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कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने समिति को धन्यवाद देते हुए समान नागरिक संहिता (UCC) की आवश्यकता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 में धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पहले से ही प्रदत्त हैं, ऐसे में UCC की ज़रूरत संदिग्ध हो जाती है। मसूद ने यह भी तर्क दिया कि यदि आदिवासी समुदायों को उनकी परंपराओं के आधार पर इस संहिता से अलग रखा जाता है, तो समान नागरिक संहिता का मूल सिद्धांत ही अधूरा रह जाएगा। उन्होंने समिति से इस संबंध में एक स्पष्ट जवाब मांगा और आगाह किया कि धार्मिक परंपराओं में कोई भी हस्तक्षेप संविधान की भावना के विपरीत होगा।

2 hrs ago
user_ST NEWS
ST NEWS
Rajdhani bhopal Huzur, Bhopal•
2 hrs ago

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने समिति को धन्यवाद देते हुए समान नागरिक संहिता (UCC) की आवश्यकता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 में धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पहले से ही प्रदत्त हैं, ऐसे में UCC की ज़रूरत संदिग्ध हो जाती है। मसूद ने यह भी तर्क दिया कि यदि आदिवासी समुदायों को उनकी परंपराओं के आधार पर इस संहिता से अलग रखा जाता है, तो समान नागरिक संहिता का मूल सिद्धांत ही अधूरा रह जाएगा। उन्होंने समिति से इस संबंध में एक स्पष्ट जवाब मांगा और आगाह किया कि धार्मिक परंपराओं में कोई भी हस्तक्षेप संविधान की भावना के विपरीत होगा।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • विदिशा जिले के गंजबासौदा में रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या के प्रयास का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक युवक ने पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के कारण ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान देने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद एक रेलवे कर्मचारी और सतर्क राहगीरों की सूझबूझ से उसकी जान बचा ली गई।
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    विदिशा जिले के गंजबासौदा में रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या के प्रयास का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक युवक ने पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के कारण ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान देने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद एक रेलवे कर्मचारी और सतर्क राहगीरों की सूझबूझ से उसकी जान बचा ली गई।
    user_HIGH NEWS LIVE
    HIGH NEWS LIVE
    Media house हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने भोपाल में आयोजित एक प्रेस वार्ता में मध्य प्रदेश सरकार के 'तबादला उद्योग' और सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से उद्यानिकी विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति पर निशाना साधा। यश भारतीय ने दावा किया कि मध्य प्रदेश सरकार की 'स्थानांतरण नीति 2026' पूरी तरह से विफल रही है और भ्रष्टाचार का एक बड़ा जरिया बन गई है, जिसका उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना था, लेकिन यह केवल चहेते अधिकारियों को बचाने और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का माध्यम बन गई है। उन्होंने जोर दिया कि उद्यानिकी विभाग ने जानबूझकर इस नीति की खुलेआम अनदेखी की। प्रवक्ता के अनुसार, जहाँ प्रदेश के अन्य बड़े विभागों ने निर्धारित अंतिम तिथि तक अपने सभी स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए थे, वहीं उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में जानबूझकर फाइलें रोकी गईं और आदेश जारी नहीं किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसका कारण सालों से एक ही पद पर जमे अधिकारियों को 'मलाईदार' पदों पर बनाए रखना या कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को विशेष संरक्षण देना था। समाजवादी पार्टी ने यह भी बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार, विभागीय मंत्री द्वारा स्थानांतरण नीति 2026 की अंतिम तारीख से पहले ही तबादले की सूची जॉन किंग्सली सचिव महोदय को भेजी जा