मौके पर सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद भारी भीड़ अनियंत्रित नजर आई और *वाराणसी एमएलसी चुनाव:मतगणना स्थल पर उड़े मर्यादा के परखच्चे,बवाल और अभद्र भाषा पर गरमाई राजनीति* वाराणसी एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मतगणना स्थल के बाहर भारी हंगामा, धक्का-मुक्की और खुलेआम आपत्तिजनक अपशब्दों का प्रयोग देखने को मिल रहा है। लोकतंत्र के चुनावी पर्व में निष्पक्षता और शालीनता की उम्मीद की जाती है, लेकिन वायरल वीडियो में मर्यादा की सारी सीमाएं टूटती नजर आ रही हैं। वीडियो में खुद को एक नेता/कार्यकर्ता कैमरे के सामने आक्रोश में न केवल गालियों और अपशब्दों का इस्तेमाल करता दिख रहा है, बल्कि पर्यवेक्षक की भूमिका पर भी तीखे आरोप लगा रहा है। उसने पर्यवेक्षक पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें मतगणना स्थल से बाहर निकालने और दोबारा मतगणना (रिकाउंटिंग) कराने की मांग को लेकर उग्र बयानबाजी की। मौके पर सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद भारी भीड़ अनियंत्रित नजर आई और जमकर नारेबाजी हुई। चुनाव प्रक्रिया और मतगणना जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की अभद्र भाषा और हंगामे को लेकर जनता व राजनीतिक हलकों में तीखे सवाल उठ रहे हैं कि जीत-हार के दबाव में आखिर राजनीतिक मर्यादाएं किस हद तक गिरेंगी।
मौके पर सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद भारी भीड़ अनियंत्रित नजर आई और *वाराणसी एमएलसी चुनाव:मतगणना स्थल पर उड़े मर्यादा के परखच्चे,बवाल और अभद्र भाषा पर गरमाई राजनीति* वाराणसी एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मतगणना स्थल के बाहर भारी हंगामा, धक्का-मुक्की और खुलेआम आपत्तिजनक अपशब्दों का प्रयोग देखने को मिल रहा है। लोकतंत्र के चुनावी पर्व में निष्पक्षता और शालीनता की उम्मीद की जाती है, लेकिन वायरल वीडियो में मर्यादा की सारी सीमाएं टूटती नजर आ रही हैं। वीडियो में खुद को एक नेता/कार्यकर्ता कैमरे के सामने आक्रोश में न केवल गालियों और अपशब्दों का इस्तेमाल करता दिख रहा है, बल्कि पर्यवेक्षक की भूमिका पर भी तीखे आरोप लगा रहा है। उसने पर्यवेक्षक पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें मतगणना स्थल से बाहर निकालने और दोबारा मतगणना (रिकाउंटिंग) कराने की मांग को लेकर उग्र बयानबाजी की। मौके पर सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद भारी भीड़ अनियंत्रित नजर आई और जमकर नारेबाजी हुई। चुनाव प्रक्रिया और मतगणना जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की अभद्र भाषा और हंगामे को लेकर जनता व राजनीतिक हलकों में तीखे सवाल उठ रहे हैं कि जीत-हार के दबाव में आखिर राजनीतिक मर्यादाएं किस हद तक गिरेंगी।
- बाबतपुर में बस को बचाने में ट्रक ने ऑटो को मारी टक्कर, चार घायल बाबतपुर में बस को बचाने में ट्रक ने ऑटो को मारी टक्कर, चार घायल नहर पुलिया के पास हादसे में ऑटो क्षतिग्रस्त, ट्रांसफार्मर लेकर हरहुआ जा रहा था ट्रक पिंडरा। बाबतपुर बाजार में गुरुवार सुबह नेशनल हाईवे पर सवारी उतार रही बस के पीछे ट्रक ने टक्कर मार दी। इसी दौरान पास लेने के चक्कर में ट्रक की चपेट में आया ऑटो रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में ऑटो चालक समेत चार लोग घायल हो गए। गनीमत रही कि ट्रक चालक ने समय रहते ब्रेक लगाकर वाहन रोक लिया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना गुरुवार सुबह करीब 10 बजे बाबतपुर बाजार स्थित नहर पुलिया के