लखीमपुर-खीरी *👉प्लाईवुड फैक्ट्री में बाल मजदूरी का खुलासा, पुलिस की दबिश में तीन हिरासत में नहीं रहा पुलिस का खौफ कब लगेगा बाल श्रम पर रोक* लखीमपुर-खीरी *👉प्लाईवुड फैक्ट्री में बाल मजदूरी का खुलासा, पुलिस की दबिश में तीन हिरासत में नहीं रहा पुलिस का खौफ कब लगेगा बाल श्रम पर रोक* लखीमपुर खीरी थाना खमरिया क्षेत्र के मूसेपुर का बाल श्रम मजदूरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मेहताब और निहाल द्वारा एक प्लाईवुड मशीन पर छोटे-छोटे बच्चों से काम कराया जा रहा था। मामले की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ओ पी राय ने अपनी पुलिस टीम के साथ फैक्ट्री पर दबिश दी। पुलिस को मौके पर बच्चे काम करते मिले, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है मामले की गंभीरता को दर्शाता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल मजदूरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित विभाग को अलग से जांच भेजी जाएगी
लखीमपुर-खीरी *👉प्लाईवुड फैक्ट्री में बाल मजदूरी का खुलासा, पुलिस की दबिश में तीन हिरासत में नहीं रहा पुलिस का खौफ कब लगेगा बाल श्रम पर रोक* लखीमपुर-खीरी *👉प्लाईवुड फैक्ट्री में बाल मजदूरी का खुलासा, पुलिस की दबिश में तीन हिरासत में नहीं रहा पुलिस का खौफ कब लगेगा बाल श्रम पर रोक* लखीमपुर खीरी थाना खमरिया क्षेत्र के मूसेपुर का बाल श्रम मजदूरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मेहताब और निहाल द्वारा एक प्लाईवुड मशीन पर छोटे-छोटे बच्चों से काम कराया जा रहा था। मामले की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ओ पी राय ने अपनी पुलिस टीम के साथ फैक्ट्री पर दबिश दी। पुलिस को मौके पर बच्चे काम करते मिले, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है मामले की गंभीरता को दर्शाता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल मजदूरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित विभाग को अलग से जांच भेजी जाएगी
- खबर यूपी के सीतापुर से- पुलिस कई दिनों से चोरी की रिपोर्ट दर्ज नही कर रही थी पूरा परिवार पैदल ही निकल पड़ा सीएम से मिलने, खबर मीडिया में आते ही जागी सीतापुर पुलिस सीतापुर में चोरी का केस न लिखने पर परिवार ने गांव छोड़कर पैदल CM से मिलने चल दिया था... पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिवार को रोका और केस दर्ज किया अब ये ट्रेंड चलना शुरू हो सकता है पुलिस पर दबाव बनाने के लिये1
- लखीमपुर-खीरी *👉प्लाईवुड फैक्ट्री में बाल मजदूरी का खुलासा, पुलिस की दबिश में तीन हिरासत में नहीं रहा पुलिस का खौफ कब लगेगा बाल श्रम पर रोक* लखीमपुर खीरी थाना खमरिया क्षेत्र के मूसेपुर का बाल श्रम मजदूरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मेहताब और निहाल द्वारा एक प्लाईवुड मशीन पर छोटे-छोटे बच्चों से काम कराया जा रहा था। मामले की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ओ पी राय ने अपनी पुलिस टीम के साथ फैक्ट्री पर दबिश दी। पुलिस को मौके पर बच्चे काम करते मिले, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है मामले की गंभीरता को दर्शाता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल मजदूरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित विभाग को अलग से जांच भेजी जाएगी1
- लखीमपुर-खीरी प्लाईवुड फैक्ट्री में बाल मजदूरी का खुलासा, पुलिस की दबिश में तीन हिरासत में नहीं रहा पुलिस का खौफ कब लगेगा बाल श्रम पर रोक* लखीमपुर खीरी थाना खमरिया क्षेत्र के मूसेपुर का बाल श्रम मजदूरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मेहताब और निहाल द्वारा एक प्लाईवुड मशीन पर छोटे-छोटे बच्चों से काम कराया जा रहा था। मामले की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ओ पी राय ने अपनी पुलिस टीम के साथ फैक्ट्री पर दबिश दी। पुलिस को मौके पर बच्चे काम करते मिले, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है मामले की गंभीरता को दर्शाता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल मजदूरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित विभाग को अलग से जांच भेजी जाएगी1
- कानपुर नगर, विधानसभा बिठूर के अन्तर्गत बिधनू थाना क्षेत्र के ग्राम कठेरूआ में बकरी चराने गई 11 वर्ष की पासी समाज की लड़की को गांव के दरिंदो ने बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी उसकी लाश को खेत में गाड़ दिया । सूचना मिलते ही लाखन आर्मी राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री सूरज पासी जी मौके पर पहुंच कर शासन प्रशासन से प्रथम सूचना रिपोर्ट मांगी जिसमें कुछ त्रुटियां थी। उन त्रुटियों को अंकित कर माननीय श्री सूरज पासी जी ने पुनः प्रार्थना पत्र लिखकर पुलिस आयुक्त महोदय जी को सौंपा और हत्यारों के एनकाउंटर की मांग की, माननीय श्री सूरज जी ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का दिया आश्वासन! #लाखन_आर्मी_सम्पूर्ण_भारत1