चुकी थी। यश भारतीय ने इन आरोपों को पुष्ट करने के लिए कई विशिष्ट मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के जिला धार में प्रभारी उप संचालक उद्यान श्री नीरज सांवलिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार और अनियमितता संबंधी लोकायुक्त कार्यालय, इंदौर में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, फिर भी उन्हें उसी जिले और पद पर बनाए रखा गया है, जिससे साक्ष्यों में छेड़छाड़ की संभावना है। यह मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग की स्थानांतरण नीति – 2026 के बिंदु क्रमांक 8.4 का उल्लंघन है, जिसमें ऐसी स्थिति में जांच प्रभावित न होने के लिए स्थानांतरण का प्रावधान है। दूसरा मामला इंदौर के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी सौरभ व्यास का है, जिनकी गोपनीय चरित्रावली (CR) में नियम विरुद्ध छेड़छाड़ की गई और 12 जनवरी 2026 को आयुक्त द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भी उन्हें पद से नहीं हटाया गया। तीसरा मामला धार जिले के प्रभारी अधिकारी भूपेंद्र सगोरे का है, जिनका एक व्हाट्सएप चैट तेजी से वायरल हो रहा है। इस चैट में भूपेंद्र सगोरे अपने मित्र को बता रहे हैं कि उनका तबादला सीधे सचिव साहब से बात करने पर हुआ है और उन्हें भोपाल आने को कहा गया। मित्र द्वारा यह पूछे जाने पर कि जॉन किंग्सली सचिव सर ने कितने रुपये लिए, भूपेंद्र सगोरे ने जवाब दिया कि भोपाल 'लूप लाइन' है, इसलिए '5 L' लगे। इस मामले में कई सवाल उठाए गए हैं कि तबादला किसके कहने से हुआ, भोपाल तबादला क्यों किया गया, 'लूप लाइन' क्या है, और '5 L' क्यों और कहाँ लगे, जिसकी जांच आवश्यक है। चौथा मामला उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय में ओएसडी पद पर डॉ. पूजा सिंह की नियुक्ति का है, जो सवालों के घेरे में है। वह पहले कृषि विभाग में थीं, जहाँ 06 मई 2026 को उनकी सेवाएँ उनके मूल विभाग राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर को वापस कर दी गई थीं। हालांकि, 13 मई 2026 को कृषि विभाग द्वारा सचिव महोदय के अनुमोदन से आदेश में संशोधन कर उन्हें उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय में ओएसडी पद पर कार्य करने के आदेश जारी कर दिए गए, जबकि नियमों के अनुसार एक विभाग के सचिव को दूसरे विभाग में अधिकारी पदस्थ करने का अधिकार नहीं होता। इसके बाद 03 जून 2026 को उद्यानिकी विभाग ने डॉ. पूजा सिंह को ओएसडी पद पर पदस्थ करने का आदेश निकाला, जिसमें प्रतिनियुक्ति के सामान्य नियमों का पालन नहीं किया गया। समाजवादी पार्टी ने सरकार से इस पूरे स्थानांतरण प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने पूछा है कि शासन द्वारा स्पष्ट समय-सीमा तय किए जाने के बावजूद अंतिम तिथि तक आदेश क्यों नहीं निकाले गए, किसके दबाव में फाइलें रोकी गईं, और किसके हित में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि किसी प्रकार का भ्रष्टाचार या पद का दुरुपयोग सामने आता है तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। यश भारतीय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने इस 'तबादला उद्योग' को तुरंत बंद नहीं किया और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की, तो समाजवादी पार्टी कड़ा रुख अपनाने के लिए बाध्य होगी।
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    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने भोपाल में आयोजित एक प्रेस वार्ता में मध्य प्रदेश सरकार के 'तबादला उद्योग' और सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से उद्यानिकी विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति पर निशाना साधा। यश भारतीय ने दावा किया कि मध्य प्रदेश सरकार की 'स्थानांतरण नीति 2026' पूरी तरह से विफल रही है और भ्रष्टाचार का एक बड़ा जरिया बन गई है, जिसका उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना था, लेकिन यह केवल चहेते अधिकारियों को बचाने और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का माध्यम बन गई है। उन्होंने जोर दिया कि उद्यानिकी विभाग ने जानबूझकर इस नीति की खुलेआम अनदेखी की।

