Shuru
Apke Nagar Ki App…
किशनगढ़ बास में केंद्र और राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरोध में एक पैदल मार्च का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, पीसीसी महासचिव अजीत यादव ने अपनी बात रखी और इन नीतियों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। पैदल मार्च में दिए गए उनके संबोधन को सुनने का आग्रह किया गया है।
सुनील कान्त गोल्डी
किशनगढ़ बास में केंद्र और राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरोध में एक पैदल मार्च का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, पीसीसी महासचिव अजीत यादव ने अपनी बात रखी और इन नीतियों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। पैदल मार्च में दिए गए उनके संबोधन को सुनने का आग्रह किया गया है।
More news from Alwar and nearby areas
- तरुण फिजियो क्लीनिक ने मरीजों के हित में एक सराहनीय कदम उठाया है। इस पहल के तहत, क्लिनिक द्वारा हर महीने दो दिन मरीजों को पूरी तरह निशुल्क फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान की जाएगी।1
- कोटपुतली अजीतपुरा के ग्रामीणों पर बदमाशों द्वारा किए गए हमले का कारण सरपंच प्रतिनिधि नेतराम ने स्पष्ट किया है। उन्होंने हमले के पीछे के कारणों की जानकारी दी।1
- राजस्थान के नागौर जिले की जायल तहसील के मुडी गांव में एक आपसी विवाद ने अचानक खूनी रूप ले लिया है, जिसके चलते इलाके में भारी तनाव फैल गया है। जानकारी के मुताबिक, इस हिंसक झड़प के दौरान हमला करने के लिए ट्रैक्टर और अन्य वाहनों का इस्तेमाल किया गया। इस घटना के कारण पूरे गांव में अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया है।1
- राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के अजीतपुरा-कुजोता गांव में अवैध खनन के खिलाफ धरने पर बैठे ग्रामीणों पर अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस हिंसक घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है, जिसे देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- टिंकू प्रधान ने सभी साथियों से विनम्र अनुरोध किया है कि वे 04 जून को जिला रेड क्रॉस सोसाइटी नारनौल में आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रक्तदान करें। उन्होंने सभी की गरिमामयी उपस्थिति और सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की है।1
- जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) आरएस बाट ने सोमवार को सोहना में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। यह कार्रवाई अम्बेडकर चौक बाईपास क्षेत्र में दुकानों के बाहर अवैध रूप से लगाए गए काउंटरों और अन्य अतिक्रमण को हटाने के आदेशों के साथ शुरू हुई। डीटीपी आरएस बाट के नेतृत्व में यह अभियान पलवल रोड से आरंभ हुआ, जहां टीम ने मुख्य मार्गों का निरीक्षण करते हुए सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर मौके पर ही हटाने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा न करने की कड़ी हिदायत दी। इसके साथ ही, मुख्य सड़क पर क्रेशर, रोडी और रेता का कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी विशेष चेतावनी जारी की गई। डीटीपी आरएस बाट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क किनारे रखे गए निर्माण सामग्री के ढेर और अन्य सामान को मंगलवार सुबह 10 बजे तक हर हाल में हटा लिया जाए। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। डीटीपी आरएस बाट ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटने से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और राहगीरों को भी बड़ी राहत मिलेगी।1
- किशनगढ़ बास में केंद्र और राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरोध में एक पैदल मार्च का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, पीसीसी महासचिव अजीत यादव ने अपनी बात रखी और इन नीतियों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। पैदल मार्च में दिए गए उनके संबोधन को सुनने का आग्रह किया गया है।1
- सोमवार को कोटपूतली बहरोड़ जिले के अजीतपुरा कुजेता क्षेत्र में अवैध खनन और डीप होल ब्लास्टिंग के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीणों पर अज्ञात लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग और पथराव कर दिया, जिससे क्षेत्र में बड़ा बवाल हो गया। यह घटना अवैध खनन विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुई। इस हमले में करीब 10 ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें से 3 की हालत नाजुक बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल ग्रामीणों को उपचार के लिए जयपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद अजीतपुरा कुजेता गांव में भारी तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।1
- राजस्थान में आई तेज आंधी और खराब मौसम ने भीषण तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों सोलर पैनल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे करोड़ों रुपये का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। इस भयावह दृश्य को देखकर हर कोई हैरान और चकित है।1