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हजारीबाग के धुर्वा इलाके में सूरज नायक का शव एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया है। इस घटना के बाद मृतक की पत्नी ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या करार दिया है। मृतक की पत्नी ने सीधे तौर पर सूरज नायक की मौत को मर्डर बताया है। इस मामले में अब जांच की मांग उठ रही है कि सूरज नायक के साथ वास्तव में क्या हुआ था और पेड़ से लटका मिला उनका शव किन परिस्थितियों का परिणाम है।
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हजारीबाग के धुर्वा इलाके में सूरज नायक का शव एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया है। इस घटना के बाद मृतक की पत्नी ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या करार दिया है। मृतक की पत्नी ने सीधे तौर पर सूरज नायक की मौत को मर्डर बताया है। इस मामले में अब जांच की मांग उठ रही है कि सूरज नायक के साथ वास्तव में क्या हुआ था और पेड़ से लटका मिला उनका शव किन परिस्थितियों का परिणाम है।
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- हजारीबाग के धुर्वा इलाके में सूरज नायक का शव एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया है। इस घटना के बाद मृतक की पत्नी ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या करार दिया है। मृतक की पत्नी ने सीधे तौर पर सूरज नायक की मौत को मर्डर बताया है। इस मामले में अब जांच की मांग उठ रही है कि सूरज नायक के साथ वास्तव में क्या हुआ था और पेड़ से लटका मिला उनका शव किन परिस्थितियों का परिणाम है।1
- हजारीबाग के बिष्णुगढ़ स्थित बनासो पेट्रोल पंप पर भारी हंगामा देखने को मिला है। स्थानीय लोगों ने पेट्रोल पंप पर मिलावटी पेट्रोल बेचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है। आक्रोशित जनता ने मौके पर ही बोतल में पेट्रोल निकालकर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस घटना को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है और पेट्रोल पंप पर हुए इस कथित खेल के खिलाफ #BanasoPetrolPumpScam, #JharkhandHindiNews और #PublicAnger जैसे हैशटैग के जरिए अपनी नाराजगी व्यक्त की जा रही है।1
- झारखंड के कोडरमा में मनोज यादव ने कृषि विकास पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कृषि क्षेत्र के विकास और इसकी उन्नति की आवश्यकता को पुरजोर तरीके से रेखांकित किया है।1
- हजारीबाग के पुराने समाहरणालय में स्थित प्रसिद्ध हनुमान जी की संध्या आरती और पूजा का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने भगवान के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर में संध्या आरती और पूजा-अर्चना की गई, जिसका श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्त किया।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले के बरकठा क्षेत्र में जंगली हाथियों से बचाव के लिए वन विभाग ने 'क्या करें और क्या ना करें' की विस्तृत निर्देशिका जारी की है। हाथियों के करीब जाने, भीड़ लगाने या उन्हें छेड़ने से मना किया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि हाथी देखते ही तुरंत वन विभाग को सूचित करें और उनके प्रवास मार्ग में बाधा न डालें। दिन के समय हाथी आराम करते हैं, इसलिए उस दौरान उन्हें बिल्कुल न छेड़ें और न ही उन्हें देखने जाएं। जंगल के पास वनोंपज या लकड़ी लेने जाने से बचें। सुरक्षा के लिए गांव के घरों के चारों ओर तेज रोशनी वाले बल्ब लगाएं, प्रवेश मार्गों पर आग जलाकर रखें और रात में नगाड़ों का शोर बनाए रखें। अनाज को घर के भीतर लोहे की कोठियों में सुरक्षित रखें। खेत या खलिहान में हाथी के आने पर उन्हें न छेड़ें; वन विभाग द्वारा क्षति का उचित मुआवजा दिया जाएगा। यदि हाथी गांव के आसपास हों, तो बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित स्थान, पक्के मकान, स्कूल या पंचायत भवन में ले जाएं। रात में घर के सामने आग जलाकर रखें और बारी-बारी से गश्त करें। आपात स्थिति में बचाव के लिए शरीर पर पहना कपड़ा, शॉल, कंबल, धोती या साड़ी हाथियों की तरफ फेंकने की सलाह दी गई है। हाथियों को गुलेल या तीर से न मारें, क्योंकि इससे हाथी बदला लेने पर उतारू हो सकते हैं। उन्हें लगातार खदेड़ने या जंगल में उनका पीछा करने से वे हिंसक हो जाते हैं। हाथियों को किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचाना दंडनीय अपराध है। यदि कोई हाथी किसी गड्ढे या दलदल में फंस जाए, तो तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दें ताकि मदद पहुंचाई जा सके।1
- नालंदा के अस्थावां थाना क्षेत्र के कोनन गांव में जलावन को लेकर शुरू हुआ विवाद एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया है। इस टकराव के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।1