- Post by Jagtar singh1
- पलिया नगर के पटिहन रोड पर स्थित अशोक शर्मा के प्लॉट में मिट्टी समतलीकरण के दौरान प्रशासन की कार्रवाई से मामला चर्चा का विषय बन गया। गुरुवार देर रात करीब 12:30 बजे सूचना के आधार पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने मौके पर कार्य कर रही जेसीबी मशीन को पकड़ लिया। बताया जाता है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने प्रशासन को खनन की सूचना दी थी, जिसके आधार पर टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी को कब्जे में ले लिया। हालांकि, प्लॉट मालिक अशोक शर्मा ने इस कार्रवाई को गलतफहमी करार दिया है। प्लॉट मालिक का कहना है कि उनके प्लॉट के बाहर सड़क पर मिट्टी पड़ी हुई थी, जिससे राहगीरों और वाहनों के आवागमन में दिक्कत हो रही थी। इसी समस्या के समाधान के लिए जेसीबी मशीन से सड़क पर पड़ी मिट्टी को हटाकर अपने प्लॉट में बराबर कराया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का अवैध खनन नहीं किया जा रहा था। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि सड़क पर फैली मिट्टी से आवागमन प्रभावित हो रहा था, जिसे हटाया जाना आवश्यक था। वहीं, प्रशासनिक कार्रवाई के बाद मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। प्लाॅट मालिक का कहना है कि उन्होंने प्लाॅट को बराबर कराने के लिए जो मिट्टी डलवाई है, उसके सारे कागजात उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने बाकायदा परमीशन ले रखी थी।1
- विस्तृत समाचार रिपोर्ट मूसेपुर (तराई क्षेत्र): सरकार के 'पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया' जैसे नारों को तराई क्षेत्र के रसूखदार और लापरवाह विभाग ठेंगा दिखा रहे हैं। ताजा मामला मूसेपुर स्थित एक प्लाई फैक्ट्री का है, जहाँ मासूम बच्चों से मजदूरी कराने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अंधेरे में मासूमों का भविष्य वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जिन हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए थी, उन हाथों से फैक्ट्री में भारी-भरकम काम कराया जा रहा है। यह मामला केवल एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं है; क्षेत्र के गन्ना कोल्हू, ढाबों और छोटे होटलों में भी भारी संख्या में नौनिहाल काम करते देखे जा सकते हैं। सोया हुआ है श्रम विभाग हैरानी की बात यह है कि बाल मजदूरी को रोकने की जिम्मेदारी जिस श्रम विभाग के कंधों पर है, उसके अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद जनता के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर इन अवैध कार्यों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? क्या विभाग की 'मस्ती' के पीछे कोई बड़ी सांठगांठ है? जनता की मांग क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस वीडियो के आधार पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो की हकीकत सामने आने के बाद विभाग जागता है या मासूमों का बचपन यूं ही फैक्टरियों और भट्ठियों की भेंट चढ़ता रहेगा।1
- खमरिया खीरी | बड़ी खबर खीरी जिले के खमरिया क्षेत्र के मूसेपुर में स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री में बाल श्रम का गंभीर मामला सामने आया है। वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नाबालिग बच्चों से खुलेआम मजदूरी कराई जा रही है, जिससे कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर सरकार बाल श्रम पर सख्त कानून होने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। इन बच्चों के हाथों में किताबों की जगह भारी काम थमाया जा रहा है, जो उनके भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभाग अब तक चुप क्यों हैं? क्या यह सब उनकी जानकारी में नहीं था, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है? वायरल वीडियो के बाद भी कार्रवाई का इंतजार वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और प्रशासन से तत्काल जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाता है या फिर प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा। 👉 जनता का सवाल: क्या बच्चों का भविष्य यूं ही फैक्ट्रियों की भट्ठियों में झोंका जाता रहेगा, या जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होगी?1