नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सिस्टम की खुली पोल: गधे के नाम पर भी जारी हुआ सर्टिफिकेट, MPNRC की ऑनलाइन व्यवस्था पर गंभीर सवाल “ भोपाल। मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा और नर्सिंग कॉलेजों से जुड़े विवादों के बीच अब मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने दावा किया है कि परिषद की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेजों के वास्तविक सत्यापन के बिना आवेदन आगे बढ़ने और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने की गंभीर खामी मौजूद है। रवि परमार ने बताया कि उन्होंने परिषद की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए परीक्षण किया। उनके अनुसार, आवेदन में गधे (Donkey) की फोटो अपलोड की गई और आवश्यक दस्तावेजों के स्थान पर ऐसे दस्तावेज अपलोड किए गए, जिनमें कोई वास्तविक शैक्षणिक योग्यता प्रमाणित नहीं होती थी। इसके बाद ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित शुल्क का भुगतान किया गया। रवि परमार का दावा है कि इस प्रक्रिया के बाद गधे के नाम से नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो गया। उन्होंने कहा कि यदि यह परीक्षण आधिकारिक पोर्टल पर उसी प्रकार सफल हुआ है जैसा कि उनके द्वारा किया गया है, तो यह केवल तकनीकी खामी नहीं बल्कि नर्सिंग पेशे में रजिस्ट्रेशन की विश्वसनीयता, दस्तावेज सत्यापन और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर प्रश्न है। “जब गधे का रजिस्ट्रेशन हो सकता है तो असली दस्तावेजों का सत्यापन कैसे हो रहा है?” NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि गधे का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो जाता है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि परिषद द्वारा आवेदक की पहचान, शैक्षणिक योग्यता और दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर किया जा रहा है। जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन कोई सामान्य ऑनलाइन प्रमाणपत्र नहीं है। रजिस्टर्ड नर्सिंग प्रोफेशनल अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की देखभाल से जुड़ी जिम्मेदारी निभाते हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन जारी करने से पहले उसकी शैक्षणिक योग्यता, संबंधित संस्थान, मार्कशीट, फोटो, पहचान और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का वास्तविक सत्यापन अत्यंत आवश्यक है। अक्षय तोमर ने कहा कि इस पूरे मामले में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित नामों से जारी सर्टिफिकेट वास्तविक हैं या ऑनलाइन प्रणाली की किसी तकनीकी/सत्यापन संबंधी खामी के कारण उत्पन्न हुए हैं और इसके लिए जिम्मेदार कौन कौन अधिकारी हैं । NSUI ने मांग की है कि इन सभी मामलों की स्वतंत्र तकनीकी एवं प्रशासनिक जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। *फर्जी रजिस्ट्रेशन से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को हो सकता है खतरा* रवि परमार ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना वास्तविक नर्सिंग योग्यता के रजिस्ट्रेशन प्राप्त कर लेता है और बाद में उस रजिस्ट्रेशन का इस्तेमाल अस्पताल, नर्सिंग होम या अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में नौकरी के लिए करता है, तो इसका सीधा असर मरीजों की सुरक्षा पर पड़ सकता है। परमार ने कहा कि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के आधार पर किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी पेशेवर पहचान मिलती है। यदि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऐसे प्रमाणपत्र जारी हो सकते हैं, तो यह भविष्य में प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए यह केवल एक ऑनलाइन पोर्टल की समस्या नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा का विषय है। *नर्सिंग घोटाले के बाद अब रजिस्ट्रेशन व्यवस्था पर सवाल* अक्षय तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों से संबंधित अनियमितताओं को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे समय में यदि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन व्यवस्था में भी गंभीर खामियां सामने आती हैं तो शासन को इसे बेहद गंभीरता से लेना चाहिए।
नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सिस्टम की खुली पोल: गधे के नाम पर भी जारी हुआ सर्टिफिकेट, MPNRC की ऑनलाइन व्यवस्था पर गंभीर सवाल “ भोपाल। मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा और नर्सिंग कॉलेजों से जुड़े विवादों के बीच अब मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने दावा किया है कि परिषद की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेजों के वास्तविक सत्यापन के बिना आवेदन आगे बढ़ने और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने की गंभीर खामी मौजूद है। रवि परमार ने बताया कि उन्होंने परिषद की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए परीक्षण किया। उनके अनुसार, आवेदन में गधे (Donkey) की फोटो अपलोड की गई और आवश्यक दस्तावेजों के स्थान पर ऐसे दस्तावेज अपलोड किए गए, जिनमें कोई वास्तविक शैक्षणिक योग्यता प्रमाणित नहीं होती थी। इसके बाद ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित शुल्क का भुगतान किया गया। रवि परमार का दावा है कि इस प्रक्रिया के बाद गधे के नाम से नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो गया। उन्होंने कहा कि यदि यह परीक्षण आधिकारिक पोर्टल पर उसी प्रकार सफल हुआ है जैसा कि उनके द्वारा किया गया
है, तो यह केवल तकनीकी खामी नहीं बल्कि नर्सिंग पेशे में रजिस्ट्रेशन की विश्वसनीयता, दस्तावेज सत्यापन और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर प्रश्न है। “जब गधे का रजिस्ट्रेशन हो सकता है तो असली दस्तावेजों का सत्यापन कैसे हो रहा है?” NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि गधे का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो जाता है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि परिषद द्वारा आवेदक की पहचान, शैक्षणिक योग्यता और दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर किया जा रहा है। जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन कोई सामान्य ऑनलाइन प्रमाणपत्र नहीं है। रजिस्टर्ड नर्सिंग प्रोफेशनल अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की देखभाल से जुड़ी जिम्मेदारी निभाते हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन जारी करने से पहले उसकी शैक्षणिक योग्यता, संबंधित संस्थान, मार्कशीट, फोटो, पहचान और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का वास्तविक सत्यापन अत्यंत आवश्यक है। अक्षय तोमर ने कहा कि इस पूरे मामले में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित नामों से जारी सर्टिफिकेट वास्तविक हैं या ऑनलाइन प्रणाली की किसी तकनीकी/सत्यापन संबंधी खामी के कारण उत्पन्न हुए हैं और इसके लिए जिम्मेदार कौन कौन अधिकारी हैं । NSUI ने मांग की है कि इन सभी मामलों की स्वतंत्र
तकनीकी एवं प्रशासनिक जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। *फर्जी रजिस्ट्रेशन से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को हो सकता है खतरा* रवि परमार ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना वास्तविक नर्सिंग योग्यता के रजिस्ट्रेशन प्राप्त कर लेता है और बाद में उस रजिस्ट्रेशन का इस्तेमाल अस्पताल, नर्सिंग होम या अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में नौकरी के लिए करता है, तो इसका सीधा असर मरीजों की सुरक्षा पर पड़ सकता है। परमार ने कहा कि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के आधार पर किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी पेशेवर पहचान मिलती है। यदि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऐसे प्रमाणपत्र जारी हो सकते हैं, तो यह भविष्य में प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए यह केवल एक ऑनलाइन पोर्टल की समस्या नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा का विषय है। *नर्सिंग घोटाले के बाद अब रजिस्ट्रेशन व्यवस्था पर सवाल* अक्षय तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों से संबंधित अनियमितताओं को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे समय में यदि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन व्यवस्था में भी गंभीर खामियां सामने आती हैं तो शासन को इसे बेहद गंभीरता से लेना चाहिए।
- भोपाल में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उज्जैन में सामने आई घटना के बाद राजधानी भोपाल में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। भोपाल के शहर के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई। पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बनाने के निर्देश दिए गए। एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर खास नजर रखी जा रही है। कोई भी भड़काऊ चीज यदि सोशल मीडिया पर आती है तो उसके खिलाफ उज्जैन में सामने आई घटना के बाद राजधानी भोपाल में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। भोपाल के शहर के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई। पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बनाने के निर्देश दिए गए। एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर खास नजर रखी जा रही है। कोई भी भड़काऊ चीज यदि सोशल मीडिया पर आती है तो उसके खिलाफ1
