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लगातार बदलते मौसम के कारण सिवनी जिले के घंसौर क्षेत्र में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर में वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और सर्दी-खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को उपचार के लिए अस्पताल में मरीजों की बड़ी संख्या पहुंचने से ओपीडी में काफी भीड़ रही। चिकित्सकों द्वारा सभी मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार और दवाइयां मुहैया कराई जा रही हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, उबला या स्वच्छ पानी का सेवन करने और मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की अपील की है।
Umesh Srivastava
लगातार बदलते मौसम के कारण सिवनी जिले के घंसौर क्षेत्र में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर में वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और सर्दी-खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को उपचार के लिए अस्पताल में मरीजों की बड़ी संख्या पहुंचने से ओपीडी में काफी भीड़ रही। चिकित्सकों द्वारा सभी मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार और दवाइयां मुहैया कराई जा रही हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, उबला या स्वच्छ पानी का सेवन करने और मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की अपील की है।
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- लगातार बदलते मौसम के कारण सिवनी जिले के घंसौर क्षेत्र में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर में वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और सर्दी-खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को उपचार के लिए अस्पताल में मरीजों की बड़ी संख्या पहुंचने से ओपीडी में काफी भीड़ रही। चिकित्सकों द्वारा सभी मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार और दवाइयां मुहैया कराई जा रही हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, उबला या स्वच्छ पानी का सेवन करने और मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की अपील की है।1
- सिवनी जिले के जाने-माने बुजुर्ग संत ओमेश्वर नाथ जी 109 वर्ष की दीर्घायु प्राप्त कर ब्रह्मलीन हो गए हैं। कुंडलवाले दादाजी की तपस्थली से जुड़े रहे संत जी के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। तपस्वी संत को उनके अनुयायियों द्वारा कोटि-कोटि नमन किया जा रहा है।1
- सिवनी जिले के लखनादौन में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस योजना से जुड़कर नागरिक अपने भविष्य को बेहतर और सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।1
- मंडला जिले के नारायणगंज मुख्यालय स्थित बस स्टैंड पर टिकरिया पुलिस ने वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी है। पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ऑटो और जीप चालक मार्ग पर वाहन खड़े करते हैं, तो उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की यह चेतावनी मुख्य रूप से बस स्टैंड के पास लगने वाले जाम को नियंत्रित करने के उद्देश्य से दी गई है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।1
- मंडला के महाराजपुर-मंडला पुल से एक युवक ने छलांग लगा दी है। इस घटना का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद एसडीईआरएफ और रेस्क्यू टीम तुरंत हरकत में आ गई है। युवक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।1
- मंडला जिले की बिछिया विधानसभा के ककैया ग्राम में उप स्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक पट्टा मीडिया के सवालों पर भड़क गए।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बालिका के साथ हुई जघन्य और शर्मनाक वारदात के विरोध में जबलपुर के मालवीय चौक पर एक कैंडल मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने किया, जिन्होंने पीड़िता के लिए शीघ्र न्याय और दोषियों को कठोरतम दंड दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई। इस घटना ने मानवता और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कैंडल मार्च केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं, बल्कि समाज द्वारा बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के लिए उठाई गई सामूहिक आवाज़ है। इस घिनौनी घटना के बाद पूरे जिले में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन, संगठित अपराधियों और अवैध होटलों के नेटवर्क की मिलीभगत को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आयोजकों ने मांग की है कि राजस्थान की इस घटना के बाद एक नया कानून बनना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी हैवानियत को रोका जा सके। यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि बेटियाँ सुरक्षित होंगी, तभी समाज सुरक्षित होगा और इस तरह के अपराधों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाना अनिवार्य है।4
- घंसौर के किंदरई स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बाउंड्रीवॉल गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को लगातार हो रही बारिश के कारण अचानक भरभराकर गिर गई। इस घटना के समय कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। बाउंड्रीवॉल के गिरने के बाद इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि मामूली बारिश में दीवार का ढह जाना निर्माण में गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की गहन जांच करने, दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।1