हरिपुर सुखपुरा में नाली निर्माण बना ग्रामीणों के लिए आफत: घटिया सामग्री का प्रयोग, 45 दिनों से मुख्य मार्ग ठप, दो बच्चों समेत आधा दर्जन घायल मानक दरकिनार: दो नंबर ईंट और घटिया सीमेंट से हो रहा निर्माण, मौके से ठेकेदार व जेई नदारद पढ़ाई पर ब्रेक: डेढ़ महीने से स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे, 2000 की आबादी घरों में कैद प्रशासन को अल्टीमेटम: जल्द जांच और कार्रवाई न होने पर डीएम दफ्तर का घेराव और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी बलिया जनपद के विकास खंड बेरूआरबारी अंतर्गत हरिपुर सुखपुरा गांव में विकास कार्य का दावा ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बन गया है। गांव के मुख्य मार्ग को जेसीबी मशीन लगाकर पूरी तरह उखाड़ दिया गया है और पिछले लगभग 45 दिनों से नाली का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। इस धीमी रफ्तार और निर्माण में बरती जा रही घोर लापरवाही के कारण लगभग दो हजार की आबादी वाला यह गांव पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गया है। घटिया निर्माण सामग्री का खुलेआम खेल ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि नाली निर्माण में शासकीय मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कार्य में अत्यंत निम्न स्तर की दो नंबर ईंटें, नाममात्र का घटिया सीमेंट और घटिया बालू-गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर न तो ठेकेदार नजर आ रहे हैं और न ही संबंधित विभाग के जेई (कनिष्ठ अभियंता)। जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी में ठेकेदार के कारिंदे मनमाने ढंग से गुणवत्ताविहीन कार्य करा रहे हैं, जिससे भविष्य में इस नाली के टिकने पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जिंदगी ठप: न बच्चे जा पा रहे स्कूल, न मरीजों को मिल पा रहा इलाज सड़क उखड़े होने और रास्ते में जगह-जगह गहरे गड्ढे व मलबे का ढेर होने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। पिछले 45 दिनों से गांव के छोटे-छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, गांव के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. गिरीश सिंह के पास आने वाले दूर-दराज के मरीज रास्ते की बदहाली के कारण उन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। आपात स्थिति में एंबुलेंस या अन्य वाहन का गांव में प्रवेश पूरी तरह बंद है। खतरे का बना सबब: आधा दर्जन लोग घायल, दो मासूम गंभीर मुख्य मार्ग के पूरी तरह उखड़े होने और समुचित बैरिकेडिंग न होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। अब तक गांव के आधा दर्जन से अधिक लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि दो मासूम बच्चे इस बदहाल रास्ते के कारण गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन, दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी प्रशासनिक उपेक्षा से उकताए ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर एकत्र होकर शासन और कार्यदायी संस्था के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि तत्काल प्रभाव से जारी निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व जेई पर दंडात्मक कार्रवाई हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुनवाई नहीं हुई तो वे पूरे गांव के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी (DM) का घेराव करेंगे। साथ ही, मांग पूरी न होने की दशा में आने वाले आगामी चुनावों में पूरा गांव मतदान का बहिष्कार कर सरकार और प्रशासन को मुंहतोड़ जवाब देगा। ये लोग रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से डॉ. गिरीश सिंह, पीयूष सिंह, धनजी गुप्ता, अनीश सिंह, बीरबल राजभर, देवेंद्र सिंह, विकास सिंह, आलोक सिंह, विवेक सिंह, जग्गू सिंह, प्रभुनारायण सिंह सहित भारी संख्या में गांव के नागरिक उपस्थित रहे।
हरिपुर सुखपुरा में नाली निर्माण बना ग्रामीणों के लिए आफत: घटिया सामग्री का प्रयोग, 45 दिनों से मुख्य मार्ग ठप, दो बच्चों समेत आधा दर्जन घायल मानक दरकिनार: दो नंबर ईंट और घटिया सीमेंट से हो रहा निर्माण, मौके से ठेकेदार व जेई नदारद पढ़ाई पर ब्रेक: डेढ़ महीने से स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे, 2000 की आबादी घरों में कैद प्रशासन को अल्टीमेटम: जल्द जांच और कार्रवाई न होने पर डीएम दफ्तर का घेराव और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी बलिया जनपद के विकास खंड बेरूआरबारी अंतर्गत हरिपुर सुखपुरा गांव में विकास कार्य का दावा ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बन गया है। गांव के मुख्य मार्ग को जेसीबी मशीन लगाकर पूरी तरह उखाड़ दिया गया है और पिछले