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इंदौर में रावजी बाजार पुलिस ने एक व्यापारी का ₹3 लाख नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा गुम हुआ बैग ढूंढ निकालकर उसे लौटा दिया। पुलिस की इस सक्रियता और तत्परता की हर तरफ जमकर प्रशंसा की जा रही है, जिससे कई परेशान लोगों को राहत मिली है। व्यापारी का बैग गुम होने की शिकायत मिलने के बाद रावजी बाजार पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की। उन्होंने व्यापारी के गुजरने वाले संभावित रास्तों की गहन पड़ताल की और राजवाड़ा से लेकर सिंधी कॉलोनी के बीच के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस की भारी मशक्कत के बाद, कुछ ही समय में गुम हुआ बैग बरामद कर लिया गया, जिससे व्यापारी को उसका खोया हुआ धन और खुशियां वापस मिल गईं। अधिकारियों ने भी अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के इस प्रशंसनीय कार्य की सराहना की, जिसमें एडीशनल डीसीपी प्रियंका ने भी अपनी बात रखी। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस के लिए कोई काम मुश्किल नहीं होता, और इंदौर पुलिस की यह मददगार सक्रियता हर शहरी को पसंद आती है। शहरवासी उम्मीद करते हैं कि पुलिस इसी तरह लोगों की सहायता करती रहेगी।

4 hrs ago
user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
SUNDARAM EXPRESS NEWS
Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

इंदौर में रावजी बाजार पुलिस ने एक व्यापारी का ₹3 लाख नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा गुम हुआ बैग ढूंढ निकालकर उसे लौटा दिया। पुलिस की इस सक्रियता और तत्परता की हर तरफ जमकर प्रशंसा की जा रही है, जिससे कई परेशान लोगों को राहत मिली है। व्यापारी का बैग गुम होने की शिकायत मिलने के बाद रावजी बाजार पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की। उन्होंने व्यापारी के गुजरने वाले संभावित रास्तों की गहन पड़ताल की और राजवाड़ा से लेकर सिंधी कॉलोनी के बीच के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस की भारी मशक्कत के बाद, कुछ ही समय में गुम हुआ बैग बरामद कर लिया गया, जिससे व्यापारी को उसका खोया हुआ धन और खुशियां वापस मिल गईं। अधिकारियों ने भी अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के इस प्रशंसनीय कार्य की सराहना की, जिसमें एडीशनल डीसीपी प्रियंका ने भी अपनी बात रखी। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस के लिए कोई काम मुश्किल नहीं होता, और इंदौर पुलिस की यह मददगार सक्रियता हर शहरी को पसंद आती है। शहरवासी उम्मीद करते हैं कि पुलिस इसी तरह लोगों की सहायता करती रहेगी।

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  • इंदौर में रावजी बाजार पुलिस ने एक व्यापारी का ₹3 लाख नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा गुम हुआ बैग ढूंढ निकालकर उसे लौटा दिया। पुलिस की इस सक्रियता और तत्परता की हर तरफ जमकर प्रशंसा की जा रही है, जिससे कई परेशान लोगों को राहत मिली है। व्यापारी का बैग गुम होने की शिकायत मिलने के बाद रावजी बाजार पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की। उन्होंने व्यापारी के गुजरने वाले संभावित रास्तों की गहन पड़ताल की और राजवाड़ा से लेकर सिंधी कॉलोनी के बीच के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस की भारी मशक्कत के बाद, कुछ ही समय में गुम हुआ बैग बरामद कर लिया गया, जिससे व्यापारी को उसका खोया हुआ धन और खुशियां वापस मिल गईं। अधिकारियों ने भी अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के इस प्रशंसनीय कार्य की सराहना की, जिसमें एडीशनल डीसीपी प्रियंका ने भी अपनी बात रखी। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस के लिए कोई काम मुश्किल नहीं होता, और इंदौर पुलिस की यह मददगार सक्रियता हर शहरी को पसंद आती है। शहरवासी उम्मीद करते हैं कि पुलिस इसी तरह लोगों की सहायता करती रहेगी।
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    इंदौर में रावजी बाजार पुलिस ने एक व्यापारी का ₹3 लाख नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा गुम हुआ बैग ढूंढ निकालकर उसे लौटा दिया। पुलिस की इस सक्रियता और तत्परता की हर तरफ जमकर प्रशंसा की जा रही है, जिससे कई परेशान लोगों को राहत मिली है।