पास की है। मड़ियाहूं, जौनपुर से सवारियां लेकर वाराणसी जा रही यात्री बस पुलिया के पास रुकी थी। बस में सवारियां उतर-चढ़ रही थीं, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने बस में टक्कर मार दी। इसी दौरान ट्रक से आगे निकलने की कोशिश कर रहा ऑटो उसकी चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में ऑटो चालक सिसवां, बड़ागांव निवासी अजय उपाध्याय घायल हो गए। ऑटो में सवार बैकुंठपुर, फूलपुर निवासी मजदूर सतीश राजभर और सूरज राजभर के अलावा नेहिया, चोलापुर निवासी रुखसार को भी चोटें आईं। सभी घायलों का स्थानीय निजी अस्पताल में उपचार कराया गया। पावर हाउस पहुंचने से पहले हुआ हादसा ट्रक नई दिल्ली से ट्रांसफार्मर लेकर हरहुआ के सातों महुआ स्थित पावर हाउस जा रहा था। पावर हाउस से करीब पांच किलोमीटर पहले बाबतपुर बाजार की नहर पुलिया के पास हादसा हो गया। हाईवे पर बस के रुकने के दौरान हुई इस टक्कर से कुछ देर के लिए अफरा-तरी का माहौल बन गया।4
- केराकत का ऐतिहासिक भरत मिलाप एवं लाग बना आकर्षण, दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु केराकत का ऐतिहासिक भरत मिलाप एवं लाग बना आकर्षण, दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु केराकत, जौनपुर। केराकत का ऐतिहासिक भरत मिलाप धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और आपसी भाईचारे के संदेश के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। 28 अक्टूबर की रात लगभग 12 बजे शुरू हुआ यह आयोजन 29 अक्टूबर की सुबह करीब 4 बजे तक चला। भरत मिलाप के साथ यहां आयोजित होने वाली पारंपरिक लाग देखने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा। आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पंचायत केराकत की अध्यक्ष एवं नगर की प्रथम महिला ज्योति कृष्णा जायसवाल ने फीता काटकर किया। इसके बाद उन्होंने भगवान श्रीराम का पूजन-अर्चन एवं आरती की और मंच से उपस्थित लोगों व नगरवासियों को संबोधित किया। इस अवसर पर भरत मिलाप समिति की ओर से ज्योति कृष्णा जायसवाल को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रजनीकांत कमलापुरी, कन्हैया सेठ, कृष्ण यादव, कोतवाल साहब सहित नगर के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। भरत मिलाप का प्रसंग रामायण की सबसे भावुक घटनाओं में से एक है। भगवान श्रीराम और उनके अनुज भरत का मिलन त्याग, प्रेम, समर्पण और पारिवारिक एकता का संदेश देता है। वहीं, केराकत की पारंपरिक लाग इस आयोजन को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। इसे देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों के साथ दूर-दराज से भी लोग पहुंचते हैं, जिससे नगर में उत्सव जैसा माहौल बन जाता है। नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति कृष्णा जायसवाल ने भरत मिलाप समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समिति ने उन्हें जो प्रेम और सम्मान दिया, उसके लिए नगर पंचायत सदैव आभारी रहेगा। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले प्रशासन, पुलिसकर्मियों, समिति के सदस्यों और नगरवासियों का धन्यवाद किया। केराकत का ऐतिहासिक भरत मिलाप और लाग नगर की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और भाईचारे का प्रतीक है।4
- जौनपुर में आज मौसम लगातार बिगड़ा हुआ है और कीसान चिंता में हैं जौनपुर आज गांव में मौसम लगातार बिगड़ा हुआ है1