लगभग 45 दिनों से नाली का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। इस धीमी रफ्तार और निर्माण में बरती जा रही घोर लापरवाही के कारण लगभग दो हजार की आबादी वाला यह गांव पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गया है। घटिया निर्माण सामग्री का खुलेआम खेल ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि नाली निर्माण में शासकीय मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कार्य में अत्यंत निम्न स्तर की दो नंबर ईंटें, नाममात्र का घटिया सीमेंट और घटिया बालू-गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर न तो ठेकेदार नजर आ रहे हैं और न ही संबंधित विभाग के जेई (कनिष्ठ अभियंता)। जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी में ठेकेदार के कारिंदे मनमाने ढंग से गुणवत्ताविहीन कार्य करा रहे हैं, जिससे भविष्य में इस नाली के टिकने पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जिंदगी ठप: न बच्चे जा पा रहे स्कूल, न मरीजों को मिल पा रहा इलाज सड़क उखड़े होने और रास्ते में जगह-जगह गहरे गड्ढे व मलबे का ढेर होने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। पिछले 45 दिनों से गांव के छोटे-छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, गांव के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. गिरीश सिंह के पास आने वाले दूर-दराज के मरीज रास्ते की बदहाली के कारण उन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। आपात स्थिति में एंबुलेंस या अन्य वाहन का गांव में प्रवेश पूरी तरह बंद है। खतरे का बना सबब: आधा दर्जन लोग घायल, दो मासूम गंभीर मुख्य मार्ग के पूरी तरह उखड़े होने और समुचित बैरिकेडिंग न होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। अब तक गांव के आधा दर्जन से अधिक लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि दो मासूम बच्चे इस बदहाल रास्ते के कारण गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन, दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी प्रशासनिक उपेक्षा से उकताए ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर एकत्र होकर शासन और कार्यदायी संस्था के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि तत्काल प्रभाव से जारी निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व जेई पर दंडात्मक कार्रवाई हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुनवाई नहीं हुई तो वे पूरे गांव के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी (DM) का घेराव करेंगे। साथ ही, मांग पूरी न होने की दशा में आने वाले आगामी चुनावों में पूरा गांव मतदान का बहिष्कार कर सरकार और प्रशासन को मुंहतोड़ जवाब देगा। ये लोग रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से डॉ. गिरीश सिंह, पीयूष सिंह, धनजी गुप्ता, अनीश सिंह, बीरबल राजभर, देवेंद्र सिंह, विकास सिंह, आलोक सिंह, विवेक सिंह, जग्गू सिंह, प्रभुनारायण सिंह सहित भारी संख्या में गांव के नागरिक उपस्थित रहे।
- 🚨 नाली बनी तो रास्ता हुआ गायब! 45 दिन से हरिपुर सुखपुरा में कैद हैं 2 हजार ग्रामीण, बच्चे स्कूल से दूर—अब चुनाव बहिष्कार की चेतावनी! 📍बलिया | 3 सितंबर 2026 बलिया के विकासखंड बेरूआरबारी के हरिपुर सुखपुरा गांव में नाली निर्माण ग्रामीणों के लिए आफत बन गया है। आरोप है कि करीब 45 दिन पहले जेसीबी से मुख्य मार्ग उखाड़ दिया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। रास्ता बदहाल होने से करीब 2 हजार की आबादी परेशान है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में दो नंबर ईंट, घटिया सीमेंट और बालू-गिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं मौके पर ठेकेदार और जेई के मौजूद नहीं रहने से ग्रामीणों में नाराजगी है। 🚧 सड़क पर गहरे गड्ढे और मलबे के कारण आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इनमें दो बच्चे भी गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। रास्ता बंद होने से बच्चों की स्कूल की पढ़ाई प्रभावित है, वहीं मरीजों और आपातकालीन वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 📢 ग्रामीणों ने निर्माण की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम कार्यालय का घेराव करेंगे और मांग पूरी नहीं होने पर आगामी चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी है। 👥 प्रदर्शन में डॉ. गिरीश सिंह, पीयूष सिंह, धनजी गुप्ता, अनीश सिंह, बीरबल राजभर, देवेंद्र सिंह, विकास सिंह, आलोक सिंह, विवेक सिंह, जग्गू सिंह, प्रभुनारायण सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। 📲 आपके गांव में भी विकास कार्य के नाम पर ऐसी लापरवाही हो रही है? हमें कमेंट में बताएं। 👍 खबर पसंद आए तो Like करें ↗️ अपने गांव-शहर तक Share करें 💬 अपनी राय Comment में जरूर लिखें 🔔 ऐसी ही स्थानीय खबरों के लिए चैनल Follow करें। #BalliaNews #HaripurSukhpura #NaliNirman #VillageNews #UPNews1