प्रवक्ता के अनुसार, जहाँ प्रदेश के अन्य बड़े विभागों ने निर्धारित अंतिम तिथि तक अपने सभी स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए थे, वहीं उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में जानबूझकर फाइलें रोकी गईं और आदेश जारी नहीं किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसका कारण सालों से एक ही पद पर जमे अधिकारियों को 'मलाईदार' पदों पर बनाए रखना या कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को विशेष संरक्षण देना था। समाजवादी पार्टी ने यह भी बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार, विभागीय मंत्री द्वारा स्थानांतरण नीति 2026 की अंतिम तारीख से पहले ही तबादले की सूची जॉन किंग्सली सचिव महोदय को भेजी जा चुकी थी।

यश भारतीय ने इन आरोपों को पुष्ट करने के लिए कई विशिष्ट मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के जिला धार में प्रभारी उप संचालक उद्यान श्री नीरज सांवलिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार और अनियमितता संबंधी लोकायुक्त कार्यालय, इंदौर में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, फिर भी उन्हें उसी जिले और पद पर बनाए रखा गया है, जिससे साक्ष्यों में छेड़छाड़ की संभावना है। यह मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग की स्थानांतरण नीति – 2026 के बिंदु क्रमांक 8.4 का उल्लंघन है, जिसमें ऐसी स्थिति में जांच प्रभावित न होने के लिए स्थानांतरण का प्रावधान है। दूसरा मामला इंदौर के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी सौरभ व्यास का है, जिनकी गोपनीय चरित्रावली (CR) में नियम विरुद्ध छेड़छाड़ की गई और 12 जनवरी 2026 को आयुक्त द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भी उन्हें पद से नहीं हटाया गया।

तीसरा मामला धार जिले के प्रभारी अधिकारी भूपेंद्र सगोरे का है, जिनका एक व्हाट्सएप चैट तेजी से वायरल हो रहा है। इस चैट में भूपेंद्र सगोरे अपने मित्र को बता रहे हैं कि उनका तबादला सीधे सचिव साहब से बात करने पर हुआ है और उन्हें भोपाल आने को कहा गया। मित्र द्वारा यह पूछे जाने पर कि जॉन किंग्सली सचिव सर ने कितने रुपये लिए, भूपेंद्र सगोरे ने जवाब दिया कि भोपाल 'लूप लाइन' है, इसलिए '5 L' लगे। इस मामले में कई सवाल उठाए गए हैं कि तबादला किसके कहने से हुआ, भोपाल तबादला क्यों किया गया, 'लूप लाइन' क्या है, और '5 L' क्यों और कहाँ लगे, जिसकी जांच आवश्यक है। चौथा मामला उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय में ओएसडी पद पर डॉ. पूजा सिंह की नियुक्ति का है, जो सवालों के घेरे में है। वह पहले कृषि विभाग में थीं, जहाँ 06 मई 2026 को उनकी सेवाएँ उनके मूल विभाग राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर को वापस कर दी गई थीं। हालांकि, 13 मई 2026 को कृषि विभाग द्वारा सचिव महोदय के अनुमोदन से आदेश में संशोधन कर उन्हें उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्रालय में ओएसडी पद पर कार्य करने के आदेश जारी कर दिए गए, जबकि नियमों के अनुसार एक विभाग के सचिव को दूसरे विभाग में अधिकारी पदस्थ करने का अधिकार नहीं होता। इसके बाद 03 जून 2026 को उद्यानिकी विभाग ने डॉ. पूजा सिंह को ओएसडी पद पर पदस्थ करने का आदेश निकाला, जिसमें प्रतिनियुक्ति के सामान्य नियमों का पालन नहीं किया गया।

समाजवादी पार्टी ने सरकार से इस पूरे स्थानांतरण प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने पूछा है कि शासन द्वारा स्पष्ट समय-सीमा तय किए जाने के बावजूद अंतिम तिथि तक आदेश क्यों नहीं निकाले गए, किसके दबाव में फाइलें रोकी गईं, और किसके हित में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि किसी प्रकार का भ्रष्टाचार या पद का दुरुपयोग सामने आता है तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। यश भारतीय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने इस 'तबादला उद्योग' को तुरंत बंद नहीं किया और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की, तो समाजवादी पार्टी कड़ा रुख अपनाने के लिए बाध्य होगी।
    user_NMM NEWS
    NMM NEWS