व्यापारी का बैग गुम होने की शिकायत मिलने के बाद रावजी बाजार पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की। उन्होंने व्यापारी के गुजरने वाले संभावित रास्तों की गहन पड़ताल की और राजवाड़ा से लेकर सिंधी कॉलोनी के बीच के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस की भारी मशक्कत के बाद, कुछ ही समय में गुम हुआ बैग बरामद कर लिया गया, जिससे व्यापारी को उसका खोया हुआ धन और खुशियां वापस मिल गईं।

अधिकारियों ने भी अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के इस प्रशंसनीय कार्य की सराहना की, जिसमें एडीशनल डीसीपी प्रियंका ने भी अपनी बात रखी। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस के लिए कोई काम मुश्किल नहीं होता, और इंदौर पुलिस की यह मददगार सक्रियता हर शहरी को पसंद आती है। शहरवासी उम्मीद करते हैं कि पुलिस इसी तरह लोगों की सहायता करती रहेगी।
    user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
    SUNDARAM EXPRESS NEWS
    Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • रंजीत पासवान के परिवार ने गंभीर आरोप लगाया है कि अधिवक्ता मनोज साहनी द्वारा उनके बेटे मनोहर पासवान पर एक फर्जी रेप केस दर्ज कराया गया है। परिवार ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। अब सभी की नजर प्रशासन और जांच एजेंसियों पर टिकी है कि इस मामले में सच्चाई क्या है और जांच के बाद कौन से तथ्य सामने आते हैं, क्योंकि सच्चाई केवल गहन जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
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    रंजीत पासवान के परिवार ने गंभीर आरोप लगाया है कि अधिवक्ता मनोज साहनी द्वारा उनके बेटे मनोहर पासवान पर एक फर्जी रेप केस दर्ज कराया गया है। परिवार ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। अब सभी की नजर प्रशासन और जांच एजेंसियों पर टिकी है कि इस मामले में सच्चाई क्या है और जांच के बाद कौन से तथ्य सामने आते हैं, क्योंकि सच्चाई केवल गहन जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
    user_पत्रकार कमल किशोर
    पत्रकार कमल किशोर
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • इंदौर की जनता कॉलोनी से 15 वर्षीय यश प्रजापत लापता हो गए हैं। उनके पिता का नाम जगदीश प्रजापत है और यश की उम्र 15 साल बताई गई है। जानकारी के अनुसार, यश प्रजापत 5 जून 2026 की सुबह 7 बजे से अपने घर, 213 जनता कॉलोनी, बड़ा गणपति, इंदौर से नहीं मिले हैं। बताया गया है कि आखिरी बार यश को सफेद रंग की बनियान और काले रंग के लोवर में देखा गया था। जिस किसी को भी गुमशुदा यश प्रजापत के बारे में कोई जानकारी मिले, उनसे अनुरोध किया गया है कि वे तुरंत मोबाइल नंबर 9893052702 या 9589948400 पर संपर्क कर सूचना दें।
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    इंदौर की जनता कॉलोनी से 15 वर्षीय यश प्रजापत लापता हो गए हैं। उनके पिता का नाम जगदीश प्रजापत है और यश की उम्र 15 साल बताई गई है। जानकारी के अनुसार, यश प्रजापत 5 जून 2026 की सुबह 7 बजे से अपने घर, 213 जनता कॉलोनी, बड़ा गणपति, इंदौर से नहीं मिले हैं। बताया गया है कि आखिरी बार यश को सफेद रंग की बनियान और काले रंग के लोवर में देखा गया था। जिस किसी को भी गुमशुदा यश प्रजापत के बारे में कोई जानकारी मिले, उनसे अनुरोध किया गया है कि वे तुरंत मोबाइल नंबर 9893052702 या 9589948400 पर संपर्क कर सूचना दें।
    user_AS News/ Rakesh yadav
    AS News/ Rakesh yadav
    Court reporter Indore, Madhya Pradesh•
    12 hrs ago
  • इंदौर में उद्योग नगर से बायपास तक की सड़क भारी वाहनों के लिए एक पार्किंग स्थल में तब्दील हो गई है। इस स्थिति के कारण सड़क पर लगातार रेती गिर रही है, जिससे इस मार्ग पर हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
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    इंदौर में उद्योग नगर से बायपास तक की सड़क भारी वाहनों के लिए एक पार्किंग स्थल में तब्दील हो गई है। इस स्थिति के कारण सड़क पर लगातार रेती गिर रही है, जिससे इस मार्ग पर हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    14 hrs ago
  • देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर आज अपने वार्ड क्रमांक 1 के सिरपुर क्षेत्र की खराब सड़कों के कारण सवालों के घेरे में है। पहली ही बारिश में यहां की सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे स्कूली बच्चों, स्थानीय रहवासियों और राहगीरों को हर दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लगभग एक साल से चली आ रही है। बार-बार शिकायतें करने के बावजूद, अब तक इस गंभीर समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि स्वच्छता में नंबर 1 के तमगे वाले इंदौर के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की सुध आखिर कब ली जाएगी और क्या जनप्रतिनिधियों व नगर निगम को इस बदहाल स्थिति पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए?
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    देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर आज अपने वार्ड क्रमांक 1 के सिरपुर क्षेत्र की खराब सड़कों के कारण सवालों के घेरे में है। पहली ही बारिश में यहां की सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे स्कूली बच्चों, स्थानीय रहवासियों और राहगीरों को हर दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लगभग एक साल से चली आ रही है। बार-बार शिकायतें करने के बावजूद, अब तक इस गंभीर समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि स्वच्छता में नंबर 1 के तमगे वाले इंदौर के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की सुध आखिर कब ली जाएगी और क्या जनप्रतिनिधियों व नगर निगम को इस बदहाल स्थिति पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए?
    user_Dharmendra kher
    Dharmendra kher
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के एक ठिकाने पर एक साथ तीन टीमों के साथ छापा मारा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकारी के पास आय से अधिक संपत्ति है, उनकी कुल वैध आय लगभग ढाई करोड़ रुपये होनी थी, जबकि उनकी कुल अर्जित संपत्ति साढ़े नौ करोड़ रुपये पाई गई है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर राजेश सहाय को मिली शिकायत और उसके सत्यापन के बाद विशेष न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर यह कार्रवाई की गई। लोकायुक्त पुलिस के निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि जांच में पता चला है कि कंडवाल ने अपने लगभग 30 वर्षों के सेवाकाल के दौरान इंदौर, पीथमपुर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश किया था। अब तक कुल 14 संपत्तियों की जानकारी मिली है, जिनमें शहर के पॉश इलाके स्कीम 140 में कीमती रिहायशी प्लॉट, कई कृषि भूमि और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं। इंदौर के स्कीम नंबर-103 स्थित एक चार मंजिला भवन भी जांच के दायरे में है, जिसकी तीन मंजिलों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है और अधिकारी वहां खुद एक जिम संचालित करते हैं, जबकि ऊपरी मंजिल पर उनका निवास है। लोकायुक्त की टीम इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और निवेश के रिकॉर्ड खंगाल रही है, साथ ही एक बैंक लॉकर की जानकारी मिलने के बाद उसकी भी जांच की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, छापे की कार्रवाई अभी जारी है, और जांच पूरी होने पर संपत्तियों का आंकड़ा तथा उनका कुल मूल्यांकन और बढ़ने की संभावना है।
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    इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के एक ठिकाने पर एक साथ तीन टीमों के साथ छापा मारा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकारी के पास आय से अधिक संपत्ति है, उनकी कुल वैध आय लगभग ढाई करोड़ रुपये होनी थी, जबकि उनकी कुल अर्जित संपत्ति साढ़े नौ करोड़ रुपये पाई गई है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर राजेश सहाय को मिली शिकायत और उसके सत्यापन के बाद विशेष न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर यह कार्रवाई की गई। लोकायुक्त पुलिस के निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि जांच में पता चला है कि कंडवाल ने अपने लगभग 30 वर्षों के सेवाकाल के दौरान इंदौर, पीथमपुर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश किया था।