- बलिया: एक पैर, 400 मीटर का सफर! रागिनी के जज्बे को सलाम जिलाधिकारी ने की रागिनी की मदद जिले के रानीपुर गांव की 7 वर्षीय रागिनी की कहानी लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है। महज छह महीने की उम्र में एक हादसे में अपना एक पैर गंवाने के बावजूद रागिनी ने पढ़ाई का हौसला नहीं छोड़ा। वह रोजाना करीब 400 मीटर की दूरी एक पैर के सहारे तय कर स्कूल पहुंचती थी। रागिनी की यह तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की रागिनी ने प्रशासन से स्कूल आने-जाने के लिए ट्राईसाइकिल की मदद की गुहार लगाई। मामले की जानकारी मिलने पर बलिया के जिलाधिकारी ने रागिनी की मदद के लिए पहल की। उसे ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई है और अब उसके लिए कृत्रिम पैर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू होने की जानकारी सामने आई है। रागिनी का जज्बा यही संदेश देता है कि मुश्किलें रास्ता रोक सकती हैं, लेकिन हौसला नहीं। शिक्षा के प्रति उसकी लगन और स्कूल जाने की जिद ने लोगों का दिल जीत लिया है।1
- हरिपुर सुखपुरा में नाली निर्माण बना ग्रामीणों के लिए आफत: घटिया सामग्री का प्रयोग, 45 दिनों से मुख्य मार्ग ठप, दो बच्चों समेत आधा दर्जन घायल मानक दरकिनार: दो नंबर ईंट और घटिया सीमेंट से हो रहा निर्माण, मौके से ठेकेदार व जेई नदारद पढ़ाई पर ब्रेक: डेढ़ महीने से स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे, 2000 की आबादी घरों में कैद प्रशासन को अल्टीमेटम: जल्द जांच और कार्रवाई न होने पर डीएम दफ्तर का घेराव और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी बलिया जनपद के विकास खंड बेरूआरबारी अंतर्गत हरिपुर सुखपुरा गांव में विकास कार्य का दावा ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बन गया है। गांव के मुख्य मार्ग को जेसीबी मशीन लगाकर पूरी तरह उखाड़ दिया गया है और पिछले लगभग 45 दिनों से नाली का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। इस धीमी रफ्तार और निर्माण में बरती जा रही घोर लापरवाही के कारण लगभग दो हजार की आबादी वाला यह गांव पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गया है। घटिया निर्माण सामग्री का खुलेआम खेल ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि नाली निर्माण में शासकीय मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कार्य में अत्यंत निम्न स्तर की दो नंबर ईंटें, नाममात्र का घटिया सीमेंट और घटिया बालू-गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर न तो ठेकेदार नजर आ रहे हैं और न ही संबंधित विभाग के जेई (कनिष्ठ अभियंता)। जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी में ठेकेदार के कारिंदे मनमाने ढंग से गुणवत्ताविहीन कार्य करा रहे हैं, जिससे भविष्य में इस नाली के टिकने पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जिंदगी ठप: न बच्चे जा पा रहे स्कूल, न मरीजों को मिल पा रहा इलाज सड़क उखड़े होने और रास्ते में जगह-जगह गहरे गड्ढे व मलबे का ढेर होने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। पिछले 45 दिनों से गांव के छोटे-छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, गांव के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. गिरीश सिंह के पास आने वाले दूर-दराज के मरीज रास्ते की बदहाली के कारण उन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। आपात स्थिति में एंबुलेंस या अन्य वाहन का गांव में प्रवेश पूरी तरह बंद है। खतरे का बना सबब: आधा दर्जन लोग घायल, दो मासूम गंभीर मुख्य मार्ग के पूरी तरह उखड़े होने और समुचित बैरिकेडिंग न होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। अब तक गांव के आधा दर्जन से अधिक लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि दो मासूम बच्चे इस बदहाल रास्ते के कारण गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन, दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी प्रशासनिक उपेक्षा से उकताए ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर एकत्र होकर शासन और कार्यदायी संस्था के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि तत्काल प्रभाव से जारी निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व जेई पर दंडात्मक कार्रवाई हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुनवाई नहीं हुई तो वे पूरे गांव के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी (DM) का घेराव करेंगे। साथ ही, मांग पूरी न होने की दशा में आने वाले आगामी चुनावों में पूरा गांव मतदान का बहिष्कार कर सरकार और प्रशासन को मुंहतोड़ जवाब देगा। ये लोग रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से डॉ. गिरीश सिंह, पीयूष सिंह, धनजी गुप्ता, अनीश सिंह, बीरबल राजभर, देवेंद्र सिंह, विकास सिंह, आलोक सिंह, विवेक सिंह, जग्गू सिंह, प्रभुनारायण सिंह सहित भारी संख्या में गांव के नागरिक उपस्थित रहे।1
