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RAJA KUMAR
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- *उप विकास आयुक्त डॉ प्रदीप कुमार पूर्वी चंपारण मोतिहारी ने कहा कि खेल मैदान से संबंधित कार्य प्रगति पर है जी प्रखंड में खेल मैदान नहीं है वहां भी बनवाने के लिए फाइल स्थानांतरण किए गए हैं।* (मनीष साह सन ऑफ इंडिया, अनुमंडल ब्यूरो चीफ दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा मोतिहारी पूर्वी चंपारण।) मोतिहारी 08 जनवरी 2026 मोतिहारी:-मैं मनीष साह सन ऑफ इंडिया अनुमंडल ब्यूरो चीफ दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार आज पूर्वी चंपारण जिला के उप विकास आयुक्त डॉ प्रदीप कुमार के कार्यालय कक्ष के पास आया हूं। पूर्वी चंपारण जिले में बना रहे खेल मैदान के संबंध में हमें जानकारी लेनी है। जिले में कुल 27 प्रखंड है खेल मैदान की कार्य किन-किन प्रखंडों में हो चुकी है। पूर्वी चंपारण मोतिहारी के उप विकास आयुक्त डॉक्टर प्रदीप कुमार,मैं श्रीमान से जानना चाहता हूं कुछ खेल मैदान के बारे में विस्तार से हमारे दर्शकों को बताने की कृपा करें। उप विकास आयुक्त डॉ प्रदीप कुमार ने बताया कि जहां खेल मैदान नहीं बना है, वहां भी विभाग को फाईल स्थानांतरण कर दिया गया है, वहां खेल मैदान बनवा जाए,बहुत तुरंत पूर्वी चंपारण जिले के हर प्रखंड में खेल मैदान देखने को मिलेगा।1
- सुगौली जीविका ने पशुओं की जांच के लिए निकाला प्रचार वाहन,उत्तरी छपरा बहास पंचायत परिसर में शुक्रवार 9 जनवरी को लगेगा पशुओं का जांच शिविर।1
- सत्येंद्र दुबे: एक ईमानदार इंजीनियर, गोल्डन क्वाड्रिलेटरल, और सिस्टम की वो ताक़त जिसने कई परिवार तबाह कर दिए” #SatyendraDubey #AtalBihariVajpayee #GoldenQuadrilateral #SwarnimChaturbhuj #NHAI #CBIInquiry #Whistleblower #CorruptionInIndia #SystemFailure #InfrastructureScam #SonamWangchuk #AmitabhThakur #IndianDemocracy #TruthMustComeOut #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur1
- Post by Santosh kumar1
- भादवा मंत्री1
- बलुआ भवानीपुर पंचायत के ग्राम सभा में सचिव की अनुपस्थिति पर हंगामा, वार्ड सदस्य व मुखिया पति ने किया विरोध योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र के बलुआ भवानीपुर पंचायत के वार्ड नंबर पांच स्थित पंचायत सरकार भवन में गुरुवार सुबह करीब 11 बजे ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत ग्राम सभा का आयोजन किया गया। यह सभा प्रखंड के निर्देशानुसार मुखिया इंदु देवी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें नए वर्ष के लिए पंचायत की नई योजनाओं का पंजीकरण होना था। हालांकि पंचायत सचिव की अनुपस्थिति के कारण ग्राम सभा की कार्यवाही बाधित हो गई, जिससे वार्ड सदस्यों और ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। मुखिया पति भोला राम ने बताया कि पूर्व पंचायत सचिव बृजेश मिश्रा के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रमोद कुमार को कार्यभार सौंपा गया था, लेकिन उन्होंने अब तक पदभार ग्रहण नहीं किया है। इससे जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी से शीघ्र पंचायत सचिव की नियुक्ति और प्रमोद कुमार से स्पष्टीकरण लेने की मांग की। वहीं दूरभाष पर प्रतिक्रिया देते हुए पंचायत सचिव प्रमोद कुमार ने बताया कि वे पहले से तीन पंचायतों का कार्य देख रहे हैं और पारिवारिक कारणों से उपस्थित नहीं हो सके।1
- *फाइलेरिया मुक्त होगा सीतामढ़ी: घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी आशा कार्यकर्ता।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सीतामढ़ी 07 दिसंबर 2025 सीतामढ़ी जिले में वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कालाजार तथा आगामी फाइलेरिया नियंत्रणार्थ प्रस्तावित सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (दिनांक 10 फरवरी 2026 से) को सफल बनाने के उद्देश्य से आशा कर्मियों के प्रशिक्षण की व्यापक शुरुआत की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन सीतामढ़ी डॉ. अखिलेश कुमार, वेक्टर बॉर्न डिजीज (भीबीडी) नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. आर. के. यादव तथा पीरामल फाउंडेशन की टीम द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार ने कहा कि सीतामढ़ी जिला कालाजार नियंत्रण