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • इंदौर के झलारिया स्थित शिशुकुंज स्कूल में शनिवार को योग दिवस के अवसर पर दिए गए भोजन या पानी के सेवन के बाद के.जी. क्लास से लेकर चौथी क्लास तक के कई बच्चे बीमार पड़ गए। इस घटना के बाद अभिभावकों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया। बीमार हुए बच्चों को पेट दर्द की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह मामला दूषित भोजन का बताया जा रहा है, जिसकी वजह से आज भी के.जी. से चौथी क्लास तक के कई बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। अभिभावकों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए दूषित पानी और भोजन की तत्काल जांच की मांग की है।
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    इंदौर के झलारिया स्थित शिशुकुंज स्कूल में शनिवार को योग दिवस के अवसर पर दिए गए भोजन या पानी के सेवन के बाद के.जी. क्लास से लेकर चौथी क्लास तक के कई बच्चे बीमार पड़ गए। इस घटना के बाद अभिभावकों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया।

बीमार हुए बच्चों को पेट दर्द की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह मामला दूषित भोजन का बताया जा रहा है, जिसकी वजह से आज भी के.जी. से चौथी क्लास तक के कई बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। अभिभावकों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए दूषित पानी और भोजन की तत्काल जांच की मांग की है।
    user_Gulfam khan
    Gulfam khan
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • श्री हिंदू उत्सव समिति एवं संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने समान नागरिक संहिता (UCC) की उच्च स्तरीय बैठक में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने लिविंग रिलेशनशिप और शरियत के कानून को मानने वालों पर अपनी राय रखी।
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    श्री हिंदू उत्सव समिति एवं संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने समान नागरिक संहिता (UCC) की उच्च स्तरीय बैठक में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने लिविंग रिलेशनशिप और शरियत के कानून को मानने वालों पर अपनी राय रखी।
    user_Aamir Khan
    Aamir Khan
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • समाजवादी पार्टी द्वारा भोपाल में 'ट्रांसफर उद्योग' के संबंध में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
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    समाजवादी पार्टी द्वारा भोपाल में 'ट्रांसफर उद्योग' के संबंध में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
    user_D K G Pradesh Prasar
    D K G Pradesh Prasar
    Media house हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • नीट परीक्षा देने पहुंची एक छात्रा सिर्फ दो मिनट की देरी के कारण अपना इम्तिहान नहीं दे सकी। प्रवेश में देरी होने के बाद छात्रा परीक्षा केंद्र के बाहर ही फूट-फूटकर रोने लगी। इस घटना पर छात्रा के पिता ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि वे 70 किलोमीटर दूर से आए थे। पिता ने यह भी बताया कि रास्ते में लगातार बारिश हो रही थी, जिसके कारण उन्हें पहुंचने में थोड़ी देर हो गई।
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    नीट परीक्षा देने पहुंची एक छात्रा सिर्फ दो मिनट की देरी के कारण अपना इम्तिहान नहीं दे सकी। प्रवेश में देरी होने के बाद छात्रा परीक्षा केंद्र के बाहर ही फूट-फूटकर रोने लगी।

इस घटना पर छात्रा के पिता ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि वे 70 किलोमीटर दूर से आए थे। पिता ने यह भी बताया कि रास्ते में लगातार बारिश हो रही थी, जिसके कारण उन्हें पहुंचने में थोड़ी देर हो गई।
    user_The_News7
    The_News7
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    34 min ago