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- do divasiya karyshala ka aayojan national climate per Bhopal mein aayojit ki gai1
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- Mausam mein Ishq mein machale hue Armaan Hai Ham Dil Ko lagta hai ki do Ishu ek Jaan Hai ham welcome to Mohabbat Ras Na Aayi Shayar Gangadhar Malajpure #GangadharMalajpure #गंगाधरमलाजपुरे #OldIsGold #OldSongs #HindiSongs #OldSong #MusicLovers #ViralShorts #YouTubeShorts #Shorts #TrendingShorts #ViralVideo #HindiMusic #RetroSongs #EvergreenSongs #Music #Singing #Reels #Trending #म्यूजिक1
- नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सिस्टम की खुली पोल: गधे के नाम पर भी जारी हुआ सर्टिफिकेट, MPNRC की ऑनलाइन व्यवस्था पर गंभीर सवाल “ भोपाल। मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा और नर्सिंग कॉलेजों से जुड़े विवादों के बीच अब मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने दावा किया है कि परिषद की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेजों के वास्तविक सत्यापन के बिना आवेदन आगे बढ़ने और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने की गंभीर खामी मौजूद है। रवि परमार ने बताया कि उन्होंने परिषद की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए परीक्षण किया। उनके अनुसार, आवेदन में गधे (Donkey) की फोटो अपलोड की गई और आवश्यक दस्तावेजों के स्थान पर ऐसे दस्तावेज अपलोड किए गए, जिनमें कोई वास्तविक शैक्षणिक योग्यता प्रमाणित नहीं होती थी। इसके बाद ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित शुल्क का भुगतान किया गया। रवि परमार का दावा है कि इस प्रक्रिया के बाद गधे के नाम से नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो गया। उन्होंने कहा कि यदि यह परीक्षण आधिकारिक पोर्टल पर उसी प्रकार सफल हुआ है जैसा कि उनके द्वारा किया गया है, तो यह केवल तकनीकी खामी नहीं बल्कि नर्सिंग पेशे में रजिस्ट्रेशन की विश्वसनीयता, दस्तावेज सत्यापन और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर प्रश्न है। “जब गधे का रजिस्ट्रेशन हो सकता है तो असली दस्तावेजों का सत्यापन कैसे हो रहा है?” NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि गधे का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो जाता है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि परिषद द्वारा आवेदक की पहचान, शैक्षणिक योग्यता और दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर किया जा रहा है। जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन कोई सामान्य ऑनलाइन प्रमाणपत्र नहीं है। रजिस्टर्ड नर्सिंग प्रोफेशनल अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की देखभाल से जुड़ी जिम्मेदारी निभाते हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन जारी करने से पहले उसकी शैक्षणिक योग्यता, संबंधित संस्थान, मार्कशीट, फोटो, पहचान और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का वास्तविक सत्यापन अत्यंत आवश्यक है। अक्षय तोमर ने कहा कि इस पूरे मामले में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित नामों से जारी सर्टिफिकेट वास्तविक हैं या ऑनलाइन प्रणाली की किसी तकनीकी/सत्यापन संबंधी खामी के कारण उत्पन्न हुए हैं और इसके लिए जिम्मेदार कौन कौन अधिकारी हैं । NSUI ने मांग की है कि इन सभी मामलों की स्वतंत्र तकनीकी एवं प्रशासनिक जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। *फर्जी रजिस्ट्रेशन से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को हो सकता है खतरा* रवि परमार ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना वास्तविक नर्सिंग योग्यता के रजिस्ट्रेशन प्राप्त कर लेता है और बाद में उस रजिस्ट्रेशन का इस्तेमाल अस्पताल, नर्सिंग होम या अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में नौकरी के लिए करता है, तो इसका सीधा असर मरीजों की सुरक्षा पर पड़ सकता है। परमार ने कहा कि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के आधार पर किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी पेशेवर पहचान मिलती है। यदि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऐसे प्रमाणपत्र जारी हो सकते हैं, तो यह भविष्य में प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए यह केवल एक ऑनलाइन पोर्टल की समस्या नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा का विषय है। *नर्सिंग घोटाले के बाद अब रजिस्ट्रेशन व्यवस्था पर सवाल* अक्षय तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों से संबंधित अनियमितताओं को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे समय में यदि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन व्यवस्था में भी गंभीर खामियां सामने आती हैं तो शासन को इसे बेहद गंभीरता से लेना चाहिए।3
