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मंत्री परिषद की एक बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन निर्णयों में विशेष रूप से दलहन, तिलहन, रागी, कोदो और कुटकी जैसी फसलों से संबंधित अहम बातें शामिल हैं।
Amit Kumar Dhruwey
मंत्री परिषद की एक बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन निर्णयों में विशेष रूप से दलहन, तिलहन, रागी, कोदो और कुटकी जैसी फसलों से संबंधित अहम बातें शामिल हैं।
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- बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना में एक प्रधान आरक्षक का पैसा लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वायरल वीडियो में प्रधान आरक्षक को पैसे लेते हुए देखा जा सकता है।1
- बिलासपुर में पदस्थ तहसीलदार प्रकृति ध्रुव के खिलाफ तत्काल जाँच के आदेश दिए जाने की कड़ी माँग की जा रही है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि जाँच के दौरान उन्हें दोषी पाया जाता है, तो उन्हें उनके पद से तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए। यह माँग तहसीलदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देती है।1
- बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम दर्राभाटा में तसर खाद पौधरोपण क्षेत्र की भूमि पर प्रस्तावित डबरी (तालाब) निर्माण को लेकर एक विवाद गहराता नजर आ रहा है। इस मामले में शासकीय तसर केंद्र सोंठी ने चिंता व्यक्त की है। केंद्र ने जनपद पंचायत मस्तूरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एक पत्र प्रेषित कर लगभग 20 हेक्टेयर क्षेत्र में किए गए तसर पौधरोपण को सुरक्षित रखने तथा प्रस्तावित डबरी निर्माण कार्य को तुरंत निरस्त करने की मांग की है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित भूमि पर वर्षों से तसर विकास एवं पौधरोपण कार्य संचालित है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध कराया गया है। विभाग ने यह भी दावा किया है कि इस क्षेत्र में सभी कार्य शासन की स्वीकृति एवं तकनीकी अनुमोदन के तहत किए गए हैं, और प्रस्तावित डबरी निर्माण से स्थापित पौधरोपण को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। तसर केंद्र सोंठी ने अपनी पूर्व स्वीकृतियों और संबंधित दस्तावेजों का हवाला देते हुए प्रशासन से इस मुद्दे पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।1
- डिंडौरी जिले के मेहदवानी विकासखंड में स्थित सुखलोडी और खजरवारा गांवों के लिए दनदना जलाशय (देवरगढ़ बांध) से निकली 17 किलोमीटर लंबी नहर किसी जीवनरेखा से कम नहीं है। यह नहर न केवल किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुँचाती है, बल्कि गर्मी के मौसम में इन दोनों गांवों की पेयजल व्यवस्था का भी प्रमुख आधार है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नहर में पानी का प्रवाह बंद हो जाए, तो दोनों गांवों में गंभीर जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। सुखलोडी गांव में लगभग 800 की आबादी और करीब 200 परिवार निवास करते हैं, जिनके 200 घरों में नल-जल योजना के तहत कनेक्शन दिए गए हैं। इन घरों तक पानी की आपूर्ति पूरी तरह से दनदना जलाशय की नहर पर निर्भर करती है, क्योंकि गांव में केवल एक प्रमुख कुआं है जो पूरी पेयजल व्यवस्था संचालित करता है। ग्रामीणों ने कुएं के आसपास रिचार्ज पिट का निर्माण कराया है, जिससे नहर का पानी रिसकर कुएं को रिचार्ज करता है। इसके बाद दो मोटरों की सहायता से पानी को टंकी में भरकर नल-जल योजना के माध्यम से घर-घर पहुँचाया जाता है। नहर में पानी बंद होने पर कुएं का जलस्तर तेजी से घट जाता है, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ती है। सुखलोडी ग्राम पंचायत के सरपंच शंभूलाल मरावी ने पुष्टि की कि नल-जल योजना पूरी तरह से नहर के पानी से रिचार्ज होने वाले कुएं पर निर्भर है, और लगभग 200 परिवारों तक पानी पहुँचाने के लिए दो मोटरों का उपयोग होता है। योजना के संचालन और रखरखाव के लिए प्रत्येक नल-जल कनेक्शनधारी परिवार से 30 रुपये मासिक शुल्क लिया जाता है। इसी तरह, खजरवारा गांव में भी नहर का पानी कुओं, हैंडपंपों और तालाबों को रिचार्ज करने का मुख्य स्रोत है। नहर