यमुनानगर जिले के रादौर स्थित छोटा बांस की डेहा बस्ती से बड़ी संख्या में लोगों का पलायन शुरू हो गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बस्ती निवासी अपना सामान लेकर विभिन्न क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। लोग टेंपो, छोटा हाथी और कैंटर जैसे वाहनों से दड़वा, कांसापुर, लाडवा, इंद्री, करनाल और ताजेवाला जैसे स्थानों पर जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ जगहों पर लोगों को सामान उतारने की अनुमति नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा और अब वे अन्य स्थानों की तलाश कर रहे हैं। इसी दौरान, पिछले दिनों मीडिया में काफी चर्चा में रहे डेहा बस्ती के पिटबुल कुत्ते की भी मौत की सूचना मिली है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि भीषण गर्मी, बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बदलती परिस्थितियों के कारण कुत्ते की हालत बिगड़ गई थी। हालांकि, उसकी मौत के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यमुनानगर जिले के रादौर स्थित छोटा बांस की डेहा बस्ती से बड़ी संख्या में लोगों का पलायन शुरू हो गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बस्ती निवासी अपना सामान लेकर विभिन्न क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। लोग टेंपो, छोटा हाथी और कैंटर जैसे वाहनों से दड़वा, कांसापुर, लाडवा, इंद्री, करनाल और ताजेवाला जैसे स्थानों पर जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ जगहों पर लोगों को सामान उतारने की अनुमति नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा और अब वे अन्य स्थानों की तलाश कर रहे हैं। इसी दौरान, पिछले दिनों मीडिया में काफी चर्चा में रहे डेहा बस्ती के पिटबुल कुत्ते की भी मौत की सूचना मिली है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि भीषण गर्मी, बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बदलती परिस्थितियों के कारण कुत्ते की हालत बिगड़ गई थी। हालांकि, उसकी मौत के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
- यमुनानगर जिले के रादौर स्थित छोटा बांस की डेहा बस्ती से बड़ी संख्या में लोगों का पलायन शुरू हो गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बस्ती निवासी अपना सामान लेकर विभिन्न क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। लोग टेंपो, छोटा हाथी और कैंटर जैसे वाहनों से दड़वा, कांसापुर, लाडवा, इंद्री, करनाल और ताजेवाला जैसे स्थानों पर जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ जगहों पर लोगों को सामान उतारने की अनुमति नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा और अब वे अन्य स्थानों की तलाश कर रहे हैं। इसी दौरान, पिछले दिनों मीडिया में काफी चर्चा में रहे डेहा बस्ती के पिटबुल कुत्ते की भी मौत की सूचना मिली है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि भीषण गर्मी, बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बदलती परिस्थितियों के कारण कुत्ते की हालत बिगड़ गई थी। हालांकि, उसकी मौत के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- हरियाणा में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिसके तहत ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की महिलाओं को अब ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें घर-द्वार पर ही एआई आधारित आधुनिक तकनीक से मुफ्त स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। इस 'नमो शक्ति ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मिशन' की शुरुआत चंडीगढ़ से हुई, जिसके तहत केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज करनाल से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 7 मोबाइल स्क्रीनिंग एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन मोबाइल वैन के माध्यम से महिलाओं की जांच थर्मलिटिक्स तकनीक का उपयोग करके की जाएगी। इस जांच की खासियत यह है कि यह पूरी तरह से दर्द-रहित, रेडिएशन-मुक्त और बिना किसी शारीरिक संपर्क के संपन्न होगी, जिससे महिलाओं की निजता और सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य केवल बीमारी का पता लगाना ही नहीं है, बल्कि महिलाओं में ब्रेस्ट हेल्थ के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में व्याप्त झिझक व भ्रांतियों को दूर करना भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शुरुआती चरण में ब्रेस्ट कैंसर की पहचान होने पर इसका इलाज कहीं अधिक प्रभावी होता है। मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि मोबाइल वैन के लिए गांवों के रूट चार्ट तैयार किए जाएँ, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं की जांच हो सके। साथ ही, संदिग्ध मामलों में समय पर अस्पतालों में रेफरल, मेडिकल काउंसलिंग और इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान' से प्रेरित है। आँकड़ों के अनुसार, भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर के मामलों में ब्रेस्ट कैंसर एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, और जागरूकता की कमी व संकोच के कारण कई मामलों का पता देरी से चलता है, जिससे उपचार कठिन हो जाता है। ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ छेड़े गए इस अभियान का सबसे बड़ा लक्ष्य बीमारी का इंतजार करने के बजाय समय रहते उसकी पहचान करना है। एआई तकनीक से सुसज्जित ये मोबाइल एम्बुलेंस अब गांव-गांव पहुँचकर महिलाओं को मुफ्त स्क्रीनिंग की सुविधा प्रदान करेंगी, जो समय पर इलाज और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।1