अब तक कुल 14 संपत्तियों की जानकारी मिली है, जिनमें शहर के पॉश इलाके स्कीम 140 में कीमती रिहायशी प्लॉट, कई कृषि भूमि और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं। इंदौर के स्कीम नंबर-103 स्थित एक चार मंजिला भवन भी जांच के दायरे में है, जिसकी तीन मंजिलों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है और अधिकारी वहां खुद एक जिम संचालित करते हैं, जबकि ऊपरी मंजिल पर उनका निवास है। लोकायुक्त की टीम इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और निवेश के रिकॉर्ड खंगाल रही है, साथ ही एक बैंक लॉकर की जानकारी मिलने के बाद उसकी भी जांच की जा रही है।

लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, छापे की कार्रवाई अभी जारी है, और जांच पूरी होने पर संपत्तियों का आंकड़ा तथा उनका कुल मूल्यांकन और बढ़ने की संभावना है।
    user_Amin sisgar
    Amin sisgar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • इंदौर के विजयनगर थाना क्षेत्र में एक मोबाइल दुकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किए गए 17 मोबाइल फोन, नगदी और वारदात में प्रयुक्त दोपहिया वाहन सहित करीब 13 लाख रुपये का माल बरामद किया है। दरअसल, यह घटना 7 जून को स्कीम नंबर-54 स्थित स्पिन मोबाइल गाइड के संचालक अभिषेक तिवारी की दुकान में हुई थी। बदमाशों ने दुकान का ताला तोड़कर विभिन्न कंपनियों के महंगे मोबाइल फोन, मोबाइल एक्सेसरीज और नगदी चुराकर फरार हो गए थे, जिसकी शिकायत तिवारी ने दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, विजयनगर थाना पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस ने बाग-टांडा क्षेत्र से जुड़े तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर 8 आईफोन, 5 वीवो, 3 ओप्पो मोबाइल, एक सैमसंग फोन, मोबाइल एक्सेसरीज और 10 हजार 500 रुपये नगद के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पब-बार और मौज-मस्ती के लिए गांव से आकर चोरी करते थे, और चुराए गए माल को शराब, जुआ तथा अन्य गतिविधियों में खर्च करने की योजना बना रहे थे। एसीपी इंदौर पराग सैनी के अनुसार, पुलिस इन आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी गहनता से पूछताछ कर रही है।
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    इंदौर के विजयनगर थाना क्षेत्र में एक मोबाइल दुकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किए गए 17 मोबाइल फोन, नगदी और वारदात में प्रयुक्त दोपहिया वाहन सहित करीब 13 लाख रुपये का माल बरामद किया है।

दरअसल, यह घटना 7 जून को स्कीम नंबर-54 स्थित स्पिन मोबाइल गाइड के संचालक अभिषेक तिवारी की दुकान में हुई थी। बदमाशों ने दुकान का ताला तोड़कर विभिन्न कंपनियों के महंगे मोबाइल फोन, मोबाइल एक्सेसरीज और नगदी चुराकर फरार हो गए थे, जिसकी शिकायत तिवारी ने दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, विजयनगर थाना पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।