में पानी नहीं आने पर सभी जल स्रोत सूखने लगते हैं, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ पशुधन और अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी पानी की समस्या खड़ी हो जाती है। गर्मी के दिनों में तालाबों के सूख जाने से नहाने, कपड़े धोने और मवेशियों को पानी पिलाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों को पानी लाने के लिए कई किलोमीटर दूर स्थित कुओं और अन्य जल स्रोतों तक जाना पड़ता है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित होता है और पेयजल संकट और गहरा जाता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन से दनदना जलाशय की नहर में नियमित रूप से पानी छोड़ने की मांग की है, ताकि सुखलोडी और खजरवारा गांव के लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों का दृढ़ विश्वास है कि यह नहर केवल सिंचाई का साधन नहीं, बल्कि दोनों गांवों के लिए जीवनदायिनी संजीवनी है, जो हजारों लोगों और पशुओं की प्यास बुझाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है।3
- डिंडौरी जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए युवक उमेश कुमार एक नया मोड़ लेते मामले में सोमवार सुबह गोरखपुर डेम से सटे जंगल में गंभीर अवस्था में पाए गए हैं। इससे पहले रविवार रात लगभग 10 बजे पुलिस अभिरक्षा से युवक के फरार होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसे जंगल में अचेत अवस्था में बेशर्म की झाड़ियों के बीच से बरामद करने का दावा किया गया। परिजनों ने युवक की गंभीर हालत पर कई सवाल खड़े किए हैं, उनका कहना है कि युवक सामान्य रूप से बातचीत नहीं कर पा रहा था और उसके मुंह में पत्ते भरे हुए थे, जिन्हें निकालना पड़ा। साथ ही, उसके बाएं पैर में सूजन और चोट के निशान भी दिखाई दिए। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि युवक डरा-सहमा हुआ था और पुलिस के पास जाने से इनकार कर रहा था। उपचार कर रहे चिकित्सक डॉ. नितिन देशमुख के अनुसार, प्रारंभिक जांच में युवक का ब्लड प्रेशर और शुगर स्तर सामान्य से कम पाया गया है, और उसका इलाज चिकित्सकीय निगरानी में जारी है। इस मामले में एसडीओपी शहपुरा ने बताया कि युवक का उपचार जारी है, और स्वास्थ्य स्थिति स्थिर होने तथा बयान दर्ज होने के बाद तथ्यों के आधार पर विस्तृत जांच प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भेजा जाएगा। गौरतलब है कि युवक की मां ने इससे पहले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से अपने बेटे की तलाश की गुहार लगाते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब युवक के मिलने के बाद पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और वास्तविक स्थिति को सामने लाने की मांग और तेज हो गई है।3
- केसीजी जिले की खैरागढ़ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी दुर्गेश यादव को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी 9 जून मंगलवार को दोपहर 2 बजे मिली जानकारी के अनुसार हुई। आरोपी दुर्गेश यादव जनवरी 2026 से 6.015 किलोग्राम गांजा जब्ती के मामले में फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, 7 जून 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बाजार अतरिया के पास नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान एक मोटरसाइकिल चालक पुलिस को देखकर वाहन छोड़कर फरार हो गया था। तलाशी लेने पर मोटरसाइकिल से 6.015 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 61 हजार रुपये आंकी गई। जब्त मोटरसाइकिल सहित कुल जब्ती की कीमत 1.11 लाख रुपये रही। इस मामले में थाना खैरागढ़ में अपराध क्रमांक 08/2026 के तहत धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच की जा रही थी। लगातार तलाश और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस ने 8 जून को फरार आरोपी दुर्गेश यादव को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी कहा कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- चांपा मुख्य मार्ग पर स्थित एक बिजली के खंभे में शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इस घटना के चलते बिजली के केबल पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1