- मिर्जापुर मे विवाहिता पर जानलेवा हमला पुलिस मे कोई सुनवाई नही उत्तर प्रदेश सरकार चाहे लाख दावे करे पर जमीनी सच कुछ और ही है।मामला मिर्जापुर का है जहां एक विवाहिता पर सरेराह हमला किया गया पर पीड़ित परिवार पांच दिन से थाने के चक्कर लगा रहा कही कोई सुनवाई नहीं हो रही।1
- यूपी की 11 एमएलसी सीटों के नतीजे आ गए हैं। भाजपा ने 4 शिक्षक और 2 स्नातक, यानी कुल 6 सीटें जीती हैं। वहीं, सपा ने 2 यूपी की 11 एमएलसी सीटों के नतीजे आ गए हैं। भाजपा ने 4 शिक्षक और 2 स्नातक, यानी कुल 6 सीटें जीती हैं। वहीं, सपा ने 2 शिक्षक और 3 स्नातक सीटों पर जीत हासिल की है। इस तरह भाजपा को 6 और सपा को 5 सीटें मिली हैं। सपा को 2 सीटों का फायदा हुआ है। काशी में भाजपा को शिक्षक और स्नातक, दोनों सीटों पर फिर हार का सामना करना पड़ा है। यहां स्नातक सीट पर 50 घंटे से अधिक समय तक मतगणना चली। मतगणना केंद्र पर बुधवार देर शाम शुरू हुआ हंगामा रातभर जारी रहा। भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह धरने पर बैठ गए। उन्होंने काशी के ऑब्जर्वर प्रांजल यादव पर धांधली कराने का आरोप लगाया और उन्हें हटाने की मांग की। इसके बाद 500 से ज्यादा सपा कार्यकर्ता मतगणना केंद्र पहुंच गए। अखिलेश यादव भी रातभर फोन पर हर राउंड की जानकारी लेते रहे। आखिरकार, गुरुवार सुबह भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने अपनी हार स्वीकार कर ली। यहां सपा के आशुतोष सिन्हा को 50529 वोट मिले जबकि भाजपा के केदारनाथ सिंह को 33530 वोट मिले हैं।1
- यूएई में कैप्टन स्मित मछार सम्मानित। UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उन्हें 'फर्स्ट-क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' से नवाजा। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने क्रू को यह सम्मान प्रदान किया। यूएई में कैप्टन स्मित मछार सम्मानित। UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उन्हें 'फर्स्ट-क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' से नवाजा। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने क्रू को यह सम्मान प्रदान किया।1
- रामचंदीपुर में किसान के मिट्टी ले जाने को लेकर विवाद की चर्चा, वीडियो वायरल लईक आफ़ताब1
- मौके पर सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद भारी भीड़ अनियंत्रित नजर आई और *वाराणसी एमएलसी चुनाव:मतगणना स्थल पर उड़े मर्यादा के परखच्चे,बवाल और अभद्र भाषा पर गरमाई राजनीति* वाराणसी एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मतगणना स्थल के बाहर भारी हंगामा, धक्का-मुक्की और खुलेआम आपत्तिजनक अपशब्दों का प्रयोग देखने को मिल रहा है। लोकतंत्र के चुनावी पर्व में निष्पक्षता और शालीनता की उम्मीद की जाती है, लेकिन वायरल वीडियो में मर्यादा की सारी सीमाएं टूटती नजर आ रही हैं। वीडियो में खुद को एक नेता/कार्यकर्ता कैमरे के सामने आक्रोश में न केवल गालियों और अपशब्दों का इस्तेमाल करता दिख रहा है, बल्कि पर्यवेक्षक की भूमिका पर भी तीखे आरोप लगा रहा है। उसने पर्यवेक्षक पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें मतगणना स्थल से बाहर निकालने और दोबारा मतगणना (रिकाउंटिंग) कराने की मांग को लेकर उग्र बयानबाजी की। मौके पर सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद भारी भीड़ अनियंत्रित नजर आई और जमकर नारेबाजी हुई। चुनाव प्रक्रिया और मतगणना जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की अभद्र भाषा और हंगामे को लेकर जनता व राजनीतिक हलकों में तीखे सवाल उठ रहे हैं कि जीत-हार के दबाव में आखिर राजनीतिक मर्यादाएं किस हद तक गिरेंगी।1