- प्रेस नोट थाना कोलार रोड पुलिस की नशीली दवा/ड्रग के विरूद्ध बडी कार्यवाही • कोलार पुलिस को रात में मिला था एक संदिग्ध व्यक्ति , उक्त व्यक्ति से बारीकी से पूंछताछ करने पर हुआ अवैध प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी का बडा खुलासा • बंजारी कोलार निवासी संतोष चौहान के घर मिली प्रतिबंधित दवाओं की 214 टेबलेट • मेडीकल संचालक विक्रय कर रहे थे लोगों को प्रतिबंधित नशे की दवाऐं • कोलार पुलिस एवं ड्रग टीम ने संयुक्त रूप से की कार्यवाही • आयुश मेडीकल बरखेडी थाना जहांगीराबाद से 05 कंपनियों की कुल 696 प्रतिबंधित दवाओं की टेबलेट जप्त की गयीं • राज मेडीकल अन्ना नगर थाना गोविंदपुरा से 04 अलग अलग कंपनियों की कुल 544 प्रतिबंधित दवाओं की जप्त की गयीं • ड्रग विभाग द्वारा उक्त दोनों मेडीकलों को शील कर उनके कृय विकृय पर जांच होने तक रोक लगायी गयी । ------------00----------- म.प्र. पुलिस द्वारा नशे से दूर रहने व अवैध ड्रग तस्करों के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु श्रीमान पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल श्री संजय कुमार, अति. पुलिस आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान द्वारा अवैध रूप से ड्रग विक्रय करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करने एवं लोगों को नशे से दूर रहने हेतु जागरूक करने हेतु समुचित दिशा निर्देश दिये गये थे, उक्त तारतम्य में पुलिस उपायुक्त जोन-4 श्री आदर्शकांत शुक्ला , अति. पुलिस उपायुक्त जोन-4 संजीव कुमार पाठक व सहायक पुलिस आयुक्त चूनाभट्टी श्री आलोक श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोलार रोड द्वारा प्रथक प्रथक टीम गठित कर ड्रग माफियाओं के विरूद्ध कार्यवाही करने व आमजन को नशे से दूर रहने हेतु जागरूक करने हेतु निर्देशित किया गया था । उक्त टीम के सतत प्रयासों के चलते दिनांक 29.09.2026 को मुखविर से सूचना प्राप्त हुयी कि बीमा कुंज स्थित चाय की दुकान पर एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में खडा है सूचना तस्दीक पर मौके पर पहुंचकर उक्त व्यक्ति को चैक किया जिसके पास से प्रतिबंधित दवा SPASMO PROXYVON+ कैप्सूल के 02 नग जेब में रखे मिले जिसे नशे के रूप में उपयोग करना एवं स्वंय का नाम मिथलेश लोधी पिता वंशगोपाल लोधी बताया तथा वहीं उसके साथ खडे उसके दोस्त नितेश चौहान भी मिला दोनों से पूंछताछ की गयी जिनके द्वारा नितेश चौहान के भाई संतोष सिंह चौहान से खरीदना बताया । बाद उक्त संदिग्धों को लेकर नितेश चौहान के घर बंजारी फेस 1 कोलार पहंचे जहां नितेश के बताये अनुसार उसके भाई संतोष सिंह चौहान के कब्जे से 02 अलग अलग कंपनियों की 214 टेबलेट जप्त की गयी तथा पूंछताछ पर संतोष चौहान ने उक्त दवाऐं आयुष मेडीकल बरखेडी जहांगीराबाद एवं राज मेडीकल स्टोर अन्ना नगर गोविंदपुरा से खरीदना बताया । उक्त पूंछताछ के आधार पर पुलिस एवं ड्रग टीम द्वारा आयुष मेडीकल पहुंचकर तस्दीक की गयी तथा आयुष मेडीकल बरखेडी से मेडीकल संचालक रामसेवक निरंजन के कब्जे से 05 अलग अलग कंपनियों की कुल 696 टेबलेट, वहीं राज मेडीकल अन्ना नगर से मेडीकल संचालक राजकुमार परसोदिया से 04 अलग अलग कंपनियों की कुल 544 टेबलेट जप्त की गयी हैं । महत्वपूर्ण भूमिकाः- उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी कोलार निरीक्षक संजय सोनी, उनि पप्पू कटियार, उनि शिवेन्द्र पाठक, आर. पंकज बेले, आर. प्रवीण यादव, आर. हिमांशु बाथम ड्रग इंस्पेक्टर आर.के. अग्रवाल, ड्रग इंस्पेक्टर तबस्सुम की महत्वपूर्ण भूमिका रही । नाम अनावेदकः- 1. मिथलेश लोधी पिता वंशगोपाल लोधी उम्र 22 साल नि. 65 राजवेद कालोनी कोलार 2. नितेश चौहान पिता रवि सिंह चौहान उम्र 34 साल नि. बंजारी फेस 1 कोलार रोड 3. संतोष चौहान पिता रवि सिंह चौहान निवासी सदर 4. आयुष मेडीकल बरखेडी संचालक- रामसेवक निरंजन 5. राज मेडीकल अन्ना नगर संचालक- राजकुमार राजकुमार परसोदिया जप्तीः- अनावेदक मिथलेश लोधी से- SPASMO PROXYVON+ कंपनी के 02 कैप्सूल अनावेदक संतोष सिंह चौहान से- SPASMO PROXYVON+ कंपनी के 184 एवं अल्फाजोन कंपनी की 30 नींद की गोलियां आयुष मेडीकल से बरखेडी - SPASMO PROXYVON+ कंपनी के 16 कैप्सूल, AVIL 25 के 315 टैबलेट, AVIL 50 की 85 , AVIL50 की 150 एवं LOKACIAN TABLAT PLUS के 130 टेबलेट राज मेडीकल अन्ना नगर से- SPASMO PROXYVON+ कंपनी के 90 कैप्सूल, PYEEVON SPAS PLUS कंपनी के 158, , XARISPAS कंपनी के 152, TRIDOSS कंपनी के 144 कैप्सूल1
- नेशनल वर्कशॉप एंड क्लाइमेट पर भोपाल में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित की गई1