- “सुन रहा हूं… एक मंत्री को चप्पल-जूते से मारा गया है!” — प्रशांत किशोर1
- 🚩 विश्वामित्र सेना द्वारा आयोजित 🚩 🌺 भव्य सनातन गौरव सम्मेलन 🌺 सनातन संस्कृति • सेवा • संस्कार • समर्पण इस पावन अवसर पर विशेष रूप से आयोजित होंगे— 🎭 भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम 🙏 जरूरतमंद माताओं-बहनों के बीच साड़ी वितरण 👓 जरूरतमंदों के बीच निःशुल्क चश्मा वितरण 🩺 निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर आइए, सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के साथ सेवा और सामाजिक समर्पण का संकल्प लें। 🚩 सेवा ही संस्कार है, संस्कार ही सनातन की पहचान है। 🚩 आयोजक: विश्वामित्र सेना 🚩 विश्वामित्र सेना द्वारा आयोजित 🚩 🌺 भव्य सनातन गौरव सम्मेलन 🌺 सनातन संस्कृति • सेवा • संस्कार • समर्पण इस पावन अवसर पर विशेष रूप से आयोजित होंगे— 🎭 भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम 🙏 जरूरतमंद माताओं-बहनों के बीच साड़ी वितरण 👓 जरूरतमंदों के बीच निःशुल्क चश्मा वितरण 🩺 निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर आइए, सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के साथ सेवा और सामाजिक समर्पण का संकल्प लें। 🚩 सेवा ही संस्कार है, संस्कार ही सनातन की पहचान है। 🚩 आयोजक: विश्वामित्र सेना1
- #बलिया के बहादुर दिव्यांग बिटिया रागिनी का मुख्यमंत्री राजकोष से होगा इलाज, सीएम के निर्देश पर पूरी खर्चा राजकोष करेगा वहन, बडे से बडे हॉस्पिटल में अधिकारियों की देखरेख में होगा ईलाज - DM #Ballia Dm Ballia #BalliaNews #UPGovt1
- अभी तक तो केवल बीजेपी का कार्यकर्ता बोल रहे थे अब तो बीजेपी के विधायक भी बोलने लगे1
- *बलिया में गंगा-सरयू का तांडव: 20 हजार आबादी प्रभावित, राहत कार्य तेज* -शहर के निचले हिस्से में घरो तक पहुंच लगा बाढ़ का पानी 47 नावें, NDRF और PAC की टीमें बचाव में जुटीं; 81 हजार से अधिक भोजन पैकेट और राशन किट बांटे गए बलिया। शहर के निचली बस्तियों तक पहुंचने लगा बाढ़ का पानी, दहशत अन्यत्र पलायन को हुए मजबूर। वैसे जनपद में गंगा और सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से बाढ़ की स्थिति विकराल होती जा रही है। बाढ़ का पानी आबादी वाले इलाकों में घुसने से लगभग 20 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासन राहत की राहत और बचाव कार्यों का पीडितों तक नही पहुंचने का लोगो ने लगाया आरोप। महावीर घाट, बनकटा, विजयपुर, निहोरा नगर ददन नगर और घनश्याम कॉलोनी तक शहर के निचले हिस्से में फैल गया है। जिसे लेकर बस्ती वासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके पहले ही तहसील सदर के मुड़ाडीह, कृपा राय का डेरा, प्रानपुर, भरसौता, बैरिया के गोपालनगर टाड़ी, चांददियर व उदयी छपरा तथा बांसडीह के भोजपुरवा, सुल्तानपुर, कचनार सहित दर्जनों गांवों में पानी भर गया है। प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 47 नावें, NDRF और PAC की टीमें लगातार बचाव कार्य में लगी हुई हैं। राहत सामग्री और स्वास्थ्य सेवाएं बाढ़ पीड़ितों के लिए गोपालनगर टाड़ी और भोजपुरवा में शरणालय व कम्युनिटी किचन भी शुरू किया गया हैं। प्रशासन के अनुसार अब तक राशन व भोजन: 6,110 राशन किट और 81,300 भोजन पैकेट वितरित कर चुका है।इसी तरह पीडितों मे 33,411 दवा किट बांटी गई हैं तथा पशुओ की सुरक्षा के लिए 16,299 पशुओं का टीकाकरण और 955 कुंतल भूसा बा़टा जा चुका है। प्रभावित इलाकों में जनरेटर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। प्रशासन के अधिकारी प्रतिदिन गांवों का दौरा कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और कंट्रोल रूम से दिन में दो बार पीड़ितों का हालचाल भी लिया जा रहा है।आपतकालीन हेल्पलाइन नंबर:किसी भी आपदाके समय तुरंत संपर्क करने के लिए —जिला कंट्रोल रूम: 9454417979 लैंडलाइन: 05498-220832 / 220235 टोल फ्री: 1077 कोक्रियाशील रखा गया है जो 24 घंटे बाढ़ पीड़ितों की परेशानियों से जिला प्रशासन को अवगत कराया जा रहा है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ राहत कार्य में किसी तरह की लापरवाही छम्य नहीं होगी। कार्रवाई तत्काल सख्त की जाएगी।1