  • भोपाल की अयोध्या नगर पुलिस ने मोबाइल लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से कुल 22 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई 4 स्पोर्ट बाइकें जब्त की हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 11 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी स्पोर्ट्स बाइक का इस्तेमाल करते थे और घटना को अंजाम देने के लिए बाइक की नंबर प्लेट बदल देते थे। ये बदमाश रास्ते में हाथ में मोबाइल लेकर चलने वाले राहगीरों को निशाना बनाते थे और अब तक अयोध्या नगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्रों की कुल 12 घटनाओं का खुलासा हुआ है। आरोपियों पर चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और वे बड़े पैसे कमाने व महंगे शौक पूरे करने के लिए इन वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस आयुक्त भोपाल श्री संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान के निर्देशों के क्रम में, पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्री विकास सहवाल के मार्गदर्शन में एक टीम गठित की गई थी। इस टीम ने दिनांक 11.06.26 को नरेला जोड़ के पास हुई मोबाइल लूट की एक घटना का पर्दाफाश किया। पीड़ित निखिल ओझा से दो लड़कों ने केटीएम ड्यूक बाइक पर आकर छुरी अड़ाकर वीवो कंपनी का मोबाइल फोन छीन लिया था, जिसके बाद अयोध्या नगर थाने में अपराध क्रमांक 264/26 धारा 309(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। तकनीकी और गैर-तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस ने साहिल खान (23), फैजान पठान (21), समीर अंसारी (25) और तालिब खान (28) नामक चार आरोपियों को दबोचा। आरोपी साहिल के पास से घटना में इस्तेमाल की गई छुरी और लूटे गए वीवो मोबाइल के साथ कुल 22 मोबाइल फोन और केटीएम, पल्सर 200 एनएस, चोरी की होंडा साइन और आरवन-5 सहित 4 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। बरामद किए गए मोबाइलों में आईफोन 17 प्रो मेक्स, सैमसंग, रेडमी, रियलमी, ओप्पो, मोटोरोला और इंटेल कंपनियों के फोन शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने लगभग एक साल पहले फरार मास्टरमाइंड सबदर ईरानी के साथ मिलकर मोबाइल लूटने की योजना बनाई थी। इस गैंग में साहिल, फैजान, समीर, तालिब और एक अन्य फरार आरोपी शाहरुख शामिल थे। वे शाम 7 बजे से 10 बजे के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में दो स्पोर्ट बाइक पर निकलते थे, जहाँ आगे वाली बाइक मोबाइल छीनती थी और पीछे वाली बाइक में 2-3 लोग बैकअप के लिए चलते थे। यदि मोबाइल छीनने में परेशानी होती तो वे छुरी अड़ाकर लूट को अंजाम देते थे। लूटे गए मोबाइल फोन 2-3 दिनों में या जब 10-12 मोबाइल जमा हो जाते थे, तब मुख्य सरगना सबदर अली ईरानी को दिए जाते थे, जो प्रत्येक मोबाइल के लिए 3 से 4 हजार रुपये का भुगतान करता था, जिसमें से 1 हजार रुपये खुद रखकर बाकी राशि अन्य आरोपियों को देता था। यह भुगतान नकद या फैजान के फोन पे के माध्यम से किया जाता था। आरोपियों ने घटना के लिए केटीएम बाइक फाइनेंस कराई थी, जबकि आरवन-5 और होंडा साइन चोरी की थीं, और नंबर प्लेट बदलकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। प्रकरण में गैंग के सरगना सबदर ईरानी और आरोपी शाहरुख अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में अयोध्या नगर, पिपलानी और निशातपुरा के लगभग 30 पुलिसकर्मियों की टीम दबिश दे रही है। मामले की विवेचना जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी श्री महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख, उनि विजयसिंह, उनि सुरेखा आर्मो सहित कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सराहनीय भूमिका निभाई।
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    भोपाल की अयोध्या नगर पुलिस ने मोबाइल लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से कुल 22 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई 4 स्पोर्ट बाइकें जब्त की हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 11 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी स्पोर्ट्स बाइक का इस्तेमाल करते थे और घटना को अंजाम देने के लिए बाइक की नंबर प्लेट बदल देते थे। ये बदमाश रास्ते में हाथ में मोबाइल लेकर चलने वाले राहगीरों को निशाना बनाते थे और अब तक अयोध्या नगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्रों की कुल 12 घटनाओं का खुलासा हुआ है। आरोपियों पर चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और वे बड़े पैसे कमाने व महंगे शौक पूरे करने के लिए इन वारदातों को अंजाम देते थे।