के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और वर्तमान में कालाजार के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उन्होंने इस उपलब्धि को बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सस्टेनेन्स ही अब सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए फील्ड स्तर पर निरंतर निगरानी, संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान तथा पूर्ण उपचार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई तो कालाजार के पुनः उभरने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज (भीबीडी) नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. आर. के. यादव ने पीकेडीएल (पोस्ट कालाजार डर्मल लीशमैनियासिस) के मामलों पर विशेष चिंता जताते हुए कहा कि पीकेडीएल मरीज कालाजार संक्रमण की एक छिपी हुई कड़ी होते हैं। यदि ऐसे मरीजों की समय रहते पहचान कर उपचार नहीं किया गया, तो यह रोग के दोबारा फैलने का कारण बन सकते हैं। उन्होंने आशा कर्मियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में त्वचा पर चकत्ते, दाग या लंबे समय से चले आ रहे लक्षणों वाले व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दें और उन्हें तुरंत स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करें।इस अवसर पर भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. आर. के. यादव ने आगामी फाइलेरिया नियंत्रणार्थ सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम जिले में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक अभियान है। उन्होंने कहा कि सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम तभी सफल होगा जब समुदाय के प्रत्येक पात्र व्यक्ति द्वारा दवा का सेवन सुनिश्चित किया जाएगा। इसमें आशा कर्मियों की भूमिका सबसे अहम है, क्योंकि वे ही समुदाय और स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच सेतु का कार्य करती हैं। डॉ. यादव ने कहा कि आशा कर्मियों को घर-घर जाकर लोगों को दवा सेवन के लाभ समझाने, डर और भ्रांतियों को दूर करने तथा यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि दवा उनके सामने खाई जाए। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से आशा कर्मियों को दवा की खुराक, निषेध, संभावित हल्के दुष्प्रभावों एवं उनके प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे समुदाय को सही मार्गदर्शन दे सकें।प्रशिक्षण सत्रों के दौरान कालाजार, पीकेडीएल एवं फाइलेरिया से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आशा कर्मियों को रोग के लक्षण, संक्रमण के तरीके, रोकथाम की रणनीतियां, संदिग्ध मामलों की पहचान, रेफरल प्रणाली, फॉलो-अप तथा रिपोर्टिंग प्रक्रिया के साथ साथ कालाजार एवं चमड़ी वाले कालाजार में सरकार के द्वारा दी जाने वाली श्रम क्षति अनुदान की जानकारी दी गई। इसके साथ ही व्यवहार परिवर्तन संचार (बीसीसी) एवं अंतर-व्यक्तिगत संवाद (आईपीसी) के माध्यम से समुदाय को प्रभावी ढंग से जागरूक करने के तरीकों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। पीरामल फाउंडेशन की टीम ने फील्ड अनुभवों को साझा करते हुए आशा कर्मियों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों में भी प्रभावी जन-जागरूकता लाई जा सकती है। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि आशा कर्मियों की सक्रियता से ही दवा सेवन कार्यक्रम में कवरेज बढ़ेगा और फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिविल सर्जन एवं डीभीबीडीसीओ के अतिरिक्त भीडीसीओ प्रिंस कुमार एवं पवन कुमार, पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार, प्रोग्राम लीड रोहित कुमार, पीओ-सीडी विक्रम कुमार, भीबीडीएस राकेश कुमार, नवीन कुमार, माधुरेंद्र कुमार, शिव शंकर कुमार, रजनीश कुमार, कमलेश कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों एवं अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए पूरे प्रशिक्षण को प्रभावी ढंग से फैसिलिटेट किया।कार्यक्रम के समापन पर आशा कर्मियों से यह अपेक्षा जताई गई कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में व्यवहार में लाएं, समुदाय के हर वर्ग तक सही जानकारी पहुंचाएं तथा कालाजार की उपलब्धि को बनाए रखते हुए फाइलेरिया मुक्त सीतामढ़ी के लक्ष्य को साकार करने में अपनी निर्णायक भूमिका निभाए।1