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ऐसी औरतों का ना होना ही सोसाईटी के लिए बेहतर हैं ऐसे लोगों का जगह सोसाईटी नहीं जेल हैं। नागपुर में रंग डालने से नाराज महिला ने 5 साल के बच्चे को खौलते पानी से नहलाया
RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर
ऐसी औरतों का ना होना ही सोसाईटी के लिए बेहतर हैं ऐसे लोगों का जगह सोसाईटी नहीं जेल हैं। नागपुर में रंग डालने से नाराज महिला ने 5 साल के बच्चे को खौलते पानी से नहलाया
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- Post by RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर1
- Post by Pandit Munna Lal Bhargav1
- sikar puliya ke pass nala ke kar a hadsa clc coaching ke pass ho satha hai aane wale din coaching students ke hadsa ho satha hai ek student iske liye sikar aata hai ki usse ache study mile muje wha jakar pta chla night mai "8.00 bje students niklate hai toh mba chai Wale ke pass gadiyo or students ki bid hone ke karna hadsa ho satha hai..... kripya karke dhyan de1
- Post by Amit Sharma1
- रंगो से सराबोर हुए युवा, बरसा रंग गुलाल मीठड़ी कस्बे सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्रो में रंगो का पर्व होली धूमधाम से मनाया गया। सोमवार शाम 7.15 बजे पंडित राधेश्याम शास्त्री व हरिप्रसाद दाधीच ने वैदिक मंत्रोच्चारण कर भूमि पूजन कर उपस्थित यजमानो को राखी तिलक किया । बाजड़ोलिया परिवार ने होली को अग्नी दी। तत्पश्चात महिलाओ ने मंगल गीत गाए। साथ ही महिलाओ व पुरुषो ने विभिन्न धार्मिक परम्पराओ का निर्वहन किया। वही मंगल कामनाओ के साथ होली का दर्शन किया। इस दौरान पुलिस जाप्ता भी मौजूद रहा। मंगलवार को सूतक होने से बुधवार को रामा श्यामा दोर दिन भर जारी रहा। बच्चो ने घर घर जाकर बड़ो से आर्शीवाद लिया। साथ ही टीबावाला कोट, दहड़ा वाला कोट, जालियां वाला कोट, मीठड़ी फोर्ट आदि में ग्रामीण एक दूसरे को होली की बधाई देने व कुशलक्षेम पूछने पहुंचे।युवा भी दिन भर चंग, ढोल व डीजे की स्वर लहरियो पर जमकर झूमे। एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली की बधाई दी। मीठड़ी फोटो (2) होली खेलने के बाद प्रसन्न मुद्रा में युवा- श्यामसुन्दर प्रजापत3
- बीदासर में एक होटल में अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग कर होटल संचालक को मौत के घाट उतार दिया, इस दौरान वहां पर मौजूद तीन अन्य लोग भी फायरिंग में गंभीर घायल हो गए।1
- सांभरलेक- पर्यटन नगरी सांभर लेक में पांच दिवसीय होली महोत्सव का धूलंडी पर रात्रि को समापन हुआ। दोपहर को भगवान नंदकेश्वर की पूजा अर्चना के साथ सवारी निकाली गई जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर पूजा अर्चना की। वही ढोल चंग के थाप पर जगह-जगह शिव भक्तों की टोलियां झूमती गाती नजर आई। सांभर लेक में 1700 सालों से भगवान नंदकेश्वर की सवारी निकालने की परंपरा आज भी चली आ रही है जहां हजारों लोग शिव जी की सवारी के साथ नाचते गाते चलते हैं और पुरानी धान मंडी में भगवान शिव और नदी का नृत्य देखने हजारों की संख्या में लोग डटे रहे हैं और रात्रि में पूजा अर्चना के साथ मेले का समापन हुआ। इस दौरान 300 से ज्यादा पुलिस के जवान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मौजूद रहे।1
- Post by Pandit Munna Lal Bhargav1