यालय तक ले जाया गया ज्ञापन सौंपने वाले नागरिकों ने तहसीलदार, एसडीएम एवं जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि इस आवेदन को शीघ्र ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री तक प्रेषित किया जाए, ताकि इस दिशा में ठोस निर्णय लिए जा सकें। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक या भावनात्मक विषय नहीं, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विरासत, कृषि व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दा है। ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षेत्र के अनेक गौ-सेवक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में गौवंश संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता घोषित करने और इसके लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग दोहराई।1
- महतारी वंदन योजना से सशक्त हो रही महिलाएं प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में चलाई जा रही महतारी वंदन योजना सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना का लाभ उठाकर महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि स्वरोजगार के माध्यम से आत्मविश्वास भी हासिल कर रही हैं। इसी कड़ी में सलबा निवासी अंजनी ने योजना की सहायता से मनिहारी और सिलाई का व्यवसाय शुरू कर एक नई मिसाल पेश की है। पहले जहां परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित थी, वहीं अब अंजनी अपने हुनर के दम पर घर की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनके इस प्रयास से न केवल परिवार को सहारा मिला है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिल रही है। अंजनी ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिली सहायता ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। अब वे नियमित रूप से सिलाई कार्य और मनिहारी सामग्री का व्यवसाय कर रही हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। योजना के सफल संचालन के लिए अंजनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही है।1
- एमसीबी जिले में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आदतन आरोपियों को 6 माह के लिए जिलाबदर किया है। जिला दण्डाधिकारी न्यायालय ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क) व (ख) के तहत यह आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार दोनों आरोपियों को 27 अप्रैल 2026 सुबह 10 बजे से जिले और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश 26 अक्टूबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा। उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन की इस पहल को क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।1
- आज तक आपने आग लगने की कई घटनाओं के किस्से सुने और देखे होंगे. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे जिसके बारे में जानकर आप भी दंग रह जायेंगे. बांगो थाना क्षेत्र के पचरा गांव में शमशान में जल रही चिता की चिंगारी से एक घर जलकर स्वाहा हो गया. तेज हवा और भीषण हवा के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते कच्चा मकान मलबे में तब्दील हो गया जिससे एक ग्रामीण का पूरा परिवार घर से बेघर हो गया.घटना के वक्त घर पर पिता और दो बच्चे थे जिन्होंने भागकर अपनी जान बचाई. इस घटना में घर पर रखा सारा राशन जलकर नष्ट हो गया. ग्रामीणों ने पास के कुएँ से पानी लाकर आग पर काबू पाया.1
- वाराणसी में महिला आरक्षण को लेकर प्रदर्शन, 33% हिस्सेदारी की मांग ने पकड़ा जोर1
- अंबिकापुर कल्याण ज्वेलर्स की ‘मासिक धनलक्ष्मी योजना’ के नाम पर शोरूम के कर्मचारी ने ही की लाखों की ठगी, रायपुर से गिरफ्तार सरगुजा जिले में ठगी और धोखाधड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला प्रतिष्ठित ज्वेलरी संस्थान ‘कल्याण ज्वेलर्स’ की निवेश योजना से जुड़ा है, जहाँ एक कर्मचारी ने ही संस्थान के नाम का सहारा लेकर एक ग्राहक के साथ लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। इस मामले में डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के कड़े रुख के बाद गांधीनगर पुलिस ने मुख्य आरोपी को राजधानी रायपुर से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक प्रार्थी अविनाश कुमार कल्याणपुर, वर्तमान निवासी मिशन चौक ने थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी के अनुसार, वह जुलाई 2025 में बनारस रोड स्थित कल्याण ज्वेलर्स के शोरूम में स्वर्ण स्कीम की जानकारी लेने गया था। वहाँ कार्यरत कर्मचारी राजेश कुमार तिवारी और उसके अन्य साथियों ने उसे ‘कल्याण धनलक्ष्मी स्कीम’ के बारे में विस्तार से बताया। आरोपियों ने प्रार्थी को झांसा दिया कि यदि वह प्रतिमाह नगद राशि जमा करता है, तो जमा की गई राशि के दिन के सोने के भाव के अनुसार उसके नाम पर सोना सुरक्षित रहेगा। प्रार्थी ने उनकी बातों पर विश्वास कर 5000 रुपये मासिक निवेश का खाता खुलवा लिया। आरोपी राजेश तिवारी लगातार प्रार्थी के संपर्क में रहा और उसे अतिरिक्त लाभ का लालच देने लगा। ठगी की शुरुआत 21 अक्टूबर 2025 को हुई, जब आरोपी ने प्रार्थी से 30 हजार रुपये एक क्यूआर कोड के माध्यम से जमा करवाए और महज 10 दिनों में उसे 40 हजार रुपये वापस दिलाकर उसका भरोसा जीत लिया। इसी भरोसे की आड़ में आरोपी ने 11 नवंबर 2025 से 22 दिसंबर 2025 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 7,59,000 रुपये निवेश के नाम पर जमा करवा लिए। शातिर आरोपी ने यह राशि शोरूम के आधिकारिक खाते के बजाय अपने निजी साथियों के बैंक खातों और क्यूआर कोड पर मंगवाई थी। जब प्रार्थी ने अपना पैसा वापस माँगा, तो उसे केवल 1,87,000 रुपये ही लौटाए गए। बाकी के 5,72,000 रुपये हड़प लिए गए। शोरूम जाने पर वहाँ के प्रबंधन ने भी राजेश तिवारी की अनुपस्थिति का हवाला देकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल ने गांधीनगर पुलिस को आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन और व्हाट्सएप चैट के तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला, जिससे आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी राजेश कुमार तिवारी (पिता लक्षमन तिवारी, उम्र 28 वर्ष, निवासी तेन्दुपारा, राधापुर, थाना सीतापुर) को रायपुर से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया ‘वन प्लस’ कंपनी का मोबाइल और सिम कार्ड जब्त किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी: पुलिस ने बताया कि इस ठगी के खेल में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी के साथ आरक्षक अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह, घनश्याम देवांगन और मोतीलाल केरकेट्टा की विशेष भूमिका रही।1
- एमसीबी जिले की अभिनव पहल “जर्नी ऑफ सैनिटेशन हाइजीन (JOSH)” अब पूरे छत्तीसगढ़ में लागू होने जा रही है। राज्य स्तर की बैठक में मुख्य सचिव ने इस मॉडल को सभी जिलों में क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। खड़गवां से शुरू हुए इस अभियान ने स्वच्छता के साथ युवाओं को रोजगार से जोड़ने का सफल उदाहरण पेश किया है। स्वच्छता प्रहरियों द्वारा अब तक सैकड़ों शौचालयों की सफाई व मरम्मत कर आय अर्जित की गई है। मात्र 200 रुपये सेवा शुल्क में बेहतर सुविधा मिल रही है। कई विभागों के समन्वय से यह पहल ग्रामीण व संस्थागत स्वच्छता को मजबूती दे रही है और अब प्रदेश के लिए आदर्श मॉडल बन गई है।1