मैहर में सामने आए एक मामले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, जहाँ अवधेश सोनी नामक एक युवक द्वारा स्थानीय "राधे कृष्णा डेरी" से खरीदे गए आधे लीटर दूध को पकाने पर वह फट गया। इतना ही नहीं, फटने के बाद उससे निकला पदार्थ रबर की तरह खिंचने लगा, जिससे लोगों ने दूध में केमिकल और मिलावट की गहरी आशंका जताई है। जिले में दूध, पनीर और खोवा के नाम पर बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल चलने की आशंका लगातार गहराती जा रही है, जिसे जनता "धीमा जहर" बता रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मैहर में कई डेयरियां धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं, जहाँ से रोज़ाना कई कुंटल दूध, पनीर और खोवा की सप्लाई की जा रही है। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी भारी मात्रा में ये उत्पाद आते कहाँ से हैं। लोगों का यह भी कहना है कि लंबे समय से खाद्य विभाग द्वारा न तो इन डेयरियों की सघन जाँच की गई है और न ही मिलावटी खाद्य पदार्थों पर कोई प्रभावी कार्रवाई हुई है। नागरिकों के अनुसार, चंद पैसों के लालच में कुछ डेयरी संचालक आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, क्योंकि मिलावटी दूध, पनीर और खोवा के सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। जिम्मेदार विभाग की इसी अनदेखी के चलते यह अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, लोगों ने मैहर कलेक्टर और खाद्य सुरक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। उनकी मांग है कि जिले में संचालित सभी डेयरियों, दूध सप्लायरों और पनीर-खोवा विक्रेताओं की गहन जाँच कर उनके सैंपल लिए जाएँ। साथ ही, जो भी दोषी पाए जाएँ, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता की सेहत से हो रहे इस खिलवाड़ पर तुरंत रोक लग सके।
मैहर में सामने आए एक मामले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, जहाँ अवधेश सोनी नामक एक युवक द्वारा स्थानीय "राधे कृष्णा डेरी" से खरीदे गए आधे लीटर दूध को पकाने पर वह फट गया। इतना ही नहीं, फटने के बाद उससे निकला पदार्थ रबर की तरह खिंचने लगा, जिससे लोगों ने दूध में केमिकल और मिलावट की गहरी आशंका जताई है। जिले में दूध, पनीर और खोवा के नाम पर बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल चलने की आशंका लगातार गहराती जा रही है, जिसे जनता "धीमा जहर" बता रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मैहर में कई डेयरियां धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं, जहाँ से रोज़ाना कई कुंटल दूध, पनीर और खोवा की सप्लाई की जा रही है। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी भारी मात्रा में ये उत्पाद आते कहाँ से हैं। लोगों का यह भी कहना है कि लंबे समय से खाद्य विभाग द्वारा न तो इन डेयरियों की सघन जाँच की गई है और न ही मिलावटी खाद्य पदार्थों पर कोई प्रभावी कार्रवाई हुई है। नागरिकों के अनुसार, चंद पैसों के लालच में कुछ डेयरी संचालक आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, क्योंकि मिलावटी दूध, पनीर और खोवा के सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। जिम्मेदार विभाग की इसी अनदेखी के चलते यह अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, लोगों ने मैहर कलेक्टर और खाद्य सुरक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। उनकी मांग है कि जिले में संचालित सभी डेयरियों, दूध सप्लायरों और पनीर-खोवा विक्रेताओं की गहन जाँच कर उनके सैंपल लिए जाएँ। साथ ही, जो भी दोषी पाए जाएँ, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता की सेहत से हो रहे इस खिलवाड़ पर तुरंत रोक लग सके।