- अंबाला जिले के मुलाना ग्राम पंचायत ने गांव में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए युद्ध स्तर पर एक विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, गांव के छोटे-बड़े सभी नालों की व्यापक सफाई करवाई जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाना और ग्रामीणों को गंदगी व जलभराव की समस्या से निजात दिलाना है। ग्राम पंचायत मुलाना के सरपंच प्रवीन कुमार ने जानकारी दी कि नालों की सफाई सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए दो जेटिंग मशीनें मंगाई गई हैं, जो लगभग एक माह तक गांव में सफाई कार्य करेंगी। इन मशीनों की मदद से बंद पड़े और गंदगी से भरे नालों की गहन सफाई की जाएगी। सरपंच प्रवीन कुमार स्वयं इस पूरे सफाई अभियान की देखरेख कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। इस अभियान के दौरान नालों में जमा कचरा, मिट्टी और अन्य अवरोधों को हटाया जाएगा, जिससे बरसात के मौसम में होने वाली जलभराव की समस्या से भी बड़ी राहत मिलेगी।1
- हरियाणा के यमुनानगर में स्थित ओपी जिंदल पार्क में एक 'समर कार्निवाल' का आयोजन किया गया है। इस कार्निवाल में लोग भरपूर मस्ती और मनोरंजन का आनंद ले रहे हैं।1
- बढ़ती महंगाई और इंफ्लेशन के बीच, 'टीम ऑफ ड्रीमर्स ग्रुप' ने जोर दिया है कि सिर्फ सैलरी पर निर्भर रहना वित्तीय सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि इस महंगाई को रोकने के लिए मल्टीपल इनकम या आय के अनेक साधन अपनाना बेहद आवश्यक है, जिसके लिए थोड़ा समय और मेहनत की जरूरत होगी। संगठन का लक्ष्य है कि हर परिवार को समृद्ध बनाया जा सके, और इसी उद्देश्य के साथ लोगों को मल्टीपल आय के स्रोतों को अपनाने और अपने परिवार के सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।1
- यमुनानगर जिले में एक युवक अपने दोस्तों के साथ यमुना नदी पर आया था, जहाँ वह नारियल पकड़ने के लिए पानी में उतर गया। दुखद रूप से, युवक यमुना से बाहर नहीं आ पाया और लापता हो गया। इस घटना की खबर मिलने पर, युवक की माँ रोती-बिलखती हुई मौके पर पहुँची, जिनका हाल बेहाल था। बताया गया है कि लापता युवक जोगिंदर नगर का रहने वाला है।1
- बराड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सांसद वरुण चौधरी ने 'वोट क्रॉस' के आरोप में कांग्रेस से निष्कासित किए गए विधायकों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इन नेताओं को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें वास्तव में जनता के बीच जाने का साहस है, तो वे अपने विधायक पद से तुरंत इस्तीफा दें और दोबारा चुनाव लड़कर अपनी लोकप्रियता तथा वास्तविक ताकत साबित करें। सांसद चौधरी ने स्पष्ट किया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को जनता सबक सिखाने का काम करेगी। उन्होंने कांग्रेस की संगठनात्मक अनुशासन और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि पार्टी हितों के खिलाफ जाने वालों के लिए कांग्रेस में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने निष्कासित विधायकों को केवल बयानबाजी से बचने की नसीहत दी, क्योंकि उनकी वास्तविक ताकत का पता चुनाव लड़ने से ही चलेगा। सांसद वरुण चौधरी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।1
- हरियाणा के यमुनानगर स्थित पुराना हमीदा मोड़ पर एक बार फिर तेज रफ्तार का भयावह मंजर देखने को मिला, जहाँ एक दर्दनाक सड़क हादसे में 24 वर्षीय आदिल नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। आदिल उत्तर प्रदेश के ढीका गाँव का निवासी था और अविवाहित था, जो दूध बेचने का काम करता था। वह रोज़ाना की तरह सुबह अपने वाहन में दूध भरकर उत्तर प्रदेश से हरियाणा के यमुनानगर में सप्लाई देने आया था, लेकिन यह उसका आख़िरी सफर साबित हुआ। परिवार का सहारा बन रहा यह मेहनतकश युवक फिर कभी घर वापस नहीं लौट सका। सोमवार सुबह हुई इस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज़ गति से आ रहे बेकाबू ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार आदिल को इतनी बेरहमी से कुचला कि वह सड़क पर गिर गया और ट्रक उसे बुरी तरह रौंदता हुआ निकल गया। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी और हादसा इतना भयावह कि मौके पर मौजूद लोगों की रूह काँप उठी और चीख-पुकार मच गई। इस हृदय विदारक घटना से आदिल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जो अपने जवान बेटे के शव का इंतज़ार कर रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही हमीदा पुलिस चौकी की टीम मौक़े पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए यमुनानगर के सिविल अस्पताल भिजवाया। हमीदा पुलिस चौकी इंचार्ज शमशेर राणा ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौक़े से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज़ रफ्तार वाहनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हर साल सैकड़ों परिवार सड़क हादसों में अपने प्रियजनों को खो देते हैं, जहाँ चंद सेकंड की लापरवाही किसी की पूरी ज़िंदगी छीन लेती है। आदिल की मौत भी इसी कड़वी सच्चाई की गवाही दे रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सड़कों पर दौड़ते बेलगाम वाहनों पर लगाम कब लगेगी और कब तक निर्दोष लोग तेज़ रफ्तार की भेंट चढ़ते रहेंगे?3