पुलिस आयुक्त भोपाल श्री संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान के निर्देशों के क्रम में, पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्री विकास सहवाल के मार्गदर्शन में एक टीम गठित की गई थी। इस टीम ने दिनांक 11.06.26 को नरेला जोड़ के पास हुई मोबाइल लूट की एक घटना का पर्दाफाश किया। पीड़ित निखिल ओझा से दो लड़कों ने केटीएम ड्यूक बाइक पर आकर छुरी अड़ाकर वीवो कंपनी का मोबाइल फोन छीन लिया था, जिसके बाद अयोध्या नगर थाने में अपराध क्रमांक 264/26 धारा 309(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। तकनीकी और गैर-तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस ने साहिल खान (23), फैजान पठान (21), समीर अंसारी (25) और तालिब खान (28) नामक चार आरोपियों को दबोचा। आरोपी साहिल के पास से घटना में इस्तेमाल की गई छुरी और लूटे गए वीवो मोबाइल के साथ कुल 22 मोबाइल फोन और केटीएम, पल्सर 200 एनएस, चोरी की होंडा साइन और आरवन-5 सहित 4 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। बरामद किए गए मोबाइलों में आईफोन 17 प्रो मेक्स, सैमसंग, रेडमी, रियलमी, ओप्पो, मोटोरोला और इंटेल कंपनियों के फोन शामिल हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने लगभग एक साल पहले फरार मास्टरमाइंड सबदर ईरानी के साथ मिलकर मोबाइल लूटने की योजना बनाई थी। इस गैंग में साहिल, फैजान, समीर, तालिब और एक अन्य फरार आरोपी शाहरुख शामिल थे। वे शाम 7 बजे से 10 बजे के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में दो स्पोर्ट बाइक पर निकलते थे, जहाँ आगे वाली बाइक मोबाइल छीनती थी और पीछे वाली बाइक में 2-3 लोग बैकअप के लिए चलते थे। यदि मोबाइल छीनने में परेशानी होती तो वे छुरी अड़ाकर लूट को अंजाम देते थे। लूटे गए मोबाइल फोन 2-3 दिनों में या जब 10-12 मोबाइल जमा हो जाते थे, तब मुख्य सरगना सबदर अली ईरानी को दिए जाते थे, जो प्रत्येक मोबाइल के लिए 3 से 4 हजार रुपये का भुगतान करता था, जिसमें से 1 हजार रुपये खुद रखकर बाकी राशि अन्य आरोपियों को देता था। यह भुगतान नकद या फैजान के फोन पे के माध्यम से किया जाता था। आरोपियों ने घटना के लिए केटीएम बाइक फाइनेंस कराई थी, जबकि आरवन-5 और होंडा साइन चोरी की थीं, और नंबर प्लेट बदलकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। प्रकरण में गैंग के सरगना सबदर ईरानी और आरोपी शाहरुख अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में अयोध्या नगर, पिपलानी और निशातपुरा के लगभग 30 पुलिसकर्मियों की टीम दबिश दे रही है। मामले की विवेचना जारी है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी श्री महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख, उनि विजयसिंह, उनि सुरेखा आर्मो सहित कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सराहनीय भूमिका निभाई।
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    Aamir Khan
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में हुई पहली हल्की बारिश ने निरंकारी रोड की जर्जर हालत को उजागर कर दिया है। इस दौरान सड़क पर जमा कीचड़ में फंसकर एक ई-रिक्शा पलट गया, हालांकि गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण उनका व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि क्षेत्र के पार्षद इस गंभीर समस्या पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। व्यापारियों ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द निरंकारी रोड के निर्माण और मरम्मत की मांग की है।
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    संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में हुई पहली हल्की बारिश ने निरंकारी रोड की जर्जर हालत को उजागर कर दिया है। इस दौरान सड़क पर जमा कीचड़ में फंसकर एक ई-रिक्शा पलट गया, हालांकि गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण उनका व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि क्षेत्र के पार्षद इस गंभीर समस्या पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। व्यापारियों ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द निरंकारी रोड के निर्माण और मरम्मत की मांग की है।
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    ST NEWS
    Rajdhani bhopal Huzur, Bhopal•
    16 hrs ago
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