- मैहर नगर पालिका क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों में लगातार गहराते पेयजल संकट तथा अघोषित बिजली कटौती से जनता में भारी गुस्सा है। इसी कड़ी में, आम आदमी पार्टी (आप) ने जिला कलेक्टर महोदया के नाम एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल ठोस कार्यवाही की मांग की है। पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी में जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान है, कई वार्डों और बस्तियों में नियमित जलापूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। वहीं, घंटों की अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, जिससे छोटे-बड़े व्यापार, किसानों के कार्य और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में बल्लभ नगर, मानपुर, हरनामपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी बोर, नियमित पेयजल आपूर्ति और निर्बाध बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा, आरसीसी सड़क निर्माण, नालियों की साफ-सफाई, खराब पड़े बोरों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, राशन कार्ड समस्याओं के समाधान और प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित पात्र परिवारों को लाभ दिलाने की मांगें भी रखी गईं। आम आदमी पार्टी ने यह आरोप भी लगाया कि क्षेत्र के कुछ गरीब और कमजोर परिवारों के साथ प्रशासनिक स्तर पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है और ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर न्यायपूर्ण कार्यवाही की मांग भी ज्ञापन में की गई है। आप के जिला अध्यक्ष इंजी. पुष्पेंद्र सिंह ने इस स्थिति को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि सरकार और प्रशासन जनता को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं दे पा रहे हैं, तो जनता को पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि आम आदमी पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक लड़ाई लड़ेगी। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो जनता को साथ लेकर एक बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान प्रदेश सह सचिव उमेश चौधरी, विधि प्रकोष्ट के जिला अध्यक्ष आनंद श्रीवास्तव, युथ जिला अध्यक्ष शिवा चौरसिया, जिला उपाध्यक्ष सुभाष पटेल, राजेन्द्र जयसवाल, सिया चौधरी, हीरामनी साकेत, राहुल चौधरी, ज्योति विश्वकर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करना एक मौलिक अधिकार है, लेकिन सतना जिले के मैहर स्थित सिविल अस्पताल में कई आवश्यक व्यवस्थाएँ बदहाली का शिकार हैं। यह स्थिति सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य अधिकारों के कार्यान्वयन पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।1
- मैहर जिले में दूध, पनीर और खोवा के नाम पर बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल चलने की आशंका लगातार गहराती जा रही है, जिससे लोगों का भरोसा डगमगा रहा है। हाल ही में सामने आए एक मामले ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। जानकारी के अनुसार, एक युवक अवधेश सोनी ने स्थानीय "राधे कृष्णा डेरी" से आधा लीटर दूध खरीदा था। दूध को पकाने के बाद वह फट गया और उससे निकला पदार्थ रबर की तरह खिंचने लगा, जिससे स्थानीय लोगों ने दूध में केमिकल और मिलावट की आशंका जताई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मैहर में ऐसी कई डेयरियां संचालित हैं, जहां प्रतिदिन कई कुंटल दूध, पनीर और खोवा की सप्लाई होती है। लोगों का सवाल है कि इतनी भारी मात्रा में यह दूध आखिर आता कहां से है। आरोप है कि चंद पैसों के लालच में कुछ डेयरी संचालक लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और लंबे समय से खाद्य विभाग द्वारा न तो इन डेयरियों की सघन जांच की गई है और न ही मिलावटी खाद्य पदार्थों पर कोई प्रभावी कार्रवाई हुई है। जिम्मेदार विभाग की इस अनदेखी के कारण यह अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है, जिससे मिलावटी दूध, पनीर और खोवा के सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। जनता ने मैहर कलेक्टर और खाद्य सुरक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि जिले में संचालित सभी डेयरियों, दूध सप्लायरों और पनीर-खोवा विक्रेताओं की गहन जांच कर सैंपल लिए जाएं। साथ ही, दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर तुरंत रोक लगाई जा सके।1