जांच के दौरान, पुलिस ने बाग-टांडा क्षेत्र से जुड़े तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर 8 आईफोन, 5 वीवो, 3 ओप्पो मोबाइल, एक सैमसंग फोन, मोबाइल एक्सेसरीज और 10 हजार 500 रुपये नगद के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पब-बार और मौज-मस्ती के लिए गांव से आकर चोरी करते थे, और चुराए गए माल को शराब, जुआ तथा अन्य गतिविधियों में खर्च करने की योजना बना रहे थे। एसीपी इंदौर पराग सैनी के अनुसार, पुलिस इन आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी गहनता से पूछताछ कर रही है।
    user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
    SUNDARAM EXPRESS NEWS
    Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • इंदौर के नेमावर रोड पर रेती से भरे ट्रकों और भारी वाहनों का अतिक्रमण प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाल ही में की गई कार्रवाई के बावजूद, सड़क किनारे वाहनों की कतारें अभी भी लग रही हैं, जिससे सड़क पर गिरती रेती से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। विडंबना यह है कि इस समस्या के बावजूद करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पार्किंग व्यवस्था का उपयोग नहीं हो रहा है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आखिर कब प्रभावी और स्थायी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय रहवासियों, व्यापारिक संगठनों और वाहन चालकों ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन, नगर निगम, यातायात पुलिस और खनिज विभाग से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्रवाई की मांग की है। उनका स्पष्ट मत है कि केवल एक-दो दिन की कार्रवाई से यह समस्या हल नहीं होगी, बल्कि इसके लिए नियमित निगरानी, भारी जुर्माना लगाना, अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों की जब्ती करना और सड़क पर रेती गिराने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करना बेहद आवश्यक है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो नेमावर रोड किसी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकता है, और शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित तथा व्यवस्थित बनाए रखने के लिए इस समस्या का स्थायी समाधान अब समय की आवश्यकता बन चुका है।
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    इंदौर के नेमावर रोड पर रेती से भरे ट्रकों और भारी वाहनों का अतिक्रमण प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाल ही में की गई कार्रवाई के बावजूद, सड़क किनारे वाहनों की कतारें अभी भी लग रही हैं, जिससे सड़क पर गिरती रेती से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। विडंबना यह है कि इस समस्या के बावजूद करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पार्किंग व्यवस्था का उपयोग नहीं हो रहा है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आखिर कब प्रभावी और स्थायी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय रहवासियों, व्यापारिक संगठनों और वाहन चालकों ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन, नगर निगम, यातायात पुलिस और खनिज विभाग से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्रवाई की मांग की है। उनका स्पष्ट मत है कि केवल एक-दो दिन की कार्रवाई से यह समस्या हल नहीं होगी, बल्कि इसके लिए नियमित निगरानी, भारी जुर्माना लगाना, अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों की जब्ती करना और सड़क पर रेती गिराने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करना बेहद आवश्यक है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो नेमावर रोड किसी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकता है, और शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित तथा व्यवस्थित बनाए रखने के लिए इस समस्या का स्थायी समाधान अब समय की आवश्यकता बन चुका है।
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    14 hrs ago
  • इंदौर में धोखाधड़ी का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ बाणगंगा की एक युवती ने खुद को अपर कलेक्टर और सीएम हाउस में पदस्थ अधिकारी बताकर एक युवक को लाखों रुपये का चूना लगाया। युवती ने युवक को सरकारी जमीन उसके नाम कराने का झांसा दिया था। शिकायतकर्ता, जो कि न्यायालय का वाहन चालक है, ने बताया कि आरोपी युवती उसके संपर्क में आई और खुद को प्रशासनिक अधिकारी बताते हुए उसे सरकारी जमीन अपने नाम कराने का लालच दिया। इसके लिए उसने फर्जी तरीके से जमीन से जुड़े दस्तावेज भी तैयार किए और कुछ समय बाद दावा किया कि जमीन का नामांतरण हो चुका है। काम करवाने के एवज में युवती ने पहले ₹5 लाख और फिर ₹2.5 लाख की मांग की, जिसे युवक ने भरोसे में आकर दे दिया। बाद में पीड़ित को पता चला कि सभी दस्तावेज फर्जी थे और जमीन का कोई नामांतरण नहीं हुआ था। युवती इलाके में बड़े अधिकारी की तरह घूमती थी और लोगों को प्रशासन से जुड़ा होने का बताती थी, जिससे कई लोग उसके झांसे में आ गए। उसके पास 'अपर कलेक्टर' लिखी गाड़ी के साथ खींची गई तस्वीरें भी थीं। पीड़ित युवक ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर जनसुनवाई में की है और सख्त कार्रवाई के साथ-साथ अपने पैसे वापस दिलाने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एडीएम रोशन राय ने इसे गंभीर अपराध करार दिया है और संबंधित थाने की पुलिस को इसकी जांच के आदेश दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस फर्जी अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद धोखाधड़ी के कई और मामले सामने आ सकते हैं।
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    इंदौर में धोखाधड़ी का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ बाणगंगा की एक युवती ने खुद को अपर कलेक्टर और सीएम हाउस में पदस्थ अधिकारी बताकर एक युवक को लाखों रुपये का चूना लगाया। युवती ने युवक को सरकारी जमीन उसके नाम कराने का झांसा दिया था।

शिकायतकर्ता, जो कि न्यायालय का वाहन चालक है, ने बताया कि आरोपी युवती उसके संपर्क में आई और खुद को प्रशासनिक अधिकारी बताते हुए उसे सरकारी जमीन अपने नाम कराने का लालच दिया। इसके लिए उसने फर्जी तरीके से जमीन से जुड़े दस्तावेज भी तैयार किए और कुछ समय बाद दावा किया कि जमीन का नामांतरण हो चुका है। काम करवाने के एवज में युवती ने पहले ₹5 लाख और फिर ₹2.5 लाख की मांग की, जिसे युवक ने भरोसे में आकर दे दिया। बाद में पीड़ित को पता चला कि सभी दस्तावेज फर्जी थे और जमीन का कोई नामांतरण नहीं हुआ था। युवती इलाके में बड़े अधिकारी की तरह घूमती थी और लोगों को प्रशासन से जुड़ा होने का बताती थी, जिससे कई लोग उसके झांसे में आ गए। उसके पास 'अपर कलेक्टर' लिखी गाड़ी के साथ खींची गई तस्वीरें भी थीं।

पीड़ित युवक ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर जनसुनवाई में की है और सख्त कार्रवाई के साथ-साथ अपने पैसे वापस दिलाने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एडीएम रोशन राय ने इसे गंभीर अपराध करार दिया है और संबंधित थाने की पुलिस को इसकी जांच के आदेश दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस फर्जी अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद धोखाधड़ी के कई और मामले सामने आ सकते हैं।
    user_Amin sisgar
    Amin sisgar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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