- मैहर में सामने आए एक मामले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, जहाँ अवधेश सोनी नामक एक युवक द्वारा स्थानीय "राधे कृष्णा डेरी" से खरीदे गए आधे लीटर दूध को पकाने पर वह फट गया। इतना ही नहीं, फटने के बाद उससे निकला पदार्थ रबर की तरह खिंचने लगा, जिससे लोगों ने दूध में केमिकल और मिलावट की गहरी आशंका जताई है। जिले में दूध, पनीर और खोवा के नाम पर बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल चलने की आशंका लगातार गहराती जा रही है, जिसे जनता "धीमा जहर" बता रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मैहर में कई डेयरियां धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं, जहाँ से रोज़ाना कई कुंटल दूध, पनीर और खोवा की सप्लाई की जा रही है। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी भारी मात्रा में ये उत्पाद आते कहाँ से हैं। लोगों का यह भी कहना है कि लंबे समय से खाद्य विभाग द्वारा न तो इन डेयरियों की सघन जाँच की गई है और न ही मिलावटी खाद्य पदार्थों पर कोई प्रभावी कार्रवाई हुई है। नागरिकों के अनुसार, चंद पैसों के लालच में कुछ डेयरी संचालक आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, क्योंकि मिलावटी दूध, पनीर और खोवा के सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। जिम्मेदार विभाग की इसी अनदेखी के चलते यह अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, लोगों ने मैहर कलेक्टर और खाद्य सुरक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। उनकी मांग है कि जिले में संचालित सभी डेयरियों, दूध सप्लायरों और पनीर-खोवा विक्रेताओं की गहन जाँच कर उनके सैंपल लिए जाएँ। साथ ही, जो भी दोषी पाए जाएँ, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता की सेहत से हो रहे इस खिलवाड़ पर तुरंत रोक लग सके।1
- इंडिगो के एक पायलट ने भारत-पाकिस्तान सीमा का एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में भारत-पाकिस्तान सीमा सुनहरी रोशनी से जगमगाती हुई दिखाई दे रही है।1
- मैहर तहसील के ग्राम रिवारा निवासी किसान मथुरा साकेत ने मैहर कलेक्टर को एक शिकायत सौंपी है। इस शिकायत में उन्होंने अल्ट्राटेक प्रबंधन से जुड़े दिनेश यादव और प्रबंधन के लिए कार्य करने वाले सुमित लालवानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान मथुरा साकेत का कहना है कि उनकी जमीन और अधिकारों से जुड़े मामलों में लगातार अनदेखी की जा रही है, साथ ही उन पर दबाव भी बनाया जा रहा है। इस स्थिति के चलते वे मानसिक और आर्थिक दोनों रूपों से परेशान हैं। यह शिकायत सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है, और ग्रामीणों की नजरें अब इस पर टिकी हुई हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। अब देखना होगा कि मैहर का राजस्व अमला इस विषय पर निष्पक्ष जांच कर किसान के हित में कोई कदम उठाता है, या फिर उद्योग प्रबंधन के प्रति अपनी वफादारी साबित करता हुआ दिखाई देगा।1
- मध्यप्रदेश के मैहर में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की खदान को लेकर ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों ने खदान के संचालन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- मैहर के नादन थाना अंतर्गत ग्राम जरियारी के सिगटाहा टोला में एक जमीन विवाद ने शनिवार को हिंसक रूप ले लिया, जब ममता पटेल नामक महिला को छत से नीचे फेंकने का आरोप सामने आया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। जानकारी के अनुसार, ममता पटेल अपनी माता के साथ घर का कामकाज कर रही थीं, तभी जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि रमेश पटेल पिता वंशगोपाल पटेल ने गुस्से में आकर ममता पटेल को छत से धक्का दे दिया, जिससे वह नीचे गिरकर घायल हो गईं। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने घायल महिला को संभाला और तत्काल पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन विवाद को लेकर पहले भी दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी, और अब वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। फिलहाल, नादन थाना पुलिस वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने बताया है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- एक घटना में आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम मौजूद थी। इस दौरान एक कार और एक बाइक जलकर खाक हो गईं।1